भारत सरकार अपनी देयता प्रोफाइल को सुचारू बनाने के उद्देश्य से तथा बाजार की गतिविधियों के लिए बाजार सहभागियों के साथ-साथ भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ भी रूपांतरण/स्विच परिचालन करता रहा है। इन परिचालनों के भाग के रूप में, सरकार ने दिनांक 12 फरवरी 2026 (दिनांक 13 फरवरी 2026 को निपटान) को रिज़र्व बैंक के साथ रूपांतरण/स्विच लेनदेन किया। लेन-देन में सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 में परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियों को
सॉवरेन स्वर्ण बॉण्ड (एसजीबी) योजना पर भारत सरकार की दिनांक 30 मई 2019 की अधिसूचना एफ.सं. 4(7)–बी(डब्ल्यूएंडएम)/2019 (एसजीबी 2019-20 शृंखला III - जारी करने की तारीख 14 अगस्त 2019) के अनुसार, स्वर्ण बॉण्ड के जारी होने की तारीख, जिस तारीख से ब्याज देय है, से पांच वर्ष के बाद उस स्वर्ण बॉण्ड के समय-पूर्व मोचन की अनुमति दी जा सकती है। तद्नुसार, उपरोक्त शृंखला के समय-पूर्व मोचन की अगली देय तिथि 13 फरवरी 2026 (14 फरवरी 2026 को अवकाश होने के कारण) होगी।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, दि बरहामपुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, ओडिशा (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध - शहरी सहकारी बैंक’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2 लाख (दो लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, राजस्थान (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक देश भर में भुगतान के डिजिटलीकरण की सीमा का पता लगाने के लिए मार्च 2018 को आधार मानकर 1 जनवरी 2021 से एक समग्र भारतीय रिज़र्व बैंक - डिजिटल भुगतान सूचकांक (आरबीआई-डीपीआई) प्रकाशित कर रहा है। सितंबर 2025 के लिए सूचकांक 516.76 रहा, जबकि मार्च 2025 के लिए यह 493.22 था, जिसकी घोषणा 28 जुलाई 2025 को की गई थी।
भारत सरकार ने 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को आयोजित की जाने वाली नीलामी के माध्यम से निम्नलिखित विवरण के अनुसार सरकारी प्रतिभूति की बिक्री (निर्गम/पुनर्निर्गम) की घोषणा की है। दिनांक 14 नवंबर 2007 को अधिसूचित वर्तमान हामीदारी वचनबद्धता योजना के अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक व्यापारी (पीडी) के लिए लागू न्यूनतम हामीदारी वचनबद्धता (एमयूसी)
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, यह घोषणा की थी कि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों संबंधी दिशा-निर्देशों को समेकित करते हुए, केसीसी पर संशोधित दिशा-निर्देशों को जारी करने का प्रस्ताव है, ताकि कवरेज का विस्तार, परिचालनगत पहलुओं का सुव्यवस्थापन और आगामी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। तदनुसार, निम्नलिखित मसौदा निदेशों पर जनसामान्य से अभिमत आमंत्रित किए जा रहे हैं।
(Amount in ₹ Crore, Rate in Per cent) MONEY MARKETS@ Volume (One Leg) Weighted Average Rate Range A. Overnight Segment (I+II+III+IV) 6,71,890.43 4.68 3.80-5.85 I. Call Money 13,945.12 5.03 4.40-5.10 II. Triparty Repo 4,85,867.80 4.66 4.45-5.00 III. Market Repo 1,65,788.61 4.67 3.80-5.10 IV. Repo in Corporate Bond 6,288.90 4.81 4.65-5.85 B. Term Segment I. Notice Money** 633.60 5.05 4.65-5.10
सॉवरेन स्वर्ण बॉण्ड (एसजीबी) योजना संबंधी भारत सरकार की दिनांक 08 अक्तूबर 2018 की अधिसूचना एफ.सं. 4(22)–बी(डब्ल्यूएंडएम)/2018 (एसजीबी 2018-19 शृंखला VI - जारी करने की तारीख 12 फरवरी 2019) के अनुसार, स्वर्ण बॉण्ड के जारी होने की तारीख, जिस तारीख से ब्याज देय है, से पांच वर्ष के बाद उस स्वर्ण बॉण्ड के समय-पूर्व मोचन की अनुमति दी जा सकती है। तद्नुसार, उपरोक्त शृंखला के समय-पूर्व मोचन की अगली देय तिथि 12 फरवरी 2026 होगी।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026