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मार्च 28, 2025
बड़े आकार के गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का सम्मेलन

रिज़र्व बैंक ने बड़े आकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए एक सम्मेलन 28 मार्च 2025 को चेन्नई में आयोजित किया। इस सम्मेलन में बोर्ड की लेखा परीक्षा समिति (एसीबी) के अध्यक्ष, एमडी और सीईओ तथा एनबीएफसी के सांविधिक लेखा परीक्षकों ने भाग लिया। यह सम्मेलन उन पर्यवेक्षी बैठकों की शृंखला का हिस्सा था, जो रिज़र्व बैंक अपनी विनियमित संस्थाओं के प्रमुख हितधारकों के साथ करता रहा है।

रिज़र्व बैंक ने बड़े आकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए एक सम्मेलन 28 मार्च 2025 को चेन्नई में आयोजित किया। इस सम्मेलन में बोर्ड की लेखा परीक्षा समिति (एसीबी) के अध्यक्ष, एमडी और सीईओ तथा एनबीएफसी के सांविधिक लेखा परीक्षकों ने भाग लिया। यह सम्मेलन उन पर्यवेक्षी बैठकों की शृंखला का हिस्सा था, जो रिज़र्व बैंक अपनी विनियमित संस्थाओं के प्रमुख हितधारकों के साथ करता रहा है।

मार्च 24, 2025
भारत: वित्तीय क्षेत्र मूल्यांकन कार्यक्रम, 2024

वित्तीय क्षेत्र मूल्यांकन कार्यक्रम (एफएसएपी), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) का एक संयुक्त कार्यक्रम है, जो किसी देश के वित्तीय क्षेत्र का व्यापक और गहन विश्लेषण करता है। सितंबर 2010 से यह अभ्यास प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण वित्तीय क्षेत्रों वाले अधिकार- क्षेत्रों के लिए अनिवार्य हो गया है। वर्तमान में, यह भारत सहित 32 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक पाँच वर्ष में और अन्य 15 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक  दस वर्ष में अनिवार्य है। भारत के लिए पिछला एफएसएपी 2017 में आयोजित किया गया था और वित्तीय प्रणाली स्थिरता मूल्यांकन (एफएसएसए) रिपोर्ट 21 दिसंबर 2017 को आईएमएफ द्वारा प्रकाशित की गई थी।

वित्तीय क्षेत्र मूल्यांकन कार्यक्रम (एफएसएपी), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) का एक संयुक्त कार्यक्रम है, जो किसी देश के वित्तीय क्षेत्र का व्यापक और गहन विश्लेषण करता है। सितंबर 2010 से यह अभ्यास प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण वित्तीय क्षेत्रों वाले अधिकार- क्षेत्रों के लिए अनिवार्य हो गया है। वर्तमान में, यह भारत सहित 32 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक पाँच वर्ष में और अन्य 15 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक  दस वर्ष में अनिवार्य है। भारत के लिए पिछला एफएसएपी 2017 में आयोजित किया गया था और वित्तीय प्रणाली स्थिरता मूल्यांकन (एफएसएसए) रिपोर्ट 21 दिसंबर 2017 को आईएमएफ द्वारा प्रकाशित की गई थी।

मार्च 24, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने मेसर्स यूनिटारा फाइनेंस लिमिटेड का पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त किया

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (अधिनियम) की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 मार्च 2025 के अपने आदेश द्वारा मेसर्स यूनिटारा फाइनेंस लिमिटेड, सीआईएन सं. U65921MP1994PLC008248, जिसका पंजीकृत कार्यालय 70, ट्रांसपोर्ट नगर इंदौर, मध्य प्रदेश- 452001 है, को अधिनियम की धारा 45-आई(ए) में यथापरिभाषित गैर-बैंकिंग वि

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (अधिनियम) की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 मार्च 2025 के अपने आदेश द्वारा मेसर्स यूनिटारा फाइनेंस लिमिटेड, सीआईएन सं. U65921MP1994PLC008248, जिसका पंजीकृत कार्यालय 70, ट्रांसपोर्ट नगर इंदौर, मध्य प्रदेश- 452001 है, को अधिनियम की धारा 45-आई(ए) में यथापरिभाषित गैर-बैंकिंग वि

मार्च 17, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र का पुनःस्थापन

अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।

अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।

मार्च 17, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 10 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकरण प्रमाण-पत्र निरस्त किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।

मार्च 17, 2025
तीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक को पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण

The following 3 Non-Banking Financial Companies (NBFC) have surrendered the Certificate of Registration (CoR) granted to them by the Reserve Bank of India (RBI). The RBI, in exercise of powers conferred on it under Section 45-IA (6) of the Reserve Bank of India Act, 1934, has therefore cancelled their CoR.

The following 3 Non-Banking Financial Companies (NBFC) have surrendered the Certificate of Registration (CoR) granted to them by the Reserve Bank of India (RBI). The RBI, in exercise of powers conferred on it under Section 45-IA (6) of the Reserve Bank of India Act, 1934, has therefore cancelled their CoR.

मार्च 12, 2025
लेखा समेकक पारितंत्र के लिए स्व-विनियामक संगठन(नों) को मान्यता प्रदान करने हेतु आवेदन आमंत्रित करना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2016 में लेखा समेकक (एए) फ्रेमवर्क जारी किया था। एए फ्रेमवर्क, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-लेखा समेकक (एनबीएफसी-एए) के माध्यम से निर्दिष्ट वित्तीय सूचनाओं के सुरक्षित और निर्बाध आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है, जो वित्तीय सूचना प्रदाताओं (एफआईपी) और वित्तीय सूचना उपयोगकर्ताओं (एफआई-यूएस) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं। ये एफआईपी और एफआई-यू,

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2016 में लेखा समेकक (एए) फ्रेमवर्क जारी किया था। एए फ्रेमवर्क, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-लेखा समेकक (एनबीएफसी-एए) के माध्यम से निर्दिष्ट वित्तीय सूचनाओं के सुरक्षित और निर्बाध आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है, जो वित्तीय सूचना प्रदाताओं (एफआईपी) और वित्तीय सूचना उपयोगकर्ताओं (एफआई-यूएस) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं। ये एफआईपी और एफआई-यू,

फ़रवरी 21, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड की सलाहकार समिति को बरकरार रखा

स्मरणीय है कि भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई (5) (ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने 30 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (एवीआईओएम) के प्रशासक श्री राम कुमार को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया था। समिति के सदस्य हैं:

स्मरणीय है कि भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई (5) (ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने 30 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (एवीआईओएम) के प्रशासक श्री राम कुमार को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया था। समिति के सदस्य हैं:

फ़रवरी 14, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र का पुनःस्थापन

अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।

अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।

फ़रवरी 14, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकरण प्रमाण-पत्र निरस्त किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।

फ़रवरी 14, 2025
20 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक के पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण

निम्नलिखित 20 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI

निम्नलिखित 20 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI

जनवरी 30, 2025
आरबीआई ने एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रशासक को परामर्श देने के लिए एक सलाहकार समिति नियुक्त की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 27 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल को अधिक्रमित कर दिया है, और श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(5)(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए रिज़र्व बैंक ने प्रशासक को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया है। सलाहकार समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 27 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल को अधिक्रमित कर दिया है, और श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(5)(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए रिज़र्व बैंक ने प्रशासक को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया है। सलाहकार समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:

जनवरी 30, 2025
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 के अंतर्गत एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया ("सीआईआरपी") शुरू करने के लिए आवेदन

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज (30 जनवरी 2025) माननीय राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण की नई दिल्ली पीठ में एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध सीआईआरपी शुरू करने हेतु दिवाला और शोधन अक्षमता(वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 (“एफएसपी दिवाला नियम”) के नियम 5 और 6 के साथ पठित दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (“आईबीसी”), 2016 की धारा 239 की उप-धारा (2) के खंड (यट) के साथ पठित धारा 227 के अंतर्गत एक आवेदन दायर किया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज (30 जनवरी 2025) माननीय राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण की नई दिल्ली पीठ में एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध सीआईआरपी शुरू करने हेतु दिवाला और शोधन अक्षमता(वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 (“एफएसपी दिवाला नियम”) के नियम 5 और 6 के साथ पठित दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (“आईबीसी”), 2016 की धारा 239 की उप-धारा (2) के खंड (यट) के साथ पठित धारा 227 के अंतर्गत एक आवेदन दायर किया है।

जनवरी 27, 2025
निदेशक मंडल का अधिक्रमण और प्रशासक की नियुक्ति – एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, और राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) की सिफारिश के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) के निदेशक मंडल को अभिशासन संबंधी चिंताओं और विभिन्न भुगतान देयताओं को पूरा करने में चूक के कारण अधिक्रमित कर दिया है, और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(2) के अंतर्गत श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। रिज़र्व बैंक शीघ्र ही दिवाला और शोधन अक्षमता (वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 के अंतर्गत कंपनी के विघटन की प्रक्रिया शुरू करने का विचार कर रहा है, और प्रशासक को दिवाला विघटन पेशेवर के रूप में नियुक्त करने के लिए एनसीएलटी, नई दिल्ली में भी आवेदन करेगा।

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, और राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) की सिफारिश के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) के निदेशक मंडल को अभिशासन संबंधी चिंताओं और विभिन्न भुगतान देयताओं को पूरा करने में चूक के कारण अधिक्रमित कर दिया है, और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(2) के अंतर्गत श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। रिज़र्व बैंक शीघ्र ही दिवाला और शोधन अक्षमता (वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 के अंतर्गत कंपनी के विघटन की प्रक्रिया शुरू करने का विचार कर रहा है, और प्रशासक को दिवाला विघटन पेशेवर के रूप में नियुक्त करने के लिए एनसीएलटी, नई दिल्ली में भी आवेदन करेगा।

जनवरी 21, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनियमित उधार देने की पद्धतियों के कारण एक्स10 फाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:

जनवरी 16, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने एनबीएफसी के लिए स्केल आधारित विनियमन के अंतर्गत ऊपरी स्तर (एनबीएफ़सी-यूएल) में एनबीएफसी की सूची जारी की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वर्ष 2024-25 के लिए एनबीएफसी के लिए स्केल आधारित विनियमन के अंतर्गत ऊपरी स्तर में एनबीएफसी की सूची की घोषणा की।

2. भारतीय रिज़र्व बैंक ने 22 अक्तूबर 2021 को स्केल आधारित विनियमन (एसबीआर): एनबीएफसी के लिए एक संशोधित विनियामक ढांचा जारी किया था। यह ढांचा एनबीएफसी को आधार स्तर (एनबीएफसी-बीएल), मध्य स्तर (एनबीएफसी-एमएल), ऊपरी स्तर (एनबीएफसी-यूएल) और शीर्ष स्तर (एनबीएफसी-टीएल) में वर्गीकृत करता है और यह एनबीएफ़सी की आस्ति के आकार और स्कोरिंग पद्धति के अनुसार ऊपरी स्तर में उनकी पहचान करने की पद्धति निर्धारित करता है। तदनुसार, 2024-25 के लिए एनबीएफसी-यूएल की सूची निम्नवत है:

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वर्ष 2024-25 के लिए एनबीएफसी के लिए स्केल आधारित विनियमन के अंतर्गत ऊपरी स्तर में एनबीएफसी की सूची की घोषणा की।

2. भारतीय रिज़र्व बैंक ने 22 अक्तूबर 2021 को स्केल आधारित विनियमन (एसबीआर): एनबीएफसी के लिए एक संशोधित विनियामक ढांचा जारी किया था। यह ढांचा एनबीएफसी को आधार स्तर (एनबीएफसी-बीएल), मध्य स्तर (एनबीएफसी-एमएल), ऊपरी स्तर (एनबीएफसी-यूएल) और शीर्ष स्तर (एनबीएफसी-टीएल) में वर्गीकृत करता है और यह एनबीएफ़सी की आस्ति के आकार और स्कोरिंग पद्धति के अनुसार ऊपरी स्तर में उनकी पहचान करने की पद्धति निर्धारित करता है। तदनुसार, 2024-25 के लिए एनबीएफसी-यूएल की सूची निम्नवत है:

जनवरी 14, 2025
पर्यवेक्षी आधार पर एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।

जनवरी 13, 2025
सात एनबीएफ़सी द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक को पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण

निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है। i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण: 

निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है। i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण: 

जनवरी 09, 2025
पर्यवेक्षी आधार पर एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।  

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।  

जनवरी 08, 2025
पर्यवेक्षी प्रतिबंधों को हटाना: (i) आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, चेन्नई और (ii) डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित एनबीएफसी: क्र. सं. नाम एनबीएफसी-श्रेणी सीओआर पंजीकृत 1. आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड एमएफ़आई एन-07-00769 दिनांकित 27 सितंबर 2016 चेन्नई 2. डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड आईसीसी एन-14.03176 दिनांकित 5 जनवरी 2009 नई दिल्ली

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित एनबीएफसी: क्र. सं. नाम एनबीएफसी-श्रेणी सीओआर पंजीकृत 1. आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड एमएफ़आई एन-07-00769 दिनांकित 27 सितंबर 2016 चेन्नई 2. डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड आईसीसी एन-14.03176 दिनांकित 5 जनवरी 2009 नई दिल्ली

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: अप्रैल 01, 2025

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