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जून 05, 2023
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति की रिपोर्ट
5 जून 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति की रिपोर्ट 08 अप्रैल 2022 को मौद्रिक नीति वक्तव्य के साथ जारी विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 मई 2022 को श्री बी.पी. कानूनगो, भूतपूर्व उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्यक्षता में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं (आरई) में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया था। समिति के विच
5 जून 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति की रिपोर्ट 08 अप्रैल 2022 को मौद्रिक नीति वक्तव्य के साथ जारी विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 23 मई 2022 को श्री बी.पी. कानूनगो, भूतपूर्व उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्यक्षता में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं (आरई) में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया था। समिति के विच
जनवरी 23, 2023
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों द्वारा प्रदान किए गए वर्तमान सुरक्षित जमा लॉकर/ सुरक्षित अभिरक्षा वस्तु सुविधा हेतु करारों के नवीनीकरण के लिए समय-सीमा बढ़ाई
23 जनवरी 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों द्वारा प्रदान किए गए वर्तमान सुरक्षित जमा लॉकर/ सुरक्षित अभिरक्षा वस्तु सुविधा हेतु करारों के नवीनीकरण के लिए समय-सीमा बढ़ाई भारतीय रिज़र्व बैंक ने 18 अगस्त 2021 के अपने परिपत्र के माध्यम से, सुरक्षित जमा लॉकर/ सुरक्षित अभिरक्षा वस्तु सुविधा के संबंध में संशोधित निर्देश जारी किए थे, जिसमें, अन्य बातों के साथ-साथ, बैंकों को 1 जनवरी 2023 तक वर्तमान लॉकर धारकों के साथ संशोधित करार निष्पादित करना अपेक्षित था। तथापि, भारतीय रिज़र्व
23 जनवरी 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों द्वारा प्रदान किए गए वर्तमान सुरक्षित जमा लॉकर/ सुरक्षित अभिरक्षा वस्तु सुविधा हेतु करारों के नवीनीकरण के लिए समय-सीमा बढ़ाई भारतीय रिज़र्व बैंक ने 18 अगस्त 2021 के अपने परिपत्र के माध्यम से, सुरक्षित जमा लॉकर/ सुरक्षित अभिरक्षा वस्तु सुविधा के संबंध में संशोधित निर्देश जारी किए थे, जिसमें, अन्य बातों के साथ-साथ, बैंकों को 1 जनवरी 2023 तक वर्तमान लॉकर धारकों के साथ संशोधित करार निष्पादित करना अपेक्षित था। तथापि, भारतीय रिज़र्व
जनवरी 04, 2023
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2021-22 जारी की

4 जनवरी 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2021-22 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज 1 अप्रैल 2021 – 31 मार्च 2022 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट को जारी किया। इस वर्ष 12 नवंबर 2021 को रिज़र्व बैंक – एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (आरबी-आईओएस) की शुरुआत के साथ वार्षिक रिपोर्ट में पूर्ववर्ती ओम्बड्समैन योजनाओं अर्थात बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना, 2006 (बीओएस), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए ओम्बड्समैन योजना, 2018 (ओएसएनबीएफ़सी), और डिजिटल लेनदेन क

4 जनवरी 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2021-22 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज 1 अप्रैल 2021 – 31 मार्च 2022 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट को जारी किया। इस वर्ष 12 नवंबर 2021 को रिज़र्व बैंक – एकीकृत ओम्बड्समैन योजना (आरबी-आईओएस) की शुरुआत के साथ वार्षिक रिपोर्ट में पूर्ववर्ती ओम्बड्समैन योजनाओं अर्थात बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना, 2006 (बीओएस), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए ओम्बड्समैन योजना, 2018 (ओएसएनबीएफ़सी), और डिजिटल लेनदेन क

नवंबर 02, 2022
राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम: नवंबर 2022

2 नवंबर 2022 राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम: नवंबर 2022 उपभोक्ता के हितों की रक्षा, वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र, सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं आदि की मौजूदा विनियमों पर ग्राहकों की जागरूकता बढ़ाने के लिए रिज़र्व बैंक विभिन्न मीडिया और प्रिंट अभियानों के माध्यम से कई पहल कर रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में, "आज़ादी का अमृत महोत्सव" के भाग के रूप में, रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन वार्ता और ओम्बड्समैन टॉकथॉन कार्यक्रमों के माध्यम से एक अखिल भारतीय जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की। इन पहल

2 नवंबर 2022 राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम: नवंबर 2022 उपभोक्ता के हितों की रक्षा, वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र, सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं आदि की मौजूदा विनियमों पर ग्राहकों की जागरूकता बढ़ाने के लिए रिज़र्व बैंक विभिन्न मीडिया और प्रिंट अभियानों के माध्यम से कई पहल कर रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में, "आज़ादी का अमृत महोत्सव" के भाग के रूप में, रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन वार्ता और ओम्बड्समैन टॉकथॉन कार्यक्रमों के माध्यम से एक अखिल भारतीय जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की। इन पहल

अक्‍तूबर 06, 2022
भारतीय रिज़र्व बैंक ने साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन तंत्र की शुरुआत की

6 अक्तूबर 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन तंत्र की शुरुआत की दिनांक 5 अगस्त 2022 के मौद्रिक नीति वक्तव्य के भाग के रूप में जारी 'विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य' में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक, साख सूचना कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 (अधिनियम), की धारा 11 की उप धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस बात से संतुष्ट होने पर कि सार्वजनिक हित में ऐसा करना आवश्यक है, अधिनियम की धारा 5 की

6 अक्तूबर 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन तंत्र की शुरुआत की दिनांक 5 अगस्त 2022 के मौद्रिक नीति वक्तव्य के भाग के रूप में जारी 'विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य' में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक, साख सूचना कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 (अधिनियम), की धारा 11 की उप धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस बात से संतुष्ट होने पर कि सार्वजनिक हित में ऐसा करना आवश्यक है, अधिनियम की धारा 5 की

मई 23, 2022
रिज़र्व बैंक ने आरबीआई विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया
23 मई 2022 रिज़र्व बैंक ने आरबीआई विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया दिनांक 8 अप्रैल 2022 को मौद्रिक नीति वक्तव्य के साथ जारी विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा की स्थिति और ग्राहक सेवा विनियमों की पर्याप्तता की जांच और समीक्षा करने तथा ग्राहक सेवा में सुधार के उपायों का सुझाव देने के लिए आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं (आरई) में ग्राहक सेवा मानको
23 मई 2022 रिज़र्व बैंक ने आरबीआई विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा मानकों की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया दिनांक 8 अप्रैल 2022 को मौद्रिक नीति वक्तव्य के साथ जारी विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं में ग्राहक सेवा की स्थिति और ग्राहक सेवा विनियमों की पर्याप्तता की जांच और समीक्षा करने तथा ग्राहक सेवा में सुधार के उपायों का सुझाव देने के लिए आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं (आरई) में ग्राहक सेवा मानको
मार्च 09, 2022
भारतीय रिज़र्व बैंक ने रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना 2021 (आरबी-आईओएस) के तहत शिकायतों की प्राप्ति के तरीके पर स्पष्टीकरण दिया

9 मार्च 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना 2021 (आरबी-आईओएस) के तहत शिकायतों की प्राप्ति के तरीके पर स्पष्टीकरण दिया रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना 2021 (आरबी-आईओएस) के बारे में सोशल मीडिया के कुछ वर्गों के माध्यम से गलत सूचना फैलाने के मामले आरबीआई के संज्ञान में आए हैं। जनता के बीच बड़े पैमाने पर यह संदेश फैलाया जा रहा है कि वे भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं के विरुद्ध किए जाने वाले शिकायतों के शीघ्र निपटान के लिए प्रभार/श

9 मार्च 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना 2021 (आरबी-आईओएस) के तहत शिकायतों की प्राप्ति के तरीके पर स्पष्टीकरण दिया रिज़र्व बैंक - एकीकृत ओम्बड्समैन योजना 2021 (आरबी-आईओएस) के बारे में सोशल मीडिया के कुछ वर्गों के माध्यम से गलत सूचना फैलाने के मामले आरबीआई के संज्ञान में आए हैं। जनता के बीच बड़े पैमाने पर यह संदेश फैलाया जा रहा है कि वे भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं के विरुद्ध किए जाने वाले शिकायतों के शीघ्र निपटान के लिए प्रभार/श

मार्च 07, 2022
BE (A) WARE – वित्तीय धोखाधड़ियों की कार्य-प्रणाली संबंधी पुस्तिका

7 मार्च 2022 BE (A) WARE – वित्तीय धोखाधड़ियों की कार्य-प्रणाली संबंधी पुस्तिका रिज़र्व बैंक ने आज, धोखाधड़ी करने वालों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली आम कार्य-प्रणाली और विभिन्न वित्तीय लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर "BE(A)WARE" नामक एक पुस्तिका जारी की है। पिछले कुछ वर्षों में देखे गए भुगतान के डिजिटल माध्यमों में वृद्धि ने कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान और गति प्राप्त की। डिजिटल भुगतान, वित्तीय लेनदेन को आसान बनाकर ग्राहकों की सुविधा को बढ़ाता है।

7 मार्च 2022 BE (A) WARE – वित्तीय धोखाधड़ियों की कार्य-प्रणाली संबंधी पुस्तिका रिज़र्व बैंक ने आज, धोखाधड़ी करने वालों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली आम कार्य-प्रणाली और विभिन्न वित्तीय लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर "BE(A)WARE" नामक एक पुस्तिका जारी की है। पिछले कुछ वर्षों में देखे गए भुगतान के डिजिटल माध्यमों में वृद्धि ने कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान और गति प्राप्त की। डिजिटल भुगतान, वित्तीय लेनदेन को आसान बनाकर ग्राहकों की सुविधा को बढ़ाता है।

जनवरी 12, 2022
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2020-21 जारी की

12 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2020-21 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज वर्ष 2020-21 के लिए ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट को जारी किया, जिसे 1 जुलाई 2020 से आरबीआई के वित्तीय वर्ष के 'जुलाई-जून' से 'अप्रैल-मार्च' में परिवर्तन के अनुरूप नौ महीने की अवधि अर्थात 1 जुलाई 2020 से 31 मार्च 2021 के लिए तैयार किया गया है। वार्षिक रिपोर्ट में बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना, 2006 (बीओएस), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए ओम्बड्समैन योजन

12 जनवरी 2022 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2020-21 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज वर्ष 2020-21 के लिए ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट को जारी किया, जिसे 1 जुलाई 2020 से आरबीआई के वित्तीय वर्ष के 'जुलाई-जून' से 'अप्रैल-मार्च' में परिवर्तन के अनुरूप नौ महीने की अवधि अर्थात 1 जुलाई 2020 से 31 मार्च 2021 के लिए तैयार किया गया है। वार्षिक रिपोर्ट में बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना, 2006 (बीओएस), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए ओम्बड्समैन योजन

जनवरी 04, 2022
रिज़र्व बैंक ने 2021 की प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) की सूची जारी की
4 जनवरी 2022 रिज़र्व बैंक ने 2021 की प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) की सूची जारी की एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक की पहचान 2020 के डी-एसआईबी की सूची के अनुसार समान बकेटिंग संरचना के तहत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में की गई है। डी-एसआईबी के लिए अतिरिक्त कॉमन इक्विटी टियर1 (सीईटी1) की अपेक्षाएं 1 अप्रैल 2016 से ही चरणबद्ध की गई थी और 1 अप्रैल 2019 से पूर्ण रूप से प्रभावी हो गई। अतिरिक्त सीईटी1 की अपेक्षाए
4 जनवरी 2022 रिज़र्व बैंक ने 2021 की प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) की सूची जारी की एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक की पहचान 2020 के डी-एसआईबी की सूची के अनुसार समान बकेटिंग संरचना के तहत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में की गई है। डी-एसआईबी के लिए अतिरिक्त कॉमन इक्विटी टियर1 (सीईटी1) की अपेक्षाएं 1 अप्रैल 2016 से ही चरणबद्ध की गई थी और 1 अप्रैल 2019 से पूर्ण रूप से प्रभावी हो गई। अतिरिक्त सीईटी1 की अपेक्षाए

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: अक्‍तूबर 07, 2025

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