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जनवरी 30, 2026
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Scheduled Banks’ Statement of Position in India as on January 15, 2025

(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs,SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 10-Jan-2025# 31-Dec-2025 15-Jan-2026 10-Jan-2025# 31-Dec-2025 15-Jan-2026 I LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 271703.78 340111.14 334594.98 276454.35 347493.56 342296.21** b) Borrowings from banks 143463.79 84009.60 80440.83 143532.02 84135.04 80507.15 c) Other demand & time 

(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs,SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 10-Jan-2025# 31-Dec-2025 15-Jan-2026 10-Jan-2025# 31-Dec-2025 15-Jan-2026 I LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 271703.78 340111.14 334594.98 276454.35 347493.56 342296.21** b) Borrowings from banks 143463.79 84009.60 80440.83 143532.02 84135.04 80507.15 c) Other demand & time 

जनवरी 27, 2026
प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।

जनवरी 14, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने नेट ओपन पोजिशन- संशोधित अनुदेश संबंधी संशोधन निदेशों के मसौदे पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की

कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026

कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026

जनवरी 14, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को 'सैद्धांतिक' मंजूरी दी

भारतीय रिज़र्व बैंक ने, भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी बैंकों द्वारा पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्थाओं की स्थापना) दिशानिर्देश, 2025 के अंतर्गत, सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी देने का निर्णय लिया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने, भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी बैंकों द्वारा पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्थाओं की स्थापना) दिशानिर्देश, 2025 के अंतर्गत, सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी देने का निर्णय लिया है।

जनवरी 14, 2026
दिनांक 31 दिसंबर 2025 तक भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण

(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291575.28 308549.36 337365.07 296174.25 315719.18 344747.49** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 138334.17 83821.58 84013.30 138393.41 83903.92 84138.74 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 26605.84 34245.87 32844.28 26928.62 34761.43 33323.55

(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291575.28 308549.36 337365.07 296174.25 315719.18 344747.49** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 138334.17 83821.58 84013.30 138393.41 83903.92 84138.74 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 26605.84 34245.87 32844.28 26928.62 34761.43 33323.55

जनवरी 12, 2026
पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन

भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया

भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया

जनवरी 06, 2026
आरबीआई ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (लाभांश और लाभ के विप्रेषण पर विवेकपूर्ण मानदंड) निदेश, 2026" के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की"

रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के

रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के

जनवरी 06, 2026
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए पर्यवेक्षी डेटा गुणवत्ता सूचकांक (सितंबर 2025)

The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.

The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.

जनवरी 05, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं द्वारा संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025

जनवरी 01, 2026
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण - 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति

क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)

क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: जनवरी 30, 2026

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