प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए मुद्रा आपूर्ति पर आंकड़े आज जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए मुद्रा आपूर्ति पर आंकड़े आज जारी किए।
1. भारतीय रिज़र्व बैंक–देयताएं और आस्तियां * (₹करोड़) मद 2024 2025 घट-बढ़ 27 दिसंबर 19 दिसंबर 26 दिसंबर सप्ताह वर्ष 1 2 3 4 5 4. ऋण और अग्रिम 4.1 केंद्र सरकार 0 0 0 0 0 4.2 राज्य सरकारें 21841 32271 23359 -8911 1518 * आंकडे अनंतिम हैं; घट-बढ़, यदि कोई है, तो पूर्णांक के कारण है। 2. विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि * मद 26 दिसंबर 2025
1. भारतीय रिज़र्व बैंक–देयताएं और आस्तियां * (₹करोड़) मद 2024 2025 घट-बढ़ 27 दिसंबर 19 दिसंबर 26 दिसंबर सप्ताह वर्ष 1 2 3 4 5 4. ऋण और अग्रिम 4.1 केंद्र सरकार 0 0 0 0 0 4.2 राज्य सरकारें 21841 32271 23359 -8911 1518 * आंकडे अनंतिम हैं; घट-बढ़, यदि कोई है, तो पूर्णांक के कारण है। 2. विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि * मद 26 दिसंबर 2025
वर्ष 2025 के दिसंबर माह के दौरान प्राप्त अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों को छोड़कर) के ऋण और जमा दर संबंधी आंकड़े तालिका 1 से 7 में दिए गए हैं। मुख्य बातें : ऋण दरें : • एससीबी के नए रुपया ऋणों पर भारित औसत उधार दर (डब्ल्यूएएलआर) नवंबर 2025 में 8.71 प्रतिशत (अक्तूबर 2025 में 8.61 प्रतिशत) पर रही ।
वर्ष 2025 के दिसंबर माह के दौरान प्राप्त अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों को छोड़कर) के ऋण और जमा दर संबंधी आंकड़े तालिका 1 से 7 में दिए गए हैं। मुख्य बातें : ऋण दरें : • एससीबी के नए रुपया ऋणों पर भारित औसत उधार दर (डब्ल्यूएएलआर) नवंबर 2025 में 8.71 प्रतिशत (अक्तूबर 2025 में 8.61 प्रतिशत) पर रही ।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वर्ष 2025-26 के जुलाई-सितंबर के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के भुगतान संतुलन और अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति मैनुअल (बीपीएम6) फार्मेट के अनुसार भारत की अदृश्य मदों पर आंकड़े जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वर्ष 2025-26 के जुलाई-सितंबर के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के भुगतान संतुलन और अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति मैनुअल (बीपीएम6) फार्मेट के अनुसार भारत की अदृश्य मदों पर आंकड़े जारी किए।
नवंबर 2025 के दौरान सेवाओं के निर्यातों और आयातों का मूल्य निम्नलिखित सारणी में दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय सेवा व्यापार (मिलियन अमेरिकी डॉलर) माह प्राप्तियां (निर्यात) भुगतान (आयात) जुलाई – 2025 33,745 (10.5) 17,296 (8.5) अगस्त – 2025 31,196 (2.9) 15,593 (-5.3) सितंबर – 2025 36,680 (12.7) 17,845 (7.9)
नवंबर 2025 के दौरान सेवाओं के निर्यातों और आयातों का मूल्य निम्नलिखित सारणी में दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय सेवा व्यापार (मिलियन अमेरिकी डॉलर) माह प्राप्तियां (निर्यात) भुगतान (आयात) जुलाई – 2025 33,745 (10.5) 17,296 (8.5) अगस्त – 2025 31,196 (2.9) 15,593 (-5.3) सितंबर – 2025 36,680 (12.7) 17,845 (7.9)
भारतीय रिजर्व बैंक नियमित रूप से शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (श.उ.वि.स.) आयोजित करता रहा है। सर्वेक्षण का जनवरी 2026 दौर शुरू किया जा रहा है। सर्वेक्षण में परिवारों से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार परिदृश्य, मूल्य स्तर, परिवारों की आय और व्यय पर उनकी भावनाओं के बारे में गुणात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की जाती
भारतीय रिजर्व बैंक नियमित रूप से शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण (श.उ.वि.स.) आयोजित करता रहा है। सर्वेक्षण का जनवरी 2026 दौर शुरू किया जा रहा है। सर्वेक्षण में परिवारों से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार परिदृश्य, मूल्य स्तर, परिवारों की आय और व्यय पर उनकी भावनाओं के बारे में गुणात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की जाती
भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से मुद्रास्फीति पर घरेलू अपेक्षाओं का सर्वेक्षण (मु.घ.अ.स.) आयोजित करता रहा है। सर्वेक्षण का जनवरी 2026 दौर शुरू किया जा रहा है। सर्वेक्षण का उद्देश्य 19 शहरों, अर्थात् अहमदाबाद, बेंगलुरू, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ, चेन्नई, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, रायपुर, रांची और तिरूवनंतपुरम, में परिवारों का उनके व्यक्तिगत खपत समूह पर आधारित मूल्य गतिविधि और मुद्रास्फीति पर वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कराना है। इस सर्वेक्षण में परिवारों से अगले तीन माह
भारतीय रिज़र्व बैंक नियमित रूप से मुद्रास्फीति पर घरेलू अपेक्षाओं का सर्वेक्षण (मु.घ.अ.स.) आयोजित करता रहा है। सर्वेक्षण का जनवरी 2026 दौर शुरू किया जा रहा है। सर्वेक्षण का उद्देश्य 19 शहरों, अर्थात् अहमदाबाद, बेंगलुरू, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ, चेन्नई, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, रायपुर, रांची और तिरूवनंतपुरम, में परिवारों का उनके व्यक्तिगत खपत समूह पर आधारित मूल्य गतिविधि और मुद्रास्फीति पर वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कराना है। इस सर्वेक्षण में परिवारों से अगले तीन माह
आज, रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2025 के अंत के लिए भारत की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति से संबंधित आंकड़े जारी किए। [1] सितंबर 2025 के अंत में भारत की आईआईपी की मुख्य विशेषताएं: • 2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत पर अनिवासियों के निवल दावों में 38.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई और सितंबर 2025 के अंत में यह 274.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रही। यह भारत में विदेशी स्वामित्व वाली आस्तियों में कमी (29.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर) और तिमाही के दौरान भारतीय निवासियों की विदेशी वित्तीय आस्तियों (8.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर) में वृद्धि का संयुक्त प्रभाव था (तालिका 1)।
आज, रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2025 के अंत के लिए भारत की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति से संबंधित आंकड़े जारी किए। [1] सितंबर 2025 के अंत में भारत की आईआईपी की मुख्य विशेषताएं: • 2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत पर अनिवासियों के निवल दावों में 38.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई और सितंबर 2025 के अंत में यह 274.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रही। यह भारत में विदेशी स्वामित्व वाली आस्तियों में कमी (29.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर) और तिमाही के दौरान भारतीय निवासियों की विदेशी वित्तीय आस्तियों (8.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर) में वृद्धि का संयुक्त प्रभाव था (तालिका 1)।
वर्ष 2025 के नवंबर माह के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एस.सी.बी. के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।
वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर देखें तो, खाद्येतर बैंक ऋण 28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 11.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा , जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े (अर्थात, 29 नवंबर 2024) में यह 10.6 प्रतिशत था ।
वर्ष 2025 के नवंबर माह के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एस.सी.बी. के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।
वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर देखें तो, खाद्येतर बैंक ऋण 28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 11.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा , जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े (अर्थात, 29 नवंबर 2024) में यह 10.6 प्रतिशत था ।
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) का दिसंबर 2025 अंक जारी किया, जो भारतीय वित्तीय प्रणाली की आघात सहनीयता और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिमों पर वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाता है। मुख्य बातें: • वैश्विक अर्थव्यवस्था आघात-सह बनी हुई है, जिसे वित्तीय उपायों, अग्रिम व्यापार और एआई से संबंधित मजबूत निवेश का समर्थन प्राप्त है। तथापि, अभी भी अत्यधिक अनिश्चितता, उच्च सार्वजनिक ऋण और बाजार में अव्यवस्थित करेक्शन के जोखिम के कारण अधोगामी जोखिम बने हुए हैं। • वैश्विक वित्तीय बाजार सतह पर मजबूत प्रतीत होते हैं, लेकिन उनकी अंतर्निहित कमजोरियां बढ़ रही हैं। इक्विटी और अन्य जोखिम युक्त आस्तियों में तेजी से वृद्धि, गैर-बैंक वित्तीय मध्यवर्ती संस्थाएं की बढ़ती भूमिका और बैंकों के साथ उनकी गहन अंतर्संबद्धता, तथा स्टेबलक्वाइन्स की वृद्धि सभी
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) का दिसंबर 2025 अंक जारी किया, जो भारतीय वित्तीय प्रणाली की आघात सहनीयता और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिमों पर वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाता है। मुख्य बातें: • वैश्विक अर्थव्यवस्था आघात-सह बनी हुई है, जिसे वित्तीय उपायों, अग्रिम व्यापार और एआई से संबंधित मजबूत निवेश का समर्थन प्राप्त है। तथापि, अभी भी अत्यधिक अनिश्चितता, उच्च सार्वजनिक ऋण और बाजार में अव्यवस्थित करेक्शन के जोखिम के कारण अधोगामी जोखिम बने हुए हैं। • वैश्विक वित्तीय बाजार सतह पर मजबूत प्रतीत होते हैं, लेकिन उनकी अंतर्निहित कमजोरियां बढ़ रही हैं। इक्विटी और अन्य जोखिम युक्त आस्तियों में तेजी से वृद्धि, गैर-बैंक वित्तीय मध्यवर्ती संस्थाएं की बढ़ती भूमिका और बैंकों के साथ उनकी गहन अंतर्संबद्धता, तथा स्टेबलक्वाइन्स की वृद्धि सभी
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: जनवरी 08, 2026