प्रेस प्रकाशनियां
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम(एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (संशोधन) निदेश, 2026 जारी किए। उक्त संशोधन निदेश, मास्टर निदेश- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (23 जुलाई 2025 तक अद्यतित) के कतिपय प्रावधानों में संशोधन करते हैं ।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम(एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (संशोधन) निदेश, 2026 जारी किए। उक्त संशोधन निदेश, मास्टर निदेश- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (23 जुलाई 2025 तक अद्यतित) के कतिपय प्रावधानों में संशोधन करते हैं ।
The Reserve Bank has been conducting Financial Literacy Week (FLW) every year since 2016 to promote financial literacy. 2. Governor Shri Sanjay Malhotra launched the eleventh edition of Financial Literacy Week (FLW) 2026, on the theme ‘KYC – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम / KYC – Your First Step to Safe Banking’. The top management and Regional Heads of the Reserve Bank, NABARD and heads of select commercial banks participated in the event.
The Reserve Bank has been conducting Financial Literacy Week (FLW) every year since 2016 to promote financial literacy. 2. Governor Shri Sanjay Malhotra launched the eleventh edition of Financial Literacy Week (FLW) 2026, on the theme ‘KYC – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम / KYC – Your First Step to Safe Banking’. The top management and Regional Heads of the Reserve Bank, NABARD and heads of select commercial banks participated in the event.
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार - लक्ष्य और वर्गीकरण) (संशोधन) निदेश, 2026 जारी किया है। ये संशोधन निदेश मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार - लक्ष्य और वर्गीकरण) निदेश, 2025 के कतिपय प्रावधानों में संशोधन करते हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार - लक्ष्य और वर्गीकरण) (संशोधन) निदेश, 2026 जारी किया है। ये संशोधन निदेश मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार - लक्ष्य और वर्गीकरण) निदेश, 2025 के कतिपय प्रावधानों में संशोधन करते हैं।
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी-एससी) की उप-समिति द्वारा अपनी 32वीं बैठक में अनुमोदित वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफआई): 2025-30 को श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से जारी किया गया।
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी-एससी) की उप-समिति द्वारा अपनी 32वीं बैठक में अनुमोदित वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफआई): 2025-30 को श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से जारी किया गया।
एमएसएमई क्षेत्र को ऋण प्रवाह की समीक्षा के लिए स्थायी सलाहकार समिति(एसएसी) की 30वीं बैठक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण के प्रवाह की समीक्षा करने के लिए स्थायी सलाहकार समिति (एसएसी) की 30वीं बैठक 27 अक्तूबर 2025 को कोयंबटूर में श्री स्वामीनाथन जे, उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व
एमएसएमई क्षेत्र को ऋण प्रवाह की समीक्षा के लिए स्थायी सलाहकार समिति(एसएसी) की 30वीं बैठक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण के प्रवाह की समीक्षा करने के लिए स्थायी सलाहकार समिति (एसएसी) की 30वीं बैठक 27 अक्तूबर 2025 को कोयंबटूर में श्री स्वामीनाथन जे, उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व
वित्तीय समावेशन (एफआई) योजनाओं की अधिकतम संतृप्ति हेतु बैंक, 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक ग्राम पंचायत स्तर पर एक देश-व्यापी अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत बैंक खातों का पुनः केवाईसी भी किया जा रहा है। शिविरों का उपयोग दावा न की गई जमा राशि के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने और शिकायतों के निवारण के लिए भी किया जा रहा है। 11 अगस्त 2025 तक, 1.41 लाख से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 35 लाख से अधिक खातों की पुनः-केवाईसी का कार्य पूरा हो चुका है। अपेक्षित परिणामों की प्राप्ति में हो रही प्रगति पर सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
वित्तीय समावेशन (एफआई) योजनाओं की अधिकतम संतृप्ति हेतु बैंक, 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक ग्राम पंचायत स्तर पर एक देश-व्यापी अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत बैंक खातों का पुनः केवाईसी भी किया जा रहा है। शिविरों का उपयोग दावा न की गई जमा राशि के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने और शिकायतों के निवारण के लिए भी किया जा रहा है। 11 अगस्त 2025 तक, 1.41 लाख से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 35 लाख से अधिक खातों की पुनः-केवाईसी का कार्य पूरा हो चुका है। अपेक्षित परिणामों की प्राप्ति में हो रही प्रगति पर सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, सरकार सहित संबंधित हितधारकों के परामर्श से, देश भर में वित्तीय समावेशन की सीमा को मापने के लिए एक सम्मिश्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई-सूचकांक) का निर्माण किया था जिसे पहली बार मार्च 2021 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए अगस्त 2021 में प्रकाशित
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, सरकार सहित संबंधित हितधारकों के परामर्श से, देश भर में वित्तीय समावेशन की सीमा को मापने के लिए एक सम्मिश्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (एफआई-सूचकांक) का निर्माण किया था जिसे पहली बार मार्च 2021 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए अगस्त 2021 में प्रकाशित
भारतीय रिज़र्व बैंक ने हितधारकों से प्राप्त प्रतिकृया को ध्यान में रखते हुए मौजूदा प्रावधानों की व्यापक समीक्षा के बाद आज प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार (पीएसएल) पर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले नए दिशा-निर्देशों में निम्नलिखित प्रमुख परिवर्तन शामिल हैं:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने हितधारकों से प्राप्त प्रतिकृया को ध्यान में रखते हुए मौजूदा प्रावधानों की व्यापक समीक्षा के बाद आज प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार (पीएसएल) पर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले नए दिशा-निर्देशों में निम्नलिखित प्रमुख परिवर्तन शामिल हैं:
वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए रिज़र्व बैंक 2016 से हर वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडब्ल्यू) का आयोजन कर रहा है। गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडब्ल्यू) 2025 के दसवें संस्करण का शुभारंभ किया और इस वर्ष का विषय है "वित्तीय समझदारी: समृद्ध नारी”
वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए रिज़र्व बैंक 2016 से हर वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडब्ल्यू) का आयोजन कर रहा है। गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने वित्तीय साक्षरता सप्ताह (एफ़एलडब्ल्यू) 2025 के दसवें संस्करण का शुभारंभ किया और इस वर्ष का विषय है "वित्तीय समझदारी: समृद्ध नारी”
भारतीय रिज़र्व बैंक, पूर्वस्नातक स्तर पर कॉलेज छात्रों के लिए आरबीआई90क्विज़ की शुरुआत की घोषणा करता है। यह क्विज़ एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता है जिसे रिज़र्व बैंक की स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
आरबीआई90क्विज़ सामान्य ज्ञान पर आधारित है और इसमें बहु-स्तरीय प्रतियोगिता होगी, जो ऑनलाइन चरण से शुरू होगी, उसके बाद राज्य और क्षेत्रीय स्तर के दौर होंगे और राष्ट्रीय फाइनल के साथ समापन होगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक, पूर्वस्नातक स्तर पर कॉलेज छात्रों के लिए आरबीआई90क्विज़ की शुरुआत की घोषणा करता है। यह क्विज़ एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता है जिसे रिज़र्व बैंक की स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
आरबीआई90क्विज़ सामान्य ज्ञान पर आधारित है और इसमें बहु-स्तरीय प्रतियोगिता होगी, जो ऑनलाइन चरण से शुरू होगी, उसके बाद राज्य और क्षेत्रीय स्तर के दौर होंगे और राष्ट्रीय फाइनल के साथ समापन होगा।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 09, 2026