प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से परिवारों की मुद्रास्फीति प्रत्याशाओं से संबंधित सर्वेक्षण कराता रहा है। सर्वेक्षण के जनवरी 2025 दौर की शुरुआत की जा रही है। सर्वेक्षण का उद्देश्य 19 शहरों, अर्थात्, अहमदाबाद, बेंगलुरू, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ, चेन्नई, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर,
भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से परिवारों की मुद्रास्फीति प्रत्याशाओं से संबंधित सर्वेक्षण कराता रहा है। सर्वेक्षण के जनवरी 2025 दौर की शुरुआत की जा रही है। सर्वेक्षण का उद्देश्य 19 शहरों, अर्थात्, अहमदाबाद, बेंगलुरू, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ, चेन्नई, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर,
भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (सीसीएस) आयोजित करता रहा है। सर्वेक्षण का जनवरी 2025 दौर शुरू किया जा रहा है। सर्वेक्षण में परिवारों से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार परिदृश्य, मूल्य स्तर, परिवारों की आय और खर्च पर उनके मनोभावों के बारे में गुणात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की जाती है। यह सर्वेक्षण नियमित रूप से 19 शहरों, अर्थात् अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, रायपुर, रांची और तिरुवनंतपुरम में किया जाता है। इस
भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (सीसीएस) आयोजित करता रहा है। सर्वेक्षण का जनवरी 2025 दौर शुरू किया जा रहा है। सर्वेक्षण में परिवारों से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार परिदृश्य, मूल्य स्तर, परिवारों की आय और खर्च पर उनके मनोभावों के बारे में गुणात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की जाती है। यह सर्वेक्षण नियमित रूप से 19 शहरों, अर्थात् अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, रायपुर, रांची और तिरुवनंतपुरम में किया जाता है। इस
आज भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर भारतीय रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर श्रृंखला के अंतर्गत, “भारत के लिए राज्य-स्तरीय मुद्रास्फीति पूर्वानुमान: परिवारों के मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित” शीर्षक से एक वर्किंग पेपर जारी किया है। इस पेपर के सह-लेखक पूर्णिमा शॉ और आर. के. सिन्हा हैं।
आज भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर भारतीय रिज़र्व बैंक वर्किंग पेपर श्रृंखला के अंतर्गत, “भारत के लिए राज्य-स्तरीय मुद्रास्फीति पूर्वानुमान: परिवारों के मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित” शीर्षक से एक वर्किंग पेपर जारी किया है। इस पेपर के सह-लेखक पूर्णिमा शॉ और आर. के. सिन्हा हैं।
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक अपने समसामयिक पत्रों का खंड 45, संख्या 1, 2024 जारी किया, जो उसके स्टाफ-सदस्यों के योगदान द्वारा तैयार की गई एक शोध पत्रिका है। इस अंक में तीन आलेख और तीन पुस्तक समीक्षाएं हैं। आलेख: 1. भारत में परिवार बचत पोर्टफोलियो के निर्धारक: सर्वेक्षण डेटा से साक्ष्य यह शोधपत्र परिवार-विशिष्ट निर्धारकों और समय-परिवर्तनशील समष्टि आर्थिक कारकों, दोनों का अध्ययन करके परिवार की बचत और निवेश व्यवहार का आकलन प्रस्तुत करता है। सीपीएचएस-सीएमआईई के 'एस्पिरेशनल इंडिया' डेटाबेस के आधार पर, मल्टीनोमियल लॉजिट मॉडल पर आधारित अर्थमितीय विश्लेषण से पता चलता है कि पारिवारिक आय में वृद्धि के साथ वित्तीय आस्तियों धारित करना और एक अच्छी तरह से विविध पोर्टफोलियो बनाए रखने की संभावना
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक अपने समसामयिक पत्रों का खंड 45, संख्या 1, 2024 जारी किया, जो उसके स्टाफ-सदस्यों के योगदान द्वारा तैयार की गई एक शोध पत्रिका है। इस अंक में तीन आलेख और तीन पुस्तक समीक्षाएं हैं। आलेख: 1. भारत में परिवार बचत पोर्टफोलियो के निर्धारक: सर्वेक्षण डेटा से साक्ष्य यह शोधपत्र परिवार-विशिष्ट निर्धारकों और समय-परिवर्तनशील समष्टि आर्थिक कारकों, दोनों का अध्ययन करके परिवार की बचत और निवेश व्यवहार का आकलन प्रस्तुत करता है। सीपीएचएस-सीएमआईई के 'एस्पिरेशनल इंडिया' डेटाबेस के आधार पर, मल्टीनोमियल लॉजिट मॉडल पर आधारित अर्थमितीय विश्लेषण से पता चलता है कि पारिवारिक आय में वृद्धि के साथ वित्तीय आस्तियों धारित करना और एक अच्छी तरह से विविध पोर्टफोलियो बनाए रखने की संभावना
आज, रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) का दिसंबर 2024 अंक जारी किया, जो भारतीय वित्तीय प्रणाली की आघात सहनीयता और वित्तीय स्थिरता के जोखिमों पर वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाता है।
आज, रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) का दिसंबर 2024 अंक जारी किया, जो भारतीय वित्तीय प्रणाली की आघात सहनीयता और वित्तीय स्थिरता के जोखिमों पर वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाता है।
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2024 के अंत के लिए भारत की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति से संबंधित आंकड़े जारी किए[1]। सितंबर 2024 के अंत में आईआईपी की मुख्य बातें :
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2024 के अंत के लिए भारत की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति से संबंधित आंकड़े जारी किए[1]। सितंबर 2024 के अंत में आईआईपी की मुख्य बातें :
1. भारतीय रिज़र्व बैंक–देयताएं और आस्तियां* (₹ करोड़) मद 2023 2024 घट-बढ़ 22 दिसंबर 13 दिसंबर 20 दिसंबर सप्ताह वर्ष 1 2 3 4 5 4. ऋण और अग्रिम 4.1 केंद्र सरकार - 0 0 0 0 4.2 राज्य सरकारें 2294 28744 19820 -8924 17526 * * आंकडे अनंतिम हैं; घट-बढ़, यदि कोई है, तो पूर्णांक के कारण है। 2. विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि* मद 20 दिसंबर 2024 तक निम्नलिखित अवधि में घट-बढ़ सप्ताह मार्च 2024 की समाप्ति पर वर्ष ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ 1 2 3 4 5 6 7 8 1 कुल आरक्षित निधि 5478951 644391 -57543 -8478 87695 -2028 320056 23949 1.1 विदेशी मुद्रा आस्तियां# 4732163 556562 -38612 -6014 -29682 -14388 161129 6815 1.2 स्वर्ण 558837 65726 -18295 -2330 119518 13052 164099 18252
1. भारतीय रिज़र्व बैंक–देयताएं और आस्तियां* (₹ करोड़) मद 2023 2024 घट-बढ़ 22 दिसंबर 13 दिसंबर 20 दिसंबर सप्ताह वर्ष 1 2 3 4 5 4. ऋण और अग्रिम 4.1 केंद्र सरकार - 0 0 0 0 4.2 राज्य सरकारें 2294 28744 19820 -8924 17526 * * आंकडे अनंतिम हैं; घट-बढ़, यदि कोई है, तो पूर्णांक के कारण है। 2. विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि* मद 20 दिसंबर 2024 तक निम्नलिखित अवधि में घट-बढ़ सप्ताह मार्च 2024 की समाप्ति पर वर्ष ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ ₹ करोड़ मिलियन अ.$ 1 2 3 4 5 6 7 8 1 कुल आरक्षित निधि 5478951 644391 -57543 -8478 87695 -2028 320056 23949 1.1 विदेशी मुद्रा आस्तियां# 4732163 556562 -38612 -6014 -29682 -14388 161129 6815 1.2 स्वर्ण 558837 65726 -18295 -2330 119518 13052 164099 18252
दूसरी तिमाही अर्थात् जुलाई- सितंबर 2024-25 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्तुत किए गए हैं। 2024-25 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की मुख्य बातें • भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) 2023-24 की दूसरी तिमाही में 11.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) से मामूली रूप से घटकर 2024-25 की दूसरी तिमाही में 11.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.2 प्रतिशत) हो गया।
दूसरी तिमाही अर्थात् जुलाई- सितंबर 2024-25 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्तुत किए गए हैं। 2024-25 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की मुख्य बातें • भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) 2023-24 की दूसरी तिमाही में 11.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) से मामूली रूप से घटकर 2024-25 की दूसरी तिमाही में 11.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.2 प्रतिशत) हो गया।
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 15-दिसंबर-2023 29-नवंबर-2024* 13-दिसंबर -2024* 15-दिसंबर-2023 29-नवंबर-2024* 13-दिसंबर -2024* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 276840.69 273721.88 310793.89 280287.73 278500.30 315564.52** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 192669.26 137597.04 131991.65 192698.15 137620.00 132026.65 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 70471.58 24717.72 24455.24 71176.89 25053.36 24757.03 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 19791556.52 22017465.62 22067717.71 20228380.60 22473474.97 22525565.23
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 15-दिसंबर-2023 29-नवंबर-2024* 13-दिसंबर -2024* 15-दिसंबर-2023 29-नवंबर-2024* 13-दिसंबर -2024* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 276840.69 273721.88 310793.89 280287.73 278500.30 315564.52** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 192669.26 137597.04 131991.65 192698.15 137620.00 132026.65 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 70471.58 24717.72 24455.24 71176.89 25053.36 24757.03 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 19791556.52 22017465.62 22067717.71 20228380.60 22473474.97 22525565.23
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 20 दिसंबर 2024 को समाप्त सप्ताह
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 20 दिसंबर 2024 को समाप्त सप्ताह
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: जनवरी 07, 2026