प्रेस प्रकाशनियां
6.48% जीएस 2035 I. अधिसूचित राशि ₹32,000 करोड़ II. कट ऑफ मूल्य (₹) / कट ऑफ पर निहित प्रतिफल 99.93 /6.4881%
6.48% जीएस 2035 I. अधिसूचित राशि ₹32,000 करोड़ II. कट ऑफ मूल्य (₹) / कट ऑफ पर निहित प्रतिफल 99.93 /6.4881%
अवधि अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) स्वीकृत राशि (₹ करोड़ में)
अवधि अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) स्वीकृत राशि (₹ करोड़ में)
In the underwriting auction conducted on December 05, 2025, for Additional Competitive Underwriting (ACU) of the undernoted Government security, the Reserve Bank of India has set the cut-off rates for underwriting commission payable to Primary Dealers as given below:
In the underwriting auction conducted on December 05, 2025, for Additional Competitive Underwriting (ACU) of the undernoted Government security, the Reserve Bank of India has set the cut-off rates for underwriting commission payable to Primary Dealers as given below:
वर्तमान चलनिधि एवं वित्तीय स्थितियों की समीक्षा के आधार पर, रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में चलनिधि बढ़ाने के लिए दिसंबर 2025 में निम्नलिखित परिचालन आयोजित करने का निर्णय लिया है: क. ₹1,00,000 करोड़ की कुल राशि के लिए भारत सरकार की प्रतिभूतियों की ओएमओ खरीद नीलामी ₹50,000 करोड़ प्रत्येक
वर्तमान चलनिधि एवं वित्तीय स्थितियों की समीक्षा के आधार पर, रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में चलनिधि बढ़ाने के लिए दिसंबर 2025 में निम्नलिखित परिचालन आयोजित करने का निर्णय लिया है: क. ₹1,00,000 करोड़ की कुल राशि के लिए भारत सरकार की प्रतिभूतियों की ओएमओ खरीद नीलामी ₹50,000 करोड़ प्रत्येक
सुप्रभात और नमस्कार। हम एक यादगार और चुनौतीपूर्ण वर्ष 2025 के अंतिम माह में हैं। जब हम पीछे मुड़कर इस वर्ष को देखते हैं, तो एक संतोष की अनुभूति होती है। अर्थव्यवस्था में मजबूत संवृद्धि और सौम्य मुद्रास्फीति देखी गई; बैंकिंग प्रणाली को और समेकित किया गया तथा वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने, व्यवसाय करने में आसानी को बढ़ाने और उपभोक्ता संरक्षण में सुधार करने के लिए विनियामक ढांचे में संशोधन किए गए। साथ ही, हम अर्थव्यवस्था
सुप्रभात और नमस्कार। हम एक यादगार और चुनौतीपूर्ण वर्ष 2025 के अंतिम माह में हैं। जब हम पीछे मुड़कर इस वर्ष को देखते हैं, तो एक संतोष की अनुभूति होती है। अर्थव्यवस्था में मजबूत संवृद्धि और सौम्य मुद्रास्फीति देखी गई; बैंकिंग प्रणाली को और समेकित किया गया तथा वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने, व्यवसाय करने में आसानी को बढ़ाने और उपभोक्ता संरक्षण में सुधार करने के लिए विनियामक ढांचे में संशोधन किए गए। साथ ही, हम अर्थव्यवस्था
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 58वीं बैठक 3 से 5 दिसंबर 2025 तक श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। एमपीसी के सदस्य डॉ. नागेश कुमार, श्री सौगत भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता और श्री इन्द्रनील भट्टाचार्य बैठक में शामिल हुए।
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की 58वीं बैठक 3 से 5 दिसंबर 2025 तक श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। एमपीसी के सदस्य डॉ. नागेश कुमार, श्री सौगत भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता और श्री इन्द्रनील भट्टाचार्य बैठक में शामिल हुए।
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,41,845.75 5.30 4.00-6.40 I. मांग मुद्रा 20,174.68 5.43 4.75-5.55 II. ट्राइपार्टी रेपो 4,03,694.65 5.25 5.19-5.35 III. बाज़ार रेपो 2,13,993.12 5.38 4.00-5.55 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,983.30 5.47
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,41,845.75 5.30 4.00-6.40 I. मांग मुद्रा 20,174.68 5.43 4.75-5.55 II. ट्राइपार्टी रेपो 4,03,694.65 5.25 5.19-5.35 III. बाज़ार रेपो 2,13,993.12 5.38 4.00-5.55 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,983.30 5.47
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है: क्रम संख्या अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) अवधि (दिन) समयावधि प्रत्यावर्तन की तारीख
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है: क्रम संख्या अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) अवधि (दिन) समयावधि प्रत्यावर्तन की तारीख
भारतीय रिजर्व बैंक ने 29 सितंबर 2025 को दो संशोधन परिपत्र अर्थात (i) वृहत् एक्सपोज़र ढांचा (संशोधन परिपत्र), 2025; तथा (ii) अंतःसमूह लेनदेन और एक्सपोज़र प्रबंधन पर दिशानिर्देश (संशोधन परिपत्र), 2025 के मसौदे जारी किए थे, जिसमें हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी गईं थी। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से भारत में विदेशी बैंक शाखाओं के उनके प्रधान कार्यालय और अन्य समूह संस्थाओं के एक्सपोज़र के निरूपण से संबंधित कतिपय वर्तमान प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना था।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 29 सितंबर 2025 को दो संशोधन परिपत्र अर्थात (i) वृहत् एक्सपोज़र ढांचा (संशोधन परिपत्र), 2025; तथा (ii) अंतःसमूह लेनदेन और एक्सपोज़र प्रबंधन पर दिशानिर्देश (संशोधन परिपत्र), 2025 के मसौदे जारी किए थे, जिसमें हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी गईं थी। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से भारत में विदेशी बैंक शाखाओं के उनके प्रधान कार्यालय और अन्य समूह संस्थाओं के एक्सपोज़र के निरूपण से संबंधित कतिपय वर्तमान प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना था।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अक्तूबर 2025 को ‘बाजार तंत्र के माध्यम से बड़े उधारकर्ताओं के लिए ऋण आपूर्ति बढ़ाने पर दिशानिर्देश (निरसन परिपत्र), 2025’ का मसौदा जारी किया, जिसके माध्यम से 2016 में जारी किए गए वर्तमान अनुदेशों को निरस्त करने के प्रस्ताव पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी गई थी।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अक्तूबर 2025 को ‘बाजार तंत्र के माध्यम से बड़े उधारकर्ताओं के लिए ऋण आपूर्ति बढ़ाने पर दिशानिर्देश (निरसन परिपत्र), 2025’ का मसौदा जारी किया, जिसके माध्यम से 2016 में जारी किए गए वर्तमान अनुदेशों को निरस्त करने के प्रस्ताव पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी गई थी।
29 सितंबर 2025 को, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक (स्वर्ण धातु ऋण) निदेश, 2025 का मसौदा जारी किया था, जिसमें हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी गई थी। निदेशों के मसौदे का उद्देश्य मुख्य रूप से (i) स्वर्ण धातु ऋण (जीएमएल) संबंधी विनियमों को समेकित करना; (ii) विवेकपूर्ण पहलुओं में कुछ विनियामक अंतराल को दूर करना; (iii) जीएमएल योजना के दायरे का विस्तार करना; और (iv) बैंकों को जीएमएल पर अपनी नीति तैयार करने में अधिक परिचालन स्वतंत्रता प्रदान करना था।
29 सितंबर 2025 को, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक (स्वर्ण धातु ऋण) निदेश, 2025 का मसौदा जारी किया था, जिसमें हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी गई थी। निदेशों के मसौदे का उद्देश्य मुख्य रूप से (i) स्वर्ण धातु ऋण (जीएमएल) संबंधी विनियमों को समेकित करना; (ii) विवेकपूर्ण पहलुओं में कुछ विनियामक अंतराल को दूर करना; (iii) जीएमएल योजना के दायरे का विस्तार करना; और (iv) बैंकों को जीएमएल पर अपनी नीति तैयार करने में अधिक परिचालन स्वतंत्रता प्रदान करना था।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सहकारी बैंकों, अर्थात्, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी), राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) को कारोबार के स्थान, नाम में संशोधन और अनुसूची में नाम शामिल करने की अनुमति से संबंधित कतिपय अनुदेश/ दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपर्युक्त अनुदेशों/ दिशानिर्देशों को सुसंगत बनाने और उन्हें एक ही स्थान पर समेकित करने के उद्देश्य
भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सहकारी बैंकों, अर्थात्, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी), राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) को कारोबार के स्थान, नाम में संशोधन और अनुसूची में नाम शामिल करने की अनुमति से संबंधित कतिपय अनुदेश/ दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपर्युक्त अनुदेशों/ दिशानिर्देशों को सुसंगत बनाने और उन्हें एक ही स्थान पर समेकित करने के उद्देश्य
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
सामान्य बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता की शुरुआत एक बचत बैंक खाते के रूप में की गई थी, जिसके माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे खातों के धारकों को कतिपय न्यूनतम सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है। हाल के वर्षों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार हुआ है। तथापि, बैंकिंग क्षेत्र के चल रहे डिजिटलीकरण के लिए बीएसबीडी खाते की आवश्यकता होती है जो ग्राहक की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप है। तदनुसार, वर्तमान अनुदेशों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया था
सामान्य बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता की शुरुआत एक बचत बैंक खाते के रूप में की गई थी, जिसके माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे खातों के धारकों को कतिपय न्यूनतम सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है। हाल के वर्षों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार हुआ है। तथापि, बैंकिंग क्षेत्र के चल रहे डिजिटलीकरण के लिए बीएसबीडी खाते की आवश्यकता होती है जो ग्राहक की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप है। तदनुसार, वर्तमान अनुदेशों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया था
भारत सरकार ने 5 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) को आयोजित की जाने वाली नीलामी के माध्यम से निम्नलिखित विवरण के अनुसार सरकारी प्रतिभूति की बिक्री (पुनर्निर्गम) की घोषणा की है। दिनांक 14 नवंबर 2007 को अधिसूचित वर्तमान हामीदारी वचनबद्धता योजना के अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक व्यापारी (पीडी) के लिए लागू न्यूनतम हामीदारी वचनबद्धता (एमयूसी) और अतिरिक्त प्रतिस्पर्धात्मक हामीदारी (एसीयू) नीलामी के अंतर्गत न्यूनतम बोली वचनबद्धता की राशियाँ निम्नानुसार हैं: (₹ करोड़) प्रतिभूति अधिसूचित राशि प्रत्येक पीडी के लिए एमयूसी राशि प्रत्येक पीडी के लिए अतिरिक्त एसीयू नीलामी के अंतर्गत न्यूनतम बोली वचनबद्धता 6.48% जीएस 2035 32,000 762 762
भारत सरकार ने 5 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) को आयोजित की जाने वाली नीलामी के माध्यम से निम्नलिखित विवरण के अनुसार सरकारी प्रतिभूति की बिक्री (पुनर्निर्गम) की घोषणा की है। दिनांक 14 नवंबर 2007 को अधिसूचित वर्तमान हामीदारी वचनबद्धता योजना के अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक व्यापारी (पीडी) के लिए लागू न्यूनतम हामीदारी वचनबद्धता (एमयूसी) और अतिरिक्त प्रतिस्पर्धात्मक हामीदारी (एसीयू) नीलामी के अंतर्गत न्यूनतम बोली वचनबद्धता की राशियाँ निम्नानुसार हैं: (₹ करोड़) प्रतिभूति अधिसूचित राशि प्रत्येक पीडी के लिए एमयूसी राशि प्रत्येक पीडी के लिए अतिरिक्त एसीयू नीलामी के अंतर्गत न्यूनतम बोली वचनबद्धता 6.48% जीएस 2035 32,000 762 762
अवधि 1-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 75,000 प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 72,377 स्वीकृत राशि (₹ करोड़ में) 72,377 कट ऑफ दर (%) 5.49 भारित औसत दर (%) 5.48 कट ऑफ दर पर प्राप्त प्रस्तावों के आंशिक स्वीकृति का प्रतिशत लागू नहीं
अवधि 1-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 75,000 प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 72,377 स्वीकृत राशि (₹ करोड़ में) 72,377 कट ऑफ दर (%) 5.49 भारित औसत दर (%) 5.48 कट ऑफ दर पर प्राप्त प्रस्तावों के आंशिक स्वीकृति का प्रतिशत लागू नहीं
मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,64,238.43 5.22 4.75-6.70 I. मांग मुद्रा 18,928.82 5.35 4.75-5.60 II. ट्राइपार्टी रेपो 3,96,732.70 5.17 5.01-5.25 III. बाज़ार रेपो 2,45,396.41 5.30 4.85-5.50 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,180.50 5.39 5.35-6.70 ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 314.75 5.37 5.00-5.50 II. मीयादी मुद्रा@@ 1,387.00 - 5.40-5.90 III. ट्राइपार्टी रेपो 1,265.00 5.27 5.20-5.35 IV. बाज़ार रेपो 185.95 5.65 5.50-5.85 V. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - -
मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,64,238.43 5.22 4.75-6.70 I. मांग मुद्रा 18,928.82 5.35 4.75-5.60 II. ट्राइपार्टी रेपो 3,96,732.70 5.17 5.01-5.25 III. बाज़ार रेपो 2,45,396.41 5.30 4.85-5.50 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,180.50 5.39 5.35-6.70 ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 314.75 5.37 5.00-5.50 II. मीयादी मुद्रा@@ 1,387.00 - 5.40-5.90 III. ट्राइपार्टी रेपो 1,265.00 5.27 5.20-5.35 IV. बाज़ार रेपो 185.95 5.65 5.50-5.85 V. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - -
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, गुरुवार, 4 दिसंबर 2025 को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है: क्रम संख्या अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) अवधि (दिन) समयावधि प्रत्यावर्तन की तारीख
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, गुरुवार, 4 दिसंबर 2025 को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है: क्रम संख्या अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) अवधि (दिन) समयावधि प्रत्यावर्तन की तारीख
सॉवरेन स्वर्ण बॉण्ड (एसजीबी) योजना पर भारत सरकार की दिनांक 6 अक्तूबर 2017 की अधिसूचना एफ.सं.4(25)-(डब्ल्यूएंडएम)/2017 (एसजीबी 2017-18 शृंखला X - जारी करने की तारीख 4 दिसंबर 2017) के अनुसार, स्वर्ण बॉण्ड की चुकौती, स्वर्ण बॉण्ड के जारी होने की तारीख से आठ वर्ष की समाप्ति पर की जाएगी। तद्नुसार, उपरोक्त शृंखला की अंतिम मोचन तिथि 4 दिसंबर 2025 होगी।
सॉवरेन स्वर्ण बॉण्ड (एसजीबी) योजना पर भारत सरकार की दिनांक 6 अक्तूबर 2017 की अधिसूचना एफ.सं.4(25)-(डब्ल्यूएंडएम)/2017 (एसजीबी 2017-18 शृंखला X - जारी करने की तारीख 4 दिसंबर 2017) के अनुसार, स्वर्ण बॉण्ड की चुकौती, स्वर्ण बॉण्ड के जारी होने की तारीख से आठ वर्ष की समाप्ति पर की जाएगी। तद्नुसार, उपरोक्त शृंखला की अंतिम मोचन तिथि 4 दिसंबर 2025 होगी।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए आरक्षित मुद्रा पर आंकड़े आज जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े के लिए आरक्षित मुद्रा पर आंकड़े आज जारी किए।
नीलामी का परिणाम 91 दिवसीय 182 दिवसीय 364 दिवसीय I. अधिसूचित राशि 7,000 6,000 6,000 II. प्राप्त प्रतिस्पर्धी बोलियां (i) संख्या 137 106 117 (ii) राशि 35,277.500 27,139.000 21,691.000 III. कट-ऑफ मूल्य/ प्रतिफल 98.6842 97.3174 94.7600 (परिपक्वता प्रतिफल: 5.3480%) (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5282%) (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5450%)
नीलामी का परिणाम 91 दिवसीय 182 दिवसीय 364 दिवसीय I. अधिसूचित राशि 7,000 6,000 6,000 II. प्राप्त प्रतिस्पर्धी बोलियां (i) संख्या 137 106 117 (ii) राशि 35,277.500 27,139.000 21,691.000 III. कट-ऑफ मूल्य/ प्रतिफल 98.6842 97.3174 94.7600 (परिपक्वता प्रतिफल: 5.3480%) (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5282%) (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5450%)
I. खज़ाना बिल 91 दिवसीय 182 दिवसीय 364 दिवसीय II. अधिसूचित कुल अंकित मूल्य ₹7,000 करोड़ ₹6,000 करोड़ ₹6,000 करोड़ III. कट-ऑफ मूल्य और कट-ऑफ मूल्य पर निहित प्रतिफल 98.6842 (परिपक्वता प्रतिफल:5.3480%) 97.3174 (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5282%) 94.7600 (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5450%) IV. स्वीकृत कुल अंकित मूल्य ₹7,000 करोड़ ₹6,000 करोड़ ₹6,000 करोड़
I. खज़ाना बिल 91 दिवसीय 182 दिवसीय 364 दिवसीय II. अधिसूचित कुल अंकित मूल्य ₹7,000 करोड़ ₹6,000 करोड़ ₹6,000 करोड़ III. कट-ऑफ मूल्य और कट-ऑफ मूल्य पर निहित प्रतिफल 98.6842 (परिपक्वता प्रतिफल:5.3480%) 97.3174 (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5282%) 94.7600 (परिपक्वता प्रतिफल: 5.5450%) IV. स्वीकृत कुल अंकित मूल्य ₹7,000 करोड़ ₹6,000 करोड़ ₹6,000 करोड़
मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,58,357.63 5.22 1.01-6.30 I. मांग मुद्रा 18,792.22 5.34 4.75-5.50 II. ट्राइपार्टी रेपो 4,17,433.30 5.18 5.05-5.50 III. बाज़ार रेपो 2,18,770.11 5.29 1.01-6.00 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,362.00 5.43 5.40-6.30 मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 169.85 5.22 4.85-5.40 II. मीयादी मुद्रा@@ 609.00 - 5.50-6.10 III. ट्राइपार्टी रेपो 2,670.00 5.24 5.15-5.44 IV. बाज़ार रेपो 75.29 5.75 5.75-5.75 V. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - -
मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,58,357.63 5.22 1.01-6.30 I. मांग मुद्रा 18,792.22 5.34 4.75-5.50 II. ट्राइपार्टी रेपो 4,17,433.30 5.18 5.05-5.50 III. बाज़ार रेपो 2,18,770.11 5.29 1.01-6.00 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,362.00 5.43 5.40-6.30 मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 169.85 5.22 4.85-5.40 II. मीयादी मुद्रा@@ 609.00 - 5.50-6.10 III. ट्राइपार्टी रेपो 2,670.00 5.24 5.15-5.44 IV. बाज़ार रेपो 75.29 5.75 5.75-5.75 V. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - -
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए भारतीय उद्योग (एफसी) में विदेशी सहयोग पर अपने द्विवार्षिक सर्वेक्षण के पंद्रहवें दौर के परिणाम1 जारी किए। यह सर्वेक्षण संलग्न अनुसूची के अनुसार संदर्भ अवधि के दौरान विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग वाली भारतीय कंपनियों के वित्तीय मापदंडों और परिचालनों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए भारतीय उद्योग (एफसी) में विदेशी सहयोग पर अपने द्विवार्षिक सर्वेक्षण के पंद्रहवें दौर के परिणाम1 जारी किए। यह सर्वेक्षण संलग्न अनुसूची के अनुसार संदर्भ अवधि के दौरान विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग वाली भारतीय कंपनियों के वित्तीय मापदंडों और परिचालनों के बारे में जानकारी प्राप्त करता है।
2 दिसंबर 2025 को आयोजित राज्य सरकार प्रतिभूतियों की नीलामी का परिणाम निम्नानुसार है:
2 दिसंबर 2025 को आयोजित राज्य सरकार प्रतिभूतियों की नीलामी का परिणाम निम्नानुसार है:
भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को 2024 की डी-एसआईबी सूची के समान ही बकेटिंग संरचना के अंतर्गत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में पहचाना गया है। इन डी-एसआईबी के लिए
भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को 2024 की डी-एसआईबी सूची के समान ही बकेटिंग संरचना के अंतर्गत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में पहचाना गया है। इन डी-एसआईबी के लिए
दिनांक 8 अक्तूबर 2025 की अधिसूचना DoR.LIC.No.S5379/16.13.300/2025-26 के माध्यम से निम्नलिखित आठ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के नाम भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में शामिल किए
दिनांक 8 अक्तूबर 2025 की अधिसूचना DoR.LIC.No.S5379/16.13.300/2025-26 के माध्यम से निम्नलिखित आठ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के नाम भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में शामिल किए
““मॉडल को-ऑप. बैंक लि.” को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में दिनांक 20 अक्तूबर 2025 की अधिसूचना CO.
““मॉडल को-ऑप. बैंक लि.” को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की द्वितीय अनुसूची में दिनांक 20 अक्तूबर 2025 की अधिसूचना CO.
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का नाम दिनांक 17 सितंबर 2025 की अधिसूचना CO.DOR.RAUG.No.S4790/07.12.000/2025-2026 के माध्यम से बदलकर “उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” कर दिया गया है, जिसे भारत के राजपत्र (भाग III-खंड 4) में दिनांक 24 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित किया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” का नाम दिनांक 17 सितंबर 2025 की अधिसूचना CO.DOR.RAUG.No.S4790/07.12.000/2025-2026 के माध्यम से बदलकर “उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ” कर दिया गया है, जिसे भारत के राजपत्र (भाग III-खंड 4) में दिनांक 24 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित किया गया है।
क्र. सं राज्य जुटाई जाने वाली राशि (₹ करोड़) स्वीकृत राशि (₹ करोड़) कट-ऑफ मूल्य (₹)/ प्रतिफल (%) अवधि (वर्ष) 1. आंध्र प्रदेश 1000 1000 7.35 11 1000 1000 7.53 15 1000 1000 7.59 19 2. बिहार* 1500 909.974 7.40 10 3. गुजरात 1000 1000 7.17 09 4. हिमाचल प्रदेश 350 350 6.75 04 5. मध्य प्रदेश 1000 1000 7.20 08 1000 1000 7.44 13 1000 1000 7.54 23 6. महाराष्ट्र 1000 1000 7.20 09 1000 1000 7.43 15 1000 1000 100.51/6.5809 10 सितंबर 2025 को जारी 6.74% महाराष्ट्र एसजीएस 2029 का पुननिर्गम 7. मेघालय 500 500 7.44 10
क्र. सं राज्य जुटाई जाने वाली राशि (₹ करोड़) स्वीकृत राशि (₹ करोड़) कट-ऑफ मूल्य (₹)/ प्रतिफल (%) अवधि (वर्ष) 1. आंध्र प्रदेश 1000 1000 7.35 11 1000 1000 7.53 15 1000 1000 7.59 19 2. बिहार* 1500 909.974 7.40 10 3. गुजरात 1000 1000 7.17 09 4. हिमाचल प्रदेश 350 350 6.75 04 5. मध्य प्रदेश 1000 1000 7.20 08 1000 1000 7.44 13 1000 1000 7.54 23 6. महाराष्ट्र 1000 1000 7.20 09 1000 1000 7.43 15 1000 1000 100.51/6.5809 10 सितंबर 2025 को जारी 6.74% महाराष्ट्र एसजीएस 2029 का पुननिर्गम 7. मेघालय 500 500 7.44 10
अवधि 2-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 50,000 प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 55,944 स्वीकृत राशि (₹ करोड़ में) 50,017 कट ऑफ दर (%) 5.49 भारित औसत दर (%) 5.49 कट ऑफ दर पर प्राप्त प्रस्तावों के आंशिक स्वीकृति का प्रतिशत 87.36
अवधि 2-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 50,000 प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 55,944 स्वीकृत राशि (₹ करोड़ में) 50,017 कट ऑफ दर (%) 5.49 भारित औसत दर (%) 5.49 कट ऑफ दर पर प्राप्त प्रस्तावों के आंशिक स्वीकृति का प्रतिशत 87.36
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, मंगलवार, 2 दिसंबर 2025 को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है: क्रम संख्या अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) अवधि (दिन) समयावधि प्रत्यावर्तन की तारीख
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, मंगलवार, 2 दिसंबर 2025 को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है: क्रम संख्या अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) अवधि (दिन) समयावधि प्रत्यावर्तन की तारीख
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,59,386.37 5.26 4.00-6.40 I. मांग मुद्रा 18,280.75 5.42 4.75-5.60 II. ट्राइपार्टी रेपो 4,15,631.00 5.20 4.70-5.32 III. बाज़ार रेपो 2,22,758.12 5.37 4.00-5.75 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 2,716.50 5.53 5.44-6.40 ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 179.35
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 6,59,386.37 5.26 4.00-6.40 I. मांग मुद्रा 18,280.75 5.42 4.75-5.60 II. ट्राइपार्टी रेपो 4,15,631.00 5.20 4.70-5.32 III. बाज़ार रेपो 2,22,758.12 5.37 4.00-5.75 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 2,716.50 5.53 5.44-6.40 ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 179.35
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजना की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस वार्षिक रिपोर्ट में आरबी-आईओएस, 2021 के अंतर्गत गतिविधियों के साथ-साथ उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण के अंतर्गत वर्ष के दौरान प्रमुख विकास और आगे की राह को शामिल किया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 की अवधि के लिए ओम्बड्समैन योजना की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस वार्षिक रिपोर्ट में आरबी-आईओएस, 2021 के अंतर्गत गतिविधियों के साथ-साथ उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण के अंतर्गत वर्ष के दौरान प्रमुख विकास और आगे की राह को शामिल किया गया है।
भारत सरकार ने निम्नलिखित विवरण के अनुसार ₹32,000 करोड़ की अधिसूचित राशि के लिए एक दिनांकित प्रतिभूति की बिक्री (पुनर्निर्गम) की घोषणा की है। क्र. सं. प्रतिभूति चुकौती की तारीख अधिसूचित राशि (₹ करोड़) भारत सरकार की विशिष्ट अधिसूचना नीलामी की तारीख भुगतान की तारीख 1 6.48% जीएस 2035 6 अक्तूबर 2035 32,000 एफ़ सं. 4(1)-बी (डब्ल्यूएंडएम)/ 2025 दिनांकित 1 दिसंबर 2025 5 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) 8 दिसंबर 2025 (सोमवार) कुल 32,000 2. भारत सरकार के पास उपर्युक्त प्रतिभूति में ₹2,000 करोड़ की सीमा तक, अतिरिक्त अभिदान बनाए रखने का विकल्प होगा।
भारत सरकार ने निम्नलिखित विवरण के अनुसार ₹32,000 करोड़ की अधिसूचित राशि के लिए एक दिनांकित प्रतिभूति की बिक्री (पुनर्निर्गम) की घोषणा की है। क्र. सं. प्रतिभूति चुकौती की तारीख अधिसूचित राशि (₹ करोड़) भारत सरकार की विशिष्ट अधिसूचना नीलामी की तारीख भुगतान की तारीख 1 6.48% जीएस 2035 6 अक्तूबर 2035 32,000 एफ़ सं. 4(1)-बी (डब्ल्यूएंडएम)/ 2025 दिनांकित 1 दिसंबर 2025 5 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) 8 दिसंबर 2025 (सोमवार) कुल 32,000 2. भारत सरकार के पास उपर्युक्त प्रतिभूति में ₹2,000 करोड़ की सीमा तक, अतिरिक्त अभिदान बनाए रखने का विकल्प होगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 19 मई 2023 की प्रेस प्रकाशनी 2023-2024/257 के माध्यम से ₹2000 मूल्यवर्ग के बैंकनोटों को संचलन से वापस लेने की घोषणा की थी। ₹2000 के बैंकनोटों को वापस लेने संबंधी स्थिति को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर प्रकाशित किया जाता रहा है। इस संबंध में पिछली प्रेस प्रकाशनी 1 नवंबर 2025 को प्रकाशित की गई थी। 2. ₹2000 के बैंकनोटों को जमा करने और/ या बदलने की सुविधा 7 अक्तूबर 2023 तक देश की सभी बैंक शाखाओं में उपलब्ध थी। 3. ₹2000 के बैंकनोटों को बदलने की सुविधा 19 मई 2023 से भारतीय रिज़र्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों (भारतीय रिज़र्व बैंक निर्गम कार्यालय) में उपलब्ध है। 9 अक्तूबर 2023 से, भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्गम कार्याल
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 19 मई 2023 की प्रेस प्रकाशनी 2023-2024/257 के माध्यम से ₹2000 मूल्यवर्ग के बैंकनोटों को संचलन से वापस लेने की घोषणा की थी। ₹2000 के बैंकनोटों को वापस लेने संबंधी स्थिति को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर प्रकाशित किया जाता रहा है। इस संबंध में पिछली प्रेस प्रकाशनी 1 नवंबर 2025 को प्रकाशित की गई थी। 2. ₹2000 के बैंकनोटों को जमा करने और/ या बदलने की सुविधा 7 अक्तूबर 2023 तक देश की सभी बैंक शाखाओं में उपलब्ध थी। 3. ₹2000 के बैंकनोटों को बदलने की सुविधा 19 मई 2023 से भारतीय रिज़र्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों (भारतीय रिज़र्व बैंक निर्गम कार्यालय) में उपलब्ध है। 9 अक्तूबर 2023 से, भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्गम कार्याल
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने श्रीमती उषा जानकीरामन को 1 दिसंबर 2025 से कार्यपालक निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। कार्यपालक निदेशक के रूप में पदोन्नति से पूर्व, श्रीमती उषा जानकीरामन विनियमन विभाग, केंद्रीय कार्यालय, मुंबई में प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं। श्रीमती उषा जानकीरामन के पास रिज़र्व बैंक में तीन दशक से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने विनियमन, बाह्य निवेश और परिचालन, बैंकिंग पर्यवेक्षण, सार्वजनिक ऋण प्रबंधन, मुद्रा प्रबंधन तथा रिज़र्व बैंक के अन्य क्षेत्रों में कार्य किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने श्रीमती उषा जानकीरामन को 1 दिसंबर 2025 से कार्यपालक निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। कार्यपालक निदेशक के रूप में पदोन्नति से पूर्व, श्रीमती उषा जानकीरामन विनियमन विभाग, केंद्रीय कार्यालय, मुंबई में प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं। श्रीमती उषा जानकीरामन के पास रिज़र्व बैंक में तीन दशक से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने विनियमन, बाह्य निवेश और परिचालन, बैंकिंग पर्यवेक्षण, सार्वजनिक ऋण प्रबंधन, मुद्रा प्रबंधन तथा रिज़र्व बैंक के अन्य क्षेत्रों में कार्य किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कल्लिडैकुरिची को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता के लिए विवेकपूर्ण मानदंड-'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' संबंधी संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 नवंबर 2025 के आदेश द्वारा दि कल्लिडैकुरिची को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता के लिए विवेकपूर्ण मानदंड-'प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)' संबंधी संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹50,000/- (पचास हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 27 नवंबर के आदेश द्वारा दि अर्नी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’, ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ तथा ‘स्वर्ण ऋण – एकबारगी पुनर्भुगतान – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 27 नवंबर के आदेश द्वारा दि अर्नी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी)’, ‘एक्सपोज़र मानदंड और सांविधिक / अन्य प्रतिबंध – यूसीबी’ तथा ‘स्वर्ण ऋण – एकबारगी पुनर्भुगतान – प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट (www.rbi.org.in) पर दूसरी तिमाही, अर्थात 2025-26 के जुलाई-सितंबर के लिए भुगतान संतुलन (बीओपी) संबंधी आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के आधार पर, अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियों में परिवर्तन के स्रोत तालिका 1
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी वेबसाइट (www.rbi.org.in) पर दूसरी तिमाही, अर्थात 2025-26 के जुलाई-सितंबर के लिए भुगतान संतुलन (बीओपी) संबंधी आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के आधार पर, अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियों में परिवर्तन के स्रोत तालिका 1
दूसरी तिमाही अर्थात् जुलाई - सितंबर 2025-26 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्तुत किए गए हैं।
2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की मुख्य विशेषताएं
भारत का चालू खाता घाटा 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) तक कम हुआ, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 20.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 2.2 प्रतिशत) था (तालिका 1)। 1,2
2025-26 की दूसरी तिमाही में पण्य व्यापार घाटा 87.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 88.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में कम था।
2025-26 की दूसरी तिमाही में निवल सेवा आय एक वर्ष पूर्व 44.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 50.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
कंप्यूटर सेवाओं और अन्य व्यावसायिक सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवा निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर वृद्धि हुई है।
प्राथमिक आय खाते पर निवल व्यय, जो मुख्य रूप से निवेश आय के भुगतानों को दर्शाता है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 9.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
द्वितीयक आय खाते के अंतर्गत व्यक्तिगत अंतरण आय, जो मुख्यतः विदेश में कार्यरत भारतीयों द्वारा विप्रेषणों को दर्शाती है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 34.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 38.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
वित्तीय खाते में, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह दर्ज किया, जबकि 2024-25 की उक्त अवधि में 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह था।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 5.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया,
दूसरी तिमाही अर्थात् जुलाई - सितंबर 2025-26 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्तुत किए गए हैं।
2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की मुख्य विशेषताएं
भारत का चालू खाता घाटा 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) तक कम हुआ, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 20.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 2.2 प्रतिशत) था (तालिका 1)। 1,2
2025-26 की दूसरी तिमाही में पण्य व्यापार घाटा 87.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2024-25 की दूसरी तिमाही में 88.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में कम था।
2025-26 की दूसरी तिमाही में निवल सेवा आय एक वर्ष पूर्व 44.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 50.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
कंप्यूटर सेवाओं और अन्य व्यावसायिक सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवा निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर वृद्धि हुई है।
प्राथमिक आय खाते पर निवल व्यय, जो मुख्य रूप से निवेश आय के भुगतानों को दर्शाता है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 9.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
द्वितीयक आय खाते के अंतर्गत व्यक्तिगत अंतरण आय, जो मुख्यतः विदेश में कार्यरत भारतीयों द्वारा विप्रेषणों को दर्शाती है, 2024-25 की दूसरी तिमाही में 34.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 38.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
वित्तीय खाते में, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह दर्ज किया, जबकि 2024-25 की उक्त अवधि में 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह था।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 5.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया,
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी-एससी) की उप-समिति द्वारा अपनी 32वीं बैठक में अनुमोदित वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफआई): 2025-30 को श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से जारी किया गया।
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी-एससी) की उप-समिति द्वारा अपनी 32वीं बैठक में अनुमोदित वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय कार्यनीति (एनएसएफआई): 2025-30 को श्री संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से जारी किया गया।
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 0.00 - - I. मांग मुद्रा 0.00 - - II. ट्राइपार्टी रेपो 0.00 - - III. बाज़ार रेपो 0.00 - - IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - - ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 0.00 - -
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 0.00 - - I. मांग मुद्रा 0.00 - - II. ट्राइपार्टी रेपो 0.00 - - III. बाज़ार रेपो 0.00 - - IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - - ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 0.00 - -
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 20,883.14 5.14 3.50-5.77 I. मांग मुद्रा 3,142.62 5.25 4.75-5.40 II. ट्राइपार्टी रेपो 11,902.95 4.90 4.50-5.50 III. बाज़ार रेपो 5,837.57 5.55 3.50-5.77 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - - ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 0.00 - - II. मीयादी मुद्रा@@ 0.00 - -
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 20,883.14 5.14 3.50-5.77 I. मांग मुद्रा 3,142.62 5.25 4.75-5.40 II. ट्राइपार्टी रेपो 11,902.95 4.90 4.50-5.50 III. बाज़ार रेपो 5,837.57 5.55 3.50-5.77 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 0.00 - - ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 0.00 - - II. मीयादी मुद्रा@@ 0.00 - -
अवधि 4-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 75,000 प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 56,935
अवधि 4-दिवसीय अधिसूचित राशि (₹ करोड़ में) 75,000 प्राप्त प्रस्तावों की कुल राशि (₹ करोड़ में) 56,935
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 14,744.59 5.41 4.75-5.80 I. मांग मुद्रा 1,860.00 5.21 4.75-5.60 II. ट्राइपार्टी रेपो 8,879.35 5.40 5.00-5.68 III. बाज़ार रेपो 349.74 5.44 5.25-5.50 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,655.50 5.53 5.46-5.80 ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 17,466.24 5.56 4.85-5.65 II. मीयादी मुद्रा@@ 969.00 - 5.65-6.05
(राशि करोड़ रुपये में और दर प्रतिशत में) मुद्रा बाज़ार@ मात्रा (एक चरण) भारित औसत दर सीमा क. ओवरनाइट खंड (I+II+III+IV) 14,744.59 5.41 4.75-5.80 I. मांग मुद्रा 1,860.00 5.21 4.75-5.60 II. ट्राइपार्टी रेपो 8,879.35 5.40 5.00-5.68 III. बाज़ार रेपो 349.74 5.44 5.25-5.50 IV. कॉरपोरेट बॉण्ड में रेपो 3,655.50 5.53 5.46-5.80 ख. मीयादी खंड I. सूचना मुद्रा** 17,466.24 5.56 4.85-5.65 II. मीयादी मुद्रा@@ 969.00 - 5.65-6.05
निम्नलिखित राज्य सरकारों ने नीलामी के माध्यम से कुल ₹31,350 करोड़ (अंकित मूल्य) की राशि के लिए स्टॉक की बिक्री का प्रस्ताव किया है। क्र. सं. राज्य जुटाई जाने वाली राशि (₹ करोड़) अवधि (वर्ष) नीलामी का प्रकार 1. आंध्र प्रदेश 1000 11 प्रतिफल 1000 15 प्रतिफल 1000 19 प्रतिफल 2. बिहार 1500 10 प्रतिफल 3. गुजरात
निम्नलिखित राज्य सरकारों ने नीलामी के माध्यम से कुल ₹31,350 करोड़ (अंकित मूल्य) की राशि के लिए स्टॉक की बिक्री का प्रस्ताव किया है। क्र. सं. राज्य जुटाई जाने वाली राशि (₹ करोड़) अवधि (वर्ष) नीलामी का प्रकार 1. आंध्र प्रदेश 1000 11 प्रतिफल 1000 15 प्रतिफल 1000 19 प्रतिफल 2. बिहार 1500 10 प्रतिफल 3. गुजरात
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, 1 दिसंबर 2025, सोमवार को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है:
वर्तमान और उभरती चलनिधि स्थितियों की समीक्षा के बाद, 1 दिसंबर 2025, सोमवार को निम्नानुसार परिवर्ती दर प्रतिवर्ती रेपो (वीआरआरआर) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है:
The Reserve Bank of India had issued draft Master Directions on Digital Banking Channels Authorisation, 2025 on July 21, 2025, seeking feedback from banks and other stakeholders. The Reserve Bank has issued instructions from time-to-time governing internet and mobile banking services offered by various categories of banks. These services have evolved significantly since issue of the initial guidelines, as new and innovative digital channels have come into use. The objective of the Master Directions is to facilitate sustainable growth of digital banking services, by consolidating and updating the existing instructions on use of digital channels for providing banking services.
The Reserve Bank of India had issued draft Master Directions on Digital Banking Channels Authorisation, 2025 on July 21, 2025, seeking feedback from banks and other stakeholders. The Reserve Bank has issued instructions from time-to-time governing internet and mobile banking services offered by various categories of banks. These services have evolved significantly since issue of the initial guidelines, as new and innovative digital channels have come into use. The objective of the Master Directions is to facilitate sustainable growth of digital banking services, by consolidating and updating the existing instructions on use of digital channels for providing banking services.
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: मार्च 10, 2026