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फ़रवरी 25, 2026
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Directions under Section 35A read with Section 56 of the Banking Regulation Act, 1949 – The Yashwant Co-operative Bank Ltd., Phaltan, District Satara – Extension of Period

The Reserve Bank of India issued Directions under Section 35A read with Section 56 of the Banking Regulation Act, 1949, to The Yashwant Co-operative Bank Ltd., Phaltan vide Directive No. CO.DOS.SED.No.S1580/12-22-321/2025-26 dated May 28, 2025, for a period of six months up to close of business on November 29, 2025, which was extended up to close of business on February 28, 2026 vide Directive DOR.MON.D-41/12.28.017/2025-26 dated November 24, 2025. The Reserve Bank of India is satisfied that in the public interest, it is necessary to further extend the period of operation of the Directive beyond the close of business on February 28, 2026.

The Reserve Bank of India issued Directions under Section 35A read with Section 56 of the Banking Regulation Act, 1949, to The Yashwant Co-operative Bank Ltd., Phaltan vide Directive No. CO.DOS.SED.No.S1580/12-22-321/2025-26 dated May 28, 2025, for a period of six months up to close of business on November 29, 2025, which was extended up to close of business on February 28, 2026 vide Directive DOR.MON.D-41/12.28.017/2025-26 dated November 24, 2025. The Reserve Bank of India is satisfied that in the public interest, it is necessary to further extend the period of operation of the Directive beyond the close of business on February 28, 2026.

फ़रवरी 13, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने इंडियन मर्केंटाइल को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ का लाइसेंस रद्द किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम)की धारा 56 के साथ पठित धारा 22 के अंतर्गत दिनांक 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा “इंडियन मर्केंटाइल को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का लाइसेंस रद्द कर दिया है। परिणामस्वरूप, बैंक 13 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकता है। सहकारी समितियों के आयुक्त और रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश से भी अनुरोध किया गया है कि वे बैंक का समापन करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करें।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम)की धारा 56 के साथ पठित धारा 22 के अंतर्गत दिनांक 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा “इंडियन मर्केंटाइल को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का लाइसेंस रद्द कर दिया है। परिणामस्वरूप, बैंक 13 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकता है। सहकारी समितियों के आयुक्त और रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश से भी अनुरोध किया गया है कि वे बैंक का समापन करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करें।

फ़रवरी 13, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र पर संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र (सीएमई) संबंधी दो मसौदा निदेश, अर्थात: (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 और (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025, जारी किए थे और इन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी थी। मसौदा निदेशों का मुख्य उद्देश्य (i) भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहणों के वित्तपोषण हेतु बैंकों को सक्षम बनाने के लिए एक ढांचा प्रदान करना; (ii) सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के बदले ऋण देने संबंधी विनियामकीय सीमा को पूर्ण रूप से हटाते हुए, बैंकों द्वारा, आरईआईटी, आईएनवीआईटी के शेयरों, इकाइयों के बदले दिए जाने वाले ऋण की सीमा को बढ़ाना; और (iii) पूंजी बाज़ार मध्यस्थों (सीएमआई) को ऋण देने के लिए एक बेहतर सिद्धांत

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र (सीएमई) संबंधी दो मसौदा निदेश, अर्थात: (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 और (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025, जारी किए थे और इन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी थी। मसौदा निदेशों का मुख्य उद्देश्य (i) भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहणों के वित्तपोषण हेतु बैंकों को सक्षम बनाने के लिए एक ढांचा प्रदान करना; (ii) सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के बदले ऋण देने संबंधी विनियामकीय सीमा को पूर्ण रूप से हटाते हुए, बैंकों द्वारा, आरईआईटी, आईएनवीआईटी के शेयरों, इकाइयों के बदले दिए जाने वाले ऋण की सीमा को बढ़ाना; और (iii) पूंजी बाज़ार मध्यस्थों (सीएमआई) को ऋण देने के लिए एक बेहतर सिद्धांत

फ़रवरी 13, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘भू-संपदा निवेश न्यास (आरईआईटी) और अवसंरचना निवेश न्यास (आईएनवीआईटी) को उधार' संबंधी अनुदेशों पर संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया

दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश के मसौदे जारी किए: i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - ऋण सुविधाएं) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा

दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश के मसौदे जारी किए: i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - ऋण सुविधाएं) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा

फ़रवरी 12, 2026
आरबीआई ने ‘ऋण की वसूली एवं वसूली एजेंट की नियुक्ति में विनयमित संस्थाओं का आचरण’ संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया

वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई

वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई

फ़रवरी 11, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘विनियमित संस्थाओं द्वारा वित्तीय उत्पादों एवं सेवाओं का विज्ञापन, विपणन और विक्रय' संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया

Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.

Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.

फ़रवरी 10, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 9 फरवरी 2026 को जारी निदेश संदर्भ सं. DDN.DOS.QAG.No.S168/03-04-007/2025-2026 के द्वारा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 10 फरवरी 2026 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा,

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 9 फरवरी 2026 को जारी निदेश संदर्भ सं. DDN.DOS.QAG.No.S168/03-04-007/2025-2026 के द्वारा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 10 फरवरी 2026 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा,

फ़रवरी 10, 2026
यूसीबी के लिए उधार मानदंडों की समीक्षा

6 फरवरी 2026 को जारी विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों संबंधी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य अभिमत के लिए निम्नलिखित मसौदा संशोधन निदेश जारी किए हैं, जो आरबीआई के विनियामक विभाग द्वारा जारी मौजूदा निदेशों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हैं:

6 फरवरी 2026 को जारी विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों संबंधी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य अभिमत के लिए निम्नलिखित मसौदा संशोधन निदेश जारी किए हैं, जो आरबीआई के विनियामक विभाग द्वारा जारी मौजूदा निदेशों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हैं:

फ़रवरी 04, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर - निदेशों को वापस लेना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश सं. DCBS. CO BSD-I/D-2/ 12.27.215/ 2018-19 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 9 मार्च 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश सं. DCBS. CO BSD-I/D-2/ 12.27.215/ 2018-19 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 9 मार्च 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

फ़रवरी 04, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु– अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु को दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 के माध्यम से 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु को दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 के माध्यम से 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 25, 2026

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