पृष्ठ
भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट
अधिसूचनाएं
जुलाई 15, 2002
अनिवासी बाहय रुपया खाते (एनआरई) में जमा राशि
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 5 जुलाई 15, 2002 प्रति, विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय, अनिवासी बाहय रुपया खाते (एनआरई) में जमा राशि प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान अनिवासी बाहय रुपया खाते में जमा राशियों के लिए मई 3, 2000 की रिज़र्व बैंक की अधिसूचना सं. फेमा 5/2000 - आरबी की अनुसूची I के पैरा मई 14, 2002 के ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 45 की ओर आकृष्ट किया जाता
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 5 जुलाई 15, 2002 प्रति, विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय, अनिवासी बाहय रुपया खाते (एनआरई) में जमा राशि प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान अनिवासी बाहय रुपया खाते में जमा राशियों के लिए मई 3, 2000 की रिज़र्व बैंक की अधिसूचना सं. फेमा 5/2000 - आरबी की अनुसूची I के पैरा मई 14, 2002 के ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 45 की ओर आकृष्ट किया जाता
जुलाई 09, 2002
भारत सरकार और भूतपूर्व युएसएसआर के बीच अप्रैल 30, 1981 और दिसंबर 23, 1985 का आस्थागित भुगतान व्यापार समझौता
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 4 जुलाई 09, 2002 प्रति, विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय, भारत सरकार और भूतपूर्व युएसएसआर के बीच अप्रैल 30, 1981 और दिसंबर 23, 1985 का आस्थागित भुगतान व्यापार समझौता प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान जून 5, 2002 के ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 50 के साथ पठित मई 15, 2002 के ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 46 की ओर आकृष्ट किया जाता है ज
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 4 जुलाई 09, 2002 प्रति, विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय, भारत सरकार और भूतपूर्व युएसएसआर के बीच अप्रैल 30, 1981 और दिसंबर 23, 1985 का आस्थागित भुगतान व्यापार समझौता प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान जून 5, 2002 के ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 50 के साथ पठित मई 15, 2002 के ए पी (डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं. 46 की ओर आकृष्ट किया जाता है ज
जुलाई 06, 2002
भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों को भारत में शाखा/ परियोजना/ संपर्क कार्यालय
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 03 06 जुलाई 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों को भारत में शाखा/ परियोजना/ संपर्क कार्यालय सभी प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 03 मई 2000 की भारतीय रिज़र्व बैंक की अधिसूचना सं. फेमा 22/2000-आरबी के विनियम 5 (iii) की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा/ परिय
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 03 06 जुलाई 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों को भारत में शाखा/ परियोजना/ संपर्क कार्यालय सभी प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 03 मई 2000 की भारतीय रिज़र्व बैंक की अधिसूचना सं. फेमा 22/2000-आरबी के विनियम 5 (iii) की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा/ परिय
जुलाई 04, 2002
माल और सेवाओं का निर्यात
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 02 04 जुलाई 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय माल और सेवाओं का निर्यात सभी प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 24 सितंबर 2001 के एपी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 6 की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार कतिपय उत्पादों के विनिर्माता निर्यातक और जिनका संविदागत निर्यात मूल्य एक वर्ष में रु.100 करोड़ और उससे अधिक है उन्ह
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 02 04 जुलाई 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय माल और सेवाओं का निर्यात सभी प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 24 सितंबर 2001 के एपी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 6 की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार कतिपय उत्पादों के विनिर्माता निर्यातक और जिनका संविदागत निर्यात मूल्य एक वर्ष में रु.100 करोड़ और उससे अधिक है उन्ह
जुलाई 02, 2002
अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों तथा निवासियों को सुविधाएं
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 01 02 जुलाई 2002 { 2001-02 के लिए अंतिम परिपत्र ए.पी.(डीईआर सिरीज़) परिपज्ञ सं.54 है } सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों तथा निवासियों को सुविधाएं जैसा कि सभी प्राधिकृत व्यापारी जानते हैं कि 03 मई 2000 की अधिसूचना स. फेमा 5/2000-आरबी के पैराग्राफ 4 की अनुसूची 3 के अनुसार भारतीय रिज़र्
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 01 02 जुलाई 2002 { 2001-02 के लिए अंतिम परिपत्र ए.पी.(डीईआर सिरीज़) परिपज्ञ सं.54 है } सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया/महोदय अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों तथा निवासियों को सुविधाएं जैसा कि सभी प्राधिकृत व्यापारी जानते हैं कि 03 मई 2000 की अधिसूचना स. फेमा 5/2000-आरबी के पैराग्राफ 4 की अनुसूची 3 के अनुसार भारतीय रिज़र्
जून 29, 2002
भारत में पंजीकृत/निगमित कंपनी /फर्म/निगमित निकाय द्वारा विदेशी मुद्रा खाते का रख-रखाव
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.54 जून 29, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय भारत में पंजीकृत/निगमित कंपनी /फर्म/निगमित निकाय द्वारा विदेशी मुद्रा खाते का रख-रखाव प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाता ) विनियमावली, 2000, से संबंधित मई 3, 2000, की रिज़र्व बैंक की अधिसूचना सं. फेमा 10/2000
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.54 जून 29, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय भारत में पंजीकृत/निगमित कंपनी /फर्म/निगमित निकाय द्वारा विदेशी मुद्रा खाते का रख-रखाव प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी व्यक्ति द्वारा विदेशी मुद्रा खाता ) विनियमावली, 2000, से संबंधित मई 3, 2000, की रिज़र्व बैंक की अधिसूचना सं. फेमा 10/2000
जून 29, 2002
Notification No.FEMA.65 /2002-RB dated June 29, 2002
RESERVE BANK OF INDIAEXCHANGE CONTROL DEPARTMENTCENTRAL OFFICEMUMBAI 400 001.Notification No.FEMA.65 /2002-RB datedJune 29, 2002In exercise of powers conferred by clause (i) of sub-section (3) of section 6, sub-section (2) of section 47 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 (42 of 1999), the Reserve Bank of India makes the following amendments to Foreign Exchange Management (Acquisition and transfer of immovable property in India) Regulations 2000, namely :-1.
RESERVE BANK OF INDIAEXCHANGE CONTROL DEPARTMENTCENTRAL OFFICEMUMBAI 400 001.Notification No.FEMA.65 /2002-RB datedJune 29, 2002In exercise of powers conferred by clause (i) of sub-section (3) of section 6, sub-section (2) of section 47 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 (42 of 1999), the Reserve Bank of India makes the following amendments to Foreign Exchange Management (Acquisition and transfer of immovable property in India) Regulations 2000, namely :-1.
जून 29, 2002
विदेशी मुद्रा प्रबंध (निक्षेप) (संशोधन) विनियमावली,2002
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 अधिसूचना सं. फेमा.64/2002-आरबी दिनांक:29 जून, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (निक्षेप) (संशोधन) विनियमावली,2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (3) के खंड (च)और धारा 47 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा , विदेशी मुद्रा प्रबंध (निक्षेप) विनियमावली, 2000 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् :- 1. (i) इन विनियमों को, विदेशी मुद्रा
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 अधिसूचना सं. फेमा.64/2002-आरबी दिनांक:29 जून, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (निक्षेप) (संशोधन) विनियमावली,2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (3) के खंड (च)और धारा 47 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा , विदेशी मुद्रा प्रबंध (निक्षेप) विनियमावली, 2000 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् :- 1. (i) इन विनियमों को, विदेशी मुद्रा
जून 25, 2002
एक्जिम बैंक द्वारा दे कॉमर्शियो एक्सटीरियर दे कोलंबिया एस.ए. (बैंकाल्डेक्स), कोलंबिया को 10 मिलियन अमरीकी डालर की वित्तीय सहायता
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.52 जून 25, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय एक्जिम बैंक द्वारा दे कॉमर्शियो एक्सटीरियर दे कोलंबिया एस.ए. (बैंकाल्डेक्स), कोलंबिया को 10 मिलियन अमरीकी डालर की वित्तीय सहायता एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया (एक्जिम बैंक) ने 5 फरवरी 2002 को बैंक दे कॉमर्शियो एठक्स्टीरियर दे कोलंबिया को 10 मिलियन अमेरीकी डालर ( 10 मिलियन अमेरीकी डाल
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.52 जून 25, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय एक्जिम बैंक द्वारा दे कॉमर्शियो एक्सटीरियर दे कोलंबिया एस.ए. (बैंकाल्डेक्स), कोलंबिया को 10 मिलियन अमरीकी डालर की वित्तीय सहायता एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया (एक्जिम बैंक) ने 5 फरवरी 2002 को बैंक दे कॉमर्शियो एठक्स्टीरियर दे कोलंबिया को 10 मिलियन अमेरीकी डालर ( 10 मिलियन अमेरीकी डाल
जून 24, 2002
भारत के बाहर के संयुक्त उद्यमों (जेवी) / पूर्ण स्वामित्ववाली अनुषंगी कंपनियों (डब्ल्यूओएस) में भारतीय प्रत्यक्ष निवेश
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं.51 जून 24, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय भारत के बाहर के संयुक्त उद्यमों (जेवी) / पूर्ण स्वामित्ववाली अनुषंगी कंपनियों (डब्ल्यूओएस) में भारतीय प्रत्यक्ष निवेश प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 19/आरबी-2000 द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (किस
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं.51 जून 24, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय भारत के बाहर के संयुक्त उद्यमों (जेवी) / पूर्ण स्वामित्ववाली अनुषंगी कंपनियों (डब्ल्यूओएस) में भारतीय प्रत्यक्ष निवेश प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 19/आरबी-2000 द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (किस
जून 21, 2002
विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी किसी व्यक्ति द्वारा विदेशी करेंसी खाता) (दूसरा संशोधन) विनियमावली, 2002
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय - मुंबई अधिसूचना सं.फेमा.63/2002-आरबी दिनांक : 1 अप्रैल, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी किसी व्यक्ति द्वारा विदेशी करेंसी खाता) (दूसरा संशोधन) विनियमावली, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 9 के खण्ड (बी) तथा धारा 47 की उपधारा (2) के खंड (ई) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और 27 फरवरी 2001 की अधिसूचना सं. फेमा.37/2001-आरबी) के अधिक्रमण में भारतीय रिज़र्व बैंक,विद
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय - मुंबई अधिसूचना सं.फेमा.63/2002-आरबी दिनांक : 1 अप्रैल, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत में निवासी किसी व्यक्ति द्वारा विदेशी करेंसी खाता) (दूसरा संशोधन) विनियमावली, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 9 के खण्ड (बी) तथा धारा 47 की उपधारा (2) के खंड (ई) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और 27 फरवरी 2001 की अधिसूचना सं. फेमा.37/2001-आरबी) के अधिक्रमण में भारतीय रिज़र्व बैंक,विद
जून 05, 2002
भारत सरकार और भूतपूर्व युएसएसआर के बीच 30 अप्रैल 1981 और 23 दिसम्बर 1985 का आस्थागित भुगतान व्यापार समझौते
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.50 जून 5, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय भारत सरकार और भूतपूर्व युएसएसआर के बीच 30 अप्रैल 1981 और 23 दिसम्बर 1985 का आस्थागित भुगतान व्यापार समझौते प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान दिनांक 15 मई 2002 के ए.पी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 46 की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसमें 9 मई 2000 से प्रभावी विशेष मुद्रा समुह के रुपया मू
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.50 जून 5, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय भारत सरकार और भूतपूर्व युएसएसआर के बीच 30 अप्रैल 1981 और 23 दिसम्बर 1985 का आस्थागित भुगतान व्यापार समझौते प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान दिनांक 15 मई 2002 के ए.पी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 46 की ओर आकृष्ट किया जाता है जिसमें 9 मई 2000 से प्रभावी विशेष मुद्रा समुह के रुपया मू
जून 04, 2002
लॉटरी आदि योजनाओं में सहभाग हेतु विप्रेषण
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.49 जून 4, 2002 सेवा मेंविदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय लॉटरी आदि योजनाओं में सहभाग हेतु विप्रेषण प्राधिकृत व्यापारीयों का ध्यान विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत पुरस्कार की मुद्रा / पुरस्कार आदि को सुरक्षित रखने के उद्येश्य के लिए मुद्रा परिचालन योजना अथवा विप्रेषण जैसे पिभिन्न नामों के अधीन चलाने जानेवाले लॉटारी योजना
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.49 जून 4, 2002 सेवा मेंविदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय लॉटरी आदि योजनाओं में सहभाग हेतु विप्रेषण प्राधिकृत व्यापारीयों का ध्यान विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत पुरस्कार की मुद्रा / पुरस्कार आदि को सुरक्षित रखने के उद्येश्य के लिए मुद्रा परिचालन योजना अथवा विप्रेषण जैसे पिभिन्न नामों के अधीन चलाने जानेवाले लॉटारी योजना
जून 03, 2002
बैंक मर्काजी जोमहौरी इस्लामी ईरान के लिए एक्जिम बैंक की 20 दशलक्ष अमेरीकी डॉलर की साख पत्र पूनर्वित की सुविधा
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.48 जून 3, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय बैंक मर्काजी जोमहौरी इस्लामी ईरान के लिए एक्जिम बैंक की 20 दशलक्ष अमेरीकी डॉलर की साख पत्र पूनर्वित की सुविधा भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक ) ने 20 फरवरी 2002 को बैंक मर्काजी जोमहौरी इस्लामी ईरान (सेन्ट्रल बैंक ऑफ दी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ इारान) के साथ अवरोक्त के
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा नियंत्रण विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. ए.पी.(डीआइआर सिरीज़ ) परिपत्र सं.48 जून 3, 2002 सेवा में विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी महोदया / महोदय बैंक मर्काजी जोमहौरी इस्लामी ईरान के लिए एक्जिम बैंक की 20 दशलक्ष अमेरीकी डॉलर की साख पत्र पूनर्वित की सुविधा भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक ) ने 20 फरवरी 2002 को बैंक मर्काजी जोमहौरी इस्लामी ईरान (सेन्ट्रल बैंक ऑफ दी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ इारान) के साथ अवरोक्त के
मई 14, 2002
अनिवासी भारतीयों द्वारा चालू आय का विप्रेषण
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 45 14 मई 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया अनिवासी भारतीयों द्वारा चालू आय का विप्रेषण जैसा कि आपको विदित है कि विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत जारी 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.5/2000 आर बी की अनुसूची ट3 के पैरा 3 (ii) तहत प्राधिकृत व्यापारी भारत में चालू आय के विप्रेषण की अनुमति खाताधारकों के अनिवासी (साम
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 45 14 मई 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया अनिवासी भारतीयों द्वारा चालू आय का विप्रेषण जैसा कि आपको विदित है कि विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत जारी 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा.5/2000 आर बी की अनुसूची ट3 के पैरा 3 (ii) तहत प्राधिकृत व्यापारी भारत में चालू आय के विप्रेषण की अनुमति खाताधारकों के अनिवासी (साम
मई 13, 2002
विदेशी मुद्रा प्रबंध (परिसंपत्तियों के विप्रेषण) (संशोधन) विनियमावली, 2002
विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा 62/2002-आरबी दिनांक:13 मई,2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (परिसंपत्तियों के विप्रेषण) (संशोधन) विनियमावली, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 13/2000-आरबी के आंशिक आशोधन में भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंध (परिसंपत्तियों के विप्रेषण) (संशोधन) विनियमावली, 2000, में निम्नलिखित संशोधन करता
विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा 62/2002-आरबी दिनांक:13 मई,2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (परिसंपत्तियों के विप्रेषण) (संशोधन) विनियमावली, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 13/2000-आरबी के आंशिक आशोधन में भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंध (परिसंपत्तियों के विप्रेषण) (संशोधन) विनियमावली, 2000, में निम्नलिखित संशोधन करता
मई 02, 2002
विदेशी मुद्रा प्रबंध (बीमा)(संशोधन) विनियमावली, 2002
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभााग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 अधिसूचना सं. फेमा.61/2002-आरबी दिनांक: 02 मई, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (बीमा)(संशोधन) विनियमावली, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 47 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और 3 मई ,2000 की अधिसूचना सं. फेमा 12/2000-आरबी के आंशिक संशोधन में भारतीय रिज़र्व बैंक, विदेशी मुद्रा प्रबंध (बीमा)(संशोधन) विनियमावली, 2000 में निम्नलिखित संशोधन करता है, यथा; 1
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभााग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001 अधिसूचना सं. फेमा.61/2002-आरबी दिनांक: 02 मई, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध (बीमा)(संशोधन) विनियमावली, 2002 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 47 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और 3 मई ,2000 की अधिसूचना सं. फेमा 12/2000-आरबी के आंशिक संशोधन में भारतीय रिज़र्व बैंक, विदेशी मुद्रा प्रबंध (बीमा)(संशोधन) विनियमावली, 2000 में निम्नलिखित संशोधन करता है, यथा; 1
अप्रैल 30, 2002
एसीयु - "टॉम" आधार पर नास्ट्रो खाता का निधियन
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 42 30 अप्रैल 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया एसीयु - "टॉम" आधार पर नास्ट्रो खाता का निधियन प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 17 फरवरी 2002 के ए पी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.25 ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार प्राधिकृत व्यापारी "टॉम" आधार पर उनके एसीयु डालर खाते में लेनदेनों के बुकिंग की सुविधा लेना चाहते है तो उन्हें उन
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 42 30 अप्रैल 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया एसीयु - "टॉम" आधार पर नास्ट्रो खाता का निधियन प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 17 फरवरी 2002 के ए पी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.25 ओर आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार प्राधिकृत व्यापारी "टॉम" आधार पर उनके एसीयु डालर खाते में लेनदेनों के बुकिंग की सुविधा लेना चाहते है तो उन्हें उन
अप्रैल 30, 2002
भारत के बाहर संयुक्त उद्यमों / पूर्ण स्वामित्ववाली अनुषंगी कंपनियों में भारतीय प्रत्यक्ष निवेश
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 43 30 अप्रैल 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया भारत के बाहर संयुक्त उद्यमों / पूर्ण स्वामित्ववाली अनुषंगी कंपनियों में भारतीय प्रत्यक्ष निवेश प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 19/आरबी-2000 द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अ
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 43 30 अप्रैल 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया भारत के बाहर संयुक्त उद्यमों / पूर्ण स्वामित्ववाली अनुषंगी कंपनियों में भारतीय प्रत्यक्ष निवेश प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 19/आरबी-2000 द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अ
अप्रैल 29, 2002
विदेशी बाजारों में निवेश और से उधार लेना
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 40 29 अप्रैल 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया विदेशी बाजारों में निवेश और से उधार लेना प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 24 जनवरी 2002 के ए पी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.19 के पैरा सी 4(ii) तथा सी 5(I) की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. भारत में बैंको के लिए निधियों के प्रबंधन में अत्याधिक लवचिकता प्रदान करने के उद्देश्य से यह निर
भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी मुद्रा विभाग) केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 ए.पी.(डीआईआर सिरीज़) परिपत्र सं. 40 29 अप्रैल 2002 प्रति विदेशी मुद्रा के समस्त प्राधिकृत व्यापारी प्रिय महोदय, /महोदया विदेशी बाजारों में निवेश और से उधार लेना प्राधिकृत व्यापारियों का ध्यान 24 जनवरी 2002 के ए पी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.19 के पैरा सी 4(ii) तथा सी 5(I) की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. भारत में बैंको के लिए निधियों के प्रबंधन में अत्याधिक लवचिकता प्रदान करने के उद्देश्य से यह निर
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 23, 2025