प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजना की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस वार्षिक रिपोर्ट में आरबी-आईओएस, 2021 के अंतर्गत गतिविधियों के साथ-साथ उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण के अंतर्गत वर्ष के दौरान प्रमुख विकास और आगे की राह को शामिल किया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजना की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस वार्षिक रिपोर्ट में आरबी-आईओएस, 2021 के अंतर्गत गतिविधियों के साथ-साथ उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण के अंतर्गत वर्ष के दौरान प्रमुख विकास और आगे की राह को शामिल किया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज रिज़र्व बैंक - ओम्बड्समैन योजना, 2025 (योजना) का मसौदा जारी किया। 2. 12 नवंबर 2021 को शुरू की गई रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (आरबी-आईओएस), 2021, विनियमित संस्थाओं (आरई) के ग्राहकों को एक तीव्र, लागत-प्रभावी और त्वरित वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करती है। परिचालनगत अनुभव, हितधारकों की प्रतिक्रिया और वैश्विक सर्वोत्तम पद्धतियों के आधार पर, रिज़र्व बैंक ने इस योजना की व्यापक समीक्षा की है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज रिज़र्व बैंक - ओम्बड्समैन योजना, 2025 (योजना) का मसौदा जारी किया। 2. 12 नवंबर 2021 को शुरू की गई रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (आरबी-आईओएस), 2021, विनियमित संस्थाओं (आरई) के ग्राहकों को एक तीव्र, लागत-प्रभावी और त्वरित वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करती है। परिचालनगत अनुभव, हितधारकों की प्रतिक्रिया और वैश्विक सर्वोत्तम पद्धतियों के आधार पर, रिज़र्व बैंक ने इस योजना की व्यापक समीक्षा की है।
रिज़र्व बैंक ने आज मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (विनियमित संस्थाओं के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2025 का मसौदा जारी किया। 2. रिज़र्व बैंक ने 29 दिसंबर 2023 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (विनियमित संस्थाओं के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2023 के माध्यम से, विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) में अस्वीकृत की जा रही ग्राहक शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा हेतु आंतरिक ओम्बड्समैन व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया है। आंतरिक ओम्बड्समैन के कामकाज को और मज़बूत बनाने के लिए मौजूदा निदेशों की समग्र समीक्षा की गई है ताकि विनियमित संस्थाओं के स्तर पर ग्राहकों की शिकायतों का त्वरित और सार्थक समाधान किया जा सके।
रिज़र्व बैंक ने आज मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (विनियमित संस्थाओं के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2025 का मसौदा जारी किया। 2. रिज़र्व बैंक ने 29 दिसंबर 2023 के मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (विनियमित संस्थाओं के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2023 के माध्यम से, विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) में अस्वीकृत की जा रही ग्राहक शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा हेतु आंतरिक ओम्बड्समैन व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया है। आंतरिक ओम्बड्समैन के कामकाज को और मज़बूत बनाने के लिए मौजूदा निदेशों की समग्र समीक्षा की गई है ताकि विनियमित संस्थाओं के स्तर पर ग्राहकों की शिकायतों का त्वरित और सार्थक समाधान किया जा सके।
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों को रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना, 2021 (योजना) के दायरे में लाने के लिए एक अधिसूचना जारी की है, जो 1 नवंबर 2025 से प्रभावी होगी।
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों को रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना, 2021 (योजना) के दायरे में लाने के लिए एक अधिसूचना जारी की है, जो 1 नवंबर 2025 से प्रभावी होगी।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 17 मार्च 2025 को मुंबई में आरबीआई ओम्बड्समैन का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का विषय था "शिकायत निवारण में परिवर्तन: एआई का लाभ"। इसमें प्रमुख बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, गैर-बैंक भुगतान प्रणाली संचालकों, साख सूचना कंपनियों के प्रबंध निदेशकों और सीईओ, आरबीआई ओम्बड्समैन तथा रिज़र्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 17 मार्च 2025 को मुंबई में आरबीआई ओम्बड्समैन का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का विषय था "शिकायत निवारण में परिवर्तन: एआई का लाभ"। इसमें प्रमुख बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, गैर-बैंक भुगतान प्रणाली संचालकों, साख सूचना कंपनियों के प्रबंध निदेशकों और सीईओ, आरबीआई ओम्बड्समैन तथा रिज़र्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजना की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। वार्षिक रिपोर्ट में रिज़र्व बैंक – एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (आरबी-आईओएस), 2021 के
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजना की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। वार्षिक रिपोर्ट में रिज़र्व बैंक – एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (आरबी-आईओएस), 2021 के
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 03, 2025