प्रेस प्रकाशनियां
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 273721.88 350935.17 322854.52 278500.30 357857.15 330191.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 137597.04 81533.54 79669.56 137620.00 81560.54 79747.56 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24717.72 26997.34 31145.33 25053.36 27514.50 31611.67
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 273721.88 350935.17 322854.52 278500.30 357857.15 330191.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 137597.04 81533.54 79669.56 137620.00 81560.54 79747.56 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24717.72 26997.34 31145.33 25053.36 27514.50 31611.67
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपने सांख्यिकीय प्रकाशन के दसवें संस्करण "भारतीय राज्यों से संबंधित सांख्यिकी का हैंडबुक, 2024-25" को जारी किया। इस प्रकाशन के माध्यम से, भारतीय रिज़र्व बैंक भारत की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक आंकड़ों का प्रसार करता है। यह प्रकाशन भारत के विभिन्न राज्यों में दीर्घकालिक-शृंखला के आधार पर सामाजिक-जनसांख्यिकी, स्वास्थ्य, राज्य घरेलू उत्पाद, कृषि, पर्यावरण, मूल्य, मजदूरी, उद्योग, बुनियादी ढांचा, बैंकिंग, राजकोषीय एवं निर्यात सहित अन्य क्षेत्रों के उप-राष्ट्रीय सांख्यिकीय आंकड़े प्रदान करता है। हैंडबुक के वर्तमान संस्करण में, आंकड़ों की मौजूदा शृंखलाओं को अद्यतन करने के अतिरिक्त, निम्नलिखित 11 नई तालिकाओं को शामिल किया गया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपने सांख्यिकीय प्रकाशन के दसवें संस्करण "भारतीय राज्यों से संबंधित सांख्यिकी का हैंडबुक, 2024-25" को जारी किया। इस प्रकाशन के माध्यम से, भारतीय रिज़र्व बैंक भारत की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक आंकड़ों का प्रसार करता है। यह प्रकाशन भारत के विभिन्न राज्यों में दीर्घकालिक-शृंखला के आधार पर सामाजिक-जनसांख्यिकी, स्वास्थ्य, राज्य घरेलू उत्पाद, कृषि, पर्यावरण, मूल्य, मजदूरी, उद्योग, बुनियादी ढांचा, बैंकिंग, राजकोषीय एवं निर्यात सहित अन्य क्षेत्रों के उप-राष्ट्रीय सांख्यिकीय आंकड़े प्रदान करता है। हैंडबुक के वर्तमान संस्करण में, आंकड़ों की मौजूदा शृंखलाओं को अद्यतन करने के अतिरिक्त, निम्नलिखित 11 नई तालिकाओं को शामिल किया गया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 5 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के लिए आरक्षित मुद्रा और 28 नवंबर 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 5 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के लिए आरक्षित मुद्रा और 28 नवंबर 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर निम्नलिखित सर्वेक्षणों के परिणाम जारी किए: शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (यूसीसीएस)– नवंबर 2025 परिवारों की मुद्रास्फीति प्रत्याशा संबंधी सर्वेक्षण (आईईएसएच)– नवंबर 2025 ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (आरसीसीएस) – नवंबर 2025 iv) समष्टि-आर्थिक सूचकांकों पर पेशेवर पूर्वानुमानकर्ता सर्वेक्षण – 97वां दौर1 सर्वेक्षण के परिणाम सर्वेक्षणों पर उत्तरदाताओं से प्राप्त फीडबैक पर आधारित हैं और अनि
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर निम्नलिखित सर्वेक्षणों के परिणाम जारी किए: शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (यूसीसीएस)– नवंबर 2025 परिवारों की मुद्रास्फीति प्रत्याशा संबंधी सर्वेक्षण (आईईएसएच)– नवंबर 2025 ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (आरसीसीएस) – नवंबर 2025 iv) समष्टि-आर्थिक सूचकांकों पर पेशेवर पूर्वानुमानकर्ता सर्वेक्षण – 97वां दौर1 सर्वेक्षण के परिणाम सर्वेक्षणों पर उत्तरदाताओं से प्राप्त फीडबैक पर आधारित हैं और अनि
1. भारतीय रिज़र्व बैंक–देयताएं और आस्तियां * (₹करोड़) मद 2024 2025 घट-बढ़ 29 नवंबर 21 नवंबर 28 नवंबर सप्ताह वर्ष 1 2 3 4 5 4. ऋण और अग्रिम 4.1 केंद्र सरकार 0 0 0 0 0 4.2 राज्य सरकारें 16465 27060 18966 -8094 2501 * आंकडे अनंतिम हैं; घट-बढ़, यदि कोई है, तो पूर्णांक के कारण है। 2. विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि * मद 28 नवंबर 2025 तक निम्नलिखित अवधि में घट-बढ़ सप्ताह मार्च 2025 की समाप्ति पर वर्ष ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ 1 2 3 4 5 6 7 8 1 कुल आरक्षित निधि 6137575
1. भारतीय रिज़र्व बैंक–देयताएं और आस्तियां * (₹करोड़) मद 2024 2025 घट-बढ़ 29 नवंबर 21 नवंबर 28 नवंबर सप्ताह वर्ष 1 2 3 4 5 4. ऋण और अग्रिम 4.1 केंद्र सरकार 0 0 0 0 0 4.2 राज्य सरकारें 16465 27060 18966 -8094 2501 * आंकडे अनंतिम हैं; घट-बढ़, यदि कोई है, तो पूर्णांक के कारण है। 2. विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि * मद 28 नवंबर 2025 तक निम्नलिखित अवधि में घट-बढ़ सप्ताह मार्च 2025 की समाप्ति पर वर्ष ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ 1 2 3 4 5 6 7 8 1 कुल आरक्षित निधि 6137575
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए आरक्षित मुद्रा पर आंकड़े आज जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए आरक्षित मुद्रा पर आंकड़े आज जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए भारतीय उद्योग (एफसी) में विदेशी सहयोग पर अपने द्विवार्षिक सर्वेक्षण के पंद्रहवें दौर के परिणाम1 जारी किए। यह सर्वेक्षण संलग्न अनुसूची के अनुसार संदर्भ अवधि के दौरान विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग वाली भारतीय कंपनियों के वित्तीय मापदंडों और परिचालनों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए भारतीय उद्योग (एफसी) में विदेशी सहयोग पर अपने द्विवार्षिक सर्वेक्षण के पंद्रहवें दौर के परिणाम1 जारी किए। यह सर्वेक्षण संलग्न अनुसूची के अनुसार संदर्भ अवधि के दौरान विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग वाली भारतीय कंपनियों के वित्तीय मापदंडों और परिचालनों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है।
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट (www.rbi.org.in) पर दूसरी तिमाही, अर्थात 2025-26 के जुलाई-सितंबर के लिए भुगतान संतुलन (बीओपी) संबंधी आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के आधार पर, अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियों में परिवर्तन के स्रोत तालिका 1
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट (www.rbi.org.in) पर दूसरी तिमाही, अर्थात 2025-26 के जुलाई-सितंबर के लिए भुगतान संतुलन (बीओपी) संबंधी आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के आधार पर, अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियों में परिवर्तन के स्रोत तालिका 1
दूसरी तिमाही अर्थात् जुलाई - सितंबर 2025-26 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्तुत किए गए हैं।
2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की मुख्य विशेषताएं
भारत का चालू खाता घाटा 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) तक कम हुआ, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 20.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 2.2 प्रतिशत) था (तालिका 1)। 1,2
2025-26 की दूसरी तिमाही में पण्य व्यापार घाटा 87.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 88.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में कम था।
2025-26 की दूसरी तिमाही में निवल सेवा आय एक वर्ष पूर्व 44.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 50.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
कंप्यूटर सेवाओं और अन्य व्यावसायिक सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवा निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर वृद्धि हुई है।
प्राथमिक आय खाते पर निवल व्यय, जो मुख्य रूप से निवेश आय के भुगतानों को दर्शाता है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 9.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
द्वितीयक आय खाते के अंतर्गत व्यक्तिगत अंतरण आय, जो मुख्यतः विदेश में कार्यरत भारतीयों द्वारा विप्रेषणों को दर्शाती है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 34.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 38.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
वित्तीय खाते में, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह दर्ज किया, जबकि 2024-25 की उक्त अवधि में 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह था।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 5.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया,
दूसरी तिमाही अर्थात् जुलाई - सितंबर 2025-26 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्तुत किए गए हैं।
2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की मुख्य विशेषताएं
भारत का चालू खाता घाटा 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) तक कम हुआ, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 20.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 2.2 प्रतिशत) था (तालिका 1)। 1,2
2025-26 की दूसरी तिमाही में पण्य व्यापार घाटा 87.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 88.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में कम था।
2025-26 की दूसरी तिमाही में निवल सेवा आय एक वर्ष पूर्व 44.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 50.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
कंप्यूटर सेवाओं और अन्य व्यावसायिक सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवा निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर वृद्धि हुई है।
प्राथमिक आय खाते पर निवल व्यय, जो मुख्य रूप से निवेश आय के भुगतानों को दर्शाता है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 9.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
द्वितीयक आय खाते के अंतर्गत व्यक्तिगत अंतरण आय, जो मुख्यतः विदेश में कार्यरत भारतीयों द्वारा विप्रेषणों को दर्शाती है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 34.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 38.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
वित्तीय खाते में, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह दर्ज किया, जबकि 2024-25 की उक्त अवधि में 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह था।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 5.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया,
वर्ष 2025 के नवंबर माह के दौरान प्राप्त अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों को छोड़कर) के ऋण और जमा दर संबंधी आंकड़े सारणी 1 से 7 में प्रस्तुत किए गए हैं। मुख्य बातें :
वर्ष 2025 के नवंबर माह के दौरान प्राप्त अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों को छोड़कर) के ऋण और जमा दर संबंधी आंकड़े सारणी 1 से 7 में प्रस्तुत किए गए हैं। मुख्य बातें :
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: मार्च 06, 2026