अधिसूचनाएं - वित्तीय समावेशन और विकास - आरबीआई - Reserve Bank of India
अधिसूचनाएं
सित॰ 11, 2009
आदाता खाता चेक का संग्रह - चेकों की राशि को तृतीय पक्षकार (थर्ड पार्टी) के खाते में जमा करने पर प्रतिबंध
आरबीआई / 2009-10/154 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 19/03.05.33/2009-10 11 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय आदाता खाता चेक का संग्रह - चेकों की राशि को तृतीय पक्षकार (थर्ड पार्टी) के खाते में जमा करने पर प्रतिबंध कृपया 27 अप्रैल 2006 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ. बीसी.78/ 07.38.03/ 2005-06 देखां जिसके अनुसार बैंकों को मना किया था कि वे "आदाता खाता" चेकों को उनमें अंकित आदाता के नाम के सिवाय किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में जमा न करें। 2. यह ब
आरबीआई / 2009-10/154 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 19/03.05.33/2009-10 11 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय आदाता खाता चेक का संग्रह - चेकों की राशि को तृतीय पक्षकार (थर्ड पार्टी) के खाते में जमा करने पर प्रतिबंध कृपया 27 अप्रैल 2006 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ. बीसी.78/ 07.38.03/ 2005-06 देखां जिसके अनुसार बैंकों को मना किया था कि वे "आदाता खाता" चेकों को उनमें अंकित आदाता के नाम के सिवाय किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में जमा न करें। 2. यह ब
सित॰ 11, 2009
कृषि ऋण माफी तथा ऋण राहत योजना, 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड - क्षेत्रीय ग्रामाीण बैंक
आरबीआइ सं. 2009-10/153 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी. 20/03.05.72/2009-10 11 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय कृषि ऋण माफी तथा ऋण राहत योजना, 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड - क्षेत्रीय ग्रामाीण बैंक कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. केंका. आरआरबी.सं.बीसी. 18/03.05.072/2008-09, 17 नवंबर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि. केंका.आरआरबी.सं.बीसी.64/03.05.072/2008-0
आरबीआइ सं. 2009-10/153 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी. 20/03.05.72/2009-10 11 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय कृषि ऋण माफी तथा ऋण राहत योजना, 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड - क्षेत्रीय ग्रामाीण बैंक कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. केंका. आरआरबी.सं.बीसी. 18/03.05.072/2008-09, 17 नवंबर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि. केंका.आरआरबी.सं.बीसी.64/03.05.072/2008-0
सित॰ 07, 2009
आदाता खाता चेक का संगह - चेकों की राशि को तृतीय पक्षकार (थर्ड पार्टी) के खाते में जमा करने पर प्रतिबंध
आरबीआई/2009-10/148 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं.18/07.38.03/2009-10 7 सितंबर 2009 सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय आदाता खाता चेक का संगह - चेकों की राशि को तृतीय पक्षकार (थर्ड पार्टी) के खाते में जमा करने पर प्रतिबंध कृपया 27 अप्रैल 2006 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 78/ 07.38.03/ 2005-06 देखें जिसके अनुसार बैंकों को मना किया गया था कि वे ’आदाता खाता’ चेकों को उनमें अंकित आदाता के नाम के सिवाय किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में जमा
आरबीआई/2009-10/148 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं.18/07.38.03/2009-10 7 सितंबर 2009 सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय आदाता खाता चेक का संगह - चेकों की राशि को तृतीय पक्षकार (थर्ड पार्टी) के खाते में जमा करने पर प्रतिबंध कृपया 27 अप्रैल 2006 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 78/ 07.38.03/ 2005-06 देखें जिसके अनुसार बैंकों को मना किया गया था कि वे ’आदाता खाता’ चेकों को उनमें अंकित आदाता के नाम के सिवाय किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में जमा
सित॰ 04, 2009
बैंककारी विनियम अधिनियम, 1949 की धारा 24 सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना
आरबीआई 2009-10/146 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं. 17/ 03.05.28(बी)/2009-10 4 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, बैंककारी विनियम अधिनियम, 1949 की धारा 24 सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना कृपया भारत सरकार के नकदी प्रबंधन बिल के जारी किए जाने के बारे में 10 अगस्त 2009 की रिज़र्व बैंक की प्रेस प्रकाशनी : 2009 - 2010/227 देखें। हम सूचित करते हैं कि प्रस्तावित नकदी प्रबंधन बिल को 14 फरवरी 2008 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केंका. आरआरबी.सं. 8483/03.05.28
आरबीआई 2009-10/146 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं. 17/ 03.05.28(बी)/2009-10 4 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, बैंककारी विनियम अधिनियम, 1949 की धारा 24 सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना कृपया भारत सरकार के नकदी प्रबंधन बिल के जारी किए जाने के बारे में 10 अगस्त 2009 की रिज़र्व बैंक की प्रेस प्रकाशनी : 2009 - 2010/227 देखें। हम सूचित करते हैं कि प्रस्तावित नकदी प्रबंधन बिल को 14 फरवरी 2008 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केंका. आरआरबी.सं. 8483/03.05.28
अग॰ 24, 2009
संपार्श्विक रहित ऋण - माइक्रो और लघु उद्यम(एमएसई)
भारिबै/2009-10/129 ग्राआऋवि.एसएमईएंडएनएफएस.बीसी.सं.16/06.02.31(पी)/2009-10 24 अगस्त 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित) महोदय, संपार्श्विक रहित ऋण - माइक्रो और लघु उद्यम(एमएसई) कृपया दिनांक 20 जनवरी 2009 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. एसएमई एंड एनएफएस. बीसी.सं. 84ए/ 06.02.31(पी)/2008-09 देखें जो एमएसएमइडी अधिनियम , 2006 के अंतर्गत परिभाषितानुसार एमएसई क्षेत्र (उत्पादक तथा सेवा उद्यम दोनों ) की
भारिबै/2009-10/129 ग्राआऋवि.एसएमईएंडएनएफएस.बीसी.सं.16/06.02.31(पी)/2009-10 24 अगस्त 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित) महोदय, संपार्श्विक रहित ऋण - माइक्रो और लघु उद्यम(एमएसई) कृपया दिनांक 20 जनवरी 2009 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. एसएमई एंड एनएफएस. बीसी.सं. 84ए/ 06.02.31(पी)/2008-09 देखें जो एमएसएमइडी अधिनियम , 2006 के अंतर्गत परिभाषितानुसार एमएसई क्षेत्र (उत्पादक तथा सेवा उद्यम दोनों ) की
अग॰ 13, 2009
आवास वित्त
आरबीआई /2009-10/120 ग्राआऋवि.केंका.आरसीबीडी.बीसी.सं.15 /03.03.01/2009-10 13 अगस्त 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक प्रिय महोदय आवास वित्त कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 5 जुलाई 1997 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएनएफएस.बीसी. 04 /06.11.02 / 97-98 तथा 24 फरवरी 1995 के परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएनएफएस.बीसी.122 /06.11.02 /94-95 के साथ पठित दिनांक 31 अक्तूबर 1997 का परिपत्र ग्राआऋवि.सं. पीएलएनएफएस. बीसी.51/ 06.11.02/97-98 देखें। वर्तमान अनुदेशों के अनुसार, रा
आरबीआई /2009-10/120 ग्राआऋवि.केंका.आरसीबीडी.बीसी.सं.15 /03.03.01/2009-10 13 अगस्त 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक प्रिय महोदय आवास वित्त कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 5 जुलाई 1997 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएनएफएस.बीसी. 04 /06.11.02 / 97-98 तथा 24 फरवरी 1995 के परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएनएफएस.बीसी.122 /06.11.02 /94-95 के साथ पठित दिनांक 31 अक्तूबर 1997 का परिपत्र ग्राआऋवि.सं. पीएलएनएफएस. बीसी.51/ 06.11.02/97-98 देखें। वर्तमान अनुदेशों के अनुसार, रा
अग॰ 04, 2009
आंतर बैंक सहभागिता
आरबीआई /2009-10/113 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 13/03.05.33/2009-10 4 अगस्त 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय आंतर बैंक सहभागिता हमारे दिनांक 31 दिसंबर 1988 के परिपत्र डीबीओडी सं.बीपी.बीसी.57/62-88 (प्रति संलग्न) के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के लिए एक आंतर बैंक सहभागिता प्रमाणपत्र (आइबीपीसी) योजना आरंभ की गई थी । 2. यह निर्णय लिया गया है कि अब से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों को 180 दिनों की अवधि के लिए जोखिम में हिस
आरबीआई /2009-10/113 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 13/03.05.33/2009-10 4 अगस्त 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय आंतर बैंक सहभागिता हमारे दिनांक 31 दिसंबर 1988 के परिपत्र डीबीओडी सं.बीपी.बीसी.57/62-88 (प्रति संलग्न) के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के लिए एक आंतर बैंक सहभागिता प्रमाणपत्र (आइबीपीसी) योजना आरंभ की गई थी । 2. यह निर्णय लिया गया है कि अब से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों को 180 दिनों की अवधि के लिए जोखिम में हिस
अग॰ 04, 2009
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 23 (सहकारी सोसाइटियों को यथालागू) - राज्य सहकारी बैंकों द्वारा नए स्थान पर कारोबार करने के लिए नीति
आरबीआई/2009-10/114 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 14/07.06.00/2009-10 4 अगस्त 2009 12 श्रावण 1931 (शक) सभी राज्य सहकारी बैंक महोदय / महोदया, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 23 (सहकारी सोसाइटियों को यथालागू) - राज्य सहकारी बैंकों द्वारा नए स्थान पर कारोबार करने के लिए नीति बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसाइटियों को यथालागू) की धारा 23 के अंतर्गत राज्य सहकारी बैंकों द्वारा नए स्थान पर कारोबार करने की नीति की समीक्षा करने पर निम्नलिखित मानदंड अपनाने का निर
आरबीआई/2009-10/114 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 14/07.06.00/2009-10 4 अगस्त 2009 12 श्रावण 1931 (शक) सभी राज्य सहकारी बैंक महोदय / महोदया, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 23 (सहकारी सोसाइटियों को यथालागू) - राज्य सहकारी बैंकों द्वारा नए स्थान पर कारोबार करने के लिए नीति बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसाइटियों को यथालागू) की धारा 23 के अंतर्गत राज्य सहकारी बैंकों द्वारा नए स्थान पर कारोबार करने की नीति की समीक्षा करने पर निम्नलिखित मानदंड अपनाने का निर
जुल॰ 01, 2009
कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
आरबीआई/2009-10/92 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 11/03.05.33/2009-10 01 जुलाई 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी. बीसी. सं.18/03.05.072/ 2008-09; 17 नवंबर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 64/ 03.05.072/ 2008-0
आरबीआई/2009-10/92 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 11/03.05.33/2009-10 01 जुलाई 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी. बीसी. सं.18/03.05.072/ 2008-09; 17 नवंबर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 64/ 03.05.072/ 2008-0
जून 30, 2009
मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) का मार्च 2009 के बाद भी जारी रहना
ग्राआऋवि.केंका.एसपी.बीसी.सं.117/09.03.01/2008-09 29 जून 2009 अध्यक्ष /प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी भारतीय बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय, मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) का मार्च 2009 के बाद भी जारी रहना कृपया 15 अप्रैल 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.सं. 57/09.03.01/2007-08 देखां् जिसमें बैंकों को मार्च 2009 तक बकाया स्वच्छकारों और उनके आश्रितों के पुनर्वास को लक्ष्य बनाकर भारत सरकार द्वारा
ग्राआऋवि.केंका.एसपी.बीसी.सं.117/09.03.01/2008-09 29 जून 2009 अध्यक्ष /प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी भारतीय बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय, मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) का मार्च 2009 के बाद भी जारी रहना कृपया 15 अप्रैल 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.सं. 57/09.03.01/2007-08 देखां् जिसमें बैंकों को मार्च 2009 तक बकाया स्वच्छकारों और उनके आश्रितों के पुनर्वास को लक्ष्य बनाकर भारत सरकार द्वारा
जून 26, 2009
कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड
आरबीआई/2008-09/ 512ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं.116/ 07.37.02/2008-09 26 जून 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं.17 / 07.38. 03 / 2008 - 09; 17 नवंबर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 69/ 07. 37. 02 / 2008 - 09 और 6 मार्च 2009 का परिपत्र
आरबीआई/2008-09/ 512ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं.116/ 07.37.02/2008-09 26 जून 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 - आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण तथा पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड - कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं.17 / 07.38. 03 / 2008 - 09; 17 नवंबर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 69/ 07. 37. 02 / 2008 - 09 और 6 मार्च 2009 का परिपत्र
जून 22, 2009
संपत्ति का मूल्यन - मूल्यनकर्ताओं का पैनल
आरबीआई /2008 - 2009/506ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं. 115 /03.05.33/2008-09 22 जून 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय, संपत्ति का मूल्यन - मूल्यनकर्ताओं का पैनल यह पाया गया है कि भिन्न - भिन्न बैंक संपत्तियों के मूल्यन तथा इस प्रयोजन से मूल्यनकर्ताओं की नियुक्ति के लिए अलग-अलग नीतियों का प्रयोग करते हैं । बैंकों द्वारा स्वाधिकृत निर्धारित आस्तियों तथा अपने अग्रिम संविभाग के एक बड़े हिस्से के लिए संपार्श्विक के रूप में स्वीकृत आस्तियों के सही और वास्तविक मूल्यन का मु
आरबीआई /2008 - 2009/506ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं. 115 /03.05.33/2008-09 22 जून 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय, संपत्ति का मूल्यन - मूल्यनकर्ताओं का पैनल यह पाया गया है कि भिन्न - भिन्न बैंक संपत्तियों के मूल्यन तथा इस प्रयोजन से मूल्यनकर्ताओं की नियुक्ति के लिए अलग-अलग नीतियों का प्रयोग करते हैं । बैंकों द्वारा स्वाधिकृत निर्धारित आस्तियों तथा अपने अग्रिम संविभाग के एक बड़े हिस्से के लिए संपार्श्विक के रूप में स्वीकृत आस्तियों के सही और वास्तविक मूल्यन का मु
जून 18, 2009
नियत्रक कार्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में पुनर्नामकरण- ‘‘क्षेत्रीय गामीण बैंक ’’
आरबीआई/2008-09/504गाआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.स. 114 /03.05.90-ए/2008-09 18 जून 2009 सभी क्षेत्रीय गामीण बैंक प्रिय महोदय नियत्रक कार्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में पुनर्नामकरण- ‘‘क्षेत्रीय गामीण बैंक ’’ कृपया उपर्युत्त विषय पर हमारे दिनाक 4 मई 2009 के परिपत्र गाआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.स. 101/ 03.05.90-ए/2008-09 के साथ पठित शाखा लाइसेंसिडग – क्षेत्रीय गामीण बैंक पर दिनाक 1 जुलाई 2008 के मास्टर परिपत्र गाआऋवि.केंका.आरआरबी.स.बीएल.बीसी.07/03.05.90-ए/2008-09 (आरबीआई/20
आरबीआई/2008-09/504गाआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.स. 114 /03.05.90-ए/2008-09 18 जून 2009 सभी क्षेत्रीय गामीण बैंक प्रिय महोदय नियत्रक कार्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में पुनर्नामकरण- ‘‘क्षेत्रीय गामीण बैंक ’’ कृपया उपर्युत्त विषय पर हमारे दिनाक 4 मई 2009 के परिपत्र गाआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.स. 101/ 03.05.90-ए/2008-09 के साथ पठित शाखा लाइसेंसिडग – क्षेत्रीय गामीण बैंक पर दिनाक 1 जुलाई 2008 के मास्टर परिपत्र गाआऋवि.केंका.आरआरबी.स.बीएल.बीसी.07/03.05.90-ए/2008-09 (आरबीआई/20
जून 16, 2009
आय - निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण तथा अन्य संबंधित मामले
आरबीआइ /2008 - 09/498 ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी.सं.113/07.37.02/2008-09 16 जून 2009 सभी राज्य सहकारी बैंक तथा मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय, आय - निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण तथा अन्य संबंधित मामले राज्य सहकारी बैंकों / मध्यवर्ती सहकारी बैंकों द्वारा आगे उधार देने हेतु क्रमश: मध्यवर्ती सहकारी बैंकों / प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को अल्पावधि कृषि अग्रिम तथा अन्य प्रयोजनों के लिए भी अग्रिम प्रदान किए जाते हैं। दिनांक 22 जून 1996 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.बीसी.155
आरबीआइ /2008 - 09/498 ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी.सं.113/07.37.02/2008-09 16 जून 2009 सभी राज्य सहकारी बैंक तथा मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय, आय - निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण, प्रावधानीकरण तथा अन्य संबंधित मामले राज्य सहकारी बैंकों / मध्यवर्ती सहकारी बैंकों द्वारा आगे उधार देने हेतु क्रमश: मध्यवर्ती सहकारी बैंकों / प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को अल्पावधि कृषि अग्रिम तथा अन्य प्रयोजनों के लिए भी अग्रिम प्रदान किए जाते हैं। दिनांक 22 जून 1996 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.बीसी.155
जून 03, 2009
संपत्ति का मूल्यन - मूल्यनकर्ताओं का पैनल
आरबीआई/2008 - 2009/490 ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी.सं.112/07.37.02/2008-09 3 जून 2009 सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय, संपत्ति का मूल्यन - मूल्यनकर्ताओं का पैनल यह पाया गया है कि भिन्न - भिन्न बैंक संपत्तियों के मूल्यन तथा इस प्रयोजन से मूल्यनकर्ताओं की नियुक्ति के लिए अलग-अलग नीतियों का प्रयोग करते हैं । बैंकों द्वारा स्वाधिकृत निर्धारित आस्तियों तथा अपने अग्रिम संविभाग के एक बड़े हिस्से के लिए संपार्श्विक के रूप में स्वीकृत आस्तियों के सही और व
आरबीआई/2008 - 2009/490 ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी.सं.112/07.37.02/2008-09 3 जून 2009 सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय, संपत्ति का मूल्यन - मूल्यनकर्ताओं का पैनल यह पाया गया है कि भिन्न - भिन्न बैंक संपत्तियों के मूल्यन तथा इस प्रयोजन से मूल्यनकर्ताओं की नियुक्ति के लिए अलग-अलग नीतियों का प्रयोग करते हैं । बैंकों द्वारा स्वाधिकृत निर्धारित आस्तियों तथा अपने अग्रिम संविभाग के एक बड़े हिस्से के लिए संपार्श्विक के रूप में स्वीकृत आस्तियों के सही और व
जून 02, 2009
निर्यात बढ़ाने के लिए एसएलबीसी की उप समिति
भारिबैं /2008-09/489ग्राआऋवि.एलबीएस.केंका.बीसी.सं.111/02.13.03/2008-09 2 जून 2009 एसएलबीसी/यूटीएलबीसी के सभी आयोजक बैंक (डाक सूची के अनुसार) प्रिय महोदय निर्यात बढ़ाने के लिए एसएलबीसी की उप समिति कृपया 17 सितंबर 2004 का आरबीआई परिपत्र डीबीओडी.आइईसीएस.सं.43/04.02.10/2004-05 (प्रति संलग्न) देखें जिसमें सभी वाणिज्य बैंकों को यह सूचित किया गया था कि वे राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के अंतर्गत एक अलग उप समिति गठित करें ताकि राज्य स्तर पर निर्यातकों की शिकायतों पर च
भारिबैं /2008-09/489ग्राआऋवि.एलबीएस.केंका.बीसी.सं.111/02.13.03/2008-09 2 जून 2009 एसएलबीसी/यूटीएलबीसी के सभी आयोजक बैंक (डाक सूची के अनुसार) प्रिय महोदय निर्यात बढ़ाने के लिए एसएलबीसी की उप समिति कृपया 17 सितंबर 2004 का आरबीआई परिपत्र डीबीओडी.आइईसीएस.सं.43/04.02.10/2004-05 (प्रति संलग्न) देखें जिसमें सभी वाणिज्य बैंकों को यह सूचित किया गया था कि वे राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के अंतर्गत एक अलग उप समिति गठित करें ताकि राज्य स्तर पर निर्यातकों की शिकायतों पर च
मई 29, 2009
RRBs - Submission of Certified Copies of Entries/Print Outs to Courts
RBI/2008-09/487 RPCD.CO.RRB.BC.No.110 @@NBSP@@/03.05.33/2008-09 May 29, 2009 The Chairman All Regional Rural Banks Dear Sir, The Bankers' Books Evidence Act, 1891 - Submission of @@NBSP@@Certified Copies of Entries / Print out to Courts In a recent case heard at the Court of a Civil Judge in Maharashtra, the Hon'ble Court advised Reserve Bank of India to instruct all banks that whenever they submit any data stored in their computer systems as evidence under Bankers' B
RBI/2008-09/487 RPCD.CO.RRB.BC.No.110 @@NBSP@@/03.05.33/2008-09 May 29, 2009 The Chairman All Regional Rural Banks Dear Sir, The Bankers' Books Evidence Act, 1891 - Submission of @@NBSP@@Certified Copies of Entries / Print out to Courts In a recent case heard at the Court of a Civil Judge in Maharashtra, the Hon'ble Court advised Reserve Bank of India to instruct all banks that whenever they submit any data stored in their computer systems as evidence under Bankers' B
मई 25, 2009
वाणिज्यिक रियल इस्टेट को त्रण देना
आरबीआई/2008-09/482ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 109/07.38.01/2008-09 25 मई 2009 सभी राज्य /मध्यवर्ती सहकारी बैंक (एसटीसीबी/सीसीबी) महोदय/ महोदया वाणिज्यिक रियल इस्टेट को ऋण देना यह बात हमारे ध्यान में आई है कि कुछ राज्य सहकारी और मध्यवर्ती सहकारी बैंकों ने वाणिज्यिक रियल इस्टेट क्षेत्र को वित्त प्रदान किया है। हम सूचित करते हैं कि ग्रामीण सहकारी बैंक की प्राथमिक भूमिका कृषि और ग्रामीण विकास से संबंधित कार्यकलापों के लिए ऋण देना है। इसके अलावा, संवेदनश
आरबीआई/2008-09/482ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 109/07.38.01/2008-09 25 मई 2009 सभी राज्य /मध्यवर्ती सहकारी बैंक (एसटीसीबी/सीसीबी) महोदय/ महोदया वाणिज्यिक रियल इस्टेट को ऋण देना यह बात हमारे ध्यान में आई है कि कुछ राज्य सहकारी और मध्यवर्ती सहकारी बैंकों ने वाणिज्यिक रियल इस्टेट क्षेत्र को वित्त प्रदान किया है। हम सूचित करते हैं कि ग्रामीण सहकारी बैंक की प्राथमिक भूमिका कृषि और ग्रामीण विकास से संबंधित कार्यकलापों के लिए ऋण देना है। इसके अलावा, संवेदनश
मई 25, 2009
माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण प्रदान करना
आरबीआई/2008-09/483ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस.बीसी.सं.106/06.02.31(पी)/2008-09 25 मई 2009 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लोकल एरिया बैंकों सहित) प्रिय महोदय माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण प्रदान करना कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 16 दिसंबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस. बीसी.सं.76/06.02.31(पी)/2008-09 देखें। इस संबंध में हम यह स्पष्ट करते हैं कि उसमें निहित दिशानिर्देश केवल अनुसूचित वाणिज्य बैंकों से
आरबीआई/2008-09/483ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस.बीसी.सं.106/06.02.31(पी)/2008-09 25 मई 2009 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लोकल एरिया बैंकों सहित) प्रिय महोदय माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण प्रदान करना कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 16 दिसंबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस. बीसी.सं.76/06.02.31(पी)/2008-09 देखें। इस संबंध में हम यह स्पष्ट करते हैं कि उसमें निहित दिशानिर्देश केवल अनुसूचित वाणिज्य बैंकों से
मई 22, 2009
बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते
आरबीआइ/2008-09/481 ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं. 108/03.58.33/2008-09 22 मई 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय , बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते बैंकों के पास अदावी जमाराशियों की प्रतिवर्ष बढ़ती हुई राशि तथा ऐसी जमाराशियों से संबद्ध अंतर्निहित जोखिम के परिप्रेक्ष्य में ऐसा महसूस किया जा रहा है कि जिन खाताधारकों के खाते अपरिचालित रहे हैं, उनका पता-ठिकाना ढूंढने में बैंकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसके साथ ही, ग्राहकों के खातों के अ
आरबीआइ/2008-09/481 ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं. 108/03.58.33/2008-09 22 मई 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय , बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते बैंकों के पास अदावी जमाराशियों की प्रतिवर्ष बढ़ती हुई राशि तथा ऐसी जमाराशियों से संबद्ध अंतर्निहित जोखिम के परिप्रेक्ष्य में ऐसा महसूस किया जा रहा है कि जिन खाताधारकों के खाते अपरिचालित रहे हैं, उनका पता-ठिकाना ढूंढने में बैंकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसके साथ ही, ग्राहकों के खातों के अ
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: नवंबर 23, 2022