प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक ने जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 30 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 30 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा नार्दन आर्क कैपिटल लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक [अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)] निदेश' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.70 लाख (दो लाख सत्तर हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा नार्दन आर्क कैपिटल लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक [अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)] निदेश' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.70 लाख (दो लाख सत्तर हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, राजापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राजापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘निदेशकों, उनके रिश्तेदारों और फर्मों/ संस्थाओं, जिनमें वे रुचि रखते हैं, को ऋण और अग्रिम' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, राजापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राजापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘निदेशकों, उनके रिश्तेदारों और फर्मों/ संस्थाओं, जिनमें वे रुचि रखते हैं, को ऋण और अग्रिम' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा श्री सत्य साई नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, भोपाल, मध्य प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'विवेकपूर्ण एक्सपोज़र सीमा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा श्री सत्य साई नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, भोपाल, मध्य प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'विवेकपूर्ण एक्सपोज़र सीमा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, श्री कन्यक नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भवन-निर्माताओं/संविदाकर्ताओं के लिए अग्रिम’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹8 लाख (आठ लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, श्री कन्यक नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भवन-निर्माताओं/संविदाकर्ताओं के लिए अग्रिम’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹8 लाख (आठ लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, पिंपरी चिंचवाड़ सहकारी बैंक मर्यादित, पिंपरी, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड एवं सांविधिक /अन्य प्रतिबंध' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, पिंपरी चिंचवाड़ सहकारी बैंक मर्यादित, पिंपरी, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड एवं सांविधिक /अन्य प्रतिबंध' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, वीएसजे इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'ऋण एक्सपोज़र का अंतरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹80,000/- (अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, वीएसजे इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'ऋण एक्सपोज़र का अंतरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹80,000/- (अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 13 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि नंदुरा अर्बन को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नंदुरा, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक /अन्य प्रतिबंध-यूसीबी' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 13 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि नंदुरा अर्बन को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नंदुरा, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक /अन्य प्रतिबंध-यूसीबी' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा 'डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी' (डीएलजी) पर आरबीआई द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड (कंपनी) पर ₹1 (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी (5) (एए) के साथ पठित 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा 'डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी' (डीएलजी) पर आरबीआई द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड (कंपनी) पर ₹1 (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी (5) (एए) के साथ पठित 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘उचित व्यवहार संहिता' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘उचित व्यवहार संहिता' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026