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दिसंबर 22, 2023
भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण – व्यापार क्रेडिट के लिए जारी बैंक गारंटी पर विवरणी की प्रस्तुति केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीआईएमएस) के माध्यम से करना

आरबीआई /2023-24/96 ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 10 22 दिसंबर 2023 सेवा में सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण – व्यापार क्रेडिट के लिए जारी बैंक गारंटी पर विवरणी की प्रस्तुति केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीआईएमएस) के माध्यम से करना

आरबीआई /2023-24/96 ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 10 22 दिसंबर 2023 सेवा में सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण – व्यापार क्रेडिट के लिए जारी बैंक गारंटी पर विवरणी की प्रस्तुति केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीआईएमएस) के माध्यम से करना

जून 09, 2022
विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत अपेक्षित विवरणी को बंद करना
भा.रि.बैंक/2022-23/69 ए.पी. (डी.आई.आर. सीरीज़) परिपत्र सं. 05 09 जून 2022 प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/ महोदय विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत अपेक्षित विवरणी को बंद करना प्राधिकृत व्यक्तियों का ध्यान 18 फरवरी 2022 के ए.पी. (डी.आई.आर. सीरीज़) परिपत्र सं. 26 की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसमें प्राधिकृत व्यक्तियों को फेमा, 1999 के तहत प्रस्तुत की जाने वाली ‘अनिवासी संस्थाओं से प्राप्त की गई अथवा भुनाई गई गारंटी का विवरण’ शीर्षक विवरणी को बंद किए
भा.रि.बैंक/2022-23/69 ए.पी. (डी.आई.आर. सीरीज़) परिपत्र सं. 05 09 जून 2022 प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/ महोदय विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत अपेक्षित विवरणी को बंद करना प्राधिकृत व्यक्तियों का ध्यान 18 फरवरी 2022 के ए.पी. (डी.आई.आर. सीरीज़) परिपत्र सं. 26 की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसमें प्राधिकृत व्यक्तियों को फेमा, 1999 के तहत प्रस्तुत की जाने वाली ‘अनिवासी संस्थाओं से प्राप्त की गई अथवा भुनाई गई गारंटी का विवरण’ शीर्षक विवरणी को बंद किए
जुलाई 07, 2016
सेवा आयातकों द्वारा बैंक गैरंटी संबंधी रिपोर्टिंग को स्थगित किया जाना
भा.रि.बैंक/2016-17/8 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 01 07 जुलाई 2016 सभी श्रेणी–I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, सेवा आयातकों द्वारा बैंक गैरंटी संबंधी रिपोर्टिंग को स्थगित किया जाना सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंकों का ध्यान “अन्य विप्रेषण सुविधाएं” विषय पर दिनांक 01 जनवरी 2016 को जारी मास्टर निदेश सं. 08 के पैरा-5 की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसके अनुसार प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों को अनिवासी सेवा प्रदाताओं के पक्ष में उनके निवासी सेवा आयातक ग्राह
भा.रि.बैंक/2016-17/8 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 01 07 जुलाई 2016 सभी श्रेणी–I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, सेवा आयातकों द्वारा बैंक गैरंटी संबंधी रिपोर्टिंग को स्थगित किया जाना सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंकों का ध्यान “अन्य विप्रेषण सुविधाएं” विषय पर दिनांक 01 जनवरी 2016 को जारी मास्टर निदेश सं. 08 के पैरा-5 की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसके अनुसार प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों को अनिवासी सेवा प्रदाताओं के पक्ष में उनके निवासी सेवा आयातक ग्राह
जुलाई 16, 2015
वापस लिया गया w.e.f. 16/11/2021
विदेशी संविभाग निवेशकों द्वारा भारत में विदेशी निवेश
भारिबैं/2015 -16/131 एपी (डीआइआर श्रृंखला) परिपत्र सं. 6 16 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदय/ महोदय , विदेशी संविभाग निवेशकों द्वारा भारत में विदेशी निवेश प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी – I (एडी श्रेणी- I) बैंकों का ध्यान दि. 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 – आरबी, समय समय पर यथा संशोधित, द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंधन (भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा जारी करना) विनियमावली 2000 तथा 3 फरवरी 2015 के एपी (डीआइआर श्रृंखला) परिप
भारिबैं/2015 -16/131 एपी (डीआइआर श्रृंखला) परिपत्र सं. 6 16 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदय/ महोदय , विदेशी संविभाग निवेशकों द्वारा भारत में विदेशी निवेश प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी – I (एडी श्रेणी- I) बैंकों का ध्यान दि. 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 – आरबी, समय समय पर यथा संशोधित, द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंधन (भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा जारी करना) विनियमावली 2000 तथा 3 फरवरी 2015 के एपी (डीआइआर श्रृंखला) परिप
जुलाई 01, 2015
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on Foreign Investment in India
RBI/2015-16/96 Master Circular No. 15/2015-16 July 01, 2015(Updated upto October 30, 2015) To, All Category - I Authorised Dealer banks Madam / Sir, Master Circular on Foreign Investment in India Foreign investment in India is governed by sub-section (3) of Section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 20/2000-RB dated May 3, 2000, as amended from time to time. The regulatory framework and instructions issued by the Reserve Ban
RBI/2015-16/96 Master Circular No. 15/2015-16 July 01, 2015(Updated upto October 30, 2015) To, All Category - I Authorised Dealer banks Madam / Sir, Master Circular on Foreign Investment in India Foreign investment in India is governed by sub-section (3) of Section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 20/2000-RB dated May 3, 2000, as amended from time to time. The regulatory framework and instructions issued by the Reserve Ban
जुलाई 01, 2015
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities
RBI/2015-16/92 Master Circular No.10/2015-16 July 01, 2015 (As updated on September 10, 2015) To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities This Master Circular consolidates the existing instructions on the subject of “Memorandum of Instructions governing money changing activities” at one place. The list of underlying circulars/ notifications is set out in Appendix. 2. This
RBI/2015-16/92 Master Circular No.10/2015-16 July 01, 2015 (As updated on September 10, 2015) To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities This Master Circular consolidates the existing instructions on the subject of “Memorandum of Instructions governing money changing activities” at one place. The list of underlying circulars/ notifications is set out in Appendix. 2. This
जुलाई 01, 2015
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on Miscellaneous Remittances from India - Facilities for Residents
RBI/2015-16/91 Master Circular No.6/2015-16 July 1, 2015 To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Miscellaneous Remittances from India – Facilities for Residents Miscellaneous remittance facilities for residents are allowed in terms of section 5 of the Foreign Exchange Management Act, 1999, read with Government of India Notification No. G.S.R 381(E) dated May 3, 2000, as amended from time to time. 2. This Master Circular consolida
RBI/2015-16/91 Master Circular No.6/2015-16 July 1, 2015 To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Miscellaneous Remittances from India – Facilities for Residents Miscellaneous remittance facilities for residents are allowed in terms of section 5 of the Foreign Exchange Management Act, 1999, read with Government of India Notification No. G.S.R 381(E) dated May 3, 2000, as amended from time to time. 2. This Master Circular consolida
जुलाई 01, 2015
Withdrawn
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआई/2015-16/88 मास्टर परिपत्र सं.1/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन

आरबीआई/2015-16/88 मास्टर परिपत्र सं.1/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो (Vostro) खाते खोलने और उन्हें बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2015-16/89 मास्टर परिपत्र सं.3/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो (Vostro) खाते खोलने और उन्हें बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की स

आरबीआई/2015-16/89 मास्टर परिपत्र सं.3/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो (Vostro) खाते खोलने और उन्हें बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की स

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआई/2015-16/80 मास्टर परिपत्र सं.8/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा. अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

आरबीआई/2015-16/80 मास्टर परिपत्र सं.8/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा. अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

जुलाई 01, 2015
Withdrawn
माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र

भारिबैंक/2015-16/82 मास्टर परिपत्र सं.13/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में 'माल और सेवाओं के आयात' व

भारिबैंक/2015-16/82 मास्टर परिपत्र सं.13/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में 'माल और सेवाओं के आयात' व

जुलाई 01, 2015
Withdrawn
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआई/2015-16/79 मास्टर परिपत्र सं. 4/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी

आरबीआई/2015-16/79 मास्टर परिपत्र सं. 4/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी श्रेणी-। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी

जुलाई 01, 2015
Withdrawn
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता

आरबीआई/2015-16/78 मास्टर परिपत्र सं.2/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा विनियमि/नियंत्रित

आरबीआई/2015-16/78 मास्टर परिपत्र सं.2/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा विनियमि/नियंत्रित

जुलाई 01, 2015
Withdrawn
मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग

आरबीआई/2015-16/67 मास्टर परिपत्र सं. 9/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लं

आरबीआई/2015-16/67 मास्टर परिपत्र सं. 9/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लं

जुलाई 01, 2015
Withdrawn
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआई/2015-16/54 मास्टर परिपत्र सं.7/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत म

आरबीआई/2015-16/54 मास्टर परिपत्र सं.7/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत म

जुलाई 01, 2015
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on Direct Investment by Residents in Joint Venture (JV) / Wholly Owned Subsidiary (WOS) Abroad
RBI/2015-16/41 Master Circular No. 11/2015-16 July 01, 2015 To, All Authorised Dealer Category - I banks Madam / Sir, Master Circular on Direct Investment by Residents in Joint Venture (JV) / Wholly Owned Subsidiary (WOS) Abroad Direct investments by residents in Joint Venture (JV) and Wholly Owned Subsidiary (WOS) abroad are being allowed, in terms of clause (a) of sub-section (3) of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999, (42 of 1999) read with Notif
RBI/2015-16/41 Master Circular No. 11/2015-16 July 01, 2015 To, All Authorised Dealer Category - I banks Madam / Sir, Master Circular on Direct Investment by Residents in Joint Venture (JV) / Wholly Owned Subsidiary (WOS) Abroad Direct investments by residents in Joint Venture (JV) and Wholly Owned Subsidiary (WOS) abroad are being allowed, in terms of clause (a) of sub-section (3) of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999, (42 of 1999) read with Notif
जुलाई 01, 2015
Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits
RBI/2015-16/33 Master Circular No. 12/2015-16 July 01, 2015 (Updated upto October 06, 2015) To All Authorised Dealer Category – I banks and Authorised banks Madam / Sir Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/2000-RB viz. Foreign Excha
RBI/2015-16/33 Master Circular No. 12/2015-16 July 01, 2015 (Updated upto October 06, 2015) To All Authorised Dealer Category – I banks and Authorised banks Madam / Sir Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/2000-RB viz. Foreign Excha
जनवरी 06, 2015
दो निवासी कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहत गैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी
भारिबैंक/2014-15/387 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 56 6 जनवरी 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया/महोदय दो निवासी कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहतगैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंकों का ध्यान 29 अगस्त 2012 के ए॰पी॰(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं॰ 20 की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार गैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी जैसे कि साखपत्र/गारंटी/वचन-पत्र/चुकौती आश्वासन पत्र भारत में निवासी दो व्यक्तियों
भारिबैंक/2014-15/387 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 56 6 जनवरी 2015 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया/महोदय दो निवासी कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहतगैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंकों का ध्यान 29 अगस्त 2012 के ए॰पी॰(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं॰ 20 की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार गैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी जैसे कि साखपत्र/गारंटी/वचन-पत्र/चुकौती आश्वासन पत्र भारत में निवासी दो व्यक्तियों
जुलाई 01, 2014
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता

आरबीआई/2014 -15/7 मास्टर परिपत्र सं.2/2014 -15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जा

आरबीआई/2014 -15/7 मास्टर परिपत्र सं.2/2014 -15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जा

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआई/2014-15/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

आरबीआई/2014-15/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) के लिए विप्रेषण सुविधाएं, समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात

आरबीआई/2014-15/5 मास्टर परिपत्र सं.14/2014-15 1 जुलाई 2014 (20 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह

आरबीआई/2014-15/5 मास्टर परिपत्र सं.14/2014-15 1 जुलाई 2014 (20 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआई/2014-15/3 मास्टर परिपत्र सं.12/2014 -15 1 जुलाई 2014 (21 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अ

आरबीआई/2014-15/3 मास्टर परिपत्र सं.12/2014 -15 1 जुलाई 2014 (21 नवंबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अ

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआई/2014 -15/10 मास्टर परिपत्र सं.6/2014-15 1 जुलाई 2014 (11 अगस्त 2014 तक अद्यतन) विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भ

आरबीआई/2014 -15/10 मास्टर परिपत्र सं.6/2014-15 1 जुलाई 2014 (11 अगस्त 2014 तक अद्यतन) विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भ

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआई /2014-15/13 मास्टर परिपत्र सं.1/2014-15 01 जुलाई 2014 (21 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष म

आरबीआई /2014-15/13 मास्टर परिपत्र सं.1/2014-15 01 जुलाई 2014 (21 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करने वाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष म

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग

आरबीआई/2014-15/1 मास्टर परिपत्र सं. 9/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लंघ

आरबीआई/2014-15/1 मास्टर परिपत्र सं. 9/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा,1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के तहत उल्लंघ

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआई/2014-15/9 मास्टर परिपत्र सं. 4/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेश

आरबीआई/2014-15/9 मास्टर परिपत्र सं. 4/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर-भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 21/2000-आरबी के साथ पठित विदेश

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश

भारिबैं/2014-15/2 मास्टर परिपत्र सं. 11/2014-15 01 जुलाई 2014 (4 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित, 7 जुलाई 2004 की अधिसूचना सं.फेमा.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के स

भारिबैं/2014-15/2 मास्टर परिपत्र सं. 11/2014-15 01 जुलाई 2014 (4 जुलाई 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित, 7 जुलाई 2004 की अधिसूचना सं.फेमा.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के स

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2014-15/14मास्टर परिपत्र सं.3/2014-15 1 जुलाई 2014 (9 अक्तूबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों

आरबीआई/2014-15/14मास्टर परिपत्र सं.3/2014-15 1 जुलाई 2014 (9 अक्तूबर 2014 तक अद्यतन) सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों

जुलाई 01, 2014
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मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआई/2014-15/11मास्टर परिपत्र सं.7/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्व

आरबीआई/2014-15/11मास्टर परिपत्र सं.7/2014-15 1 जुलाई 2014 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्व

जुलाई 01, 2014
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माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र

भारिबैंक/2014-15/4 मास्टर परिपत्र सं.13/2014-15 1 जुलाई 2014 (30 अप्रैल 2015 तक अद्यतन) सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में

भारिबैंक/2014-15/4 मास्टर परिपत्र सं.13/2014-15 1 जुलाई 2014 (30 अप्रैल 2015 तक अद्यतन) सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(ई) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में

जून 09, 2014
चलनिधि मानकों पर बासल III संरचना – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), aचलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक

आरबीआई/2013-14/635 बैंपविवि. सं. बीपी. बीसी. 120/21.04.098/2013-14 9 जून 2014 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय चलनिधि मानकों पर बासल III संरचना – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक

आरबीआई/2013-14/635 बैंपविवि. सं. बीपी. बीसी. 120/21.04.098/2013-14 9 जून 2014 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय चलनिधि मानकों पर बासल III संरचना – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक

मार्च 13, 2014
धन शोधन निवारण (एएमएल) / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी) - मानक

आरबीआई/2013-14/519ग्राआऋवि.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.10292/07.51.018/2013-14 13 मार्च, 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधि‍कारी सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/ राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय / महोदया धन शोधन निवारण (एएमएल) / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी) - मानक कृपया कुछ क्षेत्रों में एएमएल/ सीएफटी प्रणाली में पायी गयी कमियों से उत्पन्न होनेवाले जोखिमों पर 10 दिसंबर, 2013 का हमारा पत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.6235/07.51.018/2013-14 देखें। 2. वित्त

आरबीआई/2013-14/519ग्राआऋवि.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.10292/07.51.018/2013-14 13 मार्च, 2014 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधि‍कारी सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/ राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय / महोदया धन शोधन निवारण (एएमएल) / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध (सीएफटी) - मानक कृपया कुछ क्षेत्रों में एएमएल/ सीएफटी प्रणाली में पायी गयी कमियों से उत्पन्न होनेवाले जोखिमों पर 10 दिसंबर, 2013 का हमारा पत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.आरसीबी.एएमएल.सं.6235/07.51.018/2013-14 देखें। 2. वित्त

नवंबर 19, 2013
भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण(Trade Credit) - प्राधिकृत व्यापारियों द्वारा गारंटी/वचन-पत्र (LoU) / चुकौती आश्वासन-पत्र (LoC) जारी करने के संबंध में डाटा का ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण

भारिबैंक/2013-14/374 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 75 19 नवंबर 2013 सभी श्रेणी I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण(Trade Credit) - प्राधिकृत व्यापारियों द्वारा गारंटी/वचन-पत्र (LoU) / चुकौती आश्वासन-पत्र (LoC) जारी करने के संबंध में डाटा का ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंकों का ध्यान 17 अप्रैल 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 87 तथा 1 नवंबर 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 24 की ओर आकृष्ट किया जाता

भारिबैंक/2013-14/374 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 75 19 नवंबर 2013 सभी श्रेणी I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, भारत में आयात हेतु व्यापार ऋण(Trade Credit) - प्राधिकृत व्यापारियों द्वारा गारंटी/वचन-पत्र (LoU) / चुकौती आश्वासन-पत्र (LoC) जारी करने के संबंध में डाटा का ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंकों का ध्यान 17 अप्रैल 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 87 तथा 1 नवंबर 2004 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 24 की ओर आकृष्ट किया जाता

सितंबर 05, 2013
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लेनदेनों के लिए भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति की ओर से बैंक गारंटी जारी करना
भारिबैंक/2013-14/230ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 37 5 सितंबर 2013 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लेनदेनों के लिए भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति की ओर से बैंक गारंटी जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.5/2000-आरबी के जरिये अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली के विनियम 5 (2ए) के साथ पठित, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फे
भारिबैंक/2013-14/230ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 37 5 सितंबर 2013 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/ महोदय, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लेनदेनों के लिए भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति की ओर से बैंक गारंटी जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.5/2000-आरबी के जरिये अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली के विनियम 5 (2ए) के साथ पठित, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फे
जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआई/2013-14/4 मास्टर परिपत्र सं. 4/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठित व

आरबीआई/2013-14/4 मास्टर परिपत्र सं. 4/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी श्रेणी - । प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठित व

जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता

आरबीआई/2013-14/2मास्टर परिपत्र सं.2/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती

आरबीआई/2013-14/2मास्टर परिपत्र सं.2/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर के निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती

जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग

आरबीआई/2013-14/9 मास्टर परिपत्र सं. 9/2013-14 (22 अक्तूबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिप

आरबीआई/2013-14/9 मास्टर परिपत्र सं. 9/2013-14 (22 अक्तूबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिप

जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआई/2013-14/1मास्टर परिपत्र सं.1/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ

आरबीआई/2013-14/1मास्टर परिपत्र सं.1/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ

जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआई/2013-14/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6

आरबीआई/2013-14/8 मास्टर परिपत्र सं.8/2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6

जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2013-14/10मास्टर परिपत्र सं.10/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड" के स

आरबीआई/2013-14/10मास्टर परिपत्र सं.10/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड" के स

जुलाई 01, 2013
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits
RBI/2013-14/12 Master Circular No. 12/2013-14 (Updated till June 16, 2014) July 01, 2013 To, All Authorised Dealer Category – I banks and Authorised banks Madam / Sir, Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/ 2000-RB viz. Foreign Excha
RBI/2013-14/12 Master Circular No. 12/2013-14 (Updated till June 16, 2014) July 01, 2013 To, All Authorised Dealer Category – I banks and Authorised banks Madam / Sir, Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/ 2000-RB viz. Foreign Excha
जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश

भारिबैं/2013-14/11मास्टर परिपत्र सं. 11/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठ

भारिबैं/2013-14/11मास्टर परिपत्र सं. 11/2013-14 01 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठ

जुलाई 01, 2013
माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2013-14/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '

आरबीआई/2013-14/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '

जुलाई 01, 2013
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on Foreign Investment in India
RBI/2013-14/15 Master Circular No.15/2013-14 (Updated as on June 18, 2014) July 01, 2013 To, All Category - I Authorised Dealer banks Madam / Sir, Master Circular on Foreign Investment in India Foreign investment in India is governed by sub-section (3) of Section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 20/2000-RB dated May 3, 2000, as amended from time to time. The regulatory framework and instructions issued by the Reserve Bank
RBI/2013-14/15 Master Circular No.15/2013-14 (Updated as on June 18, 2014) July 01, 2013 To, All Category - I Authorised Dealer banks Madam / Sir, Master Circular on Foreign Investment in India Foreign investment in India is governed by sub-section (3) of Section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 20/2000-RB dated May 3, 2000, as amended from time to time. The regulatory framework and instructions issued by the Reserve Bank
जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआई/2013-14/6 मास्टर परिपत्र सं.6/2013-14 (5 सितंबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भार

आरबीआई/2013-14/6 मास्टर परिपत्र सं.6/2013-14 (5 सितंबर 2013 तक अद्यतन) 1 जुलाई 2013 विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध विप्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, भारत सरकार की समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भार

जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआई/2013-14/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत

आरबीआई/2013-14/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2013-14 01 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत

जुलाई 01, 2013
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2013-14/3 मास्टर परिपत्र सं.3/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की सूची परिशिष्ट

आरबीआई/2013-14/3 मास्टर परिपत्र सं.3/2013-14 1 जुलाई 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की सूची परिशिष्ट

जून 26, 2013
बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- सुनियोजित दायित्व (Structured Obligation)
भारिबैंक/2012-13/553ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.120 26 जून 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/महोदय बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- सुनियोजित दायित्व (Structured Obligation) प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति (सुनियोजित दायित्व) से संबंधित 2 मार्च 2010 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.40 और 26 सितंबर 2011 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.28 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, के
भारिबैंक/2012-13/553ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.120 26 जून 2013 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/महोदय बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- सुनियोजित दायित्व (Structured Obligation) प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति (सुनियोजित दायित्व) से संबंधित 2 मार्च 2010 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.40 और 26 सितंबर 2011 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.28 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, के
अगस्त 29, 2012
दो निवासी कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहत गैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी
भारिबैंक/2012-13/179 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 20 29 अगस्त 2012 सभी श्रेणी–I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, दो निवासी कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहत गैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी – I बैंकों का ध्यान 26 सितंबर 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 29/2000-आरबी अर्थात गारंटी के आह्वान पर भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति को भुगतान, 30 मार्च 2001 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 28 और 1 अगस्त 2005 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) पर
भारिबैंक/2012-13/179 ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 20 29 अगस्त 2012 सभी श्रेणी–I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय, दो निवासी कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहत गैर-निधि आधारित सुविधाओं के लिए अनिवासी गारंटी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी – I बैंकों का ध्यान 26 सितंबर 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 29/2000-आरबी अर्थात गारंटी के आह्वान पर भारत से बाहर के निवासी व्यक्ति को भुगतान, 30 मार्च 2001 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 28 और 1 अगस्त 2005 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) पर
जुलाई 02, 2012
माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2012-13/13मास्टर परिपत्र सं. 13/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '

आरबीआई/2012-13/13मास्टर परिपत्र सं. 13/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV) पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश

भारिबैं/2012-13/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेशी मुद्र

भारिबैं/2012-13/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेशी मुद्र

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2012-13/10मास्टर परिपत्र सं.10/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड

आरबीआई/2012-13/10मास्टर परिपत्र सं.10/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात

आरबीआई/2012-13/ 14मास्टर परिपत्र सं.14/ 2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह मास्टर परिपत्र "भारत

आरबीआई/2012-13/ 14मास्टर परिपत्र सं.14/ 2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह मास्टर परिपत्र "भारत

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआई/2012-13/12मास्टर परिपत्र सं.12/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 के खंड

आरबीआई/2012-13/12मास्टर परिपत्र सं.12/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 के खंड

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2012-13/ 03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं

आरबीआई/2012-13/ 03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता

आरबीआई/2012-13/02मास्टर परिपत्र सं.02/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती ह

आरबीआई/2012-13/02मास्टर परिपत्र सं.02/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती ह

जुलाई 02, 2012
भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2012-13/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 20/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। निहित परिपत्र

आरबीआई/2012-13/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 20/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। निहित परिपत्र

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग

आरबीआई/2012-13/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के

आरबीआई/2012-13/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाए

आरबीआई/2012-13/08मास्टर परिपत्र सं.08/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा

आरबीआई/2012-13/08मास्टर परिपत्र सं.08/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआई /2012-13/04 मास्टर परिपत्र सं. 04/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठ

आरबीआई /2012-13/04 मास्टर परिपत्र सं. 04/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठ

जुलाई 02, 2012
Withdrawn
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआई/2012-13/1मास्टर परिपत्र सं.1/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ

आरबीआई/2012-13/1मास्टर परिपत्र सं.1/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआई /2012-13/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी स

आरबीआई /2012-13/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी स

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआई/2012-13/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - न

आरबीआई/2012-13/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - न

जनवरी 31, 2012
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities
RBI/2011-12/376 Master Circular No.13 /2011-12 (Updated as on February 9, 2012) July 01, 2011 To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities This Master Circular consolidates the existing instructions on the subject of “Memorandum of Instructions governing money changing activities” at one place. The list of underlying circulars/ notifications is set out in Appendix. 2. This
RBI/2011-12/376 Master Circular No.13 /2011-12 (Updated as on February 9, 2012) July 01, 2011 To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities This Master Circular consolidates the existing instructions on the subject of “Memorandum of Instructions governing money changing activities” at one place. The list of underlying circulars/ notifications is set out in Appendix. 2. This
जनवरी 20, 2012
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Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits
RBI/2011-12/356 Master Circular No.09 /2011-12 (Updated as on January 20, 2012) July 01, 2011 To, All Category – I Authorised Dealer Banks Madam / Sir, Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/ 2000-RB viz. Foreign Exchange Management (
RBI/2011-12/356 Master Circular No.09 /2011-12 (Updated as on January 20, 2012) July 01, 2011 To, All Category – I Authorised Dealer Banks Madam / Sir, Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/ 2000-RB viz. Foreign Exchange Management (
सितंबर 26, 2011
बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- संरचना क्षेत्र के लिए सुनियोजित दायित्व
भारिबैंक/2011-12/203 ए.पी.(डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं.28 26 सितंबर 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- संरचना क्षेत्र के लिए सुनियोजित दायित्व प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (प्रा.व्या.श्रेणी ।) बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी)- नीतिगत सुनियोजित दायित्व से संबंधित 2 मार्च 2010 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.40 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, खासकर संरचना क्षेत्र के विकास मे
भारिबैंक/2011-12/203 ए.पी.(डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं.28 26 सितंबर 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- संरचना क्षेत्र के लिए सुनियोजित दायित्व प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (प्रा.व्या.श्रेणी ।) बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी)- नीतिगत सुनियोजित दायित्व से संबंधित 2 मार्च 2010 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.40 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, खासकर संरचना क्षेत्र के विकास मे
जुलाई 01, 2011
माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2011-12/07 मास्टर परिपत्र सं. 07/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल औ

आरबीआई/2011-12/07 मास्टर परिपत्र सं. 07/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल औ

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों)द्वारा भारत में अचल संपत्तिका अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआइ /2011-12/4मास्टर परिपत्र सं.04/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के

आरबीआइ /2011-12/4मास्टर परिपत्र सं.04/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS)में प्रत्यक्ष निवेश

आरबीआई/2011-12/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2011-12 01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेश

आरबीआई/2011-12/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2011-12 01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेश

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआइ/2011-12/1मास्टर परिपत्र सं.01/2011-12 01 जुलाई, 2011 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - नि

आरबीआइ/2011-12/1मास्टर परिपत्र सं.01/2011-12 01 जुलाई, 2011 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - नि

जुलाई 01, 2011
भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र

आरबीआइ/2011-12/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इसके अलावा, इस म

आरबीआइ/2011-12/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इसके अलावा, इस म

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआइ /2011-12/03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6)  के अनुसार विनियमित की जाती है। 2.  यह

आरबीआइ /2011-12/03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6)  के अनुसार विनियमित की जाती है। 2.  यह

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात

आरबीआइ/2011-12/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति है । 2.&n

आरबीआइ/2011-12/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति है । 2.&n

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआइ/2011-12/02 मास्टर परिपत्र सं.02/2011-12  01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधि

आरबीआइ/2011-12/02 मास्टर परिपत्र सं.02/2011-12  01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधि

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग

आरबीआई/2011-12/08 मास्टर परिपत्र सं. 08/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र " फेमा, 1

आरबीआई/2011-12/08 मास्टर परिपत्र सं. 08/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र " फेमा, 1

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता

आरबीआइ/2011-12/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2011-12 01 जुलाई , 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

आरबीआइ/2011-12/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2011-12 01 जुलाई , 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई / 2011-12/13मास्टर परिपत्र सं.13/2011-12  01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("स

आरबीआई / 2011-12/13मास्टर परिपत्र सं.13/2011-12  01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("स

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआइ/2011-12/ 5 मास्टर परिपत्र सं.05/ 2011-12  01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों / अधिसूचनाओं क

आरबीआइ/2011-12/ 5 मास्टर परिपत्र सं.05/ 2011-12  01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों / अधिसूचनाओं क

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआइ / 2011-12/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/ 2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 क

आरबीआइ / 2011-12/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/ 2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 क

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआइ /2011-12/ 14 मास्टर परिपत्र सं.14 /2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

आरबीआइ /2011-12/ 14 मास्टर परिपत्र सं.14 /2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

अप्रैल 29, 2011
म्युचुअल फंडों तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से स्टॉक एक्स्चेंजों को अविकल्पी अदायगी प्रतिबद्धताओं (आइपीसी) जारी करना
भारिबैंक/2010-11/491 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 54 अप्रैल 29, 2011 सभी श्रेणी -। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय म्युचुअल फंडों तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से स्टॉक एक्स्चेंजों को अविकल्पी अदायगी प्रतिबद्धताओं (आइपीसी) जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (एडी श्रेणी -।) बैंकों का ध्यान, समय समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी के जरिये अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध( भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण
भारिबैंक/2010-11/491 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 54 अप्रैल 29, 2011 सभी श्रेणी -। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय म्युचुअल फंडों तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से स्टॉक एक्स्चेंजों को अविकल्पी अदायगी प्रतिबद्धताओं (आइपीसी) जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (एडी श्रेणी -।) बैंकों का ध्यान, समय समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी के जरिये अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध( भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण
जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश

आरबीआई/2010-11/5 मास्टर परिपत्र सं. 05/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई , 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर , 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध ( किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के

आरबीआई/2010-11/5 मास्टर परिपत्र सं. 05/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई , 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर , 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध ( किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता

आरबीआइ/2010-11/3 मास्टर परिपत्र सं.03/2010-11 01 जुलाई , 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

आरबीआइ/2010-11/3 मास्टर परिपत्र सं.03/2010-11 01 जुलाई , 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआइ/2010-11/2 मास्टर परिपत्र सं.02/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं  समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और  फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

आरबीआइ/2010-11/2 मास्टर परिपत्र सं.02/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं  समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और  फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआइ/2010-11/1 मास्टर परिपत्र सं.01/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में  "भारत से वि

आरबीआइ/2010-11/1 मास्टर परिपत्र सं.01/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में  "भारत से वि

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआइ /2010-11/15 मास्टर परिपत्र सं.15/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी क

आरबीआइ /2010-11/15 मास्टर परिपत्र सं.15/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी क

जुलाई 01, 2010
भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र

आरबीआइ/2010-11/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इ

आरबीआइ/2010-11/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इ

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआइ/2010-11/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - ।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्त्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /

आरबीआइ/2010-11/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - ।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्त्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआइ /2010-11/ 9 मास्टर परिपत्र सं.09 /2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है । भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

आरबीआइ /2010-11/ 9 मास्टर परिपत्र सं.09 /2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है । भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों  का  कंपांउंडिंग

आरबीआइ/2010-11/7 मास्टर परिपत्र सं.07/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों  का  कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों का कंपांउडिंग भारत के नागरिकों को उपलब्ध एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन का कंपांउडिंग के

आरबीआइ/2010-11/7 मास्टर परिपत्र सं.07/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों  का  कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों का कंपांउडिंग भारत के नागरिकों को उपलब्ध एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन का कंपांउडिंग के

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2010-11/12 मास्टर परिपत्र सं.12/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में " मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन "  विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान में समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र / अधिसूचनाएं  परिशिष्ट में दिये गये हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष के

आरबीआई/2010-11/12 मास्टर परिपत्र सं.12/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में " मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन "  विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान में समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र / अधिसूचनाएं  परिशिष्ट में दिये गये हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष के

जुलाई 01, 2010
 माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2010-11/4 मास्टर परिपत्र सं. 04/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय  माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में '

आरबीआई/2010-11/4 मास्टर परिपत्र सं. 04/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय  माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में '

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात

आरबीआइ/2010-11/ 6 मास्टर परिपत्र सं.06/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (क) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति ह

आरबीआइ/2010-11/ 6 मास्टर परिपत्र सं.06/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (क) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति ह

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआइ /2010-11/ 11 मास्टर परिपत्र सं.11/ 2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "व

आरबीआइ /2010-11/ 11 मास्टर परिपत्र सं.11/ 2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "व

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआइ/2010-11/- मास्टर परिपत्र सं. 08/ 2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 की धारा 6 की उप धार

आरबीआइ/2010-11/- मास्टर परिपत्र सं. 08/ 2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 की धारा 6 की उप धार

मार्च 02, 2010
बाह्य वाणिज्यिक उधार नीति
आरबीआइ/2009-10/335 एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.40 02 मार्च , 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार नीति प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार से सबंधित 26 सितंबर,2000 की अधिसूचना सं.फेमा. 29/2000 आरबी ,अर्थात् भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति को गारंटी देने पर भुगतान,30 मार्च 2001 के एपी (डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.28 और 1अगस्त 2005 के एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.5 की ओर आकर्ष
आरबीआइ/2009-10/335 एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.40 02 मार्च , 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार नीति प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार से सबंधित 26 सितंबर,2000 की अधिसूचना सं.फेमा. 29/2000 आरबी ,अर्थात् भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति को गारंटी देने पर भुगतान,30 मार्च 2001 के एपी (डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.28 और 1अगस्त 2005 के एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.5 की ओर आकर्ष
फ़रवरी 24, 2010
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Union Budget - 2008-09 - Agricultural Debt Waiver and Debt Relief Scheme, 2008
RBI/2009-10/326 UBD.BPD.PCB.Cir.No. 46/13.05.006/2009-10 February 24, 2010 The Chief Executive Officer, All Primary (Urban) Co-operative Banks Dear Sir, Union Budget – 2008-09 – Agricultural Debt Waiver and Debt Relief Scheme, 2008 Please refer to paragraph 5 of our circular UBD.PCB.Cir.No.50/13.05.000/2007-08 dated June 2, 2008 on the captioned subject. 2. In this connection, we advise having been informed that the Comptroller and Auditor General of India (CAG) has s
RBI/2009-10/326 UBD.BPD.PCB.Cir.No. 46/13.05.006/2009-10 February 24, 2010 The Chief Executive Officer, All Primary (Urban) Co-operative Banks Dear Sir, Union Budget – 2008-09 – Agricultural Debt Waiver and Debt Relief Scheme, 2008 Please refer to paragraph 5 of our circular UBD.PCB.Cir.No.50/13.05.000/2007-08 dated June 2, 2008 on the captioned subject. 2. In this connection, we advise having been informed that the Comptroller and Auditor General of India (CAG) has s
अक्‍तूबर 05, 2009
सेवा आयातकों की ओर से बैंक गारंटी जारी करना
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई-400001 भारिबैंक/2009-10/176 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.11 5 अक्तूबर 2009 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदय/महोदया सेवा आयातकों की ओर से बैंक गारंटी जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (प्रा.व्या.श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान,समय समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 8/2000-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2000 के विनियम 4 की ओर आकर्षित किया जाता हैं ।
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई-400001 भारिबैंक/2009-10/176 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.11 5 अक्तूबर 2009 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदय/महोदया सेवा आयातकों की ओर से बैंक गारंटी जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (प्रा.व्या.श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान,समय समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 8/2000-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2000 के विनियम 4 की ओर आकर्षित किया जाता हैं ।
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण-निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआइ/2009-10/25 मास्टर परिपत्र सं.05 /2009-10 01 जुलाई, 2009 सेवा में, विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण-निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध प्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध प्र

आरबीआइ/2009-10/25 मास्टर परिपत्र सं.05 /2009-10 01 जुलाई, 2009 सेवा में, विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण-निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध प्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध प्र

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