विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा कर्ज में निवेश और ऋण चूक अदला-बदली की बिक्री की सीमा - आरबीआई - Reserve Bank of India
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा कर्ज में निवेश और ऋण चूक अदला-बदली की बिक्री की सीमा
आरबीआई/2025-26/20 03 अप्रैल, 2025 सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा कर्ज में निवेश और ऋण चूक अदला-बदली की बिक्री की सीमा प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 17 अक्टूबर, 2019 की अधिसूचना सं. फेमा.396/2019-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (कर्ज लिखत) विनियम, 2019 की अनुसूची 1 और उसके तहत जारी प्रासंगिक निदेशों की ओर आकर्षित किया जाता है। 2. रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निम्नलिखित निदेशों का भी संदर्भ आमंत्रित किया जाता है: 3. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निवेश सीमा: 4. विभिन्न श्रेणियों के लिए संशोधित सीमाएँ (पूर्ण रूप में) सारणी 1 में दी गई हैं:
5. दिनांक 10 फरवरी, 2022 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.23 के अनुसार, एफपीआई द्वारा बेची गई ऋण चूक अदला-बदली (क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप) की अनुमानित राशि की कुल सीमा कॉर्पोरेट बॉन्ड के बकाया स्टॉक का 5 प्रतिशत होगी। तदनुसार, 2025-26 के लिए ₹2,93,612 करोड़ की अतिरिक्त सीमा निर्धारित की गई है। 6. एडी श्रेणी-I बैंक इस परिपत्र की विषय-वस्तु को अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों के ध्यान में लाएँ। 7. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 के 42) की धारा 10(4) और 11(1) के तहत जारी किए गए हैं और किसी अन्य कानून के अंतर्गत आवश्यक अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, के प्रति पूर्वाग्रह के बिना हैं। भवदीया, (डिम्पल भांडिया) |