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भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट
मास्टर परिपत्र
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र-धोखाधड़ी-गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में धोखाधड़ी निरोधक निगरानी के लिए भावी दृष्टिकोण
भारिबैं/2009-10/7 गैबैंपवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.149/03.10.042/2009-10 1 जुलाई 2009 जमाराशियाँ स्वीकारने वाली सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनियों सहित) प्रिय महोदय, मास्टर परिपत्र-धोखाधड़ी-गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में धोखाधड़ी निरोधक निगरानी के लिए भावी दृष्टिकोण आपको ज्ञात होगा कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने मास्टर परिपत्र सं.121 जारी किया था,उसे अब 30 जून, 2009 तक अद्यतन कर द
भारिबैं/2009-10/7 गैबैंपवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.149/03.10.042/2009-10 1 जुलाई 2009 जमाराशियाँ स्वीकारने वाली सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनियों सहित) प्रिय महोदय, मास्टर परिपत्र-धोखाधड़ी-गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में धोखाधड़ी निरोधक निगरानी के लिए भावी दृष्टिकोण आपको ज्ञात होगा कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने मास्टर परिपत्र सं.121 जारी किया था,उसे अब 30 जून, 2009 तक अद्यतन कर द
जुलाई 01, 2009
सितंबर 2009 तक सभी शेष स्वच्छकारों और उनके आश्रितों के पुनर्वास हेतु सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय की नई "मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना" (एसआरएमएस) पर मास्टर परिपत्र
आरबीआइ /2009-10/34 ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.सं. 6 /09.03.01/2009-10 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष /प्रबंध निदेशकसार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय, सितंबर 2009 तक सभी शेष स्वच्छकारों और उनके आश्रितों के पुनर्वास हेतु सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय की नई "मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना" (एसआरएमएस) पर मास्टर परिपत्र भारतीय रिज़र्व बैंक ने पहले नई मेला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजन
आरबीआइ /2009-10/34 ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.सं. 6 /09.03.01/2009-10 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष /प्रबंध निदेशकसार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय, सितंबर 2009 तक सभी शेष स्वच्छकारों और उनके आश्रितों के पुनर्वास हेतु सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय की नई "मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना" (एसआरएमएस) पर मास्टर परिपत्र भारतीय रिज़र्व बैंक ने पहले नई मेला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजन
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र - प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार
भारिबैं/2009-10/52 ग्राआऋवि.केंका.प्लान.बीसी. 2 /04.09.01/2009-2010 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी(सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकक्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय , मास्टर परिपत्र - प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार भारतीय रिज़र्व बैंक ने प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार के बारे में बैंकों को समय-समय पर कई दिशा-निर्देश / अनुदेश / निदेश जारी किए हैं । बैंकों को सभी अद्यतन अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के प्रयोजन से इस संबंध में विद्यमा
भारिबैं/2009-10/52 ग्राआऋवि.केंका.प्लान.बीसी. 2 /04.09.01/2009-2010 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी(सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकक्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय , मास्टर परिपत्र - प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार भारतीय रिज़र्व बैंक ने प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार के बारे में बैंकों को समय-समय पर कई दिशा-निर्देश / अनुदेश / निदेश जारी किए हैं । बैंकों को सभी अद्यतन अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के प्रयोजन से इस संबंध में विद्यमा
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र-प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्रों को ऋण-विशेष कार्यक्रम स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोज़गार योजना (एसजीएसवाई)
भारिबैं /2009-10/35 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी.07/09.01.01/2009-10 जुलाई 01, 2009 सभी वाणिज्य बैंक महोदय, मास्टर परिपत्र-प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्रों को ऋण-विशेष कार्यक्रम स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोज़गार योजना (एसजीएसवाई) कृपया आप स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना पर (एसजाीएसवाई) दिनांक जुलाई 1, 2008 का हमारा मास्टर परिपत्र भारिबैं /2008-09/38, ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी.3/09.01.01/2008-09 देखें । बैंकों को वर्तमान अनुदेश एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना के सभी वर्
भारिबैं /2009-10/35 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी.07/09.01.01/2009-10 जुलाई 01, 2009 सभी वाणिज्य बैंक महोदय, मास्टर परिपत्र-प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्रों को ऋण-विशेष कार्यक्रम स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोज़गार योजना (एसजीएसवाई) कृपया आप स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना पर (एसजाीएसवाई) दिनांक जुलाई 1, 2008 का हमारा मास्टर परिपत्र भारिबैं /2008-09/38, ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी.3/09.01.01/2008-09 देखें । बैंकों को वर्तमान अनुदेश एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना के सभी वर्
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार-विशेष कार्यक्रम स्वर्ण जयन्ती शहरी रोज़गार योजना
भारिबैं/2009-10/31 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी. 3 /09.16.01/2009-10 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशकसभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अतिरिक्त) महोदय, मास्टर परिपत्र प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार-विशेष कार्यक्रम स्वर्ण जयन्ती शहरी रोज़गार योजना भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर स्वर्ण जयन्ती शहरी रोज़गार योजना (एसजेएसआरवाय) परिचालन के संबंध में अनुदेश/दिशानिर्देश जारी किए हैं । बैंकों को वर्तमान अनुदेश एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य
भारिबैं/2009-10/31 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी. 3 /09.16.01/2009-10 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशकसभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अतिरिक्त) महोदय, मास्टर परिपत्र प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार-विशेष कार्यक्रम स्वर्ण जयन्ती शहरी रोज़गार योजना भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर स्वर्ण जयन्ती शहरी रोज़गार योजना (एसजेएसआरवाय) परिचालन के संबंध में अनुदेश/दिशानिर्देश जारी किए हैं । बैंकों को वर्तमान अनुदेश एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य
जुलाई 01, 2009
स्वतंत्रप्राथमिकव्यापारियों के लिएपूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधनदिशानिर्देशों संबंधी मास्टर परिपत्र
भारिबैं/2009-10/55 संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरडी.सं. 02 /03.64.00 /2009-10 1 जुलाई 2009 सरकारी प्रतिभूति बाज़ार के सभी प्राथमिक व्यापारी महोदय स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारियों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधन दिशानिर्देशों संबंधी मास्टर परिपत्र भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारियों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधन संबंधी कई दिशानिर्देश जारी किये हैं । प्राथमिक व्यापारियों को सभी वर्तम
भारिबैं/2009-10/55 संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरडी.सं. 02 /03.64.00 /2009-10 1 जुलाई 2009 सरकारी प्रतिभूति बाज़ार के सभी प्राथमिक व्यापारी महोदय स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारियों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधन दिशानिर्देशों संबंधी मास्टर परिपत्र भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारियों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधन संबंधी कई दिशानिर्देश जारी किये हैं । प्राथमिक व्यापारियों को सभी वर्तम
जुलाई 01, 2009
मांग/सूचना मुद्रा बाजार परिचालनों पर मास्टर परिपत्र
आरबीआई/2009-10/46 एफएमडी.एमएसआरजी.सं.36/02.08.003/2009-10 1 जुलाई 2009 आषाढ़ 9, 1931 (स) सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (आरआरबी को छोड़कर) / सहकारी बैंक / प्राथमिक व्यापारी के अध्यक्ष/मुख्य कार्यकारी अधिकारी महोदय मांग/सूचना मुद्रा बाजार परिचालनों पर मास्टर परिपत्र जैसा कि आप जानते हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर मांग/सूचना मुद्रा बाजार से संबंधित मामलों के संबंध में बैंकों को कई दिशा-निर्देश/अनुदेश/निदेश जारी किए हैं। पात्र संस्थाओं को वर्तमान अनुदेशों को एक ही
आरबीआई/2009-10/46 एफएमडी.एमएसआरजी.सं.36/02.08.003/2009-10 1 जुलाई 2009 आषाढ़ 9, 1931 (स) सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (आरआरबी को छोड़कर) / सहकारी बैंक / प्राथमिक व्यापारी के अध्यक्ष/मुख्य कार्यकारी अधिकारी महोदय मांग/सूचना मुद्रा बाजार परिचालनों पर मास्टर परिपत्र जैसा कि आप जानते हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर मांग/सूचना मुद्रा बाजार से संबंधित मामलों के संबंध में बैंकों को कई दिशा-निर्देश/अनुदेश/निदेश जारी किए हैं। पात्र संस्थाओं को वर्तमान अनुदेशों को एक ही
जुलाई 01, 2009
जमा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश
आरबीआई/2009-10/47 एफएमडी.एमएसआरजी.सं.38/02.08.003/2009-10 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और एलएबी को छोड़कर) और अखिल भारतीय सावधि ऋण और पुनर्वित्त संस्थाएँ महोदय, जमा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप जानते हैं, मुद्रा बाजार लिखतों की सीमा को और अधिक विस्तृत करने और निवेशकों को उनकी अल्पकालिक अधिशेष निधियों के नियोजन में अधिक लचीलापन उपलब्ध कराने की दृष्टि से, जमा प्रमाणपत्र (सीडी) भारत में 1
आरबीआई/2009-10/47 एफएमडी.एमएसआरजी.सं.38/02.08.003/2009-10 1 जुलाई 2009 अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और एलएबी को छोड़कर) और अखिल भारतीय सावधि ऋण और पुनर्वित्त संस्थाएँ महोदय, जमा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप जानते हैं, मुद्रा बाजार लिखतों की सीमा को और अधिक विस्तृत करने और निवेशकों को उनकी अल्पकालिक अधिशेष निधियों के नियोजन में अधिक लचीलापन उपलब्ध कराने की दृष्टि से, जमा प्रमाणपत्र (सीडी) भारत में 1
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र - जोखिम प्रबंध और अंतर-बैंक लेनदेन
आरबीआई/2009-10/26 मास्टर परिपत्र सं.06/2009-10 01 जुलाई, 2009 सेवा में सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - जोखिम प्रबंध और अंतर-बैंक लेनदेन अनिवासी बैंक, अंतर बैंक लेनदेन, विदेशी मुद्रा व्युत्पन्न करार आदि मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 1/2000-आरबी, अधिसूचना सं. फेमा.3/आरबी-2000 के पैरा 4(2) और अधिसूचना सं. फेमा.25/आरबी-2000 और बाद उसमें किए गए संशोधनों द्वारा नियंत्रित होते हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र में "जोखिम प्रबंध और अंतर बैंक लेनदेन"
आरबीआई/2009-10/26 मास्टर परिपत्र सं.06/2009-10 01 जुलाई, 2009 सेवा में सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - जोखिम प्रबंध और अंतर-बैंक लेनदेन अनिवासी बैंक, अंतर बैंक लेनदेन, विदेशी मुद्रा व्युत्पन्न करार आदि मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 1/2000-आरबी, अधिसूचना सं. फेमा.3/आरबी-2000 के पैरा 4(2) और अधिसूचना सं. फेमा.25/आरबी-2000 और बाद उसमें किए गए संशोधनों द्वारा नियंत्रित होते हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र में "जोखिम प्रबंध और अंतर बैंक लेनदेन"
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र - वाणिज्यिक पेपर जारी करने के लिए दिशानिर्देश
आरबीआई/2009-10/45 संदर्भ सं एफएमडी एमएसआरजी. सं.37/02.08.003/2009-10 1 जुलाई 2009 आषाढ़ 09, 1931 (स) अध्यक्ष/मुख्य कार्यकारी अधिकारी सभी अनुसूचित बैंक, प्राथमिक डीलर और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान प्रिय महोदय, वाणिज्यिक पेपर जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप जानते हैं, वाणिज्यिक पत्र (सीपी), एक वचन पत्र के रूप में जारी बिना प्रतिभूति का मुद्रा बाजार लिखत है जिसे वर्ष 1990 में भारत में प्रारंभ किया गया था ताकि उच्च रेटेड कॉर्पोरेट उधारकर्ताओं को अल्पकालिक उधार के
आरबीआई/2009-10/45 संदर्भ सं एफएमडी एमएसआरजी. सं.37/02.08.003/2009-10 1 जुलाई 2009 आषाढ़ 09, 1931 (स) अध्यक्ष/मुख्य कार्यकारी अधिकारी सभी अनुसूचित बैंक, प्राथमिक डीलर और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान प्रिय महोदय, वाणिज्यिक पेपर जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप जानते हैं, वाणिज्यिक पत्र (सीपी), एक वचन पत्र के रूप में जारी बिना प्रतिभूति का मुद्रा बाजार लिखत है जिसे वर्ष 1990 में भारत में प्रारंभ किया गया था ताकि उच्च रेटेड कॉर्पोरेट उधारकर्ताओं को अल्पकालिक उधार के
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