प्रेस प्रकाशनियां
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
सामान्य बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता की शुरुआत एक बचत बैंक खाते के रूप में की गई थी, जिसके माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे खातों के धारकों को कतिपय न्यूनतम सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है। हाल के वर्षों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार हुआ है। तथापि, बैंकिंग क्षेत्र के चल रहे डिजिटलीकरण के लिए बीएसबीडी खाते की आवश्यकता होती है जो ग्राहक की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप है। तदनुसार, वर्तमान अनुदेशों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया था
सामान्य बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता की शुरुआत एक बचत बैंक खाते के रूप में की गई थी, जिसके माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे खातों के धारकों को कतिपय न्यूनतम सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है। हाल के वर्षों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार हुआ है। तथापि, बैंकिंग क्षेत्र के चल रहे डिजिटलीकरण के लिए बीएसबीडी खाते की आवश्यकता होती है जो ग्राहक की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप है। तदनुसार, वर्तमान अनुदेशों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया था
भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को 2024 की डी-एसआईबी सूची के समान ही बकेटिंग संरचना के अंतर्गत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में पहचाना गया है। इन डी-एसआईबी के लिए
भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को 2024 की डी-एसआईबी सूची के समान ही बकेटिंग संरचना के अंतर्गत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में पहचाना गया है। इन डी-एसआईबी के लिए
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 286037.41 324591.97 350944.60 291221.79 331728.86 3
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 286037.41 324591.97 350944.60 291221.79 331728.86 3
ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग
ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग
वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने सार्वजनिक दस्तावेज़ ‘कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकार’- 24 अक्तूबर 2025 द्वारा अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से अनुरोध किया है कि फरवरी 2020 में अपनाई गयी डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) और ईरान संबंधी वक्तव्य का संदर्भ लें, जो प्रभावी बना हुआ है। इसके अलावा, म्यांमार को उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकारों की सूची में शामिल किया गया है, जो अक्तूबर 2022 एफएटीएफ प्लेनरी में कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन है और एफएटीएफ ने अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से म्यांमार से उत्पन्न होने वाले जोखिम के समनुपातन अधिक सावधानी बरतने के उपायों को कार्यान्वित करने का आह्वान किया है। अधिक सावधानी बरतने संबंधी उपायों को कार्यान्वित करते समय, देशों को यह सुनिश्चित करने हेतु सूचित किया गया है कि मानवीय सहायता, वैध एनपीओ गतिविधि और विप्रेषण के लिए धन का प्रवाह बाधित न हो। कार्रवाई के आह्वान वाले देशों की सूची में म्यांमार की स्थिति यथावत् बनी हुई है।
वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने सार्वजनिक दस्तावेज़ ‘कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकार’- 24 अक्तूबर 2025 द्वारा अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से अनुरोध किया है कि फरवरी 2020 में अपनाई गयी डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) और ईरान संबंधी वक्तव्य का संदर्भ लें, जो प्रभावी बना हुआ है। इसके अलावा, म्यांमार को उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकारों की सूची में शामिल किया गया है, जो अक्तूबर 2022 एफएटीएफ प्लेनरी में कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन है और एफएटीएफ ने अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से म्यांमार से उत्पन्न होने वाले जोखिम के समनुपातन अधिक सावधानी बरतने के उपायों को कार्यान्वित करने का आह्वान किया है। अधिक सावधानी बरतने संबंधी उपायों को कार्यान्वित करते समय, देशों को यह सुनिश्चित करने हेतु सूचित किया गया है कि मानवीय सहायता, वैध एनपीओ गतिविधि और विप्रेषण के लिए धन का प्रवाह बाधित न हो। कार्रवाई के आह्वान वाले देशों की सूची में म्यांमार की स्थिति यथावत् बनी हुई है।
अक्तूबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है
अक्तूबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है
(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs,SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 294002.82 319163.07 317202.13 298612.42 327465.76 324259.03** b) Borrowings from banks 130776.35 83912.67 84168.72 130806.35 83950.17 84176.79
(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs,SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 294002.82 319163.07 317202.13 298612.42 327465.76 324259.03** b) Borrowings from banks 130776.35 83912.67 84168.72 130806.35 83950.17 84176.79
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 जनवरी 2025 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से लघु वित्त बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंसिंग के लिए दिशानिर्देशों के अंतर्गत वीएफएस कैपिटल लिमिटेड से आवेदन प्राप्त होने की घोषणा की थी। अब यह सूचित किया जाता है कि वीएफएस कैपिटल लिमिटेड ने अपना आवेदन वापस ले लिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 जनवरी 2025 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से लघु वित्त बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंसिंग के लिए दिशानिर्देशों के अंतर्गत वीएफएस कैपिटल लिमिटेड से आवेदन प्राप्त होने की घोषणा की थी। अब यह सूचित किया जाता है कि वीएफएस कैपिटल लिमिटेड ने अपना आवेदन वापस ले लिया है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 03, 2026