प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड – परलाखेमुंडी, ओडिशा (बैंक) पर आरबीआई द्वारा द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ़)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और आरबीआई द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों की सदस्यता’ संबंधी कुछ निदेशों के अननुपालन के लिए ₹13,000/- (तेरह हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 9 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड – परलाखेमुंडी, ओडिशा (बैंक) पर आरबीआई द्वारा द्वारा ‘पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचा (एसएएफ़)’ के अंतर्गत जारी विशिष्ट निदेशों और आरबीआई द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों की सदस्यता’ संबंधी कुछ निदेशों के अननुपालन के लिए ₹13,000/- (तेरह हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 4 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, यवतमाल, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘संकेंद्रण जोखिम प्रबंधन’, ‘इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं का निरूपण’ तथा ‘साख सूचना रिपोर्टिंग’ से संबंधित कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.25 लाख (दो लाख पच्चीस हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) तथा प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 4 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, यवतमाल, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘संकेंद्रण जोखिम प्रबंधन’, ‘इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं का निरूपण’ तथा ‘साख सूचना रिपोर्टिंग’ से संबंधित कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹2.25 लाख (दो लाख पच्चीस हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) तथा प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि असम को-ऑपरेटिव अपेक्स बैंक लिमिटेड, गुवाहाटी (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है’। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि असम को-ऑपरेटिव अपेक्स बैंक लिमिटेड, गुवाहाटी (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है’। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 5 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि पट्टुकोट्टई को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन और आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध – शहरी सहकारी बैंक' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.50 लाख (एक लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 5 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा दि पट्टुकोट्टई को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 17 के प्रावधानों के उल्लंघन और आरबीआई द्वारा जारी 'एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध – शहरी सहकारी बैंक' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1.50 लाख (एक लाख पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा बंसल क्रेडिट्स लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹6.20 लाख (छह लाख बीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा बंसल क्रेडिट्स लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) निदेश के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹6.20 लाख (छह लाख बीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कीर्तना फिनसर्व लिमिटेड (पूर्ववर्ती कीर्तना फिन्सर्व प्राइवेट लिमिटेड) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अभिशासन मुद्दे संबंधी कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 2 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा कीर्तना फिनसर्व लिमिटेड (पूर्ववर्ती कीर्तना फिन्सर्व प्राइवेट लिमिटेड) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अभिशासन मुद्दे संबंधी कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जम्मू एण्ड कश्मीर बैंक लिमिटेड (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आंतरिक ओम्बड्समैन योजना 2018’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹99.30 लाख (निन्यानबे लाख तीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा जम्मू एण्ड कश्मीर बैंक लिमिटेड (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 26ए के प्रावधानों के उल्लंघन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘आंतरिक ओम्बड्समैन योजना 2018’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹99.30 लाख (निन्यानबे लाख तीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 3 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा ट्रूहोम फाइनेंस लिमिटेड (पहले श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)) निदेश’ के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹3,10,000/- (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 3 दिसंबर 2025 के आदेश द्वारा ट्रूहोम फाइनेंस लिमिटेड (पहले श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)) निदेश’ के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹3,10,000/- (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कल्लिडैकुरिची को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता के लिए विवेकपूर्ण मानदंड-'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' संबंधी संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कल्लिडैकुरिची को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता के लिए विवेकपूर्ण मानदंड-'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' संबंधी संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 27 नवंबर के आदेश द्वारा दि अर्नी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’, ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ तथा ‘स्वर्ण ऋण – एकबारगी पुनर्भुगतान – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 27 नवंबर के आदेश द्वारा दि अर्नी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’, ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ तथा ‘स्वर्ण ऋण – एकबारगी पुनर्भुगतान – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026