प्रेस प्रकाशनी - आरबीआई - Reserve Bank of India
प्रेस प्रकाशनी
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated November 04, 2024, imposed a monetary penalty of ₹1.00 lakh (Rupees One Lakh only) on The Vijapur Nagarik Sahakari Bank Ltd., Vijapur, Dist. Mehsana, Gujarat (the bank) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Placement of Deposits with Other Banks by Primary (Urban) Co-operative Banks (UCBs)’ and ‘Know Your Customer’ . This penalty has been imposed in exercise of powers vested in RBI, conferred under the provisions of section 47A(1)(c) read with sections 46(4)(i) and 56 of the Banking Regulation Act, 1949.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated November 04, 2024, imposed a monetary penalty of ₹1.00 lakh (Rupees One Lakh only) on The Vijapur Nagarik Sahakari Bank Ltd., Vijapur, Dist. Mehsana, Gujarat (the bank) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Placement of Deposits with Other Banks by Primary (Urban) Co-operative Banks (UCBs)’ and ‘Know Your Customer’ . This penalty has been imposed in exercise of powers vested in RBI, conferred under the provisions of section 47A(1)(c) read with sections 46(4)(i) and 56 of the Banking Regulation Act, 1949.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated December 04, 2024, imposed a monetary penalty of ₹2.00 lakh (Rupees Two lakh only) on The Bapatla Co-operative Urban Bank Ltd., Andhra Pradesh (the bank) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Loans and advances to directors, their relatives, and firms / concerns in which they are interested’, ‘Exposure Norms and Statutory / Other Restrictions - UCBs’ and ‘Know Your Customer (KYC)’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI, under the provisions of Section 47A(1)(c) read with Sections 46(4)(i) and 56 of the Banking Regulation Act, 1949.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated December 04, 2024, imposed a monetary penalty of ₹2.00 lakh (Rupees Two lakh only) on The Bapatla Co-operative Urban Bank Ltd., Andhra Pradesh (the bank) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Loans and advances to directors, their relatives, and firms / concerns in which they are interested’, ‘Exposure Norms and Statutory / Other Restrictions - UCBs’ and ‘Know Your Customer (KYC)’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI, under the provisions of Section 47A(1)(c) read with Sections 46(4)(i) and 56 of the Banking Regulation Act, 1949.
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि पटियाला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पटियाला, पंजाब (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26 ए के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹5.00 लाख (पाँच लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि पटियाला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पटियाला, पंजाब (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26 ए के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹5.00 लाख (पाँच लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा मैक्सवैल्यू क्रेडिट्स एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड, त्रिशूर, केरल (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां सार्वजनिक जमाराशि स्वीकार करना (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016’ के साथ पठित ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण जमा स्वीकार न करने वाली कंपनी और जमा स्वीकार करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹4.50 लाख (चार लाख पचास हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा मैक्सवैल्यू क्रेडिट्स एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड, त्रिशूर, केरल (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां सार्वजनिक जमाराशि स्वीकार करना (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016’ के साथ पठित ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण जमा स्वीकार न करने वाली कंपनी और जमा स्वीकार करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹4.50 लाख (चार लाख पचास हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि पेरियाकुलम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और ‘शेयर पूंजी और प्रतिभूतियों के निर्गम और विनियमन – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक’ तथा ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड – शहरी सहकारी बैंक’ पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि पेरियाकुलम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और ‘शेयर पूंजी और प्रतिभूतियों के निर्गम और विनियमन – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक’ तथा ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड – शहरी सहकारी बैंक’ पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि कनारा डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि कनारा डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि रायचूर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि रायचूर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि खेड़ा पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, खेड़ा, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों द्वारा अन्य बैंकों में जमाराशि रखना’ और 'प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार (पीएसएल) - लक्ष्य और वर्गीकरण' संबंधी कतिपय निदेशों तथा पीएसएल की प्राप्ति में कमी के कारण सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) पुनर्वित्त निधि में अंशदान करने संबंधी भारतीय रिज़र्व
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि खेड़ा पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, खेड़ा, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों द्वारा अन्य बैंकों में जमाराशि रखना’ और 'प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार (पीएसएल) - लक्ष्य और वर्गीकरण' संबंधी कतिपय निदेशों तथा पीएसएल की प्राप्ति में कमी के कारण सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) पुनर्वित्त निधि में अंशदान करने संबंधी भारतीय रिज़र्व
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 20 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि लुनावाड़ा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, लुनावाड़ा, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) की सदस्यता’; ‘परिचालन का क्षेत्र, शाखा प्राधिकरण नीति, विस्तार काउंटर, एटीएम खोलना/उन्नयन करना और कार्यालयों का स्थानांतरण/विभाजन/बंद करना’ तथा ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) तथा प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 20 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि लुनावाड़ा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, लुनावाड़ा, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) की सदस्यता’; ‘परिचालन का क्षेत्र, शाखा प्राधिकरण नीति, विस्तार काउंटर, एटीएम खोलना/उन्नयन करना और कार्यालयों का स्थानांतरण/विभाजन/बंद करना’ तथा ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) तथा प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 18 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि कपड़वंज पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, खेड़ा, गुजरात (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26 ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘जमाराशि पर ब्याज दर’ और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3.00 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 18 नवंबर 2024 के आदेश द्वारा दि कपड़वंज पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, खेड़ा, गुजरात (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26 ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘जमाराशि पर ब्याज दर’ और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3.00 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: अप्रैल 03, 2025