(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 0.00 - - I. मांग मुद्रा 0.00 - - II. ट्राइपार्टी रेपो 0.00 - - III. बाज़ार रेपो 0.00 - - IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - - ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 0.00 - -
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज दिसंबर 2025 माह के लिए स्वचालित मार्ग और अनुमोदन मार्ग दोनों के अंतर्गत समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश पर आंकड़े जारी किए है।
निम्नलिखित सरकारी प्रतिभूति की अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी हामीदारी (एसीयू) के लिए 16 जनवरी 2026 को आयोजित हामीदारी नीलामी में भारतीय रिज़र्व बैंक ने प्राथमिक व्यापारियों को देय हामीदारी कमीशन के लिए कट-ऑफ दर निम्नानुसार निर्धारित की है:
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,75,587.11 5.31 0.01-5.98 I. मांग मुद्रा 16,343.12 5.39 4.60-5.50 II. ट्राइपार्टी रेपो 4,64,481.15 5.29 5.21-5.50 III. बाज़ार रेपो 1,90,595.44 5.34 0.01-5.60 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 4,167.40 5.47 5.40-5.98 ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 529.42 5.40 4.90-5.45 II. मीयादी मुद्रा@@ 620.00 - 5.70-5.85 III. ट्राइपार्टी रेपो 4,266.00 5.44 5.20-5.60 IV. बाज़ार रेपो 9,564.45 5.40 2.25-5.50 V. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - -
सॉवरेन स्वर्ण बॉण्ड (एसजीबी) योजना पर भारत सरकार की दिनांक 30 मई 2019 की अधिसूचना एफ.सं.4(7)–बी(डब्ल्यूएंडएम)/2019 (एसजीबी 2019-20 शृंखला II - जारी करने की तारीख 16 जुलाई 2019) के अनुसार, स्वर्ण बॉण्ड के जारी होने की तारीख, जिस तारीख से ब्याज देय है, से पांच वर्ष के बाद उस स्वर्ण बॉण्ड के समय-पूर्व मोचन की अनुमति दी जा सकती है। तद्नुसार, उपरोक्त शृंखला के समय-पूर्व मोचन की देय तिथि 16 जनवरी 2026 होगी।
दिनांक 23 दिसंबर 2025 की प्रेस प्रकाशनी 2025-26/1759 के माध्यम से घोषित किए अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक 22 जनवरी 2026 को ₹50,000 करोड़ की समग्र राशि के लिए ओएमओ खरीद आयोजित करेगा। 2. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक एकाधिक मूल्य पद्धति का उपयोग करते हुए बहु-प्रतिभूति नीलामी के माध्यम से निम्नलिखित सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा: क्र. सं आईएसआईएन प्रतिभूति परिपक्वता की तारीख समग्र राशि 1 IN0020220011 7.10% जीएस 2029 18- अप्रैल-2029 ₹50,000 करोड़ (प्रतिभूति-वार कोई राशि अधिसूचित नहीं की गई है)
भारतीय विदेशी मुद्रा व्यापारी संघ (एफईडीएआई) ने एसआरओ के रूप में मान्यता हेतु दिनांक 21 मार्च 2024 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से जारी भारतीय रिज़र्व बैंक की विनियमित संस्थाओं के लिए स्व-विनियामक संगठनों (एसआरओ) की मान्यता के लिए बहुप्रयोजन ढांचा के अंतर्गत एक आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन की जांच करने के बाद और इस तथ्य पर विचार करने के बाद कि एफ़ईडीएआई अपने सदस्यों के क्रियाकलापों को नियंत्रित करने वाले नियमों के माध्यम से एसआरओ के समान कार्य कर रहा है, यह निर्णय लिया गया है कि सभी प्राधिकृत व्यापारियों के लिए एफ़ईडीएआई को एसआरओ के रूप में मान्यता दी जाए।
कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी बैंकों द्वारा पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्थाओं की स्थापना) दिशानिर्देश, 2025 के अंतर्गत, सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने जनवरी-मार्च 2026 की संदर्भ अवधि के लिए त्रैमासिक सेवाएं और आधारभूत संरचना परिदृश्य सर्वेक्षण (एसआईओएस) के 48वें दौर की शुरुआत की है। यह सर्वेक्षण मांग स्थितियों, वित्तीय स्थितियों, रोजगार स्थितियों तथा मूल्य स्थिति से संबंधित संकेतकों के समूह पर गुणवत्तापूर्ण प्रत्युत्तरों के आधार पर भारत में सेवाएं और आधारभूत संरचना क्षेत्र की चुनिंदा कंपनियों की वर्तमान तिमाही (2025-26 की चौथी तिमाही) के लिए कारोबारी स्थिति तथा आगामी तिमाही (2026-27 की पहली तिमाही) के लिए उनकी प्रत्याशा का आकलन करता है। इसमें बाद की दो तिमाहियों (2026-27 की दूसरी तिमाही और 2026-27 की तीसरी तिमाही) के लिए प्रमुख मापदंडों से संबंधित परिदृश्य को भी शामिल किया गया है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026