वापस लिए गए परिपत्रों
आरबीआई /2023-24/96 ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 10 22 दिसंबर 2023 सेवा में सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण – व्यापार क्रेडिट के लिए जारी बैंक गारंटी पर विवरणी की प्रस्तुति केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीआईएमएस) के माध्यम से करना
आरबीआई /2023-24/96 ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 10 22 दिसंबर 2023 सेवा में सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण – व्यापार क्रेडिट के लिए जारी बैंक गारंटी पर विवरणी की प्रस्तुति केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीआईएमएस) के माध्यम से करना
RBI/FED/2015-16/1 FED Master Direction No.4/2015-16 January 1, 2016 (Updated as on May 24, 2022) (Updated as on January 04, 2021) (Updated as on April 04, 2019) (Updated as on September 19, 2018) (Updated as on December 22, 2017) (Updated a
RBI/FED/2015-16/1 FED Master Direction No.4/2015-16 January 1, 2016 (Updated as on May 24, 2022) (Updated as on January 04, 2021) (Updated as on April 04, 2019) (Updated as on September 19, 2018) (Updated as on December 22, 2017) (Updated a
आरबीआई/2015-16/88 मास्टर परिपत्र सं.1/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन
आरबीआई/2015-16/88 मास्टर परिपत्र सं.1/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन
आरबीआई/2015-16/89 मास्टर परिपत्र सं.3/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो (Vostro) खाते खोलने और उन्हें बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की स
आरबीआई/2015-16/89 मास्टर परिपत्र सं.3/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो (Vostro) खाते खोलने और उन्हें बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की स
आरबीआई/2015-16/80 मास्टर परिपत्र सं.8/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा. अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध
आरबीआई/2015-16/80 मास्टर परिपत्र सं.8/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा. अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध
भारिबैंक/2015-16/82 मास्टर परिपत्र सं.13/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में 'माल और सेवाओं के आयात' व
भारिबैंक/2015-16/82 मास्टर परिपत्र सं.13/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में 'माल और सेवाओं के आयात' व
आरबीआई/2015-16/79 मास्टर परिपत्र सं. 4/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी
आरबीआई/2015-16/79 मास्टर परिपत्र सं. 4/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी
आरबीआई/2015-16/78 मास्टर परिपत्र सं.2/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा विनियमि/नियंत्रित
आरबीआई/2015-16/78 मास्टर परिपत्र सं.2/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा विनियमि/नियंत्रित
आरबीआई/2015-16/67 मास्टर परिपत्र सं. 9/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लं
आरबीआई/2015-16/67 मास्टर परिपत्र सं. 9/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लं
आरबीआई/2015-16/54 मास्टर परिपत्र सं.7/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत म
आरबीआई/2015-16/54 मास्टर परिपत्र सं.7/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत म
आरबीआई/2014 -15/7 मास्टर परिपत्र सं.2/2014 -15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जा
आरबीआई/2014 -15/7 मास्टर परिपत्र सं.2/2014 -15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जा
आरबीआई/2014-15/5 मास्टर परिपत्र सं.14/2014-15 1 जुलाई 2014 (20 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह
आरबीआई/2014-15/5 मास्टर परिपत्र सं.14/2014-15 1 जुलाई 2014 (20 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह
आरबीआई/2014-15/3 मास्टर परिपत्र सं.12/2014 -15 1 जुलाई 2014 (21 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अ
आरबीआई/2014-15/3 मास्टर परिपत्र सं.12/2014 -15 1 जुलाई 2014 (21 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अ
आरबीआई/2014-15/9 मास्टर परिपत्र सं. 4/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेश
आरबीआई/2014-15/9 मास्टर परिपत्र सं. 4/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेश
भारिबैंक/2014-15/4 मास्टर परिपत्र सं.13/2014-15 1 जुलाई 2014 (30 अप्रैल 2015 तक अद्यतन) सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में
भारिबैंक/2014-15/4 मास्टर परिपत्र सं.13/2014-15 1 जुलाई 2014 (30 अप्रैल 2015 तक अद्यतन) सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में
आरबीआई/2014-15/14मास्टर परिपत्र सं.3/2014-15 1 जुलाई 2014 (9 अक्तूबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों
आरबीआई/2014-15/14मास्टर परिपत्र सं.3/2014-15 1 जुलाई 2014 (9 अक्तूबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों
आरबीआई/2014-15/11मास्टर परिपत्र सं.7/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्व
आरबीआई/2014-15/11मास्टर परिपत्र सं.7/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्व
आरबीआई/2014-15/1 मास्टर परिपत्र सं. 9/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लंघ
आरबीआई/2014-15/1 मास्टर परिपत्र सं. 9/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लंघ
आरबीआई/2014-15/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध
आरबीआई/2014-15/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध
भारिबैं/2014-15/2 मास्टर परिपत्र सं. 11/2014-15 01 जुलाई 2014 (4 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित, 7 जुलाई 2004 की अधिसूचना सं.फेमा.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के स
भारिबैं/2014-15/2 मास्टर परिपत्र सं. 11/2014-15 01 जुलाई 2014 (4 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित, 7 जुलाई 2004 की अधिसूचना सं.फेमा.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के स
आरबीआई/2014 -15/10 मास्टर परिपत्र सं.6/2014-15 1 जुलाई 2014 (11 अगस्त 2014 तक अद्यतन) विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भ
आरबीआई/2014 -15/10 मास्टर परिपत्र सं.6/2014-15 1 जुलाई 2014 (11 अगस्त 2014 तक अद्यतन) विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भ
आरबीआई /2014-15/13 मास्टर परिपत्र सं.1/2014-15 01 जुलाई 2014 (21 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष म
आरबीआई /2014-15/13 मास्टर परिपत्र सं.1/2014-15 01 जुलाई 2014 (21 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष म
आरबीआई/2013-14/635 बैंपविवि. सं. बीपी. बीसी. 120/21.04.098/2013-14 9 जून 2014 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय चलनिधि मानकों पर बासल III संरचना – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक
आरबीआई/2013-14/635 बैंपविवि. सं. बीपी. बीसी. 120/21.04.098/2013-14 9 जून 2014 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय चलनिधि मानकों पर बासल III संरचना – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक
आरबीआई/2013-14/519ग्राआऋवि.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.10292/07.51.018/2013-14 13 मार्च, 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/ राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय / महोदया धन शोधन निवारण (एएमएल) / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी) - मानक कृपया कुछ क्षेत्रों में एएमएल/ सीएफटी प्रणाली में पायी गयी कमियों से उत्पन्न होनेवाले जोखिमों पर 10 दिसंबर, 2013 का हमारा पत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.6235/07.51.018/2013-14 देखें। 2. वित्त
आरबीआई/2013-14/519ग्राआऋवि.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.10292/07.51.018/2013-14 13 मार्च, 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/ राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय / महोदया धन शोधन निवारण (एएमएल) / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी) - मानक कृपया कुछ क्षेत्रों में एएमएल/ सीएफटी प्रणाली में पायी गयी कमियों से उत्पन्न होनेवाले जोखिमों पर 10 दिसंबर, 2013 का हमारा पत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.6235/07.51.018/2013-14 देखें। 2. वित्त
भारिबैंक/2013-14/374 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 75 19 नवंबर 2013 सभी श्रेणी I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण(Trade Credit) - प्राधिकृत व्यापारियों द्वारा गारंटी/वचन-पत्र (LoU) / चुकौती आश्वासन-पत्र (LoC) जारी करने के संबंध में डाटा का ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंकों का ध्यान 17 अप्रैल 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 87 तथा 1 नवंबर 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 24 की ओर आकृष्ट किया जाता
भारिबैंक/2013-14/374 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 75 19 नवंबर 2013 सभी श्रेणी I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण(Trade Credit) - प्राधिकृत व्यापारियों द्वारा गारंटी/वचन-पत्र (LoU) / चुकौती आश्वासन-पत्र (LoC) जारी करने के संबंध में डाटा का ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंकों का ध्यान 17 अप्रैल 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 87 तथा 1 नवंबर 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 24 की ओर आकृष्ट किया जाता
आरबीआई/2013-14/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत
आरबीआई/2013-14/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत
आरबीआई/2013-14/9 मास्टर परिपत्र सं. 9/2013-14 (22 अक्तूबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिप
आरबीआई/2013-14/9 मास्टर परिपत्र सं. 9/2013-14 (22 अक्तूबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिप
आरबीआई/2013-14/10मास्टर परिपत्र सं.10/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड" के स
आरबीआई/2013-14/10मास्टर परिपत्र सं.10/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड" के स
आरबीआई/2013-14/4 मास्टर परिपत्र सं. 4/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठित व
आरबीआई/2013-14/4 मास्टर परिपत्र सं. 4/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठित व
आरबीआई/2013-14/3 मास्टर परिपत्र सं.3/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की सूची परिशिष्ट
आरबीआई/2013-14/3 मास्टर परिपत्र सं.3/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की सूची परिशिष्ट
आरबीआई/2013-14/2मास्टर परिपत्र सं.2/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती
आरबीआई/2013-14/2मास्टर परिपत्र सं.2/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती
आरबीआई/2013-14/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6
आरबीआई/2013-14/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6
भारिबैं/2013-14/11मास्टर परिपत्र सं. 11/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठ
भारिबैं/2013-14/11मास्टर परिपत्र सं. 11/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठ
आरबीआई/2013-14/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '
आरबीआई/2013-14/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '
आरबीआई/2013-14/6 मास्टर परिपत्र सं.6/2013-14 (5 सितंबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भार
आरबीआई/2013-14/6 मास्टर परिपत्र सं.6/2013-14 (5 सितंबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भार
आरबीआई/2013-14/1मास्टर परिपत्र सं.1/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ
आरबीआई/2013-14/1मास्टर परिपत्र सं.1/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ
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