प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 19 सितंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए मुद्रा आपूर्ति पर आंकड़े आज जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 19 सितंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए मुद्रा आपूर्ति पर आंकड़े आज जारी किए।
अवधि 2- दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 1,00,000
अवधि 2- दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 1,00,000
यह वक्तव्य (i) विनियमन; (ii) विदेशी मुद्रा प्रबंधन; (iii) उपभोक्ता संरक्षण और (iv) वित्तीय बाजारों से संबंधित विभिन्न विकासात्मक और विनियामक नीति उपायों को निर्धारित करता है।
- विनियमन
- प्रावधानीकरण के लिए अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) ढांचा
बैंकिंग क्षेत्र की आघात-सहनीयता को मज़बूत करने के उद्देश्य से, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (लघु वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और अखिल
यह वक्तव्य (i) विनियमन; (ii) विदेशी मुद्रा प्रबंधन; (iii) उपभोक्ता संरक्षण और (iv) वित्तीय बाजारों से संबंधित विभिन्न विकासात्मक और विनियामक नीति उपायों को निर्धारित करता है।
- विनियमन
- प्रावधानीकरण के लिए अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) ढांचा
बैंकिंग क्षेत्र की आघात-सहनीयता को मज़बूत करने के उद्देश्य से, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (लघु वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और अखिल
नमस्कार। नवरात्रि के अंतिम दिन की अनेकानेक बधाई, एवं कल दशहरा और गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। 2. अगस्त में आयोजित नीति की बैठक के बाद से, तेज़ी से बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बीच घरेलू स्तर पर हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों ने भारत में संवृद्धि-मुद्रास्फीति की गतिशीलता की कहानी बदल दी है। अच्छे मानसून से उत्साहित, भारतीय अर्थव्यवस्था 2025-26 की पहली तिमाही में उच्च वृद्धि दर्ज करके मज़बूती का प्रदर्शन जारी रखे हुए है। साथ ही, हेडलाइन मुद्रास्फीति में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को युक्तिसंगत बनाने से मुद्रास्फीति पर नरमी का प्रभाव पड़ने की संभावना है, साथ ही उपभोग और संवृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। दूसरी ओर, टैरिफ़ से निर्यात में कमी आएगी।
नमस्कार। नवरात्रि के अंतिम दिन की अनेकानेक बधाई, एवं कल दशहरा और गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। 2. अगस्त में आयोजित नीति की बैठक के बाद से, तेज़ी से बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बीच घरेलू स्तर पर हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों ने भारत में संवृद्धि-मुद्रास्फीति की गतिशीलता की कहानी बदल दी है। अच्छे मानसून से उत्साहित, भारतीय अर्थव्यवस्था 2025-26 की पहली तिमाही में उच्च वृद्धि दर्ज करके मज़बूती का प्रदर्शन जारी रखे हुए है। साथ ही, हेडलाइन मुद्रास्फीति में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को युक्तिसंगत बनाने से मुद्रास्फीति पर नरमी का प्रभाव पड़ने की संभावना है, साथ ही उपभोग और संवृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। दूसरी ओर, टैरिफ़ से निर्यात में कमी आएगी।
मौद्रिक नीति निर्णय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 57वीं बैठक 29 सितंबर से 1 अक्तूबर 2025 तक श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। एमपीसी के सदस्य डॉ. नागेश कुमार, श्री सौगत भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता और श्री इन्द्रनील भट्टाचार्य बैठक में शामिल हुए। 2. उभरते समष्टि आर्थिक और वित्तीय घटनाक्रमों तथा संभावना का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद, एमपीसी ने सर्वसम्मति से चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अंतर्गत नीतिगत रेपो दर को 5.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया; परिणामस्वरूप, स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) दर 5.25 प्रतिशत पर बनी रहेगी, जबकि सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर 5.75 प्रतिशत पर बनी
मौद्रिक नीति निर्णय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 57वीं बैठक 29 सितंबर से 1 अक्तूबर 2025 तक श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। एमपीसी के सदस्य डॉ. नागेश कुमार, श्री सौगत भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता और श्री इन्द्रनील भट्टाचार्य बैठक में शामिल हुए। 2. उभरते समष्टि आर्थिक और वित्तीय घटनाक्रमों तथा संभावना का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद, एमपीसी ने सर्वसम्मति से चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अंतर्गत नीतिगत रेपो दर को 5.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया; परिणामस्वरूप, स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) दर 5.25 प्रतिशत पर बनी रहेगी, जबकि सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर 5.75 प्रतिशत पर बनी
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 26 सितंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के लिए आरक्षित मुद्रा पर आंकड़े आज जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 26 सितंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के लिए आरक्षित मुद्रा पर आंकड़े आज जारी किए।
चलनिधि प्रबंधन ढांचे की समीक्षा के लिए आंतरिक कार्य समूह (आईडब्ल्यूजी) की रिपोर्ट 6 अगस्त 2025 को आरबीआई की वेबसाइट पर जारी की गई थी और इस पर हितधारकों और जन सामान्य से 29 अगस्त 2025 तक टिप्पणियां आमंत्रित की गई थीं। रिज़र्व बैंक को विभिन्न हितधारकों से टिप्पणियां प्राप्त हुई हैं। 2. आईडब्ल्यूजी की अनुशंसा के
चलनिधि प्रबंधन ढांचे की समीक्षा के लिए आंतरिक कार्य समूह (आईडब्ल्यूजी) की रिपोर्ट 6 अगस्त 2025 को आरबीआई की वेबसाइट पर जारी की गई थी और इस पर हितधारकों और जन सामान्य से 29 अगस्त 2025 तक टिप्पणियां आमंत्रित की गई थीं। रिज़र्व बैंक को विभिन्न हितधारकों से टिप्पणियां प्राप्त हुई हैं। 2. आईडब्ल्यूजी की अनुशंसा के
30 सितंबर 2025 को आयोजित एक-दिवसीय परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी का परिणाम अवधि 1-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 2,00,000 प्राप्त बोलियों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 85,197 आबंटित राशि (₹ करोड़ में) 85,197
30 सितंबर 2025 को आयोजित एक-दिवसीय परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी का परिणाम अवधि 1-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 2,00,000 प्राप्त बोलियों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 85,197 आबंटित राशि (₹ करोड़ में) 85,197
भारतीय रिज़र्व बैंक 30 सितंबर 2025 को चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ़) के अंतर्गत एक-दिवसीय परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी आयोजित करेगा वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, 30 सितंबर 2025, मंगलवार को निम्नानुसार परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक 30 सितंबर 2025 को चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ़) के अंतर्गत एक-दिवसीय परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी आयोजित करेगा वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, 30 सितंबर 2025, मंगलवार को निम्नानुसार परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है:
26 सितंबर 2025 को आयोजित 4-दिवसीय परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी का परिणाम
26 सितंबर 2025 को आयोजित 4-दिवसीय परिवर्ती दर रेपो (वीआरआर) नीलामी का परिणाम
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026