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जनवरी 31, 2024
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के अंतर्गत पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 11 मार्च 2022 की प्रेस प्रकाशनी में, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल या बैंक) को तत्काल प्रभाव से नए ग्राहकों को शामिल करने से रोकने का निदेश जारी किया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 11 मार्च 2022 की प्रेस प्रकाशनी में, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल या बैंक) को तत्काल प्रभाव से नए ग्राहकों को शामिल करने से रोकने का निदेश जारी किया था।

जनवरी 25, 2024
दिनांक 12 जनवरी 2024, शुक्रवार को भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण

(राशि ₹ करोड़ में)      अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक  (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित)  सभी अनुसूचित बैंक 13-जनवरी-23  29-दिसंबर-2023 *  12-जनवरी-2024 *  13-जनवरी-23  29-दिसंबर-2023 *  12-जनवरी-2024 *  I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क)  क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां  209292.46  266042.92  262701.02  211585.22  269437.43  266299.16 **    ख) बैंकों से लिये गये ऋण  46095.13  189078.34  180880.15  46341.58  189114.34  180910.43    ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं  54314.42  69625.54  70843.56  54937.14  70324.03  71510.45

(राशि ₹ करोड़ में)      अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक  (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित)  सभी अनुसूचित बैंक 13-जनवरी-23  29-दिसंबर-2023 *  12-जनवरी-2024 *  13-जनवरी-23  29-दिसंबर-2023 *  12-जनवरी-2024 *  I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क)  क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां  209292.46  266042.92  262701.02  211585.22  269437.43  266299.16 **    ख) बैंकों से लिये गये ऋण  46095.13  189078.34  180880.15  46341.58  189114.34  180910.43    ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं  54314.42  69625.54  70843.56  54937.14  70324.03  71510.45

जनवरी 11, 2024
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के आश्वासन कार्यों के प्रमुखों के लिए सम्मेलन

रिज़र्व बैंक ने 10 जनवरी 2024 को सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) के आश्वासन कार्यों के प्रमुखों (अर्थात्, मुख्य अनुपालन अधिकारियों , मुख्य जोखिम अधिकारियों और आंतरिक लेखा परीक्षा के प्रमुखों) के लिए मुंबई में एक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का विषय 'आघात-सहनीय वित्तीय प्रणाली- प्रभावी आश्वासन कार्यों की भूमिका' था। यह मई 2023 में गवर्नर द्वारा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के निदेशकों के लिए 'बैंकों में सुशासन – धारणीय संवृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देना' विषय पर सम्मेलन के साथ शुरू की गई पर्यवेक्षी गतिविधियों की शृंखला का हिस्सा है।

रिज़र्व बैंक ने 10 जनवरी 2024 को सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) के आश्वासन कार्यों के प्रमुखों (अर्थात्, मुख्य अनुपालन अधिकारियों , मुख्य जोखिम अधिकारियों और आंतरिक लेखा परीक्षा के प्रमुखों) के लिए मुंबई में एक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का विषय 'आघात-सहनीय वित्तीय प्रणाली- प्रभावी आश्वासन कार्यों की भूमिका' था। यह मई 2023 में गवर्नर द्वारा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के निदेशकों के लिए 'बैंकों में सुशासन – धारणीय संवृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देना' विषय पर सम्मेलन के साथ शुरू की गई पर्यवेक्षी गतिविधियों की शृंखला का हिस्सा है।

जनवरी 11, 2024
दिनांक 29 दिसंबर 2023, शुक्रवार को भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण

(राशि ₹ करोड़ में)  अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 30-दिसंबर-22 15-दिसंबर-2023* 29-दिसंबर-2023* 30-दिसंबर-22 15-दिसंबर-2023* 29-दिसंबर-2023* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 218462.58 276840.69 266063.51 220831.97 280287.7 269458.02**  ख) बैंकों से लिये गये ऋण 51283.98 192669.22 189527.12 51597.49 192698.11 189563.12  ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 56547.73 70471.57 69651.45 57149.74 71176.89 70349.94

(राशि ₹ करोड़ में)  अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 30-दिसंबर-22 15-दिसंबर-2023* 29-दिसंबर-2023* 30-दिसंबर-22 15-दिसंबर-2023* 29-दिसंबर-2023* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 218462.58 276840.69 266063.51 220831.97 280287.7 269458.02**  ख) बैंकों से लिये गये ऋण 51283.98 192669.22 189527.12 51597.49 192698.11 189563.12  ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 56547.73 70471.57 69651.45 57149.74 71176.89 70349.94

जनवरी 08, 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक ने निजी क्षेत्र में लघु वित्त बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंस हेतु दिशानिर्देशों के अंतर्गत आवेदक का नाम जारी किया

31 दिसंबर 2023 को समाप्त तिमाही के दौरान, भारतीय रिज़र्व बैंक को दिनांक 5 दिसंबर 2019 के निजी क्षेत्र में लघु वित्त बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंस हेतु दिशानिर्देशों के अंतर्गत फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड से एक आवेदन प्राप्त हुआ है। (योगेश दयाल) मुख्य महाप्रबंधक प्रेस प्रकाशनी: 2023-2024/1636

31 दिसंबर 2023 को समाप्त तिमाही के दौरान, भारतीय रिज़र्व बैंक को दिनांक 5 दिसंबर 2019 के निजी क्षेत्र में लघु वित्त बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंस हेतु दिशानिर्देशों के अंतर्गत फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड से एक आवेदन प्राप्त हुआ है। (योगेश दयाल) मुख्य महाप्रबंधक प्रेस प्रकाशनी: 2023-2024/1636

जनवरी 02, 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और भारत में विदेशी बैंक शाखाओं द्वारा प्रधान कार्यालय को लाभ विप्रेषण संबंधी परिपत्र का मसौदा जारी किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज " बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और भारत में विदेशी बैंक शाखाओं द्वारा प्रधान कार्यालय को लाभ विप्रेषण” संबंधी परिपत्र का मसौदा जारी किया। परिपत्र के मसौदे पर बैंकों, बाजार प्रतिभागियों और अन्य हितधारकों से 31 जनवरी 2024 तक टिप्पणियाँ आमंत्रित की गई हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज " बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और भारत में विदेशी बैंक शाखाओं द्वारा प्रधान कार्यालय को लाभ विप्रेषण” संबंधी परिपत्र का मसौदा जारी किया। परिपत्र के मसौदे पर बैंकों, बाजार प्रतिभागियों और अन्य हितधारकों से 31 जनवरी 2024 तक टिप्पणियाँ आमंत्रित की गई हैं।

जनवरी 02, 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक के उप गवर्नर ने साख सूचना कंपनियों के एमडी और सीईओ के साथ बैठक की

पर्यवेक्षित संस्थाओं के साथ रिज़र्व बैंक की सहबद्धता के हिस्से के रूप में, सभी साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ आज (02 जनवरी 2024) एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के उप गवर्नर, श्री स्वामीनाथन जे  ने की और इसमें पर्यवेक्षण विभाग और विनियमन विभाग के कार्यपालक निदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 

पर्यवेक्षित संस्थाओं के साथ रिज़र्व बैंक की सहबद्धता के हिस्से के रूप में, सभी साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ आज (02 जनवरी 2024) एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के उप गवर्नर, श्री स्वामीनाथन जे  ने की और इसमें पर्यवेक्षण विभाग और विनियमन विभाग के कार्यपालक निदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 

दिसंबर 29, 2023
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की ऋण और जमा दरें – दिसंबर 2023

दिसंबर 2023 माह के दौरान अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों को छोड़कर) की ऋण और जमा दरों के संबंध में प्राप्त आंकड़े सारणी 1 से 7 में दर्शाए गए हैं।

दिसंबर 2023 माह के दौरान अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों को छोड़कर) की ऋण और जमा दरों के संबंध में प्राप्त आंकड़े सारणी 1 से 7 में दर्शाए गए हैं।

दिसंबर 29, 2023
दिनांक 15 दिसंबर 2023, शुक्रवार को भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण

(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 16-दिसंबर -22 01- दिसंबर -2023 * 15- दिसंबर -2023 * 16- दिसंबर -22 01-दिसंबर -2023 *

(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 16-दिसंबर -22 01- दिसंबर -2023 * 15- दिसंबर -2023 * 16- दिसंबर -22 01-दिसंबर -2023 *

दिसंबर 28, 2023
RBI releases 2023 list of Domestic Systemically Important Banks (D-SIBs)

एसबीआई, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक की पहचान प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में जारी रही।  जबकि आईसीआईसीआई बैंक पिछले वर्ष की तरह ही उसी बकेटिंग संरचना में बना हुआ है, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक उच्च बकेट में चले गए हैं - एसबीआई बकेट 3 से बकेट 4 में स्थानांतरित हो गया है और एचडीएफसी बैंक बकेट 1 से बकेट 2 में स्थानांतरित हो गया है। एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के लिए, बकेट वृद्धि के कारण उच्च डी-एसआईबी बफर आवश्यकताएं 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगी। अतिरिक्त सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी1) आवश्यकता पूंजी संरक्षण बफर के अतिरिक्त होगी।

एसबीआई, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक की पहचान प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में जारी रही।  जबकि आईसीआईसीआई बैंक पिछले वर्ष की तरह ही उसी बकेटिंग संरचना में बना हुआ है, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक उच्च बकेट में चले गए हैं - एसबीआई बकेट 3 से बकेट 4 में स्थानांतरित हो गया है और एचडीएफसी बैंक बकेट 1 से बकेट 2 में स्थानांतरित हो गया है। एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के लिए, बकेट वृद्धि के कारण उच्च डी-एसआईबी बफर आवश्यकताएं 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगी। अतिरिक्त सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी1) आवश्यकता पूंजी संरक्षण बफर के अतिरिक्त होगी।

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: अप्रैल 02, 2025

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