अधिसूचनाएं
आरबीआई/2025-26/222 केंका.विबाविवि.एमआईओडी.सं.8 / 11.01.057 / 2025-26 18 फरवरी, 2026 सभी पात्र बाजार प्रतिभागी महोदया/महोदय, ओटीसी डेरिवेटिव लेनदेन के लिए विशिष्ट लेनदेन अभिज्ञापक विशिष्ट लेनदेन अभिज्ञापक (यूटीआई) की संकल्पना, ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) डेरिवेटिव लेनदेन की रिपोर्टिंग करने के लिए विश्व स्तर पर चिन्हित प्रमुख डेटा तत्वों में से एक के रूप में की गई है ताकि नीति निर्माताओं को ओटीसी डेरिवेटिव बाजार के संबंध में व्यापक दृष्टिकोण मिल सके।
आरबीआई/2025-26/222 केंका.विबाविवि.एमआईओडी.सं.8 / 11.01.057 / 2025-26 18 फरवरी, 2026 सभी पात्र बाजार प्रतिभागी महोदया/महोदय, ओटीसी डेरिवेटिव लेनदेन के लिए विशिष्ट लेनदेन अभिज्ञापक विशिष्ट लेनदेन अभिज्ञापक (यूटीआई) की संकल्पना, ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) डेरिवेटिव लेनदेन की रिपोर्टिंग करने के लिए विश्व स्तर पर चिन्हित प्रमुख डेटा तत्वों में से एक के रूप में की गई है ताकि नीति निर्माताओं को ओटीसी डेरिवेटिव बाजार के संबंध में व्यापक दृष्टिकोण मिल सके।
आरबीआई/2025-26/205 ए.पी. (डीआईआर शृंखला) परिपत्र सं. 21 06 फरवरी 2026 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया/महोदय स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग - पूर्वानुमेयता प्रदान करना और व्यवसाय सुगमता बढ़ाना कृपया ऋण लिखतों में एफपीआई निवेश के लिए स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (वीआरआर) पर दिनांक 06 फरवरी, 2026 के 2025-26 के लिए द्वि-मासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के एक भाग के रूप में घोषित विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के पैराग्राफ 15 का संदर्भ लें। इस संबंध में प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 (अधिसूचना सं फेमा.396/2019-आरबी दिनांक 17 अक्टूबर, 2019) की अनुसूची-1 एवं मास्टर निदेश-भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण लिखतों में अनिवासी निवेश) निदेश, 2025 (एफएमआरडी. एफएमडी.सं.10/14.01.006/2024-25 दिनांक 07 जनवरी 2025) की ओर आकृष्ट किया जाता है।
आरबीआई/2025-26/205 ए.पी. (डीआईआर शृंखला) परिपत्र सं. 21 06 फरवरी 2026 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया/महोदय स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग - पूर्वानुमेयता प्रदान करना और व्यवसाय सुगमता बढ़ाना कृपया ऋण लिखतों में एफपीआई निवेश के लिए स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (वीआरआर) पर दिनांक 06 फरवरी, 2026 के 2025-26 के लिए द्वि-मासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के एक भाग के रूप में घोषित विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के पैराग्राफ 15 का संदर्भ लें। इस संबंध में प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 (अधिसूचना सं फेमा.396/2019-आरबी दिनांक 17 अक्टूबर, 2019) की अनुसूची-1 एवं मास्टर निदेश-भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण लिखतों में अनिवासी निवेश) निदेश, 2025 (एफएमआरडी. एफएमडी.सं.10/14.01.006/2024-25 दिनांक 07 जनवरी 2025) की ओर आकृष्ट किया जाता है।
आरबीआई / 2025-26 / 133 संदर्भ सं. मौनीवि.बीसी. 401/07.01.279/ 2025-26 5 दिसम्बर, 2025 सभी प्राथमिक व्यापारी, प्राथमिक व्यापारियों के लिए स्थायी चलनिधि सुविधा
आरबीआई / 2025-26 / 133 संदर्भ सं. मौनीवि.बीसी. 401/07.01.279/ 2025-26 5 दिसम्बर, 2025 सभी प्राथमिक व्यापारी, प्राथमिक व्यापारियों के लिए स्थायी चलनिधि सुविधा
आरबीआई/2025-26/132 एफएमओडी.एमएओजी.सं.153/01.01.001/2025-26 05 दिसंबर, 2025 सभी चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) प्रतिभागी महोदया/ महोदय, चलनिधि समायोजन सुविधा- दरों में परिवर्तन जैसा कि 05 दिसंबर 2025 के मौद्रिक नीति वक्तव्य में आज घोषित किया गया है, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अंतर्गत नीतिगत रेपो दर को तत्काल प्रभाव से 5.50 प्रतिशत से 25 आधार अंक कम करके 5.25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।
आरबीआई/2025-26/132 एफएमओडी.एमएओजी.सं.153/01.01.001/2025-26 05 दिसंबर, 2025 सभी चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) प्रतिभागी महोदया/ महोदय, चलनिधि समायोजन सुविधा- दरों में परिवर्तन जैसा कि 05 दिसंबर 2025 के मौद्रिक नीति वक्तव्य में आज घोषित किया गया है, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अंतर्गत नीतिगत रेपो दर को तत्काल प्रभाव से 5.50 प्रतिशत से 25 आधार अंक कम करके 5.25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।
सं.फेमा.396(4)/2025-आरबी. — विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (2) के खंड (ए) और धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 (अधिसूचना सं फेमा.396/2019-आरबी दिनांक 17 अक्टूबर, 2019) (इसके पश्चात इसे 'मूल विनियमावली' कहा गया है) में निम्नानुसार संशोधन करता है, अर्थात्: – 1. लघु शीर्षक और प्रवर्तन
सं.फेमा.396(4)/2025-आरबी. — विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (2) के खंड (ए) और धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंधन (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 (अधिसूचना सं फेमा.396/2019-आरबी दिनांक 17 अक्टूबर, 2019) (इसके पश्चात इसे 'मूल विनियमावली' कहा गया है) में निम्नानुसार संशोधन करता है, अर्थात्: – 1. लघु शीर्षक और प्रवर्तन
आरबीआई/2025-26/78 एपी (डीआईआर शृंखला) परिपत्र सं.10 22 सितंबर, 2025 सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, गैर-प्रदेय रुपया व्युत्पन्नी बाजारों में एकल प्राथमिक व्यापारियों की सहभागिता प्राधिकृत व्यक्तियों का ध्यान समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 3 मई, 2000 के विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी संविदा) विनियम, 2000 [दिनांक 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 25/आरबी-2000] और समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 05 जुलाई, 2016 के मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंध एवं अंतर-बैंक
आरबीआई/2025-26/78 एपी (डीआईआर शृंखला) परिपत्र सं.10 22 सितंबर, 2025 सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, गैर-प्रदेय रुपया व्युत्पन्नी बाजारों में एकल प्राथमिक व्यापारियों की सहभागिता प्राधिकृत व्यक्तियों का ध्यान समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 3 मई, 2000 के विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा व्युत्पन्नी संविदा) विनियम, 2000 [दिनांक 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 25/आरबी-2000] और समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 05 जुलाई, 2016 के मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंध एवं अंतर-बैंक
आरबीआई/2025-26/72 ए.पी. (डीआइआर शृंखला) परिपत्र सं. 09 12 अगस्त, 2025 सभी प्राधिकृत डीलर श्रेणी-I बैंक महोदया/महोदय, विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते के माध्यम से भारत के बाहर निवासी व्यक्तियों द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश प्राधिकृत डीलर श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान दिनांक 17 अक्तूबर 2019 की अधिसूचना सं. फेमा.396/2019-आरबी के द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 की अनुसूची-1, दिनांक 01 अप्रैल 2016 के समय
आरबीआई/2025-26/72 ए.पी. (डीआइआर शृंखला) परिपत्र सं. 09 12 अगस्त, 2025 सभी प्राधिकृत डीलर श्रेणी-I बैंक महोदया/महोदय, विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते के माध्यम से भारत के बाहर निवासी व्यक्तियों द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश प्राधिकृत डीलर श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान दिनांक 17 अक्तूबर 2019 की अधिसूचना सं. फेमा.396/2019-आरबी के द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 की अनुसूची-1, दिनांक 01 अप्रैल 2016 के समय
आरबीआई / 2025-26 / 43 संदर्भ सं. मौनीवि.बीसी. 400/07.01.279/ 2025-26 6 जून, 2025 सभी प्राथमिक व्यापारी, प्राथमिक व्यापारियों के लिए स्थायी चलनिधि सुविधा
आरबीआई / 2025-26 / 43 संदर्भ सं. मौनीवि.बीसी. 400/07.01.279/ 2025-26 6 जून, 2025 सभी प्राथमिक व्यापारी, प्राथमिक व्यापारियों के लिए स्थायी चलनिधि सुविधा
आरबीआई/2025-26/42 एफएमओडी.एमएओजी.सं.152/01.01.001/2025-26 06 जून, 2025 सभी चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) प्रतिभागी महोदया/ महोदय, चलनिधि समायोजन सुविधा- दरों में परिवर्तन
आरबीआई/2025-26/42 एफएमओडी.एमएओजी.सं.152/01.01.001/2025-26 06 जून, 2025 सभी चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) प्रतिभागी महोदया/ महोदय, चलनिधि समायोजन सुविधा- दरों में परिवर्तन
आरबीआई/2025-26/35 विबाविवि.एफएमडी.सं.01/14.01.006/2025-26 08 मई, 2025 सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, प्रिय महोदय, सामान्य मार्ग के माध्यम से कॉर्पोरेट ऋण प्रतिभूतियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा निवेश – छूट प्राधिकृत डीलर श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान दिनांक 17 अक्टूबर 2019 की अधिसूचना सं. फेमा.396/2019-आरबी द्वारा अधिसूचित समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 और दिनांक 07 जनवरी 2025 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण लिखतों में अनिवासी निवेश) निदेश, 2025 [इसके बाद, 'मास्टर निदेश'] की ओर आकर्षित किया जाता है। 2. वर्तमान में, सामान्य मार्ग के माध्यम से कॉर्पोरेट ऋण प्रतिभूतियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा निवेश, मास्टर निदेश के पैराग्राफ
आरबीआई/2025-26/35 विबाविवि.एफएमडी.सं.01/14.01.006/2025-26 08 मई, 2025 सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, प्रिय महोदय, सामान्य मार्ग के माध्यम से कॉर्पोरेट ऋण प्रतिभूतियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा निवेश – छूट प्राधिकृत डीलर श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान दिनांक 17 अक्टूबर 2019 की अधिसूचना सं. फेमा.396/2019-आरबी द्वारा अधिसूचित समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 और दिनांक 07 जनवरी 2025 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण लिखतों में अनिवासी निवेश) निदेश, 2025 [इसके बाद, 'मास्टर निदेश'] की ओर आकर्षित किया जाता है। 2. वर्तमान में, सामान्य मार्ग के माध्यम से कॉर्पोरेट ऋण प्रतिभूतियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा निवेश, मास्टर निदेश के पैराग्राफ
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 28, 2026