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फ़रवरी 27, 2008
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Repayment of 6.5% Savings Bonds, 2003 (Non Taxable)
RBI Circular No. 249/2007-2008Ref No DGBA.CDD / H- 9362 / 13.04.137 / 2007 - 08February 27, 2008 Phalguna 8, 1929 (Saka)The General ManagerState Bank of India and Associate Banksand 17 Nationalised BanksICICI Bank Ltd. / IDBI Ltd./ HDFC Bank Ltd / Axis Bank Ltd.Stock Holding Corporation of India LtdDear Sir,Repayment of 6.5% Savings Bonds, 2003 (Non Taxable) Please refer to our Loan Circular CO.DT. 13.01.298 / H-3566/2002-03 dated March 15, 2003 regarding issue of 6.5
RBI Circular No. 249/2007-2008Ref No DGBA.CDD / H- 9362 / 13.04.137 / 2007 - 08February 27, 2008 Phalguna 8, 1929 (Saka)The General ManagerState Bank of India and Associate Banksand 17 Nationalised BanksICICI Bank Ltd. / IDBI Ltd./ HDFC Bank Ltd / Axis Bank Ltd.Stock Holding Corporation of India LtdDear Sir,Repayment of 6.5% Savings Bonds, 2003 (Non Taxable) Please refer to our Loan Circular CO.DT. 13.01.298 / H-3566/2002-03 dated March 15, 2003 regarding issue of 6.5
नवंबर 12, 2007
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Misuse of banknotes
RBI/2007-2008/183 UBD.CO. BPD. (PCB). No.20 /12.05.001/2007-08 November 12 , 2007 CEOs of All Primary (Urban) Co-operative Banks Dear Sir /Madam,  Misuse of banknotes Please refer to the directive issued to all urban co-operative banks under Section 35A of the Banking Regulations Act, 1949(AACS) vide UBD. No. Dir.2/13.01.00/2001-2002 dated January 9, 2002 on stapling of notes packets and misuse of banknotes. 2. It has been brought to the Bank's notice that banks,
RBI/2007-2008/183 UBD.CO. BPD. (PCB). No.20 /12.05.001/2007-08 November 12 , 2007 CEOs of All Primary (Urban) Co-operative Banks Dear Sir /Madam,  Misuse of banknotes Please refer to the directive issued to all urban co-operative banks under Section 35A of the Banking Regulations Act, 1949(AACS) vide UBD. No. Dir.2/13.01.00/2001-2002 dated January 9, 2002 on stapling of notes packets and misuse of banknotes. 2. It has been brought to the Bank's notice that banks,
सितंबर 19, 2007
8% बचत (करयोग्य) बांड्स,2003-आयकर अधिनियम,1961-टीडीएस
भारिबैं/2007-08/141 संदर्भ सबैंलेवि.सीडीडी.सं.एच-3024/13.01.299/2007-08 19 सितंबर 2007 28 भाद्र 1929 (श) महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक और 17 सहयोगी बैंक आइसीआइसीआइ बैंक लिमिटेड,आइडीबीआइ बैंक लिमिटेड,एचडीएफसी बैंक लिमिटेड एक्सिस बैंक लिमिटेड और एसएचसीएलमहोदय 8% बचत (करयोग्य) बांड्स,2003-आयकर अधिनियम,1961-टीडीएस उपर्युक्त विषय पर दिनांक 31 मई 2007 के हमारे परिपत्र सबैंलेवि.सीडीडी.सं.एच-17134/13.01.299/2006-07 के अनुक्रम में हम उपर्युक्त योजना के अंतर्गत जारी बांडों पर दे
भारिबैं/2007-08/141 संदर्भ सबैंलेवि.सीडीडी.सं.एच-3024/13.01.299/2007-08 19 सितंबर 2007 28 भाद्र 1929 (श) महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक और 17 सहयोगी बैंक आइसीआइसीआइ बैंक लिमिटेड,आइडीबीआइ बैंक लिमिटेड,एचडीएफसी बैंक लिमिटेड एक्सिस बैंक लिमिटेड और एसएचसीएलमहोदय 8% बचत (करयोग्य) बांड्स,2003-आयकर अधिनियम,1961-टीडीएस उपर्युक्त विषय पर दिनांक 31 मई 2007 के हमारे परिपत्र सबैंलेवि.सीडीडी.सं.एच-17134/13.01.299/2006-07 के अनुक्रम में हम उपर्युक्त योजना के अंतर्गत जारी बांडों पर दे
अगस्त 30, 2007
लोक भविष्य निधि योजना,1968 (पीपीएफ) -गुम हुए अभिदाताओं के दावों का निपटान करना
आरबीआइ/2007-08/125 संदर्भ.सं.सबैंलेवि.सीडीडी.एच-2281/15.02.001/2007-08 30 अगस्त 2007 8 श्रावण 1929 (श) अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक/प्रबंध निदेशक सरकारी लेखा विभाग,प्रधान कार्यालय भारतीय स्टेट बैंक और उसके सहयोगी इलाहाबाद बैंक/बैंक ऑफ बडौदा/बैंक ऑफ इंड़िया/बैंक ऑफ महाराष्ट्र केनरा बैंक/सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया/कार्पेरेशन बैंक/देना बैंक/इंडियन बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक/पंजाब नेशनल बैंक/सिंडीकेट बैंक/यूको बैंक/ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया/युनाईटेड बैंक ऑफ इंडिया/विजया बैंक/आइसीआइसीआ
आरबीआइ/2007-08/125 संदर्भ.सं.सबैंलेवि.सीडीडी.एच-2281/15.02.001/2007-08 30 अगस्त 2007 8 श्रावण 1929 (श) अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक/प्रबंध निदेशक सरकारी लेखा विभाग,प्रधान कार्यालय भारतीय स्टेट बैंक और उसके सहयोगी इलाहाबाद बैंक/बैंक ऑफ बडौदा/बैंक ऑफ इंड़िया/बैंक ऑफ महाराष्ट्र केनरा बैंक/सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया/कार्पेरेशन बैंक/देना बैंक/इंडियन बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक/पंजाब नेशनल बैंक/सिंडीकेट बैंक/यूको बैंक/ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया/युनाईटेड बैंक ऑफ इंडिया/विजया बैंक/आइसीआइसीआ
मई 24, 2007
बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना, 2006 में संशोधन

सीएसडी.बीओएस. 4638 /13.01.01/2006-07 मई 24, 2007 बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) की धारा 35क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और दिनांक 26 दिसंबर, 2005 की अपनी अधिसूचना संदर्भ आरपीसीडी.बीओएस.सं.441/13.01.01/2005-06 में आंशिक आशोधन करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद् द्वारा इसके संलग्नक में विनिर्दिष्ट सीमा तक बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना, 2006 में संशोधन करता है। ये संशोधन तत्काल प्रभावी होंगे। रिज़र्व बैंक इसके द्वारा निदेश देता है कि सभी वाणिज्य बैंक, क

सीएसडी.बीओएस. 4638 /13.01.01/2006-07 मई 24, 2007 बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) की धारा 35क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और दिनांक 26 दिसंबर, 2005 की अपनी अधिसूचना संदर्भ आरपीसीडी.बीओएस.सं.441/13.01.01/2005-06 में आंशिक आशोधन करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद् द्वारा इसके संलग्नक में विनिर्दिष्ट सीमा तक बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना, 2006 में संशोधन करता है। ये संशोधन तत्काल प्रभावी होंगे। रिज़र्व बैंक इसके द्वारा निदेश देता है कि सभी वाणिज्य बैंक, क

मई 07, 2007
बैंकों द्वारा अत्यधिक ब्याज लगाये जाने के संबंध में शिकायतें

आरबीआइ/2006-07/377 बैंपविवि. सं. डीआइआर. बीसी. 93/13.03.00/2006-07 7 मई 2007 17 वैशाख 1929 (शक) सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदयबैंकों द्वारा अत्यधिक ब्याज लगाये जाने के संबंध में शिकायतें कृपया वर्ष 2007-08 के वार्षिक नीति वक्तव्य के पैराग्राफ 168 (प्रतिलिपि संलग्न) का अवलोकन करें ।2. रिज़र्व बैंक और बैंकिंग ओम्बड्समैनों के कार्यालयों में अनेक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं जो कुछ ऋणों और अग्रिमों पर अत्यधिक ब्याज और प्रभार लगाने से संबंधित हैं ।

आरबीआइ/2006-07/377 बैंपविवि. सं. डीआइआर. बीसी. 93/13.03.00/2006-07 7 मई 2007 17 वैशाख 1929 (शक) सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदयबैंकों द्वारा अत्यधिक ब्याज लगाये जाने के संबंध में शिकायतें कृपया वर्ष 2007-08 के वार्षिक नीति वक्तव्य के पैराग्राफ 168 (प्रतिलिपि संलग्न) का अवलोकन करें ।2. रिज़र्व बैंक और बैंकिंग ओम्बड्समैनों के कार्यालयों में अनेक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं जो कुछ ऋणों और अग्रिमों पर अत्यधिक ब्याज और प्रभार लगाने से संबंधित हैं ।

अप्रैल 30, 2007
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना,2004-मृत्यु मामलों में ब्याज दर के संबंध में स्पष्टीकरण
भारिबैं /2006-07/360 सबैंलेवि.सीडीडी.एच-15824/15.15.001/2006-0730 अप्रैल 2007/10 वैशाख 1929 (श)महाप्रबंधकसरकारी लेखा विभाग,प्रधान कार्यालयभारतीय स्टेट बैंक/स्टेट बैंक ऑफ इंदौर/स्टेट बैंक ऑफ पटियाला/स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर/स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र/स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर/स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद/स्टेट बैंक ऑफ मैसूर/इलाहाबाद बैंक/बैंक ऑफ बड़ौदा/बैंक ऑफ इंडिया/बैंक ऑफ महाराष्ट्र/केनरा बैंक/सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया/कॉर्पोरेशन बैंक/देना बैंक/इंडियन बैंक/इंडियन ओवरसीज़ ब
भारिबैं /2006-07/360 सबैंलेवि.सीडीडी.एच-15824/15.15.001/2006-0730 अप्रैल 2007/10 वैशाख 1929 (श)महाप्रबंधकसरकारी लेखा विभाग,प्रधान कार्यालयभारतीय स्टेट बैंक/स्टेट बैंक ऑफ इंदौर/स्टेट बैंक ऑफ पटियाला/स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर/स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र/स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर/स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद/स्टेट बैंक ऑफ मैसूर/इलाहाबाद बैंक/बैंक ऑफ बड़ौदा/बैंक ऑफ इंडिया/बैंक ऑफ महाराष्ट्र/केनरा बैंक/सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया/कॉर्पोरेशन बैंक/देना बैंक/इंडियन बैंक/इंडियन ओवरसीज़ ब
अप्रैल 18, 2007
‘निजी क्षेत्र के बैंकों और विदेशी बैंकों के लिए संरक्षित प्रकटन योजना’ की शुरुआत
आरबीआई/2006-2007/328 डीओ डीबीएस.एमआरएमसी सं.बीसी 5/23.02.011/2006-07 18 अप्रैल 2007 भारत में कार्यरत सभी निजी क्षेत्र के बैंक और विदेशी बैंक ‘निजी क्षेत्र के बैंकों और विदेशी बैंकों के लिए संरक्षित प्रकटन योजना’ की शुरुआत भारत सरकार ने अपने दिनांक 21 अप्रैल 2004 के संकल्प के तहत केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को केंद्रीय सरकार या किसी केंद्रीय अधिनियम, सरकारी कंपनियों, सोसाइटीज़ या केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली या उसके द्वारा नियंत्रित स्थानीय प्राधिकरणों के द्वारा य
आरबीआई/2006-2007/328 डीओ डीबीएस.एमआरएमसी सं.बीसी 5/23.02.011/2006-07 18 अप्रैल 2007 भारत में कार्यरत सभी निजी क्षेत्र के बैंक और विदेशी बैंक ‘निजी क्षेत्र के बैंकों और विदेशी बैंकों के लिए संरक्षित प्रकटन योजना’ की शुरुआत भारत सरकार ने अपने दिनांक 21 अप्रैल 2004 के संकल्प के तहत केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को केंद्रीय सरकार या किसी केंद्रीय अधिनियम, सरकारी कंपनियों, सोसाइटीज़ या केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली या उसके द्वारा नियंत्रित स्थानीय प्राधिकरणों के द्वारा य
मार्च 30, 2007
चेकों का निकटतम रुपये तक पूर्णांकन
आरबीआइ/2006-07/299 बैंपविवि. डीआइआर. बीसी. 70/13.01.01/2006-07 30 मार्च 2007 9 चैत्र 1929 (शक) सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय चेकों का निकटतम रुपये तक पूर्णांकन कृपया ‘जमाराशियों पर ब्याज दरें’ विषय पर 1 जुलाई 2006 के हमारे मास्टर परिरपत्र बैंपविवि. डीआइआर. बीसी. 6/13.03.00/2006-07 के पैराग्राफ 19 का अवलोकन करें, जिसके द्वारा बैंकों को सूचित किया गया था कि जमाराशियों पर ब्याज भुगतान/अग्रिमों पर ब्याज प्रभार सहित सभी लेनदेन निकटतम रुपये तक
आरबीआइ/2006-07/299 बैंपविवि. डीआइआर. बीसी. 70/13.01.01/2006-07 30 मार्च 2007 9 चैत्र 1929 (शक) सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय चेकों का निकटतम रुपये तक पूर्णांकन कृपया ‘जमाराशियों पर ब्याज दरें’ विषय पर 1 जुलाई 2006 के हमारे मास्टर परिरपत्र बैंपविवि. डीआइआर. बीसी. 6/13.03.00/2006-07 के पैराग्राफ 19 का अवलोकन करें, जिसके द्वारा बैंकों को सूचित किया गया था कि जमाराशियों पर ब्याज भुगतान/अग्रिमों पर ब्याज प्रभार सहित सभी लेनदेन निकटतम रुपये तक
जनवरी 31, 2007
स्वच्छ नोट नीति - नोट पैकेटों की स्टैपलिंग
भारिबैं / 2006-07 / 241 संदर्भ : ग्राआऋवि.केका. सं. बीसी. 43 /07.38.03 /2006-07 31 जनवरी 2007 सभी राज्य सहकारी बैंक / जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकमहोदय,स्वच्छ नोट नीति - नोट पैकेटों की स्टैपलिंग यह देखा गया है कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अनुदेश जारी किए जाने के बावजूद बैंक नये नोट पैकेटों को स्टैपल करने की परंपरा अभी भी जारी रखे हुए हैं। कई बार स्टैपल करने से नोट न केवल खराब होते हैं, बल्कि इससे नोटों का जीवन-काल कम होता है और ग्राहकों को नोट पैकेट खोलने में कठिनाई हो
भारिबैं / 2006-07 / 241 संदर्भ : ग्राआऋवि.केका. सं. बीसी. 43 /07.38.03 /2006-07 31 जनवरी 2007 सभी राज्य सहकारी बैंक / जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकमहोदय,स्वच्छ नोट नीति - नोट पैकेटों की स्टैपलिंग यह देखा गया है कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अनुदेश जारी किए जाने के बावजूद बैंक नये नोट पैकेटों को स्टैपल करने की परंपरा अभी भी जारी रखे हुए हैं। कई बार स्टैपल करने से नोट न केवल खराब होते हैं, बल्कि इससे नोटों का जीवन-काल कम होता है और ग्राहकों को नोट पैकेट खोलने में कठिनाई हो

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