प्रेस प्रकाशनियां
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated February 27, 2026, imposed a monetary penalty of ₹11.50 lakh (Rupees Eleven Lakh Fifty Thousand only) on Mahindra & Mahindra Financial Services Limited (the company) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Fair Practices Code’ and ‘Internal Ombudsman for Regulated Entities’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under Section 58G(1)(b) read with Section 58B(5)(aa) of the Reserve Bank of India Act, 1934.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated February 27, 2026, imposed a monetary penalty of ₹11.50 lakh (Rupees Eleven Lakh Fifty Thousand only) on Mahindra & Mahindra Financial Services Limited (the company) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Fair Practices Code’ and ‘Internal Ombudsman for Regulated Entities’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under Section 58G(1)(b) read with Section 58B(5)(aa) of the Reserve Bank of India Act, 1934.
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि गुंटूर वुमेन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि गुंटूर वुमेन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि प्रकासपुरम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि प्रकासपुरम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, विटा मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, विटा, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध - शहरी सहकारी बैंक’ और ‘उचित उधार पद्धति- ऋण खातों में दंडात्मक प्रभार’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3.10 लाख (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, विटा मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, विटा, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध - शहरी सहकारी बैंक’ और ‘उचित उधार पद्धति- ऋण खातों में दंडात्मक प्रभार’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3.10 लाख (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 16 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा यूको बैंक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बचत जमाराशियों पर ब्याज के भुगतान की अवधि', 'लॉकर का किराया' और 'स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों के संबंध में साख सूचना रिपोर्टिंग’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹38.60 लाख (अड़तीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 51(1) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 16 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा यूको बैंक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बचत जमाराशियों पर ब्याज के भुगतान की अवधि', 'लॉकर का किराया' और 'स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों के संबंध में साख सूचना रिपोर्टिंग’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹38.60 लाख (अड़तीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 51(1) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा मातोश्री महिला सहकारी बैंक लिमिटेड, पारनेर, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹40,000/- (चालीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 13 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा मातोश्री महिला सहकारी बैंक लिमिटेड, पारनेर, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹40,000/- (चालीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा डीसीबी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी गैर-कृषि-अंतिम उपयोगों के लिए स्वर्ण आभूषणों और आभूषणों की गिरवी पर दिए गए ऋण संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹29.60 लाख (उनतीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा डीसीबी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी गैर-कृषि-अंतिम उपयोगों के लिए स्वर्ण आभूषणों और आभूषणों की गिरवी पर दिए गए ऋण संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹29.60 लाख (उनतीस लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘स्वयं सहायता समूह सदस्यों संबंधी ऋण सूचना रिपोर्टिंग’ और ‘अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹32.50 लाख (बत्तीस लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) और बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 51(1) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘स्वयं सहायता समूह सदस्यों संबंधी ऋण सूचना रिपोर्टिंग’ और ‘अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹32.50 लाख (बत्तीस लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) और बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 51(1) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 10 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा नवी फिंसर्व लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘वसूली एजेंट’ संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹3.80 लाख (तीन लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 10 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा नवी फिंसर्व लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘वसूली एजेंट’ संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹3.80 लाख (तीन लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा आईआईएफ़एल फ़ाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी 'आस्ति वर्गीकरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5.30 लाख (पाँच लाख तीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा आईआईएफ़एल फ़ाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी 'आस्ति वर्गीकरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5.30 लाख (पाँच लाख तीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा सीएसबी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'कारोबार प्रतिनिधियों (बीसी) द्वारा की जाने वाली गतिविधियों का दायरा’ और ‘बैंकों में ग्राहक सेवा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹63.60 लाख (तिरसठ लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा सीएसबी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'कारोबार प्रतिनिधियों (बीसी) द्वारा की जाने वाली गतिविधियों का दायरा’ और ‘बैंकों में ग्राहक सेवा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹63.60 लाख (तिरसठ लाख साठ हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि बरहामपुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, ओडिशा (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध - शहरी सहकारी बैंक’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि बरहामपुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, ओडिशा (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध - शहरी सहकारी बैंक’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, राजस्थान (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, राजस्थान (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा भारत को-ऑपरेटिव बैंक (मुंबई) लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘जमाराशियों पर ब्याज दर’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹15 लाख (पंद्रह लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा भारत को-ऑपरेटिव बैंक (मुंबई) लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘जमाराशियों पर ब्याज दर’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹15 लाख (पंद्रह लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 2 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दौण्ड अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, दौण्ड, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘साख सूचना रिपोर्टिंग’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5,000/- (पाँच हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23 के साथ पठित धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 2 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दौण्ड अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, दौण्ड, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘साख सूचना रिपोर्टिंग’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5,000/- (पाँच हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23 के साथ पठित धारा 25 के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 3 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि जेपोर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, ओड़ीसा (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड एवं सांविधिक/अन्य प्रतिबंध-यूसीबी' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 3 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि जेपोर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, ओड़ीसा (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड एवं सांविधिक/अन्य प्रतिबंध-यूसीबी' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an Order dated February 03, 2026, imposed a monetary penalty of ₹2 lakh (Rupees Two Lakh only) on Agartala Co-operative Urban Bank Limited, Agartala, Tripura (bank) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Exposure Norms and Statutory/ Other Restrictions - UCBs’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under the provisions of Section 47A(1)(c) read with Sections 46(4)(i) and 56 of the Banking Regulation Act, 1949.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an Order dated February 03, 2026, imposed a monetary penalty of ₹2 lakh (Rupees Two Lakh only) on Agartala Co-operative Urban Bank Limited, Agartala, Tripura (bank) for non-compliance with certain directions issued by RBI on ‘Exposure Norms and Statutory/ Other Restrictions - UCBs’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under the provisions of Section 47A(1)(c) read with Sections 46(4)(i) and 56 of the Banking Regulation Act, 1949.
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 4 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, विनायक कैपसेक प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'शेयरधारिता प्राप्त करने अथवा नियंत्रण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 4 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, विनायक कैपसेक प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'शेयरधारिता प्राप्त करने अथवा नियंत्रण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 30 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि जयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राजस्थान (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए(केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 30 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि जयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राजस्थान (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए(केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 30 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 30 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर, उत्तरप्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा नार्दन आर्क कैपिटल लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक [अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)] निदेश' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.70 लाख (दो लाख सत्तर हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा नार्दन आर्क कैपिटल लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक [अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)] निदेश' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.70 लाख (दो लाख सत्तर हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, राजापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राजापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘निदेशकों, उनके रिश्तेदारों और फर्मों/ संस्थाओं, जिनमें वे रुचि रखते हैं, को ऋण और अग्रिम' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, राजापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, राजापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘निदेशकों, उनके रिश्तेदारों और फर्मों/ संस्थाओं, जिनमें वे रुचि रखते हैं, को ऋण और अग्रिम' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा श्री सत्य साई नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, भोपाल, मध्य प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'विवेकपूर्ण एक्सपोज़र सीमा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा श्री सत्य साई नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, भोपाल, मध्य प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'विवेकपूर्ण एक्सपोज़र सीमा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, श्री कन्यक नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भवन-निर्माताओं/संविदाकर्ताओं के लिए अग्रिम’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹8 लाख (आठ लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, श्री कन्यक नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भवन-निर्माताओं/संविदाकर्ताओं के लिए अग्रिम’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹8 लाख (आठ लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, पिंपरी चिंचवाड़ सहकारी बैंक मर्यादित, पिंपरी, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड एवं सांविधिक /अन्य प्रतिबंध' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, पिंपरी चिंचवाड़ सहकारी बैंक मर्यादित, पिंपरी, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड एवं सांविधिक /अन्य प्रतिबंध' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, वीएसजे इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'ऋण एक्सपोज़र का अंतरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹80,000/- (अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, वीएसजे इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'ऋण एक्सपोज़र का अंतरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹80,000/- (अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 13 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि नंदुरा अर्बन को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नंदुरा, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक /अन्य प्रतिबंध-यूसीबी' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 13 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि नंदुरा अर्बन को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नंदुरा, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक /अन्य प्रतिबंध-यूसीबी' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा 'डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी' (डीएलजी) पर आरबीआई द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड (कंपनी) पर ₹1 (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी (5) (एए) के साथ पठित 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा 'डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी' (डीएलजी) पर आरबीआई द्वारा जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड (कंपनी) पर ₹1 (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी (5) (एए) के साथ पठित 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘उचित व्यवहार संहिता' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘उचित व्यवहार संहिता' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 31 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मऊ, उत्तर प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 31 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मऊ, उत्तर प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोल्हापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोल्हापुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹2.10 लाख (दो लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा वैल्युकॉर्प सिक्योरिटीज एण्ड फाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी 'साख सूचना कंपनियों को डेटा प्रस्तुत करना', 'ऋण एक्सपोजर का अंतरण' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.40 लाख (दो लाख चालीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 के खंड 23(4) के साथ पठित खंड 25(1)(iii) प्रावधानों तथा भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा वैल्युकॉर्प सिक्योरिटीज एण्ड फाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी 'साख सूचना कंपनियों को डेटा प्रस्तुत करना', 'ऋण एक्सपोजर का अंतरण' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.40 लाख (दो लाख चालीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 के खंड 23(4) के साथ पठित खंड 25(1)(iii) प्रावधानों तथा भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, वारंगल, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, वारंगल, तेलंगाना (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि सेलम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 26 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि सेलम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 11 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच – मूल बचत बैंक जमा खाता’ और ‘कारोबारी प्रतिनिधियों (बीसी) द्वारा किए जाने वाले कार्यों का दायरा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹61.95 लाख (इकसठ लाख पंचानबे हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। 31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु सांविधिक निरीक्षण (आईएसई 2024) किया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों, सीआईसी नियम के प्रावधानों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और इससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि आरबीआई निदेशों और सीआईसी नियम के उक्त प्रावधानों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 11 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच – मूल बचत बैंक जमा खाता’ और ‘कारोबारी प्रतिनिधियों (बीसी) द्वारा किए जाने वाले कार्यों का दायरा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹61.95 लाख (इकसठ लाख पंचानबे हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) और प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है। 31 मार्च 2024 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु सांविधिक निरीक्षण (आईएसई 2024) किया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों, सीआईसी नियम के प्रावधानों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और इससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि आरबीआई निदेशों और सीआईसी नियम के उक्त प्रावधानों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि अराकोणम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 2.50 (दो लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि अराकोणम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 2.50 (दो लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि तमिल नाडु सर्किल पोस्टल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 50,000 (पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि तमिल नाडु सर्किल पोस्टल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 50,000 (पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 10 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कोविलपट्टी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ पठित
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 10 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कोविलपट्टी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1949 की धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ पठित
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 44ए की उप-धारा (4) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अमरनाथ को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात का दि कालूपुर
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 44ए की उप-धारा (4) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अमरनाथ को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात का दि कालूपुर
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड – परलाखेमुंडी, ओडिशा (बैंक) पर आरबीआई द्वारा द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ़)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और आरबीआई द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों की सदस्यता’ संबंधी कुछ निदेशों के अननुपालन के लिए ₹13,000/- (तेरह हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड – परलाखेमुंडी, ओडिशा (बैंक) पर आरबीआई द्वारा द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ़)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और आरबीआई द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों की सदस्यता’ संबंधी कुछ निदेशों के अननुपालन के लिए ₹13,000/- (तेरह हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 4 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, यवतमाल, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘संकेंद्रण जोखिम प्रबंधन’, ‘इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं का निरूपण’ तथा ‘साख सूचना रिपोर्टिंग’ से संबंधित कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.25 लाख (दो लाख पच्चीस हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) तथा प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 4 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, यवतमाल, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘संकेंद्रण जोखिम प्रबंधन’, ‘इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं का निरूपण’ तथा ‘साख सूचना रिपोर्टिंग’ से संबंधित कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.25 लाख (दो लाख पच्चीस हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) तथा प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि असम को-ऑपरेटिव अपेक्स बैंक लिमिटेड, गुवाहाटी (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है’। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि असम को-ऑपरेटिव अपेक्स बैंक लिमिटेड, गुवाहाटी (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है’। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 5 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि पट्टुकोट्टई को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन और आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध – शहरी सहकारी बैंक' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.50 लाख (एक लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 5 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि पट्टुकोट्टई को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन और आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध – शहरी सहकारी बैंक' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.50 लाख (एक लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा बंसल क्रेडिट्स लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹6.20 लाख (छह लाख बीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा बंसल क्रेडिट्स लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹6.20 लाख (छह लाख बीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कीर्तना फिनसर्व लिमिटेड (पूर्ववर्ती कीर्तना फिन्सर्व प्राइवेट लिमिटेड) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अभिशासन मुद्दे संबंधी कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कीर्तना फिनसर्व लिमिटेड (पूर्ववर्ती कीर्तना फिन्सर्व प्राइवेट लिमिटेड) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अभिशासन मुद्दे संबंधी कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जम्मू एण्ड कश्मीर बैंक लिमिटेड (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आंतरिक ओम्बड्समैन योजना 2018’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹99.30 लाख (निन्यानबे लाख तीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जम्मू एण्ड कश्मीर बैंक लिमिटेड (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आंतरिक ओम्बड्समैन योजना 2018’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹99.30 लाख (निन्यानबे लाख तीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 3 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा ट्रूहोम फाइनेंस लिमिटेड (पहले श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)) निदेश’ के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹3,10,000/- (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 3 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा ट्रूहोम फाइनेंस लिमिटेड (पहले श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)) निदेश’ के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹3,10,000/- (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कल्लिडैकुरिची को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता के लिए विवेकपूर्ण मानदंड-'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' संबंधी संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कल्लिडैकुरिची को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता के लिए विवेकपूर्ण मानदंड-'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' संबंधी संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 27 नवंबर के आदेश द्वारा दि अर्नी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’, ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ तथा ‘स्वर्ण ऋण – एकबारगी पुनर्भुगतान – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 27 नवंबर के आदेश द्वारा दि अर्नी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’, ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ तथा ‘स्वर्ण ऋण – एकबारगी पुनर्भुगतान – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated November 25, 2025, imposed a monetary penalty of ₹3.10 lakh (Rupees Three lakh ten thousand only) on Mannakrishna Investments Private Limited (the company) for non-compliance with certain provisions of the ‘Master Direction – Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Company - Scale Based Regulation) Directions, 2023’ issued by RBI, relating to ‘Governance Issues’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under clause (b) of sub-section (1) of Section 58G read with clause (aa) of sub-section (5) of Section 58B of the Reserve Bank of India Act, 1934.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated November 25, 2025, imposed a monetary penalty of ₹3.10 lakh (Rupees Three lakh ten thousand only) on Mannakrishna Investments Private Limited (the company) for non-compliance with certain provisions of the ‘Master Direction – Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Company - Scale Based Regulation) Directions, 2023’ issued by RBI, relating to ‘Governance Issues’. This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under clause (b) of sub-section (1) of Section 58G read with clause (aa) of sub-section (5) of Section 58B of the Reserve Bank of India Act, 1934.
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 18 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा एचडीएफसी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 6(1) के साथ पठित धारा 19 (1)(ए) के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अग्रिमों पर ब्याज दर’, ‘बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग में जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता पर दिशानिर्देश’ और ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹91.00 लाख (इक्यानवे लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 18 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा एचडीएफसी बैंक लिमिटेड (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 6(1) के साथ पठित धारा 19 (1)(ए) के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अग्रिमों पर ब्याज दर’, ‘बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग में जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता पर दिशानिर्देश’ और ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹91.00 लाख (इक्यानवे लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा तुमकूर ग्रेन मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर आरबीआई द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ़)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों के अननुपालन
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा तुमकूर ग्रेन मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर आरबीआई द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ़)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों के अननुपालन
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, कुरनूल, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ धारा पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, कुरनूल, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ धारा पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, काकिनाड़ा, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ धारा पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, काकिनाड़ा, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ धारा पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि फतेहपुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उत्तर प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए(केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 20 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि फतेहपुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उत्तर प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए(केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 13 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा ग्लोमोर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, ओडिशा (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘मास्टर निदेश– भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – मान आधारित विनियमन) निदेश, 2023’ संबंधी कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹4.00 लाख (चार लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी की उपधारा (5) के खंड (एए) के साथ पठित धारा 58जी की उपधारा (1) के खंड (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 13 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा ग्लोमोर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, ओडिशा (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘मास्टर निदेश– भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – मान आधारित विनियमन) निदेश, 2023’ संबंधी कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹4.00 लाख (चार लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी की उपधारा (5) के खंड (एए) के साथ पठित धारा 58जी की उपधारा (1) के खंड (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 14 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26ए के प्रावधानों का उल्लंघन तथा आरबीआई द्वारा जारी ' सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों की सदस्यता’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.50 लाख (एक लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी)
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 14 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26ए के प्रावधानों का उल्लंघन तथा आरबीआई द्वारा जारी ' सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों की सदस्यता’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.50 लाख (एक लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी)
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 12 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा श्री बसवेश्वर सहकारी बैंक नियमिथा, बागलकोट, कर्नाटक (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामले – यूसीबी’ तथा ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (सहकारी बैंकों – जमाराशियों पर ब्याज दर) निदेश, 2016’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम,1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 12 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा श्री बसवेश्वर सहकारी बैंक नियमिथा, बागलकोट, कर्नाटक (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामले – यूसीबी’ तथा ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (सहकारी बैंकों – जमाराशियों पर ब्याज दर) निदेश, 2016’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम,1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 12 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि बिग कांचीपुरम को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ' अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/-
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 12 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि बिग कांचीपुरम को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ' अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/-
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated November 13, 2025, imposed a monetary penalty of ₹39.60 lakh (Rupees Thirty Nine Lakh Sixty Thousand only) on Tamilnad Mercantile Bank Limited (the bank) for contravention of provisions of section 10A of Payment and Settlement Systems Act, 2007 (PSS Act) and section 26A of the Banking Regulation Act, 1949 (BR Act). This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under the provisions of section 30(1) read with section 26(6) of the PSS Act and section 47A(1)(c) read with section 46(4)(i) of the BR Act.
The Reserve Bank of India (RBI) has, by an order dated November 13, 2025, imposed a monetary penalty of ₹39.60 lakh (Rupees Thirty Nine Lakh Sixty Thousand only) on Tamilnad Mercantile Bank Limited (the bank) for contravention of provisions of section 10A of Payment and Settlement Systems Act, 2007 (PSS Act) and section 26A of the Banking Regulation Act, 1949 (BR Act). This penalty has been imposed in exercise of powers conferred on RBI under the provisions of section 30(1) read with section 26(6) of the PSS Act and section 47A(1)(c) read with section 46(4)(i) of the BR Act.
Tभारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 6 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, एलुरु, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
Tभारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 6 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, एलुरु, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 6 नवंबर के आदेश द्वारा दि कराईकुडी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 6 नवंबर के आदेश द्वारा दि कराईकुडी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 6 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 6 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 14 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा लातूर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹8 लाख (आठ लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 56 के साथ पठित धारा
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 14 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा लातूर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹8 लाख (आठ लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 56 के साथ पठित धारा
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 14 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा परभणी डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों और भारतीय रिज़र्व बैंक
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 14 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा परभणी डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों और भारतीय रिज़र्व बैंक
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा विवा होम फाइनेंस लिमिटेड, पालघर, महाराष्ट्र (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - आवास वित्त कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा विवा होम फाइनेंस लिमिटेड, पालघर, महाराष्ट्र (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - आवास वित्त कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10,000/- (दस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि सतारा सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' और 'एकल और समूह उधारकर्ताओं/पार्टियों और बड़े एक्सपोजर के लिए जोखिम की सीमाएं तथा प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार संबंधी लक्ष्य में संशोधन – शहरी सहकारी बैंक' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि सतारा सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' और 'एकल और समूह उधारकर्ताओं/पार्टियों और बड़े एक्सपोजर के लिए जोखिम की सीमाएं तथा प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार संबंधी लक्ष्य में संशोधन – शहरी सहकारी बैंक' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा पारनेर तालुका सैनिक सहकारी बैंक लिमिटेड, पारनेर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामले – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा पारनेर तालुका सैनिक सहकारी बैंक लिमिटेड, पारनेर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामले – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 28 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामले – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹25 लाख (पच्चीस लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 28 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण और अन्य संबंधित मामले – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹25 लाख (पच्चीस लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि तुमकूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि तुमकूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि वालपराई को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, कोयंबटूर, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि वालपराई को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, कोयंबटूर, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि शेवापेट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक/ अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 23 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि शेवापेट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक/ अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 22 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा कामुती को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 22 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा कामुती को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 22 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि अरांतंगी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 22 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा दि अरांतंगी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिल नाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने रामपुर जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, उत्तर प्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 3 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा रामपुर जिला सहकारी बैंक लिमिटेड,
भारतीय रिज़र्व बैंक ने रामपुर जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, उत्तर प्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 3 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा रामपुर जिला सहकारी बैंक लिमिटेड,
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 26 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि घातल पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5.50 लाख (पाँच लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 26 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि घातल पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5.50 लाख (पाँच लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 26 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 9 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹ 5.50 लाख (पाँच लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 26 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 9 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹ 5.50 लाख (पाँच लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने रानाघाट पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पश्चिम बंगाल पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा रानाघाट पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पश्चिम बंगाल (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5 लाख (पाँच लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम,1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने रानाघाट पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पश्चिम बंगाल पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा रानाघाट पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पश्चिम बंगाल (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5 लाख (पाँच लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम,1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सहारा हाउसिंगफिना कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पश्चिम बंगाल पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा सहारा हाउसिंगफिना कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पश्चिम बंगाल (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सहारा हाउसिंगफिना कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पश्चिम बंगाल पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा सहारा हाउसिंगफिना कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पश्चिम बंगाल (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि बेगूसराय सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बेगूसराय, बिहार (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹1.40 लाख (एक लाख चालीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि बेगूसराय सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बेगूसराय, बिहार (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन हेतु ₹1.40 लाख (एक लाख चालीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार) निदेश, 2022’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 31.80 लाख (इकतीस लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4)(i) के साथ पठित धारा 47ए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार) निदेश, 2022’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹ 31.80 लाख (इकतीस लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4)(i) के साथ पठित धारा 47ए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)) निदेश, 2016’ के
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के आदेश द्वारा एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)) निदेश, 2016’ के
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि बागलकोट डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बागलकोट, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा जारी ‘ऑफसाइट निगरानी प्रणाली - ओएसएस/एफएमएस विवरणी प्रस्तुत करने की नियत तारीखों में संशोधन’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5.50 लाख (पाँच लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि बागलकोट डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बागलकोट, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 20 के प्रावधानों के उल्लंघन तथा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा जारी ‘ऑफसाइट निगरानी प्रणाली - ओएसएस/एफएमएस विवरणी प्रस्तुत करने की नियत तारीखों में संशोधन’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹5.50 लाख (पाँच लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि वानियामबाड़ी टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि वानियामबाड़ी टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि हसन डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अ
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि हसन डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अ
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा इंडियन ओवेरसीज़ बैंक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार(पीएसएल)- लक्ष्य और वर्गीकरण’ के अंतर्गत जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹31.80 लाख (इकतीस लाख अस्सी हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी
भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने दिनांक 29 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा इंडियन ओवेरसीज़ बैंक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार(पीएसएल)- लक्ष्य और वर्गीकरण’ के अंतर्गत जारी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹31.80 लाख (इकतीस लाख अस्सी हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा बीड डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) की सदस्यता
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा बीड डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) की सदस्यता
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि पंचशील मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सूरत, गुजरात (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'ग्राहक संरक्षण - अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में सहकारी बैंकों के ग्राहकों की देयता को सीमित करना' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (1 लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि पंचशील मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सूरत, गुजरात (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'ग्राहक संरक्षण - अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में सहकारी बैंकों के ग्राहकों की देयता को सीमित करना' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (1 लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि सुल्तान्स बैटरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, वायनाड, केरल (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'निदेशकों, उनके रिश्तेदारों और फर्मों/संस्थाओं, जिनमें उनके हित हों, को ऋण और अग्रिम’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि सुल्तान्स बैटरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, वायनाड, केरल (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'निदेशकों, उनके रिश्तेदारों और फर्मों/संस्थाओं, जिनमें उनके हित हों, को ऋण और अग्रिम’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि नीलांबर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, केरल (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी सहकारी बैंक- जमाराशि पर ब्याज दर' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/-
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि नीलांबर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, केरल (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी सहकारी बैंक- जमाराशि पर ब्याज दर' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/-
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा कामराज को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 25 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा कामराज को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘आंतरिक ओम्बुड्समैन’ संबंधी निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.70 लाख (दो लाख सत्तर हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी की उप-धारा (5) के खंड (एए) के साथ पठित धारा 58जी की उप-धारा (1) के खंड (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘आंतरिक ओम्बुड्समैन’ संबंधी निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.70 लाख (दो लाख सत्तर हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी की उप-धारा (5) के खंड (एए) के साथ पठित धारा 58जी की उप-धारा (1) के खंड (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा मकरपुरा इंडस्ट्रियल एस्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वडोदरा, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' और 'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए व्यापक साइबर सुरक्षा ढांचा - एक क्रमबद्ध दृष्टिकोण' के साथ पठित 'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए बुनियादी साइबर सुरक्षा ढांचा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 22 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा मकरपुरा इंडस्ट्रियल एस्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वडोदरा, गुजरात (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' और 'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए व्यापक साइबर सुरक्षा ढांचा - एक क्रमबद्ध दृष्टिकोण' के साथ पठित 'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए बुनियादी साइबर सुरक्षा ढांचा' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि साउथ केनरा डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि साउथ केनरा डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा द्वारा जारी ‘व्यक्तिगत आवास ऋण सीमा में वृद्धि और वाणिज्यिक भूसंपदा (रियल एस्टेट) - आवासीय आवास (सीआरई-आरएच) क्षेत्र के लिए ऋण’ के साथ पठित ‘आवास वित्त’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि साउथ केनरा डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि साउथ केनरा डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा द्वारा जारी ‘व्यक्तिगत आवास ऋण सीमा में वृद्धि और वाणिज्यिक भूसंपदा (रियल एस्टेट) - आवासीय आवास (सीआरई-आरएच) क्षेत्र के लिए ऋण’ के साथ पठित ‘आवास वित्त’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि गुंटूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि गुंटूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि गुंटूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश पर मौद्रिक दंड लगाया भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि गुंटूर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि तमिलनाडु सर्किल पोस्टल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि तमिलनाडु सर्किल पोस्टल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा गायत्री को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, जगतियाल, तेलंगाना (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा म्यूचुअल फंड/बीमा उत्पादों के विपणन/वितरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10 लाख (दस लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा गायत्री को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, जगतियाल, तेलंगाना (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘शहरी सहकारी बैंकों द्वारा म्यूचुअल फंड/बीमा उत्पादों के विपणन/वितरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10 लाख (दस लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 15 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि जलगांव डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 15 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा दि जलगांव डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 15 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा चंद्रपुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा आरबीआई द्वारा
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 15 सितंबर 2025 के आदेश द्वारा चंद्रपुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा आरबीआई द्वारा
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026