प्रेस प्रकाशनियां
(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs, SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 21-Feb-2025# 31-Jan-2026 15-Feb-2026 21-Feb-2025# 31-Jan-2026 15-Feb-2026 I LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 272677.28 336474.48 345494.05 279042.72 344450.58 353928.33** b) Borrowings from banks 112778.14 81053.24 74299.22 112884.38 81307.96 74367.46 c) Other demand & time liabilities 36706.95 42057.26 36607.16 37065.37 42661.78 37201.53
(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs, SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 21-Feb-2025# 31-Jan-2026 15-Feb-2026 21-Feb-2025# 31-Jan-2026 15-Feb-2026 I LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 272677.28 336474.48 345494.05 279042.72 344450.58 353928.33** b) Borrowings from banks 112778.14 81053.24 74299.22 112884.38 81307.96 74367.46 c) Other demand & time liabilities 36706.95 42057.26 36607.16 37065.37 42661.78 37201.53
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र (सीएमई) संबंधी दो मसौदा निदेश, अर्थात: (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 और (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025, जारी किए थे और इन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी थी। मसौदा निदेशों का मुख्य उद्देश्य (i) भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहणों के वित्तपोषण हेतु बैंकों को सक्षम बनाने के लिए एक ढांचा प्रदान करना; (ii) सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के बदले ऋण देने संबंधी विनियामकीय सीमा को पूर्ण रूप से हटाते हुए, बैंकों द्वारा, आरईआईटी, आईएनवीआईटी के शेयरों, इकाइयों के बदले दिए जाने वाले ऋण की सीमा को बढ़ाना; और (iii) पूंजी बाज़ार मध्यस्थों (सीएमआई) को ऋण देने के लिए एक बेहतर सिद्धांत
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र (सीएमई) संबंधी दो मसौदा निदेश, अर्थात: (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 और (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाज़ार एक्सपोज़र) निदेश, 2025, जारी किए थे और इन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी थी। मसौदा निदेशों का मुख्य उद्देश्य (i) भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहणों के वित्तपोषण हेतु बैंकों को सक्षम बनाने के लिए एक ढांचा प्रदान करना; (ii) सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के बदले ऋण देने संबंधी विनियामकीय सीमा को पूर्ण रूप से हटाते हुए, बैंकों द्वारा, आरईआईटी, आईएनवीआईटी के शेयरों, इकाइयों के बदले दिए जाने वाले ऋण की सीमा को बढ़ाना; और (iii) पूंजी बाज़ार मध्यस्थों (सीएमआई) को ऋण देने के लिए एक बेहतर सिद्धांत
दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश के मसौदे जारी किए: i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - ऋण सुविधाएं) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा
दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित संशोधन निदेश के मसौदे जारी किए: i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - ऋण सुविधाएं) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 - टिप्पणी के लिए मसौदा
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 274580.76 334644.10 336474.48 279763.56 342345.34 344450.58** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 144172.70 80440.83 81053.24 144288.99 80507.15 81307.96 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 29455.08 32892.14 42057.26 29792.86 33441.63 42661.78 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22126572.35 24499511.99 24881954.39 22591678.12 25018283.44 25398629.58 i) मांग 2510913.20 2990484.97 3141414.87 2558292.31 3043991.32 3194032.51 ii) मीयादी 19615659.14 21509027.02 21740539.52 20033385.82 21974292.12 22204597.07 ख) ऋण @ 953979.59 921541.85 908900.05 958300.19 926513.54 913623.16 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 990920.82 1059479.61 1116118.51 1003945.31 1075638.00 1131224.61 III भारतीय रिज़र्व बैंक से लिये गये ऋण (ख) 354098.00 32336.00 136073.00 354098.00 32336.00 136073.00 मीयादी बिलों और/या वचनपत्रों पर लिये गये ऋण
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 274580.76 334644.10 336474.48 279763.56 342345.34 344450.58** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 144172.70 80440.83 81053.24 144288.99 80507.15 81307.96 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 29455.08 32892.14 42057.26 29792.86 33441.63 42661.78 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22126572.35 24499511.99 24881954.39 22591678.12 25018283.44 25398629.58 i) मांग 2510913.20 2990484.97 3141414.87 2558292.31 3043991.32 3194032.51 ii) मीयादी 19615659.14 21509027.02 21740539.52 20033385.82 21974292.12 22204597.07 ख) ऋण @ 953979.59 921541.85 908900.05 958300.19 926513.54 913623.16 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 990920.82 1059479.61 1116118.51 1003945.31 1075638.00 1131224.61 III भारतीय रिज़र्व बैंक से लिये गये ऋण (ख) 354098.00 32336.00 136073.00 354098.00 32336.00 136073.00 मीयादी बिलों और/या वचनपत्रों पर लिये गये ऋण
वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई
वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई
Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.
Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.
जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)
जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 10-जनवरी-2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 10- जनवरी -2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 271703.78 340111.14 334594.98 276454.35 347493.56 342296.21** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 143463.79 84009.60 80440.83 143532.02 84135.04 80507.15 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 28059.87 32819.70 33028.55 28374.42 33298.98 33578.04 अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22151174.72 24857492.98 24499894.23 22618068.06 25374431.04 25018665.67 i) मांग 2478179.94 3274722.02 2990791.67 2526145.68 3327804.47 3044298.01
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 10-जनवरी-2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 10- जनवरी -2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 271703.78 340111.14 334594.98 276454.35 347493.56 342296.21** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 143463.79 84009.60 80440.83 143532.02 84135.04 80507.15 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 28059.87 32819.70 33028.55 28374.42 33298.98 33578.04 अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22151174.72 24857492.98 24499894.23 22618068.06 25374431.04 25018665.67 i) मांग 2478179.94 3274722.02 2990791.67 2526145.68 3327804.47 3044298.01
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।
कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी बैंकों द्वारा पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्थाओं की स्थापना) दिशानिर्देश, 2025 के अंतर्गत, सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी बैंकों द्वारा पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्थाओं की स्थापना) दिशानिर्देश, 2025 के अंतर्गत, सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291575.28 308549.36 337365.07 296174.25 315719.18 344747.49** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 138334.17 83821.58 84013.30 138393.41 83903.92 84138.74 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 26605.84 34245.87 32844.28 26928.62 34761.43 33323.55
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291575.28 308549.36 337365.07 296174.25 315719.18 344747.49** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 138334.17 83821.58 84013.30 138393.41 83903.92 84138.74 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 26605.84 34245.87 32844.28 26928.62 34761.43 33323.55
भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया
भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया
रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के
रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के
The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.
The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025
क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)
क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।
आज, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36 (2) के अनुपालन में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति संबंधी रिपोर्ट 2024-25 जारी की। यह रिपोर्ट वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अब तक वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों सहित बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रस्तुत करती है। प्रमुख बिंदु • भारतीय वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र वर्ष 2024-25 के दौरान आघात-सहनीय बना रहा, जिसे दोहरे अंकों के तुलन-पत्र विस्तार का समर्थन मिला। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमाराशियों और ऋण में दोहरे अंकों में वृद्धि हुई; हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है।
आज, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36 (2) के अनुपालन में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति संबंधी रिपोर्ट 2024-25 जारी की। यह रिपोर्ट वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अब तक वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों सहित बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रस्तुत करती है। प्रमुख बिंदु • भारतीय वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र वर्ष 2024-25 के दौरान आघात-सहनीय बना रहा, जिसे दोहरे अंकों के तुलन-पत्र विस्तार का समर्थन मिला। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमाराशियों और ऋण में दोहरे अंकों में वृद्धि हुई; हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है।
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 310793.89 322855.52 308250.18 315564.52 330192.04 315428.19** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 131991.65 78658.89 81098.47 132026.65 78790.89 81166.47 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24423.19 31092.93 33036.68 24724.99 31559.27 33573.84 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22067643.54 24260054.93 24214710.80 22525491.06 24808631.87 24724681.17 i) मांग 2609721.73 3013417.05 2935319.73 2658233.40 3066260.45 2986434.34 ii) मीयादी 19457921.81 21246637.88 21279391.07 19867257.66 21742371.41 21738246.84 ख) ऋण @ 866934.53 879199.45 882495.75 871445.25 884674.14 887543.43
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 310793.89 322855.52 308250.18 315564.52 330192.04 315428.19** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 131991.65 78658.89 81098.47 132026.65 78790.89 81166.47 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24423.19 31092.93 33036.68 24724.99 31559.27 33573.84 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22067643.54 24260054.93 24214710.80 22525491.06 24808631.87 24724681.17 i) मांग 2609721.73 3013417.05 2935319.73 2658233.40 3066260.45 2986434.34 ii) मीयादी 19457921.81 21246637.88 21279391.07 19867257.66 21742371.41 21738246.84 ख) ऋण @ 866934.53 879199.45 882495.75 871445.25 884674.14 887543.43
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026