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अधिसूचनाएं
जून 26, 2014
विशेष जांच दल – उच्चतम न्यायालय का निर्णय
आरबीआई/2013-14/663ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.आरसीबी.बीसी.सं.113/03.05.33/2013-14 26 जून 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारीसभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक / राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय/महोदया विशेष जांच दल – उच्चतम न्यायालय का निर्णय माननीय उच्चतम न्यायालय के 04 जुलाई 2011 के निर्णय के अनुसरण में भारत सरकार ने माननीय न्यायमूर्ति एम. बी. शाह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय ने निदेश दिया है कि : "राज्य के
आरबीआई/2013-14/663ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.आरसीबी.बीसी.सं.113/03.05.33/2013-14 26 जून 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारीसभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक / राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय/महोदया विशेष जांच दल – उच्चतम न्यायालय का निर्णय माननीय उच्चतम न्यायालय के 04 जुलाई 2011 के निर्णय के अनुसरण में भारत सरकार ने माननीय न्यायमूर्ति एम. बी. शाह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय ने निदेश दिया है कि : "राज्य के
जून 16, 2014
अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड/ धनशोधन निवारण (एएमएल) मानक/ आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी)/ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत बैंकों के दायित्व – विदेशी संविभाग निवेशकों (एफपीआई) के लिए केवाईसी मानदंडों का सामंजस्य
आरबीआई/2013-14/644 ग्राआऋवि.आरसीबी.एएमएल.बीसी.सं.112/07.51.018/2013-14 16 जून 2014 मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी एडी श्रेणी । राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) महोदया / महोदय, अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड/ धनशोधन निवारण (एएमएल) मानक/ आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी)/ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत बैंकों के दायित्व – विदेशी संविभाग निवेशकों (एफपीआई) के लिए केवाईसी मानदंडों का सामंजस्य कृपया पहला द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य 2014-15 देखें
आरबीआई/2013-14/644 ग्राआऋवि.आरसीबी.एएमएल.बीसी.सं.112/07.51.018/2013-14 16 जून 2014 मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी एडी श्रेणी । राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) महोदया / महोदय, अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड/ धनशोधन निवारण (एएमएल) मानक/ आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी)/ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत बैंकों के दायित्व – विदेशी संविभाग निवेशकों (एफपीआई) के लिए केवाईसी मानदंडों का सामंजस्य कृपया पहला द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य 2014-15 देखें
जून 12, 2014
अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड/धनशोधन निवारण (एएमएल) मानक/आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी)/धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएलएमए), 2002 के अन्तर्गत बैंकों का दायित्व – पते के प्रमाण पर स्पष्टीकरण
आरबीआई/2013-14/641ग्राआऋवि.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.बीसी.सं.111/07.51.018/2013-14 12 जून 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारीसभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) औरराज्य/केंद्रीय सहकारी बैंक (एसटीसीबी/सीसीबी) महोदया/महोदय, अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड/धनशोधन निवारण (एएमएल) मानक/आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी)/धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएलएमए), 2002 के अन्तर्गत बैंकों का दायित्व – पते के प्रमाण पर स्पष्टीकरण कृपया अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) म
आरबीआई/2013-14/641ग्राआऋवि.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.बीसी.सं.111/07.51.018/2013-14 12 जून 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारीसभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) औरराज्य/केंद्रीय सहकारी बैंक (एसटीसीबी/सीसीबी) महोदया/महोदय, अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड/धनशोधन निवारण (एएमएल) मानक/आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी)/धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएलएमए), 2002 के अन्तर्गत बैंकों का दायित्व – पते के प्रमाण पर स्पष्टीकरण कृपया अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) म
जून 05, 2014
बैंककारी विधि (संशोधन) अधिनियम 2012 – बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 18 और 24 में संशोधन – गैर-अनुसूचित राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) तथा राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना
भारिबैं/2013-14/631 ग्राआऋवि.आरसीबी.बीसी.सं. 110/07.51.020/2013-14 जून 5, 2014 सभी राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय/महोदया बैंककारी विधि (संशोधन) अधिनियम 2012 – बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 18 और 24 में संशोधन – गैर-अनुसूचितराज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) तथा राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना भारतीय रिज़र्व
भारिबैं/2013-14/631 ग्राआऋवि.आरसीबी.बीसी.सं. 110/07.51.020/2013-14 जून 5, 2014 सभी राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय/महोदया बैंककारी विधि (संशोधन) अधिनियम 2012 – बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 18 और 24 में संशोधन – गैर-अनुसूचितराज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) तथा राज्य सहकारी बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना भारतीय रिज़र्व
मई 28, 2014
नये राज्य तेलंगाना का बनाया जाना – एसएलबीसी संयोजक के दायित्व का आबंटन
आरबीआई/2013-14/617 ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.सं.13027/02.01.001/2013-14 28 मई 2014 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सभी एसएलबीसी संयोजक बैंक महोदय/महोदया, नये राज्य तेलंगाना का बनाया जाना – एसएलबीसी संयोजक के दायित्व का आबंटन 1 मार्च 2014 के भारत के राजपत्र 2014 की अधिसूचना सं. 6 के अनुसार देश के 29वें राज्य अर्थात तेलंगाना को बनाया गया है और नियत तारीख 2 जून 2014 निश्चित की गयी है। 2. यह निर्णय किया गया है कि स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद को तेलंगाना राज्य के एसएलबीसी संयोजक का
आरबीआई/2013-14/617 ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.सं.13027/02.01.001/2013-14 28 मई 2014 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सभी एसएलबीसी संयोजक बैंक महोदय/महोदया, नये राज्य तेलंगाना का बनाया जाना – एसएलबीसी संयोजक के दायित्व का आबंटन 1 मार्च 2014 के भारत के राजपत्र 2014 की अधिसूचना सं. 6 के अनुसार देश के 29वें राज्य अर्थात तेलंगाना को बनाया गया है और नियत तारीख 2 जून 2014 निश्चित की गयी है। 2. यह निर्णय किया गया है कि स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद को तेलंगाना राज्य के एसएलबीसी संयोजक का
मई 27, 2014
अपरिचालित खातों में न्यूनतम शेष नहीं बनाए रखने पर दंडात्मक प्रभार लगाना
आरबीआई/2013-14/611 ग्राआऋवि.आरआरबी.बीसी.सं.105/03.05.33/2013-14 27 मई 2014 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदया / महोदय, अपरिचालित खातों में न्यूनतम शेष नहीं बनाए रखने पर दंडात्मक प्रभार लगाना कृपया 01 अप्रैल 2014 को घोषित प्रथम द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2014-15 का भाग 'ख' देखें जिसमें ग्राहक सुरक्षा के लिए कतिपय उपायों का प्रस्ताव किया गया है, जैसे किसी अपरिचालित खाते में न्यूनतम शेष नहीं बनाए रखने के लिए दंडात्मक प्रभार नहीं लगाया जाना चाहिए। 2. इ
आरबीआई/2013-14/611 ग्राआऋवि.आरआरबी.बीसी.सं.105/03.05.33/2013-14 27 मई 2014 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदया / महोदय, अपरिचालित खातों में न्यूनतम शेष नहीं बनाए रखने पर दंडात्मक प्रभार लगाना कृपया 01 अप्रैल 2014 को घोषित प्रथम द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2014-15 का भाग 'ख' देखें जिसमें ग्राहक सुरक्षा के लिए कतिपय उपायों का प्रस्ताव किया गया है, जैसे किसी अपरिचालित खाते में न्यूनतम शेष नहीं बनाए रखने के लिए दंडात्मक प्रभार नहीं लगाया जाना चाहिए। 2. इ
मई 27, 2014
नाबालिगों के नाम पर बैंक खाते खोलना
आरबीआई/2013-14/610 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी. 104/03.05.33/2013-14 27 मई 2014 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय/महोदया नाबालिगों के नाम पर बैंक खाते खोलना कृपया 12 मई 2014 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं.100/03.05.33/2013-14 का पैरा 4.10 देखें जिसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सूचित किया गया था कि वे अभिभावक के रूप में माता के साथ नाबालिग खाते (केवल सावधि, बचत और आवर्ती जमा खाते) खोलने की अनुमति दें, बशर्ते ऐसे खातों के परिचालन में सुरक्षा के
आरबीआई/2013-14/610 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी. 104/03.05.33/2013-14 27 मई 2014 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय/महोदया नाबालिगों के नाम पर बैंक खाते खोलना कृपया 12 मई 2014 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं.100/03.05.33/2013-14 का पैरा 4.10 देखें जिसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सूचित किया गया था कि वे अभिभावक के रूप में माता के साथ नाबालिग खाते (केवल सावधि, बचत और आवर्ती जमा खाते) खोलने की अनुमति दें, बशर्ते ऐसे खातों के परिचालन में सुरक्षा के
मई 27, 2014
अस्थिर दर वाले मीयादी ऋणों पर फोरक्लोजर प्रभार/अवधिपूर्व भुगतान अर्थदंड का लगाया जाना
आरबीआई/2013-14/612 ग्राआऋवि.केंका.आरसीबीडी.आरआरबी.बीसी.सं.102/07.51.013/2013-14 27 मई 2014 अध्यक्षसभी राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक (एसटीसीबी और सीसीबी) सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) महोदय /महोदया अस्थिर दर वाले मीयादी ऋणों पर फोरक्लोजर प्रभार/अवधिपूर्व भुगतान अर्थदंड का लगाया जाना कृपया 'आवास ऋण – फोरक्लोजर प्रभार/अवधिपूर्व भुगतान अर्थदंड का लगाया जाना' विषय पर दिनांक 15 जून 2012 का एसटीसीबी और सीसीबी को संबोधित हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. केंका.आरसीबीडी.बीसी.स
आरबीआई/2013-14/612 ग्राआऋवि.केंका.आरसीबीडी.आरआरबी.बीसी.सं.102/07.51.013/2013-14 27 मई 2014 अध्यक्षसभी राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक (एसटीसीबी और सीसीबी) सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) महोदय /महोदया अस्थिर दर वाले मीयादी ऋणों पर फोरक्लोजर प्रभार/अवधिपूर्व भुगतान अर्थदंड का लगाया जाना कृपया 'आवास ऋण – फोरक्लोजर प्रभार/अवधिपूर्व भुगतान अर्थदंड का लगाया जाना' विषय पर दिनांक 15 जून 2012 का एसटीसीबी और सीसीबी को संबोधित हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. केंका.आरसीबीडी.बीसी.स
मई 15, 2014
प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र के अंतर्गत आरआइडीएफ एवं कतिपय अन्य निधियों की गणना
भारिबैं/2013-14/591ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी.सं.101/04.09.01/2013-14 15 मई 2014 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी [ सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोडकर) ] महोदय, प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र के अंतर्गत आरआइडीएफ एवं कतिपय अन्य निधियों की गणना यह निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित वाणिज्य बैंकों द्वारा प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को ऋण देने में कमी के कारण ग्रामीण बुनियादी विकास निधि (आरआइडीएफ) तथा नाबार्ड के पास सुस्थापित कतिपय अन्य न
भारिबैं/2013-14/591ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी.सं.101/04.09.01/2013-14 15 मई 2014 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी [ सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोडकर) ] महोदय, प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र के अंतर्गत आरआइडीएफ एवं कतिपय अन्य निधियों की गणना यह निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित वाणिज्य बैंकों द्वारा प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को ऋण देने में कमी के कारण ग्रामीण बुनियादी विकास निधि (आरआइडीएफ) तथा नाबार्ड के पास सुस्थापित कतिपय अन्य न
मई 12, 2014
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में ग्राहक सेवा
भारिबैं/2013-14/589 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं.100/03.05.33/2013-14 12 मई 2014 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीणबैंक महोदय/महोदया, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में ग्राहक सेवा बैंकिंग उद्योग में ग्राहक सेवा का अत्यधिक महत्व है। आज भारत में वित्तीय सेवाओं के वितरण के लिए बैकिंग प्रणाली की पहुंच संभवत: अधिकतम है और वह वित्तीय सेवाओं के वितरण के लिए मुख्य वाहक का भी कार्य कर रही है। जहां इसकी व्याप्ति दिनोंदिन बढ़ती जा रही है वहीं ग्राहक सेवा की गुणवत्ता और वितरण से मिल
भारिबैं/2013-14/589 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं.100/03.05.33/2013-14 12 मई 2014 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीणबैंक महोदय/महोदया, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में ग्राहक सेवा बैंकिंग उद्योग में ग्राहक सेवा का अत्यधिक महत्व है। आज भारत में वित्तीय सेवाओं के वितरण के लिए बैकिंग प्रणाली की पहुंच संभवत: अधिकतम है और वह वित्तीय सेवाओं के वितरण के लिए मुख्य वाहक का भी कार्य कर रही है। जहां इसकी व्याप्ति दिनोंदिन बढ़ती जा रही है वहीं ग्राहक सेवा की गुणवत्ता और वितरण से मिल
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