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फ़रवरी 25, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, फलटण, जिला – सतारा - अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, फलटण को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 28 मई 2025 के निदेश CO.DOS.SED.No.S1580/12-22-321/2025-26 के माध्यम से 29 नवंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे और इस अवधि को 24 नवंबर 2025 के निदेश DOR.MON.D-41/12.28.017/2025-26 के माध्यम से 28 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक के लिए बढ़ाया गया था। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 28 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, फलटण को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 28 मई 2025 के निदेश CO.DOS.SED.No.S1580/12-22-321/2025-26 के माध्यम से 29 नवंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे और इस अवधि को 24 नवंबर 2025 के निदेश DOR.MON.D-41/12.28.017/2025-26 के माध्यम से 28 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक के लिए बढ़ाया गया था। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 28 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

फ़रवरी 13, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने इंडियन मर्केंटाइल को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ का लाइसेंस रद्द किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम)की धारा 56 के साथ पठित धारा 22 के अंतर्गत दिनांक 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा “इंडियन मर्केंटाइल को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का लाइसेंस रद्द कर दिया है। परिणामस्वरूप, बैंक 13 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकता है। सहकारी समितियों के आयुक्त और रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश से भी अनुरोध किया गया है कि वे बैंक का समापन करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करें।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम)की धारा 56 के साथ पठित धारा 22 के अंतर्गत दिनांक 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा “इंडियन मर्केंटाइल को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का लाइसेंस रद्द कर दिया है। परिणामस्वरूप, बैंक 13 फरवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकता है। सहकारी समितियों के आयुक्त और रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश से भी अनुरोध किया गया है कि वे बैंक का समापन करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करें।

फ़रवरी 13, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र पर संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र (सीएमई) संबंधी दो मसौदा निदेश, अर्थात: (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 और (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025, जारी किए थे और इन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी थी। मसौदा निदेशों का मुख्य उद्देश्य (i) भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहणों के वित्तपोषण हेतु बैंकों को सक्षम बनाने के लिए एक ढांचा प्रदान करना; (ii) सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के बदले ऋण देने संबंधी विनियामकीय सीमा को पूर्ण रूप से हटाते हुए, बैंकों द्वारा, आरईआईटी, आईएनवीआईटी के शेयरों, इकाइयों के बदले दिए जाने वाले ऋण की सीमा को बढ़ाना; और (iii) पूंजी बाज़ार मध्यस्थों (सीएमआई) को ऋण देने के लिए एक बेहतर सिद्धांत

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र (सीएमई) संबंधी दो मसौदा निदेश, अर्थात: (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 और (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025, जारी किए थे और इन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी थी। मसौदा निदेशों का मुख्य उद्देश्य (i) भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहणों के वित्तपोषण हेतु बैंकों को सक्षम बनाने के लिए एक ढांचा प्रदान करना; (ii) सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के बदले ऋण देने संबंधी विनियामकीय सीमा को पूर्ण रूप से हटाते हुए, बैंकों द्वारा, आरईआईटी, आईएनवीआईटी के शेयरों, इकाइयों के बदले दिए जाने वाले ऋण की सीमा को बढ़ाना; और (iii) पूंजी बाज़ार मध्यस्थों (सीएमआई) को ऋण देने के लिए एक बेहतर सिद्धांत

फ़रवरी 13, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘भू-संपदा निवेश न्यास (आरईआईटी) और अवसंरचना निवेश न्यास (आईएनवीआईटी) को उधार' संबंधी अनुदेशों पर संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया

दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश के मसौदे जारी किए: i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - ऋण सुविधाएं) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा

दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश के मसौदे जारी किए: i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - ऋण सुविधाएं) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा

फ़रवरी 12, 2026
आरबीआई ने ‘ऋण की वसूली एवं वसूली एजेंट की नियुक्ति में विनयमित संस्थाओं का आचरण’ संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया

वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई

वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई

फ़रवरी 11, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ‘विनियमित संस्थाओं द्वारा वित्तीय उत्पादों एवं सेवाओं का विज्ञापन, विपणन और विक्रय' संबंधी संशोधन निदेश का मसौदा जारी किया

Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.

Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.

फ़रवरी 10, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 9 फरवरी 2026 को जारी निदेश संदर्भ सं. DDN.DOS.QAG.No.S168/03-04-007/2025-2026 के द्वारा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 10 फरवरी 2026 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा,

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 9 फरवरी 2026 को जारी निदेश संदर्भ सं. DDN.DOS.QAG.No.S168/03-04-007/2025-2026 के द्वारा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 10 फरवरी 2026 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा,

फ़रवरी 10, 2026
यूसीबी के लिए उधार मानदंडों की समीक्षा

6 फरवरी 2026 को जारी विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों संबंधी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य अभिमत के लिए निम्नलिखित मसौदा संशोधन निदेश जारी किए हैं, जो आरबीआई के विनियामक विभाग द्वारा जारी मौजूदा निदेशों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हैं:

6 फरवरी 2026 को जारी विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों संबंधी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य अभिमत के लिए निम्नलिखित मसौदा संशोधन निदेश जारी किए हैं, जो आरबीआई के विनियामक विभाग द्वारा जारी मौजूदा निदेशों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हैं:

फ़रवरी 04, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर - निदेशों को वापस लेना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश सं. DCBS. CO BSD-I/D-2/ 12.27.215/ 2018-19 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 9 मार्च 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश सं. DCBS. CO BSD-I/D-2/ 12.27.215/ 2018-19 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 9 मार्च 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

फ़रवरी 04, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु– अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु को दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 के माध्यम से 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री गुरु राघवेंद्र सहकार बैंक नियमित, बेंगलुरु को दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 के माध्यम से 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

फ़रवरी 02, 2026
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण - 31 जनवरी 2026 तक की स्थिति

जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)

जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)

जनवरी 28, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – लोकपावनी महिला सहकारी बैंक नियमित, मांड्या – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत लोकपावनी महिला सहकारी बैंक नियमित, मांड्या को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. BLR.DOS.SSMS.No.S628/09-01-242/2025 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत लोकपावनी महिला सहकारी बैंक नियमित, मांड्या को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. BLR.DOS.SSMS.No.S628/09-01-242/2025 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

जनवरी 28, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – सोनपेठ नागरी सहकारी बैंक मार्यदित, सोनपेठ, जिला- परभणी, महाराष्ट्र – अवधि बढ़ाना

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत सोनपेठ नागरी सहकारी बैंक मार्यदित, सोनपेठ, जिला- परभणी, महाराष्ट्र को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. NGP.DOS.SSM 3.No.S403/15-04-395 /2025-2026 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे।

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत सोनपेठ नागरी सहकारी बैंक मार्यदित, सोनपेठ, जिला- परभणी, महाराष्ट्र को दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश सं. NGP.DOS.SSM 3.No.S403/15-04-395 /2025-2026 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे।

जनवरी 27, 2026
प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।

जनवरी 23, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि इरिंजालकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, केरल - अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि इरिंजालकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, केरल को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश CO.DOS.SED.No.D-01/12-22-350/2025-2026 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि इरिंजालकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, केरल को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 29 जुलाई 2025 के निदेश CO.DOS.SED.No.D-01/12-22-350/2025-2026 के माध्यम से 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 30 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

जनवरी 23, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – इंडियन मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (आईएमसीबीएल), लखनऊ - अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने इंडियन मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (आईएमसीबीएल), लखनऊ को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 28 जनवरी 2022 के निदेश DOS.CO.OCCD.185569/12.28.007/2021-22 के माध्यम से 27 जुलाई 2022 को कारोबार की समाप्ति तक, यथासमय किए गए संशोधनों के अनुसार, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को पिछली बार दिनांक 14 अक्तूबर 2025 के निदेश DOR.MON.No.D-34/12.28.007/2025-26 द्वारा 27 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक बढ़ा दिया गया था।। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त

भारतीय रिज़र्व बैंक ने इंडियन मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (आईएमसीबीएल), लखनऊ को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 28 जनवरी 2022 के निदेश DOS.CO.OCCD.185569/12.28.007/2021-22 के माध्यम से 27 जुलाई 2022 को कारोबार की समाप्ति तक, यथासमय किए गए संशोधनों के अनुसार, छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को पिछली बार दिनांक 14 अक्तूबर 2025 के निदेश DOR.MON.No.D-34/12.28.007/2025-26 द्वारा 27 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक बढ़ा दिया गया था।। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त

जनवरी 22, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – “द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड”, सूरी, पश्चिम बंगाल – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 21 जुलाई 2022 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S2574/12-07-05/2022-23 द्वारा “द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड” सूरी, (पश्चिम बंगाल) को 22 जनवरी

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 21 जुलाई 2022 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S2574/12-07-05/2022-23 द्वारा “द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड” सूरी, (पश्चिम बंगाल) को 22 जनवरी

जनवरी 20, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – दि कोणार्क अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर- अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि कोणार्क अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 23 अप्रैल 2024 के निदेश CO.DOS.SED.No.S592/45-11-001/2024-25 के माध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि कोणार्क अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 23 अप्रैल 2024 के निदेश CO.DOS.SED.No.S592/45-11-001/2024-25 के माध्यम

जनवरी 19, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर ने 19 जनवरी 2026 को मुंबई में चुनिंदा यूसीबी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मुलाक़ात की

भारतीय रिज़र्व बैंक के विनियमित संस्थाओं के साथ निरंतर बातचीत के भाग के रूप में, गवर्नर ने आज मुंबई में चुनिंदा शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (एमडी और सीईओ) के साथ बैठक की। ऐसी बैठक पिछली बार 19 मार्च 2025 को आयोजित की गई थी।

भारतीय रिज़र्व बैंक के विनियमित संस्थाओं के साथ निरंतर बातचीत के भाग के रूप में, गवर्नर ने आज मुंबई में चुनिंदा शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (एमडी और सीईओ) के साथ बैठक की। ऐसी बैठक पिछली बार 19 मार्च 2025 को आयोजित की गई थी।

जनवरी 14, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने नेट ओपन पोजिशन- संशोधित अनुदेश संबंधी संशोधन निदेशों के मसौदे पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की

कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026

कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026

जनवरी 13, 2026
आरबीआई ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लाइसेंसीकरण संबंधी चर्चा पत्र पर जन- सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की

दिनांक 1 अक्तूबर 2025 को गवर्नर के वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, रिज़र्व बैंक ने आज यूसीबी के लाइसेंसीकरण पर एक चर्चा पत्र प्रकाशित किया। 2. जनसामान्य/हितधारकों से 13 फरवरी 2026 तक टिप्पणियां आमंत्रित की जाती हैं। टिप्पणियां रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट'

दिनांक 1 अक्तूबर 2025 को गवर्नर के वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, रिज़र्व बैंक ने आज यूसीबी के लाइसेंसीकरण पर एक चर्चा पत्र प्रकाशित किया। 2. जनसामान्य/हितधारकों से 13 फरवरी 2026 तक टिप्पणियां आमंत्रित की जाती हैं। टिप्पणियां रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट'

जनवरी 12, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 अप्रैल 2024 के निदेश CO.DOS.SED. No. S370/45-11-001/2024-2025 के माध्यम से सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई को 15 अक्टूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेशाधीन रखा था, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसकी वैधता को 15 जनवरी 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 अप्रैल 2024 के निदेश CO.DOS.SED. No. S370/45-11-001/2024-2025 के माध्यम से सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई को 15 अक्टूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेशाधीन रखा था, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसकी वैधता को 15 जनवरी 2026 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

जनवरी 12, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश - अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, प्रतापगढ़ को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 15 अप्रैल 2024 के निदेश CO.DOS.SED.No.S369/45-11-001/2024-25 के माध्यम से 15 अक्तूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को पिछली बार दिनांक

भारतीय रिज़र्व बैंक ने नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, प्रतापगढ़ को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 15 अप्रैल 2024 के निदेश CO.DOS.SED.No.S369/45-11-001/2024-25 के माध्यम से 15 अक्तूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को पिछली बार दिनांक

जनवरी 07, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश –रामगढ़िया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नई दिल्ली – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत रामगढ़िया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नई दिल्ली को दिनांक 7 जुलाई 2022 के निदेश सं. DEL.DOS.EXG_SSM.No.S515/12-10-013/2022-2023 के माध्यम से 8 जनवरी 2023 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को पिछली बार दिनांक 6 अक्तूबर 2025 के निदेश सं. DOR.MON.D-31/12.28.115/2025-26 के माध्यम से बढ़ाया गया था। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 8 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत रामगढ़िया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नई दिल्ली को दिनांक 7 जुलाई 2022 के निदेश सं. DEL.DOS.EXG_SSM.No.S515/12-10-013/2022-2023 के माध्यम से 8 जनवरी 2023 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को पिछली बार दिनांक 6 अक्तूबर 2025 के निदेश सं. DOR.MON.D-31/12.28.115/2025-26 के माध्यम से बढ़ाया गया था। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 8 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

जनवरी 06, 2026
आरबीआई ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (लाभांश और लाभ के विप्रेषण पर विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026" के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की"

रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के

रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के

जनवरी 06, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, शिरपुर, महाराष्ट्र - अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दि शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, शिरपुर, महाराष्ट्र को दिनांक 5 अप्रैल 2024 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S175/45-11-001/2024-2025 के माध्यम से 8 अक्तूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को समय-समय पर संशोधित किया गया तथा पिछली बार इसे दिनांक 6 अक्तूबर 2025 के निदेश DOR.MON.D-32/12-21-364/2025-26 के माध्यम से 8 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक बढ़ाया गया था। 2. भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 8 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दि शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, शिरपुर, महाराष्ट्र को दिनांक 5 अप्रैल 2024 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S175/45-11-001/2024-2025 के माध्यम से 8 अक्तूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता अवधि को समय-समय पर संशोधित किया गया तथा पिछली बार इसे दिनांक 6 अक्तूबर 2025 के निदेश DOR.MON.D-32/12-21-364/2025-26 के माध्यम से 8 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक बढ़ाया गया था। 2. भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 8 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

जनवरी 05, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं द्वारा संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025

जनवरी 02, 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथालागू) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गुवाहाटी – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दि इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गुवाहाटी को दिनांक 3 जुलाई 2025 के निदेश सं. GWH.DOS.ADM.No.S103/01-10-101/2025-26 के माध्यम से 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दि इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गुवाहाटी को दिनांक 3 जुलाई 2025 के निदेश सं. GWH.DOS.ADM.No.S103/01-10-101/2025-26 के माध्यम से 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

जनवरी 01, 2026
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण - 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति

क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)

क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)

दिसंबर 31, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – इनोवेटिव को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, दिल्ली – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत इनोवेटिव को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, दिल्ली को दिनांक 3 जुलाई 2025 के निदेश सं. DEL.DOS.EXG_SSM.No.S143/12-10-005/2025-2026 के माध्यम से 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक 06 माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत इनोवेटिव को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, दिल्ली को दिनांक 3 जुलाई 2025 के निदेश सं. DEL.DOS.EXG_SSM.No.S143/12-10-005/2025-2026 के माध्यम से 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक 06 माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 4 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

दिसंबर 31, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि भवानी सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दि भवानी सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई को दिनांक 3 जुलाई 2025 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S2770/12-22-023/2025-2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दि भवानी सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई को दिनांक 3 जुलाई 2025 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S2770/12-22-023/2025-2026

दिसंबर 23, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – श्री महालक्ष्मी अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक लिमिटेड, गोकक (कर्नाटक) – अवधि बढ़ाना

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – श्री महालक्ष्मी अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक लिमिटेड, गोकक (कर्नाटक) – अवधि बढ़ाना भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री महालक्ष्मी अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक लिमिटेड, गोकक (कर्नाटक) को दिनांक 26 सितंबर 2024 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S4800/12-23-151/2024-2025 के माध्यम से 27 मार्च 2025 को कारोबार की समाप्ति तक छह महीने की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 27 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – श्री महालक्ष्मी अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक लिमिटेड, गोकक (कर्नाटक) – अवधि बढ़ाना भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत श्री महालक्ष्मी अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक लिमिटेड, गोकक (कर्नाटक) को दिनांक 26 सितंबर 2024 के निदेश सं. CO.DOS.SED.No.S4800/12-23-151/2024-2025 के माध्यम से 27 मार्च 2025 को कारोबार की समाप्ति तक छह महीने की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 27 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

दिसंबर 18, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि वलसाड महिला नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, वलसाड, गुजरात

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 17 दिसंबर 2025 को जारी निदेश संदर्भ सं. AMD.DOS.SSM.No.S831/11-03-153/2025-2026 के द्वारा दि वलसाड महिला नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, वलसाड, गुजरात (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 18 दिसंबर 2025 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा, चाहे वह अपनी स्वयं की देयताओं और दायित्वों के निर्वहन में हो या अन्यथा रूप में हो, साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 17 दिसंबर 2025 के निदेश, जिसकी एक प्रतिलिपि जन सामान्य के अवलोकनार्थ बैंक की वेबसाइट पर/ शाखा परिसर में प्रदर्शित करने के लिए बैंक को निर्देश दिया गया है, में अधिसूचित को छोड़कर कोई समझौता अथवा व्यवस्था नहीं करेगा और अपनी किसी भी संपत्ति या आस्तियों की बिक्री या उनका हस्तांतरण या अन्यथा रूप में उनका निपटान नहीं करेगा। बैंक की वर्तमान नकदी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते से किसी भी राशि की निकासी की अनुमति न दे, लेकिन भारतीय रिज़र्व बैंक के उपरोक्त निदेशों में बताई गई शर्तों के अधीन जमाराशियों के बदले ऋणों को समायोजित करने की अनुमति है। बैंक कुछ आवश्यक मदों, जैसे- कर्मचारियों के वेतन, किराया, बिजली का बिल, आदि के संबंध में व्यय कर सकता है, जैसा कि उक्त निदेशों में विनिर्दिष्ट किया गया है।

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 17 दिसंबर 2025 को जारी निदेश संदर्भ सं. AMD.DOS.SSM.No.S831/11-03-153/2025-2026 के द्वारा दि वलसाड महिला नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, वलसाड, गुजरात (बैंक) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके तहत दिनांक 18 दिसंबर 2025 को कारोबार समाप्ति के पश्चात बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक के लिखित रूप में पूर्व अनुमोदन के बिना, कोई भी ऋण और अग्रिम प्रदान या नवीकृत नहीं करेगा, निवेश नहीं करेगा, निधियां उधार लेने और नई जमाराशियों की स्वीकृति सहित किसी दायित्व का वहन नहीं करेगा, किसी भी भुगतान का संवितरण नहीं करेगा या संवितरण करने के लिए सहमति नहीं देगा, चाहे वह अपनी स्वयं की देयताओं और दायित्वों के निर्वहन में हो या अन्यथा रूप में हो, साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 17 दिसंबर 2025 के निदेश, जिसकी एक प्रतिलिपि जन सामान्य के अवलोकनार्थ बैंक की वेबसाइट पर/ शाखा परिसर में प्रदर्शित करने के लिए बैंक को निर्देश दिया गया है, में अधिसूचित को छोड़कर कोई समझौता अथवा व्यवस्था नहीं करेगा और अपनी किसी भी संपत्ति या आस्तियों की बिक्री या उनका हस्तांतरण या अन्यथा रूप में उनका निपटान नहीं करेगा। बैंक की वर्तमान नकदी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते से किसी भी राशि की निकासी की अनुमति न दे, लेकिन भारतीय रिज़र्व बैंक के उपरोक्त निदेशों में बताई गई शर्तों के अधीन जमाराशियों के बदले ऋणों को समायोजित करने की अनुमति है। बैंक कुछ आवश्यक मदों, जैसे- कर्मचारियों के वेतन, किराया, बिजली का बिल, आदि के संबंध में व्यय कर सकता है, जैसा कि उक्त निदेशों में विनिर्दिष्ट किया गया है।

दिसंबर 17, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि गुवाहाटी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 17 दिसंबर 2025 के निदेश संदर्भ सं. GWH.DOS.ADM.No.S233/01-10-101/2025-2026 द्वारा दि गुवाहाटी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड (“बैंक”) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके द्वारा 17 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक की लिखित पूर्वानुमोदन के बिना भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 17 दिसंबर 2025 के निदेश, जिसकी एक प्रति इच्‍छुक जन सामान्य के अवलोकनार्थ बैंक की वेबसाइट/ परिसर में प्रदर्शित करने हेतु निदेश दिया गया है, में यथाअधिसूचित को छोड़कर, किसी ऋण और अग्रिम को संस्वीकृत या नवीनीकरण नहीं करेगा, कोई निवेश नहीं करेगा, अपने ऊपर कोई भी देयता नहीं लेगा, जिसमें उधार लेना और नई ज

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 17 दिसंबर 2025 के निदेश संदर्भ सं. GWH.DOS.ADM.No.S233/01-10-101/2025-2026 द्वारा दि गुवाहाटी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड (“बैंक”) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके द्वारा 17 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक की लिखित पूर्वानुमोदन के बिना भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 17 दिसंबर 2025 के निदेश, जिसकी एक प्रति इच्‍छुक जन सामान्य के अवलोकनार्थ बैंक की वेबसाइट/ परिसर में प्रदर्शित करने हेतु निदेश दिया गया है, में यथाअधिसूचित को छोड़कर, किसी ऋण और अग्रिम को संस्वीकृत या नवीनीकरण नहीं करेगा, कोई निवेश नहीं करेगा, अपने ऊपर कोई भी देयता नहीं लेगा, जिसमें उधार लेना और नई ज

दिसंबर 16, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – "लोकनेते आर.डी. (अप्पा) क्षीरसागर सहकारी बैंक लिमिटेड, निफाड, ताल. निफाड, जिला. नासिक"

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के निदेश संदर्भ सं. CO.DOS.SED.No.S6986/12-22-482/2025-2026 द्वारा लोकनेते आर.डी. (अप्पा) क्षीरसागर सहकारी बैंक लिमिटेड, निफाड, ताल. निफाड, जिला. नासिक (“बैंक”) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके द्वारा 16 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 15 दिसंबर 2025 के निदेश संदर्भ सं. CO.DOS.SED.No.S6986/12-22-482/2025-2026 द्वारा लोकनेते आर.डी. (अप्पा) क्षीरसागर सहकारी बैंक लिमिटेड, निफाड, ताल. निफाड, जिला. नासिक (“बैंक”) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके द्वारा 16 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति

दिसंबर 12, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि भुज मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात के साथ दि अमोद नागरिक को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अमोद, गुजरात के स्वैच्छिक समामेलन को मंजूरी दी

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 44ए की उप-धारा (4) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, दि भुज मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात के साथ दि अमोद नागरिक को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 44ए की उप-धारा (4) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, दि भुज मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात के साथ दि अमोद नागरिक को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

दिसंबर 09, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – नासिक जिल्हा महिला विकास सहकारी बैंक लिमिटेड, नासिक

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 8 दिसंबर 2025 के निदेश संदर्भ सं. CO.DOS.SED.No.S6690/12-22-173/2025-2026 द्वारा नासिक जिल्हा महिला विकास सहकारी बैंक लिमिटेड, नासिक (“बैंक”) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके द्वारा 9 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक की लिखित पूर्वानुमोदन के बिना भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 8 दिसंबर 2025 के निदेश, जिसकी एक प्रति इच्‍छुक जन

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 8 दिसंबर 2025 के निदेश संदर्भ सं. CO.DOS.SED.No.S6690/12-22-173/2025-2026 द्वारा नासिक जिल्हा महिला विकास सहकारी बैंक लिमिटेड, नासिक (“बैंक”) को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिसके द्वारा 9 दिसंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक की लिखित पूर्वानुमोदन के बिना भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 8 दिसंबर 2025 के निदेश, जिसकी एक प्रति इच्‍छुक जन

दिसंबर 08, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – सीकर अर्बन को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड,सीकर, राजस्थान -अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम,1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश DCBS.CO.BSD-I/D-2/12.27.215/2018-19 द्वारा सीकर अर्बन को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर, राजस्थान को 9 मई 2019 तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम,1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 26 अक्तूबर 2018 के निदेश DCBS.CO.BSD-I/D-2/12.27.215/2018-19 द्वारा सीकर अर्बन को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीकर, राजस्थान को 9 मई 2019 तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे।

दिसंबर 08, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि अमानाथ को- ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बंगलोर - अवधि बढ़ाना

The Reserve Bank of India issued Directions under Section 35A read with Section 56 of the Banking Regulation Act, 1949 to The Amanath Co-operative Bank Ltd., Bangalore vide Directive No. CO.DOS.SED.No.S1931/12.23.001/2024-25 dated June 12, 2024, for a period of six months up to close of business on December 12, 2024. The Reserve Bank of India is satisfied that in the public interest, it is necessary to further extend the period of operation of the Directive beyond close of business on December 12, 2025.

The Reserve Bank of India issued Directions under Section 35A read with Section 56 of the Banking Regulation Act, 1949 to The Amanath Co-operative Bank Ltd., Bangalore vide Directive No. CO.DOS.SED.No.S1931/12.23.001/2024-25 dated June 12, 2024, for a period of six months up to close of business on December 12, 2024. The Reserve Bank of India is satisfied that in the public interest, it is necessary to further extend the period of operation of the Directive beyond close of business on December 12, 2025.

दिसंबर 04, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सहकारी बैंकों के लिए कारोबार प्राधिकार संबंधी निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सहकारी बैंकों, अर्थात्, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी), राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) को कारोबार के स्थान, नाम में संशोधन और अनुसूची में नाम शामिल करने की अनुमति से संबंधित कतिपय अनुदेश/ दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपर्युक्त अनुदेशों/ दिशानिर्देशों को सुसंगत बनाने और उन्हें एक ही स्थान पर समेकित करने के उद्देश्य

भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सहकारी बैंकों, अर्थात्, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी), राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) को कारोबार के स्थान, नाम में संशोधन और अनुसूची में नाम शामिल करने की अनुमति से संबंधित कतिपय अनुदेश/ दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपर्युक्त अनुदेशों/ दिशानिर्देशों को सुसंगत बनाने और उन्हें एक ही स्थान पर समेकित करने के उद्देश्य

दिसंबर 04, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऋण संबंधी जानकारी की रिपोर्टिंग निदेश, 2025 को संशोधित करने के लिए संशोधन निदेश जारी किए

वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी

वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी

दिसंबर 02, 2025
“मॉडेल को. ओप. बैंक लि.” को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल करना

““मॉडल को-ऑप. बैंक लि.” को भारतीय रिज़र्व  बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में दिनांक 20 अक्तूबर 2025 की अधिसूचना CO.

““मॉडल को-ऑप. बैंक लि.” को भारतीय रिज़र्व  बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में दिनांक 20 अक्तूबर 2025 की अधिसूचना CO.

दिसंबर 02, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का नाम परिवर्तन कर "उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” करना

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का नाम दिनांक 17 सितंबर 2025 की अधिसूचना CO.DOR.RAUG.No.S4790/07.12.000/2025-2026 के माध्यम से बदलकर “उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” कर दिया गया है, जिसे भारत के राजपत्र (भाग III-खंड 4) में दिनांक 24 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित किया गया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का नाम दिनांक 17 सितंबर 2025 की अधिसूचना CO.DOR.RAUG.No.S4790/07.12.000/2025-2026 के माध्यम से बदलकर “उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” कर दिया गया है, जिसे भारत के राजपत्र (भाग III-खंड 4) में दिनांक 24 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित किया गया है।

दिसंबर 01, 2025
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण - 30 नवंबर 2025 तक की स्थिति

नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –

नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –

नवंबर 21, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – नैशनल मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ - निदेशों को वापस लेना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने नैशनल मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 9 मार्च 2023 के निदेश सं. LKO.DOS.SED.No.S875/10-03-759/2022-23 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 10 दिसंबर 2025 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने नैशनल मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 9 मार्च 2023 के निदेश सं. LKO.DOS.SED.No.S875/10-03-759/2022-23 के माध्यम से छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए। इन निदेशों को समय-समय पर संशोधित किया गया और पिछली बार इसे 10 दिसंबर 2025 को कारोबार समाप्ति तक बढ़ाया गया था।

नवंबर 20, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – शिमशा सहकारा बैंक नियमिथा, मद्दुर, मंड्या जिला – अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने शिमशा सहकारा बैंक नियमिथा, मद्दुर, मंड्या जिला को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 23 फरवरी 2023 के निदेश सं. BLR.DOS.SSMS

भारतीय रिज़र्व बैंक ने शिमशा सहकारा बैंक नियमिथा, मद्दुर, मंड्या जिला को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 23 फरवरी 2023 के निदेश सं. BLR.DOS.SSMS

नवंबर 14, 2025
व्यापार राहत उपाय

ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग

ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग

नवंबर 13, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने इरिंजालकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 30 जुलाई 2025 को इरिंजालकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर सर्व समावेशी निदेश (एआईडी) लागू किए थे। इसके बाद रिज़र्व बैंक ने बैंक के बोर्ड को 12 महीने की अवधि के लिए अधिक्रमित कर दिया और एक प्रशासक तथा सलाहकार समिति (सीओए) की नियुक्ति की, जैसाकि 7 अक्तूबर 2025 की प्रेस प्रकाशनी में घोषित किया गया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 30 जुलाई 2025 को इरिंजालकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर सर्व समावेशी निदेश (एआईडी) लागू किए थे। इसके बाद रिज़र्व बैंक ने बैंक के बोर्ड को 12 महीने की अवधि के लिए अधिक्रमित कर दिया और एक प्रशासक तथा सलाहकार समिति (सीओए) की नियुक्ति की, जैसाकि 7 अक्तूबर 2025 की प्रेस प्रकाशनी में घोषित किया गया है।

नवंबर 07, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – दि पुसाद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुसाद

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 6 नवंबर

जन सामान्य के सूचनार्थ एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उप-धारा (1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 6 नवंबर

नवंबर 07, 2025
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिता, बेंगलुरु, कर्नाटक - अवधि बढ़ाना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 द्वारा श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिता, बेंगलुरु, कर्नाटक को 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 नवंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 2 जनवरी 2020 के निदेश सं. DOS.CO.UCB.BSD-III.D-2/12.23.283/2019-20 द्वारा श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिता, बेंगलुरु, कर्नाटक को 10 जुलाई 2020 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 10 नवंबर 2025 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026

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