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फ़रवरी 12, 2026
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
RBI Issues Draft Amendment Directions for ‘Conduct of Regulated Entities in Recovery of Loans and Engagement of Recovery Agents’

Detailed instructions on matters related to engagement of recovery agents have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies currently. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions to all regulated entities on conduct related matters in recovery of loans and engagement of recovery agents, which inter alia cover aspects such as fair treatment to borrowers during recovery process, conduct of lender’s employees and recovery agents, due diligence, training, code of conduct for recovery agents, etc.

Detailed instructions on matters related to engagement of recovery agents have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies currently. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions to all regulated entities on conduct related matters in recovery of loans and engagement of recovery agents, which inter alia cover aspects such as fair treatment to borrowers during recovery process, conduct of lender’s employees and recovery agents, due diligence, training, code of conduct for recovery agents, etc.

फ़रवरी 11, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘विनियमित संस्थाओं द्वारा वित्तीय उत्पादों एवं सेवाओं का विज्ञापन, विपणन और विक्रय' संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया

Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.

Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.

फ़रवरी 10, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 9 फरवरी 2026 को जारी निदेश संदर्भ सं. DDN.DOS.QAG.No.S168/03-04-007/2025-2026 के द्वारा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 10 फरवरी 2026 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा,

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 9 फरवरी 2026 को जारी निदेश संदर्भ सं. DDN.DOS.QAG.No.S168/03-04-007/2025-2026 के द्वारा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 10 फरवरी 2026 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा,

फ़रवरी 10, 2026
यूसीबी के लिए उधार मानदंडों की समीक्षा

6 फरवरी 2026 को जारी विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों संबंधी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य अभिमत के लिए निम्नलिखित मसौदा संशोधन निदेश जारी किए हैं, जो आरबीआई के विनियामक विभाग द्वारा जारी मौजूदा निदेशों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हैं:

6 फरवरी 2026 को जारी विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों संबंधी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य अभिमत के लिए निम्नलिखित मसौदा संशोधन निदेश जारी किए हैं, जो आरबीआई के विनियामक विभाग द्वारा जारी मौजूदा निदेशों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हैं:

फ़रवरी 04, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर - निदेशों को वापस लेना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश सं. DCBS. CO BSD-I/D-2/ 12.27.215/ 2018-19 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 9 मार्च 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश सं. DCBS. CO BSD-I/D-2/ 12.27.215/ 2018-19 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 9 मार्च 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

फ़रवरी 04, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु– अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु को दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 के माध्यम से 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु को दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 के माध्यम से 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

फ़रवरी 02, 2026
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण - 31 जनवरी 2026 तक की स्थिति

जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)

जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)

जनवरी 28, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – लोकपावनी महिला सहकारी बैंक नियमित, मांड्या – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत लोकपावनी महिला सहकारी बैंक नियमित, मांड्या को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. BLR.DOS.SSMS.No.S628/09-01-242/2025 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत लोकपावनी महिला सहकारी बैंक नियमित, मांड्या को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. BLR.DOS.SSMS.No.S628/09-01-242/2025 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

जनवरी 28, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – सोनपेठ नागरी सहकारी बैंक मार्यदित, सोनपेठ, जिला- परभणी, महाराष्ट्र – अवधि बढ़ाना

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत सोनपेठ नागरी सहकारी बैंक मार्यदित, सोनपेठ, जिला- परभणी, महाराष्ट्र को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. NGP.DOS.SSM 3.No.S403/15-04-395 /2025-2026 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे।

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत सोनपेठ नागरी सहकारी बैंक मार्यदित, सोनपेठ, जिला- परभणी, महाराष्ट्र को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. NGP.DOS.SSM 3.No.S403/15-04-395 /2025-2026 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे।

जनवरी 27, 2026
प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 12, 2026

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