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जून 14, 2005
भारत से बाहर दौरे पर निवासी भारतीयों द्वारा इंटरनैशनल डेबिट काड़/ स्टोर वैल्यू काड़/चार्ज काड़/स्मार्ट काड़ का उपयोग
  आरबीआइ/2004-05/492 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.46 जून 14, 2005 सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,भारत से बाहर दौरे पर निवासी भारतीयों द्वारा इंटरनैशनल डेबिट काड़/ स्टोर वैल्यू काड़/चार्ज काड़/स्मार्ट काड़ का उपयोग भारतीय रिज़र्व बैंक ने मई 3, 2000 की अपनी अधिसूचना सं. पेर्र्&ींुीीvामा 15/2000-आरबी द्वारा डेबिट काड़, एटीएम काड़ अथवा कोई अन्य लिखत को जिसका उपयोग वित्तीय देयताओं के सफ्जन के लिए किया जा सकता है, "करे
  आरबीआइ/2004-05/492 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.46 जून 14, 2005 सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,भारत से बाहर दौरे पर निवासी भारतीयों द्वारा इंटरनैशनल डेबिट काड़/ स्टोर वैल्यू काड़/चार्ज काड़/स्मार्ट काड़ का उपयोग भारतीय रिज़र्व बैंक ने मई 3, 2000 की अपनी अधिसूचना सं. पेर्र्&ींुीीvामा 15/2000-आरबी द्वारा डेबिट काड़, एटीएम काड़ अथवा कोई अन्य लिखत को जिसका उपयोग वित्तीय देयताओं के सफ्जन के लिए किया जा सकता है, "करे
जून 09, 2005
Procedure for settlement of claims relating to Deceased Depositors Simplified
RBI/2004-05/490 DBOD.No.Leg. BC.95 /09.07.005/2004-05 June 09, 2005To The Chairman/CEOs of All the Scheduled Commercial Banks (Excluding RRBs)Dear Sir, Settlement of claims in respect of deceased depositors – Simplification of Procedure Pursuant to the announcement in the Mid-Term Review of the Annual Policy of the RBI on November 3, 2003, the Committee on Procedure and Performance Audit on Public Services (CPPAPS) was constituted by the RBI with a view to improving t
RBI/2004-05/490 DBOD.No.Leg. BC.95 /09.07.005/2004-05 June 09, 2005To The Chairman/CEOs of All the Scheduled Commercial Banks (Excluding RRBs)Dear Sir, Settlement of claims in respect of deceased depositors – Simplification of Procedure Pursuant to the announcement in the Mid-Term Review of the Annual Policy of the RBI on November 3, 2003, the Committee on Procedure and Performance Audit on Public Services (CPPAPS) was constituted by the RBI with a view to improving t
मई 25, 2005
लोक भविष्य निधि योजना, 1968 – स्पष्टीकरण
आरबीआई/2004-05/480 संदर्भ सं.डीटी.कें,का.15.02.001/H-9844-9866/2004-05 25 मई 2005 4 ज्येष्ठ 1927 (स) महाप्रबंधक सरकारी लेखा विभाग भारतीय स्टेट बैंक और सहयोगी बैंक इलाहाबाद बैंक/बैंक ऑफ बड़ौदा/बैंक ऑफ इंडिया/ बैंक ऑफ महाराष्ट्र/केनरा बैंक/सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया/ कॉर्पोरेशन बैंक / देना बैंक / इंडियन बैंक / इंडियन ओवरसीज बैंक/पंजाब नेशनल बैंक/सिंडिकेट बैंक/ यूको बैंक/यूनियन बैंक ऑफ इंडिया/यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया महोदय, लोक भविष्य निधि योजना, 1968 – स्पष्टीकरण कृपया 14 मई
आरबीआई/2004-05/480 संदर्भ सं.डीटी.कें,का.15.02.001/H-9844-9866/2004-05 25 मई 2005 4 ज्येष्ठ 1927 (स) महाप्रबंधक सरकारी लेखा विभाग भारतीय स्टेट बैंक और सहयोगी बैंक इलाहाबाद बैंक/बैंक ऑफ बड़ौदा/बैंक ऑफ इंडिया/ बैंक ऑफ महाराष्ट्र/केनरा बैंक/सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया/ कॉर्पोरेशन बैंक / देना बैंक / इंडियन बैंक / इंडियन ओवरसीज बैंक/पंजाब नेशनल बैंक/सिंडिकेट बैंक/ यूको बैंक/यूनियन बैंक ऑफ इंडिया/यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया महोदय, लोक भविष्य निधि योजना, 1968 – स्पष्टीकरण कृपया 14 मई
मई 07, 2005
अतिरिक्त/संशोधित सुरक्षा विशेषताओं के साथ भारतीय बैंकनोट
आरबीआई/2004-05/458 डीसीएम (आयो.)सं.जी 40/10.01.00/2004-05 मई 07 2005 अध्यक्ष/एमडी/सीएमडी/सीईओ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक महोदया/प्रिय महोदय, अतिरिक्त/संशोधित सुरक्षा विशेषताओं के साथ भारतीय बैंकनोट उच्च गुणवत्ता वाले जाली नोटों, विशेष रूप से रु. 100 और रु. 500 के नोटों के बढ़ते प्रचलन के मद्देनजर, भारत सरकार ने हमारे बैंक नोटों में सुरक्षा किशेषताओं को सुदृढ़ करने पर विचार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। समिति की सिफार
आरबीआई/2004-05/458 डीसीएम (आयो.)सं.जी 40/10.01.00/2004-05 मई 07 2005 अध्यक्ष/एमडी/सीएमडी/सीईओ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक महोदया/प्रिय महोदय, अतिरिक्त/संशोधित सुरक्षा विशेषताओं के साथ भारतीय बैंकनोट उच्च गुणवत्ता वाले जाली नोटों, विशेष रूप से रु. 100 और रु. 500 के नोटों के बढ़ते प्रचलन के मद्देनजर, भारत सरकार ने हमारे बैंक नोटों में सुरक्षा किशेषताओं को सुदृढ़ करने पर विचार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। समिति की सिफार
अप्रैल 30, 2005
Section 23 of the Banking Regulation Act, 1949 - Door-step banking
RBI/2004-05/449DBOD.No.BL.BC.86/22.01.001/2004-05 April 30, 2005 Vaishakha 10, 1927 (S)All scheduled commercial banks. (Excluding RRBs) Dear Sir,Section 23 of the Banking Regulation Act, 1949 - Door-step bankingPlease refer to our circular DBOD.No.BL.BC.42/C-168-83 dated May 24, 1983 (copy enclosed), wherein banks were advised not to extend any banking facilities at the premises of their customers, without obtaining the required permission from Reserve Bank of India.
RBI/2004-05/449DBOD.No.BL.BC.86/22.01.001/2004-05 April 30, 2005 Vaishakha 10, 1927 (S)All scheduled commercial banks. (Excluding RRBs) Dear Sir,Section 23 of the Banking Regulation Act, 1949 - Door-step bankingPlease refer to our circular DBOD.No.BL.BC.42/C-168-83 dated May 24, 1983 (copy enclosed), wherein banks were advised not to extend any banking facilities at the premises of their customers, without obtaining the required permission from Reserve Bank of India.
मार्च 31, 2005
निवासी व्यक्तियों के लिए 25,000 अमरीकी डॉलर की उदारीवफ्त प्रेषण योजना
 आरबीआइ/2004-05/402 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.38 मार्च 31, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, निवासी व्यक्तियों के लिए 25,000 अमरीकी डॉलर की उदारीवफ्त प्रेषण योजनाप्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान फरवरी 4, 2004 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं.64 के पैराग्राफ 3.4(ववव) की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसके अनुसार उक्त योजना के अंतर्गत वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा "गैर सहकारी देशों और क्षेत्रों" के रू
 आरबीआइ/2004-05/402 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.38 मार्च 31, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, निवासी व्यक्तियों के लिए 25,000 अमरीकी डॉलर की उदारीवफ्त प्रेषण योजनाप्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान फरवरी 4, 2004 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं.64 के पैराग्राफ 3.4(ववव) की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसके अनुसार उक्त योजना के अंतर्गत वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा "गैर सहकारी देशों और क्षेत्रों" के रू
जनवरी 19, 2005
बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार न करना
आरबीआई/2004-05/348 डीसीएम (आरएमएमटी) सं.1403/11.37.01/2004-05 19 जनवरी 2005 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, सभी सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंक महोदय, बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार न करना कृपया 9 अक्टूबर 2003 के हमारे परिपत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.404/11.37.01/2003-04 और 5 अप्रैल 2004 के परिपत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.1181/11.37.01/2003-04 का संदर्भ लें, जिसमें आपकी शाखाओं द्वारा जनता आदि से बिना किसी प्रतिबंध के सभी मूल्यवर्ग के सिक्कों की को स्वीकार किया जाना सुनिश्च
आरबीआई/2004-05/348 डीसीएम (आरएमएमटी) सं.1403/11.37.01/2004-05 19 जनवरी 2005 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, सभी सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंक महोदय, बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार न करना कृपया 9 अक्टूबर 2003 के हमारे परिपत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.404/11.37.01/2003-04 और 5 अप्रैल 2004 के परिपत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.1181/11.37.01/2003-04 का संदर्भ लें, जिसमें आपकी शाखाओं द्वारा जनता आदि से बिना किसी प्रतिबंध के सभी मूल्यवर्ग के सिक्कों की को स्वीकार किया जाना सुनिश्च
जनवरी 15, 2005
Payment Order for Matured Relief/Savings Bonds in the name of the Joint Holder
RBI/2004-05/347 No.CO.DT.13.01.299/H.6284-6313 /2004-05 January 15, 2005The Chairman and Managing Director State Bank of India and Associate banks and 17 Nationalised banks. The Managing Director ICICI/IDBI/HDFC/UTI Bank Ltd. Stock Holding Corporation of India Ltd. Dear Sir, Relief / Savings Bonds Schemes – issue of Payment Orders / Drafts for matured Bonds We have been receiving suggestions from the Joint Holders of the captioned bonds that the Payment Orders represe
RBI/2004-05/347 No.CO.DT.13.01.299/H.6284-6313 /2004-05 January 15, 2005The Chairman and Managing Director State Bank of India and Associate banks and 17 Nationalised banks. The Managing Director ICICI/IDBI/HDFC/UTI Bank Ltd. Stock Holding Corporation of India Ltd. Dear Sir, Relief / Savings Bonds Schemes – issue of Payment Orders / Drafts for matured Bonds We have been receiving suggestions from the Joint Holders of the captioned bonds that the Payment Orders represe
दिसंबर 27, 2004
सिक्कों को स्वीकार नहीं करना
आरबीआई/2004-05/315 डीसीएम (आयो) सं.जी-31/10.03.00/2004-05 27 दिसंबर 2004 सूची के अनुसार मुद्रा तिजोरी रखने वाले बैंक। महोदया / प्रिय महोदय, सिक्कों को स्वीकार नहीं करना कृपया बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार नहीं करने के संबंध में दिनांक 5 अप्रैल 2004 के हमारे पत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.1181/11.37.01/2003-04 के माध्यम से आपको दिए गए निर्देशों/अनुदेशों का संदर्भ लें। 22 नवंबर, 2004 को रिजर्व बैंक स्टाफ कॉलेज, चेन्नई में आयोजित निर्गम कार्यालयों के क्षेत्रीय प्रमुखो
आरबीआई/2004-05/315 डीसीएम (आयो) सं.जी-31/10.03.00/2004-05 27 दिसंबर 2004 सूची के अनुसार मुद्रा तिजोरी रखने वाले बैंक। महोदया / प्रिय महोदय, सिक्कों को स्वीकार नहीं करना कृपया बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार नहीं करने के संबंध में दिनांक 5 अप्रैल 2004 के हमारे पत्र डीसीएम (आरएमएमटी) सं.1181/11.37.01/2003-04 के माध्यम से आपको दिए गए निर्देशों/अनुदेशों का संदर्भ लें। 22 नवंबर, 2004 को रिजर्व बैंक स्टाफ कॉलेज, चेन्नई में आयोजित निर्गम कार्यालयों के क्षेत्रीय प्रमुखो
नवंबर 29, 2004
Know Your Customer (KYC) Guidelines - Anti Money Laundering Standards
RBI-2004-05/284DBOD.NO.AML.BC.58/14.01.001/2004-05November 29, 2004The Chief Executives of All Commercial BanksDear Sir, 'Know Your Customer' (KYC) Guidelines – Anti Money Laundering Standards Please refer to our circular DBOD. No. AML.BC.18/ 14.01.001/2002-2003 dated August 16, 2002 on the guidelines on 'Know Your Customer' norms. Banks were advised to follow certain customer identification procedure for opening of accounts and monitoring transactions of a suspicious
RBI-2004-05/284DBOD.NO.AML.BC.58/14.01.001/2004-05November 29, 2004The Chief Executives of All Commercial BanksDear Sir, 'Know Your Customer' (KYC) Guidelines – Anti Money Laundering Standards Please refer to our circular DBOD. No. AML.BC.18/ 14.01.001/2002-2003 dated August 16, 2002 on the guidelines on 'Know Your Customer' norms. Banks were advised to follow certain customer identification procedure for opening of accounts and monitoring transactions of a suspicious
नवंबर 01, 2004
वर्ष 2004-05 के लिए वार्षिक नीति वक्तव्य की मध्यावधि समीक्षा - घरेलू/सामान्य अनिवासी (एनआरओ) मीयादी जमाराशियों की अवधि में कमी
  भारिबैं/2004-05/268ग्राआऋवि.केका.आएफ.बीसी.55/07.38.01/2004-05 नवबंर 1, 2004सभी राज्य और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकमहोदय, वर्ष 2004-05 के लिए वार्षिक नीति वक्तव्य की मध्यावधि समीक्षा - घरेलू/सामान्य अनिवासी (एनआरओ) मीयादी जमाराशियों की अवधि में कमी वफ्पया दिनांक 19 अप्रैल 2001 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.आरएफ.डीआइआर.बीसी.77/07.38.01/ 2000-01 का पैरा 1 (व) देखें । वर्तमान में, बैंक 15 लाख रु. और उससे अधिक की मीयादी जमाराशियां न्यूनतम 7 दिनों की परिपक्वता अवधि के
  भारिबैं/2004-05/268ग्राआऋवि.केका.आएफ.बीसी.55/07.38.01/2004-05 नवबंर 1, 2004सभी राज्य और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकमहोदय, वर्ष 2004-05 के लिए वार्षिक नीति वक्तव्य की मध्यावधि समीक्षा - घरेलू/सामान्य अनिवासी (एनआरओ) मीयादी जमाराशियों की अवधि में कमी वफ्पया दिनांक 19 अप्रैल 2001 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.आरएफ.डीआइआर.बीसी.77/07.38.01/ 2000-01 का पैरा 1 (व) देखें । वर्तमान में, बैंक 15 लाख रु. और उससे अधिक की मीयादी जमाराशियां न्यूनतम 7 दिनों की परिपक्वता अवधि के
अक्‍तूबर 07, 2004
Operation of the Senior Citizens Savings Scheme, 2004 (SCSS) through Public Sector Banks
RBI/2004-05/213 CO.DT.No. 15.02.001/H.3484 - 3520 /2004-05 October 7, 2004 Ashwina 15, 1926 (S) The Chairman & Managing Director State Bank of India / Associate Banks 15 Public Sector Banks Dear Sir, Operation of the Senior Citizens Savings Scheme, 2004 (SCSS) through Public Sector Banks You may be aware that in terms of GOI Notification No.G.S.R.490 (E) dated August 2, 2004, Government have introduced the Senior Citizens Savings Scheme (SCSS), 2004 with effect fr
RBI/2004-05/213 CO.DT.No. 15.02.001/H.3484 - 3520 /2004-05 October 7, 2004 Ashwina 15, 1926 (S) The Chairman & Managing Director State Bank of India / Associate Banks 15 Public Sector Banks Dear Sir, Operation of the Senior Citizens Savings Scheme, 2004 (SCSS) through Public Sector Banks You may be aware that in terms of GOI Notification No.G.S.R.490 (E) dated August 2, 2004, Government have introduced the Senior Citizens Savings Scheme (SCSS), 2004 with effect fr
जून 21, 2004
Guidelines on KYC Norms - Existing Accounts
RBI/2004/259DBOD.AML.BC.No.101/14.01.001/2003-04June 21, 2004The Chief Executives of all Commercial Banks(excluding RRBs)Dear Sir,Guidelines on KYC Norms - Existing Accounts Please refer to our circular DBOD.No.AML.BC.18/14.01.001/2002-03 dated August 16, 2002 on the above subject. It was advised in paragraph 3 of the above circular that in case of any omission in respect of the existing accounts, KYC procedures may be completed at the earliest. Further, vide our circ
RBI/2004/259DBOD.AML.BC.No.101/14.01.001/2003-04June 21, 2004The Chief Executives of all Commercial Banks(excluding RRBs)Dear Sir,Guidelines on KYC Norms - Existing Accounts Please refer to our circular DBOD.No.AML.BC.18/14.01.001/2002-03 dated August 16, 2002 on the above subject. It was advised in paragraph 3 of the above circular that in case of any omission in respect of the existing accounts, KYC procedures may be completed at the earliest. Further, vide our circ
मई 29, 2004
Know Your Customer Guidelines-Compliance
RBI/2004/227UBD No.UBD.BPD. PCB. Cir. 48 /09.161.00/2003-04May 29, 2004 The Chief Executive Officers of all Primary (Urban) Co-operative BanksDear Sir"Know Your Customer" Guidelines-CompliancePlease refer to our circular UBD No. DS.PCB. Cir 17/13.01.00/2002-03 dated September 18, 2002 on "Know Your Customer" guidelines to be followed by urban cooperative banks while opening accounts. While complying with the above requirements, UCBs also collect a lot of additional pe
RBI/2004/227UBD No.UBD.BPD. PCB. Cir. 48 /09.161.00/2003-04May 29, 2004 The Chief Executive Officers of all Primary (Urban) Co-operative BanksDear Sir"Know Your Customer" Guidelines-CompliancePlease refer to our circular UBD No. DS.PCB. Cir 17/13.01.00/2002-03 dated September 18, 2002 on "Know Your Customer" guidelines to be followed by urban cooperative banks while opening accounts. While complying with the above requirements, UCBs also collect a lot of additional pe
अप्रैल 17, 2004
फेमा 1999 - चालू खाता लेनदेन - विदेश में रहने वाले नज़दीकी रिश्तेदारों के भरणपोषण के लिए विप्रेषण - विदेशी कंपनियों से भारत में प्रतिनियुक्त किए गए भारतीय नागरिकों का अनुरोध
आरबीआइ/2004/153 ए पी(डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं.86 अप्रैल 17, 2004 सेवा में विदेशी मुद्रा के सभी प्रधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय फेमा 1999 - चालू खाता लेनदेन - विदेश में रहने वाले नज़दीकी रिश्तेदारों के भरणपोषण के लिए विप्रेषण - विदेशी कंपनियों से भारत में प्रतिनियुक्त किए गए भारतीय नागरिकों का अनुरोध प्रधिकृत व्यापारियों का ध्यान मार्च 30, 2001 की अधिसूचना सं.एस.ओ.301 (ई) द्वारा यथासंशोधित मई 3, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जीएसआर 381 (ई) की अनुसूची III की मद सं.
आरबीआइ/2004/153 ए पी(डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं.86 अप्रैल 17, 2004 सेवा में विदेशी मुद्रा के सभी प्रधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय फेमा 1999 - चालू खाता लेनदेन - विदेश में रहने वाले नज़दीकी रिश्तेदारों के भरणपोषण के लिए विप्रेषण - विदेशी कंपनियों से भारत में प्रतिनियुक्त किए गए भारतीय नागरिकों का अनुरोध प्रधिकृत व्यापारियों का ध्यान मार्च 30, 2001 की अधिसूचना सं.एस.ओ.301 (ई) द्वारा यथासंशोधित मई 3, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जीएसआर 381 (ई) की अनुसूची III की मद सं.
अप्रैल 05, 2004
सिक्कों को स्वीकार करना
आरबीआई/2004/136 डीसीएम(आरएमएमटी)सं.1181/11/37.01/2003-04 5 अप्रैल 2004 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सभी सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंक महोदय, सिक्कों को स्वीकार करना उक्त विषय में दिनांक 09 अक्टूबर 2003 के हमारे पत्र डीसीएम(आरएमएमटी)सं. 404/11.37.01/2003-04 का संदर्भ लें, जिसमें आपसे अपनी शाखाओं को आम जनता से बिना किसी प्रतिबंध के सभी मूल्यवर्ग के सिक्के स्वीकार करने हेतु निर्देश देने हेतु अनुरोध किया गया था। यद्यपि, हमें अभी भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बैंक शाखाओं
आरबीआई/2004/136 डीसीएम(आरएमएमटी)सं.1181/11/37.01/2003-04 5 अप्रैल 2004 अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सभी सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंक महोदय, सिक्कों को स्वीकार करना उक्त विषय में दिनांक 09 अक्टूबर 2003 के हमारे पत्र डीसीएम(आरएमएमटी)सं. 404/11.37.01/2003-04 का संदर्भ लें, जिसमें आपसे अपनी शाखाओं को आम जनता से बिना किसी प्रतिबंध के सभी मूल्यवर्ग के सिक्के स्वीकार करने हेतु निर्देश देने हेतु अनुरोध किया गया था। यद्यपि, हमें अभी भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बैंक शाखाओं
फ़रवरी 27, 2004
Grant of advances against the security of Relief Bonds
RBI/2004/ 82 BPD.PCB.Cir. 36 /13.08.00/2003-04 February 27, 2004The Chief Executive Officers of all Primary (Urban) Co-operative BanksDear Sir,Grant of advances against the security of Relief BondsPlease refer to our circular UBD.No.PCB.82/DC.(13.08.00)/92-93 dated June 2, 1993 advising banks that they may sanction advances against the security of 10% Relief Bonds 1993 on the terms mentioned in paragraph 2 thereof.2. As you are aware, Government of India have from tim
RBI/2004/ 82 BPD.PCB.Cir. 36 /13.08.00/2003-04 February 27, 2004The Chief Executive Officers of all Primary (Urban) Co-operative BanksDear Sir,Grant of advances against the security of Relief BondsPlease refer to our circular UBD.No.PCB.82/DC.(13.08.00)/92-93 dated June 2, 1993 advising banks that they may sanction advances against the security of 10% Relief Bonds 1993 on the terms mentioned in paragraph 2 thereof.2. As you are aware, Government of India have from tim
फ़रवरी 05, 2004
Revised guidelines for compromise settlement of chronic Non-Performing Assets (NPAs) of public sector banks upto Rs 10 crore
February 05, 2004RBI/2004/42DBOD No. BP. BC 66 / 21.04.117/2003-2004 Chairmen and Managing Directors of all Public Sector BanksDear Sir,Revised guidelines for compromise settlement of chronic Non-Performing Assets (NPAs) of public sector banks upto Rs 10 crore Please refer to our circular DBOD No. BP.BC. 108/ 21.04.117 / 2002-2003 dated May 23, 2003 extending the time limit for processing of applications for settlement of NPAs up to Rs. 10 crore from 31st October 2003
February 05, 2004RBI/2004/42DBOD No. BP. BC 66 / 21.04.117/2003-2004 Chairmen and Managing Directors of all Public Sector BanksDear Sir,Revised guidelines for compromise settlement of chronic Non-Performing Assets (NPAs) of public sector banks upto Rs 10 crore Please refer to our circular DBOD No. BP.BC. 108/ 21.04.117 / 2002-2003 dated May 23, 2003 extending the time limit for processing of applications for settlement of NPAs up to Rs. 10 crore from 31st October 2003
जनवरी 29, 2004
काउंटरों में नोट गिनने वाली मशीनों का प्रावधान
29 जनवरी 2004 आरबीआई/2004/30 डीसीएम (आयो)सं.874/10.36.00/2003-04 अध्यक्ष, भारतीय स्टेट बैंक प्रबंध निदेशक, सहयोगी बैंक राष्ट्रीयकृत बैंकों के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक निजी क्षेत्र के बैंकों/विदेशी बैंकों/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों/स्थानीय क्षेत्र के बैंकों के अध्यक्ष/सीईओ महोदय, काउंटरों में नोट गिनने वाली मशीनों का प्रावधान हम सूचित करते हैं कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दिनांक 7 नवंबर 2001 को जनहित में जारी निर्देशों डीब
29 जनवरी 2004 आरबीआई/2004/30 डीसीएम (आयो)सं.874/10.36.00/2003-04 अध्यक्ष, भारतीय स्टेट बैंक प्रबंध निदेशक, सहयोगी बैंक राष्ट्रीयकृत बैंकों के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक निजी क्षेत्र के बैंकों/विदेशी बैंकों/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों/स्थानीय क्षेत्र के बैंकों के अध्यक्ष/सीईओ महोदय, काउंटरों में नोट गिनने वाली मशीनों का प्रावधान हम सूचित करते हैं कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दिनांक 7 नवंबर 2001 को जनहित में जारी निर्देशों डीब
जनवरी 19, 2004
जनता को नोटों, सिक्कों आदि के विनिमय हेतु सुविधाएं प्रदान करना
आरबीआई/2004/19 डीसीएम (एनई) सं.310/08.07.18/2003-04 19 जनवरी 2004 अध्यक्ष, एसबीआई और मुद्रा तिजोरी रखने वाली सभी शाखाओं के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक महोदय, जनता को नोटों, सिक्कों आदि के विनिमय हेतु सुविधाएं प्रदान करना जैसा कि आप जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक जनता को मुद्रा और सिक्कों के वितरण और विनिमय जैसी खुदरा सेवाएं प्रदान करता है। हमारे क्षेत्रीय कार्यालय सभी मूल्यवर्ग के नए/अच्छे नोट और सिक्के जारी कर रहे हैं, गंदे नोटों विनिमय कर रहे हैं, कटे-फटे नोटों को अध
आरबीआई/2004/19 डीसीएम (एनई) सं.310/08.07.18/2003-04 19 जनवरी 2004 अध्यक्ष, एसबीआई और मुद्रा तिजोरी रखने वाली सभी शाखाओं के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक महोदय, जनता को नोटों, सिक्कों आदि के विनिमय हेतु सुविधाएं प्रदान करना जैसा कि आप जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक जनता को मुद्रा और सिक्कों के वितरण और विनिमय जैसी खुदरा सेवाएं प्रदान करता है। हमारे क्षेत्रीय कार्यालय सभी मूल्यवर्ग के नए/अच्छे नोट और सिक्के जारी कर रहे हैं, गंदे नोटों विनिमय कर रहे हैं, कटे-फटे नोटों को अध

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