बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 24 - सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना
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आरबीआई/2013-14/622 03 जून 2014 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक महोदय बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 24 - कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 31 जुलाई 2012 का हमारा परिपत्र बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 33/12.02.001/2012-13 तथा 28 सितंबर 2012 का परिपत्र बैंपविवि. आरईटी. बीसी. 48/ 12.02.001/2012-13 देखें । 2. जैसा कि 03 जून 2014 को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति 2014-15 की द्वितीय द्विमासिक समीक्षा में घोषणा की गयी है, यह निर्णय लिया गया है कि 14 जून 2014 से शुरू होने वाले पखवाड़े से अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और स्थानीय क्षेत्र बैंक के लिए सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) को उनकी निवल मांग और मीयादी देयताओं (एनडीटीएल) के 23.0 प्रतिशत से घटाकर 22.5 प्रतिशत कर दिया जाए। 3. इससे संबंधित 03 जून 2014 की अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 118/12.02.001/ 2013-14 की प्रतिलिपि संलग्न है। 4. कृपया प्राप्ति-सूचना दें । भवदीय (सुधा दामोदर) अनुलग्नक : यथोक्त बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी.118/12.02.001/2013-14 03 जून 2014 अधिसूचना बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) की धारा 24 की उप-धारा (2क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, तथा 31 जुलाई 2012 की अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 32/12.02.001/2012-13 तथा 28 सितंबर 2012 की अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 47/12.02.001/2012-13 में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक एतदद्वारा यह विनिर्दिष्ट करता है कि 14 जून 2014 से शुरू होने वाले पखवाड़े से प्रत्येक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक तथा स्थानीय क्षेत्र बैंक 09 मई 2011 की अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 91/12.02.001/2010-11 और 17 अप्रैल 2012 की अधिसूचना बैंपविवि. सं. आरईटी. बीसी. 94/12.02.001/2011-12 में यथावर्णित आस्तियां भारत में बनाए रखेगा जिनका मूल्य किसी भी दिन कारोबार की समाप्ति पर दूसरे पूर्ववर्ती पखवाड़े के अंतिम शुक्रवार को भारत में कुल निवल मांग और मीयादी देयताओं के 22.5 प्रतिशत से कम नहीं होगा । (बि. महापात्र) |
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