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भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट
मास्टर परिपत्र
जुलाई 05, 2007
Master Circular-Priority Sector Lending - Credit facilities to Minority Communities
RBI/2007-2008/89 RPCD NO. SP.BC. 12 / 09.10.01/2007-08 July 5, 2007 All Commercial Banks Dear Sir, Master Circular-Priority Sector Lending - Credit facilities to Minority Communities Reserve Bank of India has, periodically, issued instructions/directives to banks with regard to providing credit facilities to Minority Communities. To enable banks to have current instructions at one place, a Master Circular incorporating all the existing guidelines/instructions/directiv
RBI/2007-2008/89 RPCD NO. SP.BC. 12 / 09.10.01/2007-08 July 5, 2007 All Commercial Banks Dear Sir, Master Circular-Priority Sector Lending - Credit facilities to Minority Communities Reserve Bank of India has, periodically, issued instructions/directives to banks with regard to providing credit facilities to Minority Communities. To enable banks to have current instructions at one place, a Master Circular incorporating all the existing guidelines/instructions/directiv
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - प्राथमिक व्यापारियों को परिचालनगत दिशानिर्देश
भारिबैं/2007-08/56 संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरएस.सं.01 /03.64.00 /2007-08 2 जुलाई 2007 सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में सभी प्राथमिक व्यापारीमहोदय मास्टर परिपत्र - प्राथमिक व्यापारियों को परिचालनगत दिशानिर्देशजैसा कि आपको ज्ञात है, भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में अपने परिचालनों के संबंध में प्राथमिक व्यापारियों को कई दिशानिर्देश/अनुदेश/परिपत्र जारी किए हैं । उक्त विषय पर सभी दिशानिर्देशों/अनुदेशों/निदेशों को सम्मिलित करते हुए दिनांक 18 जुलाई 2006 को
भारिबैं/2007-08/56 संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरएस.सं.01 /03.64.00 /2007-08 2 जुलाई 2007 सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में सभी प्राथमिक व्यापारीमहोदय मास्टर परिपत्र - प्राथमिक व्यापारियों को परिचालनगत दिशानिर्देशजैसा कि आपको ज्ञात है, भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में अपने परिचालनों के संबंध में प्राथमिक व्यापारियों को कई दिशानिर्देश/अनुदेश/परिपत्र जारी किए हैं । उक्त विषय पर सभी दिशानिर्देशों/अनुदेशों/निदेशों को सम्मिलित करते हुए दिनांक 18 जुलाई 2006 को
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र- सरकारी प्रतिभूति बाजार में प्राथमिक व्यापारी कारोबार कर रहे /करने के लिए प्रस्तावित बैंकों के लिए
भारिबैं /2007-08/57 संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरएस.02 /03.64.00/2007-08 2 जुलाई 2007सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदयमास्टर परिपत्र- सरकारी प्रतिभूति बाजार में प्राथमिक व्यापारी कारोबार कर रहे /करने के लिए प्रस्तावित बैंकों के लिए परिचालनगत दिशानिर्देश जैसा कि आपका ज्ञात है, भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में अपने परिचालनों के संबंध में प्राथमिक व्यापारियों को कई दिशानिर्देश/अनुदेश/परिपत्र जारी किए हैं । प्राथम
भारिबैं /2007-08/57 संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरएस.02 /03.64.00/2007-08 2 जुलाई 2007सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदयमास्टर परिपत्र- सरकारी प्रतिभूति बाजार में प्राथमिक व्यापारी कारोबार कर रहे /करने के लिए प्रस्तावित बैंकों के लिए परिचालनगत दिशानिर्देश जैसा कि आपका ज्ञात है, भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में अपने परिचालनों के संबंध में प्राथमिक व्यापारियों को कई दिशानिर्देश/अनुदेश/परिपत्र जारी किए हैं । प्राथम
जुलाई 02, 2007
स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारियों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधन दिशानिर्देश
भारिबैं/2006-07/58संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरएस.सं.03 /03.64.00 /2007-08 2 जुलाई 2007 सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में सभी स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारी महोदय स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारियों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधन दिशानिर्देश कृपया उपर्युक्त विषय पर 2 अगस्त 2006 के हमारे मास्टर परिपत्र आंऋप्रवि.पीडीआरएस. सं.457/03.64.00/2006-07 के संदर्भ में देखें । चूंकि वर्ष 2006-07 के दौरान रिज़र्व बैंक द्वारा कोई संशोधन/परिवर्तन नहीं किए गए हैं, अत: वही मास्टर परिपत्र
भारिबैं/2006-07/58संदर्भ : आंऋप्रवि.पीडीआरएस.सं.03 /03.64.00 /2007-08 2 जुलाई 2007 सरकारी प्रतिभूति बाज़ार में सभी स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारी महोदय स्वतंत्र प्राथमिक व्यापारियों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंड और जोखिम प्रबंधन दिशानिर्देश कृपया उपर्युक्त विषय पर 2 अगस्त 2006 के हमारे मास्टर परिपत्र आंऋप्रवि.पीडीआरएस. सं.457/03.64.00/2006-07 के संदर्भ में देखें । चूंकि वर्ष 2006-07 के दौरान रिज़र्व बैंक द्वारा कोई संशोधन/परिवर्तन नहीं किए गए हैं, अत: वही मास्टर परिपत्र
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - नोटों तथा सिक्कों को बदलने की सुविधा
आरबीआई /2007-08/60 डीसीएम(नोट विनिमय) सं. 7/08.07.18/2006-07 02 जुलाई 2007 अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी बैंक, विदेशी बैंक एवं राज्य सहकारी बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र - नोटों तथा सिक्कों को बदलने की सुविधा कृपया नोटों तथा सिक्कों के विनिमय की सुविधा संबंधी 5 जुलाई 2002 के हमारे मास्टर परिपत्र डीसीएम (नोट विनिमय) सं. जी.2/08.07.18/2002-03 का संदर्भ लें । हम इसके साथ इस मामले में हुए परिवर्तनों को सम्मिलित करते हुए इस विषय पर संशोधित मास्
आरबीआई /2007-08/60 डीसीएम(नोट विनिमय) सं. 7/08.07.18/2006-07 02 जुलाई 2007 अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी बैंक, विदेशी बैंक एवं राज्य सहकारी बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र - नोटों तथा सिक्कों को बदलने की सुविधा कृपया नोटों तथा सिक्कों के विनिमय की सुविधा संबंधी 5 जुलाई 2002 के हमारे मास्टर परिपत्र डीसीएम (नोट विनिमय) सं. जी.2/08.07.18/2002-03 का संदर्भ लें । हम इसके साथ इस मामले में हुए परिवर्तनों को सम्मिलित करते हुए इस विषय पर संशोधित मास्
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात
आरबीआइ/2007-08/25 मास्टर परिपत्र सं. 09 /2007-08 जुलाई 2, 2007सेवा में,विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिकृत सभी बैंकमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यातभारत से माल और सेवाओं का निर्यात मई 3, 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) और समय-समय पर यथा संशोधित मई 3, 2000 की फेमा अधिसूचना 23/आरबी-2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (क) और उप-धारा (3) के अनुसार करने की अनुमति है । 2. यह मास्
आरबीआइ/2007-08/25 मास्टर परिपत्र सं. 09 /2007-08 जुलाई 2, 2007सेवा में,विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिकृत सभी बैंकमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यातभारत से माल और सेवाओं का निर्यात मई 3, 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) और समय-समय पर यथा संशोधित मई 3, 2000 की फेमा अधिसूचना 23/आरबी-2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (क) और उप-धारा (3) के अनुसार करने की अनुमति है । 2. यह मास्
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र उधार - अनुसूचित जाति (अजा) और अनुसूचित जनजाति (अजजा) को ऋण सुविधाएँ
भारिबैं / 2007-08 /28 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी. 3/09.09.01/2007-082.7.2007 सभी वाणिज्य बैंकमहोदय,मास्टर परिपत्र - प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र उधार - अनुसूचित जाति (अजा) और अनुसूचित जनजाति (अजजा) को ऋण सुविधाएँ भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को ऋण सुविधाएं देने के संबंध में समय-समय पर अनुदेश/निदेश जारी किये हैं । बैंकों के पास वर्तमान अनुदेश एक साथ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी वर्तमान दिशानिदेशों/अनुदेशों/निदेशों को शामिल करते हुए एक मा
भारिबैं / 2007-08 /28 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी. 3/09.09.01/2007-082.7.2007 सभी वाणिज्य बैंकमहोदय,मास्टर परिपत्र - प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र उधार - अनुसूचित जाति (अजा) और अनुसूचित जनजाति (अजजा) को ऋण सुविधाएँ भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को ऋण सुविधाएं देने के संबंध में समय-समय पर अनुदेश/निदेश जारी किये हैं । बैंकों के पास वर्तमान अनुदेश एक साथ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी वर्तमान दिशानिदेशों/अनुदेशों/निदेशों को शामिल करते हुए एक मा
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में बैंकों द्वारा किए जाने वाले राहत उपायों के लिए दिशानिर्देश
भारिबैं /2007-2008 /16 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 1 /05.04.02/2007-08 जुलाई 2, 2007 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक /मुख्य कार्यपालक अधिकारी डसभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)महोदय, मास्टर परिपत्र - प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में बैंकों द्वारा किए जाने वाले राहत उपायों के लिए दिशानिर्देश कृपया दिनांक 10 जुलाई 2006 का हमारा मास्टर परिपत्र ग्राआऋवि.सं. पीएलएफएस. बीसी.10/ 05.04.02/2005-06 देखें जिसमें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रो
भारिबैं /2007-2008 /16 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 1 /05.04.02/2007-08 जुलाई 2, 2007 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक /मुख्य कार्यपालक अधिकारी डसभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)महोदय, मास्टर परिपत्र - प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में बैंकों द्वारा किए जाने वाले राहत उपायों के लिए दिशानिर्देश कृपया दिनांक 10 जुलाई 2006 का हमारा मास्टर परिपत्र ग्राआऋवि.सं. पीएलएफएस. बीसी.10/ 05.04.02/2005-06 देखें जिसमें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रो
जुलाई 02, 2007
भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र
आरबीआइ/2007-08/18 मास्टर परिपत्र सं. 02 /2007-08 जुलाई 2, 2007सेवा में,सभी प्राधिकृत व्यापारी बैंक श्रेणी Iमहोदया /महोदयभारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में निवेश समय-समय पर यथा संशोधित मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इसके अलावा, इस मास्टर प
आरबीआइ/2007-08/18 मास्टर परिपत्र सं. 02 /2007-08 जुलाई 2, 2007सेवा में,सभी प्राधिकृत व्यापारी बैंक श्रेणी Iमहोदया /महोदयभारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में निवेश समय-समय पर यथा संशोधित मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इसके अलावा, इस मास्टर प
जुलाई 02, 2007
वाणिज्यिक पत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश
आरबीआई/2007-08/11संदर्भ सं: एफ़एमडी.एमएसआरजी.सं:14/02.02.009/2007-08 02 जुलाई 2007 आषाढ़ 11, 1929 (एस) अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित बैंक, प्राथमिक व्यापारी तथा अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान महोदय, वाणिज्यिक पत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप विदित हैं, वाणिज्यिक पत्र (सीपी), एक प्रोनोट के रूप में जारी एक असुरक्षित मुद्रा बाजार लिखित है, जिसे भारत में 1990 में शुरू किया गया था ताकि उच्च श्रेणी के कॉर्पोरेट उधारकर्ताओं को अल्पकालिक उधार के अपने स
आरबीआई/2007-08/11संदर्भ सं: एफ़एमडी.एमएसआरजी.सं:14/02.02.009/2007-08 02 जुलाई 2007 आषाढ़ 11, 1929 (एस) अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित बैंक, प्राथमिक व्यापारी तथा अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान महोदय, वाणिज्यिक पत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप विदित हैं, वाणिज्यिक पत्र (सीपी), एक प्रोनोट के रूप में जारी एक असुरक्षित मुद्रा बाजार लिखित है, जिसे भारत में 1990 में शुरू किया गया था ताकि उच्च श्रेणी के कॉर्पोरेट उधारकर्ताओं को अल्पकालिक उधार के अपने स
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं (WOS)में प्रत्यक्ष निवेश
आरबीआइ/2007-08/17 मास्टर परिपत्र सं. 1 /2007-08 जुलाई 2, 2007सेवा में,विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारीमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं (WOS)में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित जुलाई 7, 2004 की फेमा अधिसूचना सं.जीएसआर 120/आरबी-2004 और नवंबर 19, 2004 की अधिसूचना सं. जीएसआर 757(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप धारा (3) के खंड (क) के
आरबीआइ/2007-08/17 मास्टर परिपत्र सं. 1 /2007-08 जुलाई 2, 2007सेवा में,विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारीमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं (WOS)में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित जुलाई 7, 2004 की फेमा अधिसूचना सं.जीएसआर 120/आरबी-2004 और नवंबर 19, 2004 की अधिसूचना सं. जीएसआर 757(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप धारा (3) के खंड (क) के
जुलाई 02, 2007
जमा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश
आरबीआई/2007-2008/12संदर्भ.सं:एफ़एमडी.एमएसआरजी.सं15/02.02.004/2007-08 02 जुलाई 2007 आषाढ़ 11, 1929 (S) अध्यक्ष/कार्यपालक निदेशक सभी वाणिज्यिक बैंक (आरआरबी और एलएबी को छोड़कर)तथा अखिल भारतीय सावधि ऋण और पुनर्वित्त संस्थान महोदय, जमा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप विदित हैं, मुद्रा बाजार लिखतों की सीमा को और अधिक विस्तृत करने और निवेशकों को उनके अल्पकालिक अधिशेष निधियों के नियोजन में अधिक लचीलापन लाने की दृष्टि से, भारत में 1989 में जमा प्रमाणपत्र (सीडी)
आरबीआई/2007-2008/12संदर्भ.सं:एफ़एमडी.एमएसआरजी.सं15/02.02.004/2007-08 02 जुलाई 2007 आषाढ़ 11, 1929 (S) अध्यक्ष/कार्यपालक निदेशक सभी वाणिज्यिक बैंक (आरआरबी और एलएबी को छोड़कर)तथा अखिल भारतीय सावधि ऋण और पुनर्वित्त संस्थान महोदय, जमा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश जैसा कि आप विदित हैं, मुद्रा बाजार लिखतों की सीमा को और अधिक विस्तृत करने और निवेशकों को उनके अल्पकालिक अधिशेष निधियों के नियोजन में अधिक लचीलापन लाने की दृष्टि से, भारत में 1989 में जमा प्रमाणपत्र (सीडी)
जुलाई 02, 2007
कॉल/नोटिस मुद्रा बाजार परिचालनों पर मास्टर परिपत्र
आरबीआई/2007-2008/13 एफएमडी.एमएसआरजी.सं.16/02.02.001/2007-08 2 जुलाई 2007 आषाढ 11, 1929 (शु) अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालन अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेग्राबैं को छोड़कर)/ सहकारी बैंक/प्राथमिक डीलर महोदय कॉल/नोटिस मुद्रा बाजार परिचालनों पर मास्टर परिपत्र जैसा कि आप जानते हैं भारतीय रिज़र्व बैंक ने कॉल/नोटिस मुद्रा बाजार से संबंधित मामलों के संबंध में समय-समय पर बैंकों को कई दिशानिर्देश/अनुदेश/निदेश जारी किए हैं। पात्र संस्थानों को एक ही स्थान पर वर्तमान अनुदेश प्
आरबीआई/2007-2008/13 एफएमडी.एमएसआरजी.सं.16/02.02.001/2007-08 2 जुलाई 2007 आषाढ 11, 1929 (शु) अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालन अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेग्राबैं को छोड़कर)/ सहकारी बैंक/प्राथमिक डीलर महोदय कॉल/नोटिस मुद्रा बाजार परिचालनों पर मास्टर परिपत्र जैसा कि आप जानते हैं भारतीय रिज़र्व बैंक ने कॉल/नोटिस मुद्रा बाजार से संबंधित मामलों के संबंध में समय-समय पर बैंकों को कई दिशानिर्देश/अनुदेश/निदेश जारी किए हैं। पात्र संस्थानों को एक ही स्थान पर वर्तमान अनुदेश प्
जुलाई 02, 2007
सभी वाणिज्य बैंक तथा वित्तीय संस्थाएं - धोखाधड़ियां - वर्गीकरण और सूचना देना
भा.रि.बैं. 2007-08 /14 संदर्भ.डीबीएस.एफआरएमसी. बीसी सं.1/23.04.001/2007-08 02 जुलाई 2006 मुख्य कार्यपालक सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) तथा वित्तीय संस्थाएं महोदय धोखाधड़ियां - वर्गीकरण और सूचना देना कृपया आप दिनाँक जुलाई 25, 2006 का हमारा पत्र डीबीएस. एफआरएमसी बीसी सं.6/23.04.001/2005-2006 देखें जिसके साथ धोखाधड़ियां-वर्गीकरण और सूचना देने से संबंधित मास्टर परिपत्र भेजा गया था। उपर्युक्त मास्टर परिपत्र को जून 30, 2007 तक अद्यतन करने के बाद भारत
भा.रि.बैं. 2007-08 /14 संदर्भ.डीबीएस.एफआरएमसी. बीसी सं.1/23.04.001/2007-08 02 जुलाई 2006 मुख्य कार्यपालक सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) तथा वित्तीय संस्थाएं महोदय धोखाधड़ियां - वर्गीकरण और सूचना देना कृपया आप दिनाँक जुलाई 25, 2006 का हमारा पत्र डीबीएस. एफआरएमसी बीसी सं.6/23.04.001/2005-2006 देखें जिसके साथ धोखाधड़ियां-वर्गीकरण और सूचना देने से संबंधित मास्टर परिपत्र भेजा गया था। उपर्युक्त मास्टर परिपत्र को जून 30, 2007 तक अद्यतन करने के बाद भारत
जुलाई 02, 2007
सभी प्राथमिक (शहरी )सहकारी बैंक - धोखाधड़ियां - वर्गीकरण और सूचना देना
भा.रि.बैं. /2007-08 / 15 संदर्भ.डीबीएस. कें.का.एफआरएमसी. बीसी सं. 2 /23.04.001/2007-0802 जुलाई 2007मुख्य कार्यपालक सभी प्राथमिक (शहरी )सहकारी बैंक महोदय धोखाधड़ियां - वर्गीकरण और सूचना देना कृपया आप दिनाँक 27 जुलाई 2006 का हमारा पत्र डीबीएस. एफआरएमसी बीसी सं.7 /23.04.001/2006-2007 देखें जिसके साथ धोखाधड़ियां-वर्गीकरण और सूचना देने से संबंधित मास्टर परिपत्र भेजा गया था। उपर्युक्त मास्टर परिपत्र में बाद में जारी सभा अनुदेशों को समाहित कर उसे अद्यतन करने के बाद भार
भा.रि.बैं. /2007-08 / 15 संदर्भ.डीबीएस. कें.का.एफआरएमसी. बीसी सं. 2 /23.04.001/2007-0802 जुलाई 2007मुख्य कार्यपालक सभी प्राथमिक (शहरी )सहकारी बैंक महोदय धोखाधड़ियां - वर्गीकरण और सूचना देना कृपया आप दिनाँक 27 जुलाई 2006 का हमारा पत्र डीबीएस. एफआरएमसी बीसी सं.7 /23.04.001/2006-2007 देखें जिसके साथ धोखाधड़ियां-वर्गीकरण और सूचना देने से संबंधित मास्टर परिपत्र भेजा गया था। उपर्युक्त मास्टर परिपत्र में बाद में जारी सभा अनुदेशों को समाहित कर उसे अद्यतन करने के बाद भार
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार
आरबीआइ/2007-08/23 मास्टर परिपत्र सं. / 07 /2007-08 जुलाई 2, 2007 सेवा में,विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंकमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित मई 3, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 की धारा 6 की उप धारा 3 के खंड (घ) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। 2. यह मास्टर परिपत्र "बाह्य वाणिज
आरबीआइ/2007-08/23 मास्टर परिपत्र सं. / 07 /2007-08 जुलाई 2, 2007 सेवा में,विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंकमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित मई 3, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 की धारा 6 की उप धारा 3 के खंड (घ) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। 2. यह मास्टर परिपत्र "बाह्य वाणिज
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का भारत में आयात
आरबआइ/2007-08/24 मास्टर परिपत्र सं. / 08 /2007-08 जुलाई 2, 2007 सेवा में,विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यापारी बैंकमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का भारत में आयातभारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जीएसआर 381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. यह मास्टर परिपत्र निम्नानुसार पांच भागों में सुव्यवस्थित किया गया है : &nb
आरबआइ/2007-08/24 मास्टर परिपत्र सं. / 08 /2007-08 जुलाई 2, 2007 सेवा में,विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यापारी बैंकमहोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का भारत में आयातभारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जीएसआर 381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. यह मास्टर परिपत्र निम्नानुसार पांच भागों में सुव्यवस्थित किया गया है : &nb
जुलाई 02, 2007
माइक्रो ऋण पर मास्टर परिपत्र
आरबीआई/2007-08/38 ग्राआऋवि.सं. एमएफएफआई.बीसी.सं. 08 /12.01.001/2007-08 2 जुलाई 2007 अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकमहोदय माइक्रो ऋण पर मास्टर परिपत्र कृपया उपर्युक्त विषय पर 3 जुलाई 2006 का हमारा मास्टर परिपत्र ग्राआऋवि.सं.प्लान. बीसी.सं.05/ 04.09.22/2006-07 देखें। संलग्न मास्टर परिपत्र में रिज़र्व बैंक द्वारा उक्त विषय पर 30 जून 2007 तक जारी अनुदेश समेकित किए गए हैं। परिपत्रों की सूची, जिनमें ये अनुदेश सम्मिलित हैं, इस मास्टर
आरबीआई/2007-08/38 ग्राआऋवि.सं. एमएफएफआई.बीसी.सं. 08 /12.01.001/2007-08 2 जुलाई 2007 अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकमहोदय माइक्रो ऋण पर मास्टर परिपत्र कृपया उपर्युक्त विषय पर 3 जुलाई 2006 का हमारा मास्टर परिपत्र ग्राआऋवि.सं.प्लान. बीसी.सं.05/ 04.09.22/2006-07 देखें। संलग्न मास्टर परिपत्र में रिज़र्व बैंक द्वारा उक्त विषय पर 30 जून 2007 तक जारी अनुदेश समेकित किए गए हैं। परिपत्रों की सूची, जिनमें ये अनुदेश सम्मिलित हैं, इस मास्टर
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र - अग्रिमों पर ब्याज दर
आरबीआइ/2007-08/40 संदर्भ बैंपविवि. सं. डीआइआर. बीसी. 6/13.03.00/2007-08 2 जुलाई 2007 11 आषाढ़ 1929 (शक) सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय मास्टर परिपत्र - अग्रिमों पर ब्याज दरें कृपया आप 1 जुलाई 2006 का मास्टर परिपत्र बैंपविवि. सं. डीआइआर. बीसी. 5/ 13.03.00/ 2006-07 देखें जिसमें अग्रिमों पर ब्याज दरों के संबंध में बैंकों को 30 जून 2006 तक जारी किये गये अनुदेश /दिशानिर्देश समेकित किये गये थे । 30 जून 2007 तक जारी किये गये अनुदेशों को श
आरबीआइ/2007-08/40 संदर्भ बैंपविवि. सं. डीआइआर. बीसी. 6/13.03.00/2007-08 2 जुलाई 2007 11 आषाढ़ 1929 (शक) सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय मास्टर परिपत्र - अग्रिमों पर ब्याज दरें कृपया आप 1 जुलाई 2006 का मास्टर परिपत्र बैंपविवि. सं. डीआइआर. बीसी. 5/ 13.03.00/ 2006-07 देखें जिसमें अग्रिमों पर ब्याज दरों के संबंध में बैंकों को 30 जून 2006 तक जारी किये गये अनुदेश /दिशानिर्देश समेकित किये गये थे । 30 जून 2007 तक जारी किये गये अनुदेशों को श
जुलाई 02, 2007
मास्टर परिपत्र-प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्रों को ऋण-विशेष कार्यक्रम - स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोज़गार योजना
भारिबैं / 2007-08/65 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी. 10/09.01.01/2007-08 जुलाई 02, 2007सभी वाणिज्य बैंक महोदय,मास्टर परिपत्र-प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्रों को ऋण-विशेष कार्यक्रम - स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोज़गार योजनाकृपया आप स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना पर दिनांक जुलाई 12, 2006 का हमारा मास्टर परिपत्र भारिबैं /2005-06/51, ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी.13/09.01.01/2005-06 देखें ।बैंकों को वर्तमान अनुदेश एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना के सभी वर्तमान मार्गदर्शी सिद्धां
भारिबैं / 2007-08/65 ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी. 10/09.01.01/2007-08 जुलाई 02, 2007सभी वाणिज्य बैंक महोदय,मास्टर परिपत्र-प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्रों को ऋण-विशेष कार्यक्रम - स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोज़गार योजनाकृपया आप स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना पर दिनांक जुलाई 12, 2006 का हमारा मास्टर परिपत्र भारिबैं /2005-06/51, ग्राआऋवि.सं.एसपी.बीसी.13/09.01.01/2005-06 देखें ।बैंकों को वर्तमान अनुदेश एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना के सभी वर्तमान मार्गदर्शी सिद्धां
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