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अप्रैल 01, 2005
विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा)(संशोधन) विनियमावली,2005
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 अधिसूचना सं. फेमा 133/2005-आरबी   01 अप्रैल, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा)(संशोधन) विनियमावली,2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (3) के खंड (च), धारा 47 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा समय- समय पर यथा संशोधित 3 मई ,2000 की अधिसूचना सं. फेमा 5/2000-आरबी में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा , विदेशी मुद्रा प्र
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई - 400 001 अधिसूचना सं. फेमा 133/2005-आरबी   01 अप्रैल, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा)(संशोधन) विनियमावली,2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (3) के खंड (च), धारा 47 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा समय- समय पर यथा संशोधित 3 मई ,2000 की अधिसूचना सं. फेमा 5/2000-आरबी में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्वारा , विदेशी मुद्रा प्र
मार्च 31, 2005
विदेशी मुद्रा प्रबंध - (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (पहला संशोधन) विनियमावली, 2005
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग समुद्रपारीय निवेश प्रभाग अधिसूचना सं.फेमा.132/2005-आरबी दिनांक: 31 मार्च, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध - (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (पहला संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उपधारा (3) के खंड (क) और धारा 47 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग तथा उसकी अधिसूचना सं. फेमा 120/आरबी-2004 (दिनांक 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा सं.19/आरबी-2000) में आंशिक संशोधन
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग समुद्रपारीय निवेश प्रभाग अधिसूचना सं.फेमा.132/2005-आरबी दिनांक: 31 मार्च, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध - (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (पहला संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उपधारा (3) के खंड (क) और धारा 47 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग तथा उसकी अधिसूचना सं. फेमा 120/आरबी-2004 (दिनांक 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा सं.19/आरबी-2000) में आंशिक संशोधन
मार्च 31, 2005
निवासी व्यक्तियों के लिए 25,000 अमरीकी डॉलर की उदारीवफ्त प्रेषण योजना
 आरबीआइ/2004-05/402 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.38 मार्च 31, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, निवासी व्यक्तियों के लिए 25,000 अमरीकी डॉलर की उदारीवफ्त प्रेषण योजनाप्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान फरवरी 4, 2004 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं.64 के पैराग्राफ 3.4(ववव) की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसके अनुसार उक्त योजना के अंतर्गत वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा "गैर सहकारी देशों और क्षेत्रों" के रू
 आरबीआइ/2004-05/402 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.38 मार्च 31, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, निवासी व्यक्तियों के लिए 25,000 अमरीकी डॉलर की उदारीवफ्त प्रेषण योजनाप्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान फरवरी 4, 2004 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं.64 के पैराग्राफ 3.4(ववव) की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसके अनुसार उक्त योजना के अंतर्गत वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा "गैर सहकारी देशों और क्षेत्रों" के रू
मार्च 17, 2005
विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (दूसरा संशोधन) विनियमावली, 2005
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा.131/2005-आरबी  दिनांक :17 मार्च, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (दूसरा संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उपधारा (3) के खंड (ख) और धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा दिनांक 3 मई 2000 की इसकी अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी में आंशिक आशोधन करते हुए भारतीय
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा.131/2005-आरबी  दिनांक :17 मार्च, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (दूसरा संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उपधारा (3) के खंड (ख) और धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा दिनांक 3 मई 2000 की इसकी अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी में आंशिक आशोधन करते हुए भारतीय
मार्च 17, 2005
विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (संशोधन) विनियमावली, 2005
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं. फेमा.130/2005-आरबी दिनांक 17 मार्च,2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उपधारा (3) के खंड (ख) और धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा दिनांक 3 मई 2000 की इसकी अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र्व बैं
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं. फेमा.130/2005-आरबी दिनांक 17 मार्च,2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उपधारा (3) के खंड (ख) और धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा दिनांक 3 मई 2000 की इसकी अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र्व बैं
मार्च 15, 2005
पॉवर ऑफ एटर्नी धारक निवासी द्वारा अनिवासी विदेशी खाता/विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) द्वारा इन खातों का परिचालन
 आरबीआइ/2004-05/394 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.37 मार्च 15, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, पॉवर ऑफ एटर्नी धारक निवासी द्वारा अनिवासी विदेशी खाता/विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) द्वारा इन खातों का परिचालन विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त बैंकों का ध्यान मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 5/2000-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2000 की ओर आकर्षित किया जाता है। उसी अधिसूचना की
 आरबीआइ/2004-05/394 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.37 मार्च 15, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, पॉवर ऑफ एटर्नी धारक निवासी द्वारा अनिवासी विदेशी खाता/विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) द्वारा इन खातों का परिचालन विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त बैंकों का ध्यान मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 5/2000-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (जमा) विनियमावली, 2000 की ओर आकर्षित किया जाता है। उसी अधिसूचना की
मार्च 07, 2005
सेनेगल सरकार को एक्ज़िम बैंक की 15 मिलियन अमरीकी डॉलर की वित्तीय सहायता
 आरबीआइ/2004-05/391 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.36 मार्च 7, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,सेनेगल सरकार को एक्ज़िम बैंक की 15 मिलियन अमरीकी डॉलर की वित्तीय सबयताभारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने दिसंबर 10, 2004 को सेनेगल सरकार के साथ उनको कुल 15 मिलियन अमरीकी डॉलर (पंद्रह मिलियन अमरीकी डॉलर मात्र) तक की ऋण सबयता उपलब्ध कराने के लिए करार किया है। यह ऋण, ग्रामीण लघु और मझोले उद्यमों के विकास के लिए सेनेग
 आरबीआइ/2004-05/391 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.36 मार्च 7, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,सेनेगल सरकार को एक्ज़िम बैंक की 15 मिलियन अमरीकी डॉलर की वित्तीय सबयताभारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने दिसंबर 10, 2004 को सेनेगल सरकार के साथ उनको कुल 15 मिलियन अमरीकी डॉलर (पंद्रह मिलियन अमरीकी डॉलर मात्र) तक की ऋण सबयता उपलब्ध कराने के लिए करार किया है। यह ऋण, ग्रामीण लघु और मझोले उद्यमों के विकास के लिए सेनेग
फ़रवरी 22, 2005
लिसोथो सरकार को 5 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता
 आरबीआइ/2004-05/373 ए .पी.(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.35 फरवरी 22, 2005सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,लिसोथो सरकार को 5 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने अक्तूबर 12, 2004 को लिसोथो सरकार के साथ कुल 5 मिलियन अमरीकी डॉलर (पांच मिलियन अमरीकी डॉलर मात्र) तक की ऋण सबयता उपलब्ध कराने के लिए करार किया है। यह ऋण पूंजीगत माल, संयंत्र और मशीनरी, औद्योगिक निर्माण, टिकाऊ उपभोक
 आरबीआइ/2004-05/373 ए .पी.(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.35 फरवरी 22, 2005सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,लिसोथो सरकार को 5 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने अक्तूबर 12, 2004 को लिसोथो सरकार के साथ कुल 5 मिलियन अमरीकी डॉलर (पांच मिलियन अमरीकी डॉलर मात्र) तक की ऋण सबयता उपलब्ध कराने के लिए करार किया है। यह ऋण पूंजीगत माल, संयंत्र और मशीनरी, औद्योगिक निर्माण, टिकाऊ उपभोक
फ़रवरी 18, 2005
ऋण आधार पर स्वर्ण का आयात - ऋण की अवधि तथा तत्काल (स्टैंड-बाई) साख पत्र खोलना
आरबीआइ/2004-05/366 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 34 फरवरी 18, 2005 प्रति विदेशी मुद्रा कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया/महोदय ऋण आधार पर स्वर्ण का आयात - ऋण की अवधि तथा तत्काल (स्टैंड-बाई) साख पत्र खोलना विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी अनुसूर्ातिं वाणिय़िक बैंकों का ध्यान हमारे मार्ादिं 6, 1998 के ए.डी (ाा.पी. सिरीा) परिपत्र सं. 7 तथा ाजलाई 9, 2004 के ए.पी. (डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 2 की ओर आकर्षित किया ााता है ासिके द्वारा नामित ए
आरबीआइ/2004-05/366 ए.पी.(डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 34 फरवरी 18, 2005 प्रति विदेशी मुद्रा कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया/महोदय ऋण आधार पर स्वर्ण का आयात - ऋण की अवधि तथा तत्काल (स्टैंड-बाई) साख पत्र खोलना विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी अनुसूर्ातिं वाणिय़िक बैंकों का ध्यान हमारे मार्ादिं 6, 1998 के ए.डी (ाा.पी. सिरीा) परिपत्र सं. 7 तथा ाजलाई 9, 2004 के ए.पी. (डीआइआर सिरीज़) परिपत्र सं. 2 की ओर आकर्षित किया ााता है ासिके द्वारा नामित ए
फ़रवरी 09, 2005
भारत सरकार और पूर्व यूएसएसआर के बीच हुए व्यापार समझौते
आरबीआइ/2004-05/361 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.33 फरवरी 09, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,भारत सरकार और पूर्व यूएसएसआर के बीच हुए व्यापार समझौते के अप्रैल 30,1981 और दिसंबर 23, 1985 के आस्थगित भुगतान प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान दिसंबर 23, 2004 के एपी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.30 की ओर आवफ्ष्ट किया जाता है जबं नवंबर 27, 2004 से लागू विशेष मुद्रा समूह (करेंसी बास्केट) का रुपया मूल्य 60.5127 रुपये दर्शाया था।2
आरबीआइ/2004-05/361 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.33 फरवरी 09, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,भारत सरकार और पूर्व यूएसएसआर के बीच हुए व्यापार समझौते के अप्रैल 30,1981 और दिसंबर 23, 1985 के आस्थगित भुगतान प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान दिसंबर 23, 2004 के एपी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.30 की ओर आवफ्ष्ट किया जाता है जबं नवंबर 27, 2004 से लागू विशेष मुद्रा समूह (करेंसी बास्केट) का रुपया मूल्य 60.5127 रुपये दर्शाया था।2
फ़रवरी 09, 2005
समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश - उदारीकरण
 आरबीआइ/2004-05/360 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.32 फरवरी 09, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश - उदारीकरण जुलाई 7, 2004 की अधिसूचना सं. फेमा 120/2004-आरबी कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना यह परिपत्र दो मुों िसे संबंधित है। पहला मुा िअधिसूचना जारी करने से संबंधित है जिसमें समुद्रपारीय निवेश से संबंधित सभी संशोधन दिए गए हैं। दूसरा कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना में उदारीकरण से संबंधित है। विस्तफ
 आरबीआइ/2004-05/360 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.32 फरवरी 09, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, समुद्रपारीय प्रत्यक्ष निवेश - उदारीकरण जुलाई 7, 2004 की अधिसूचना सं. फेमा 120/2004-आरबी कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना यह परिपत्र दो मुों िसे संबंधित है। पहला मुा िअधिसूचना जारी करने से संबंधित है जिसमें समुद्रपारीय निवेश से संबंधित सभी संशोधन दिए गए हैं। दूसरा कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना में उदारीकरण से संबंधित है। विस्तफ
फ़रवरी 01, 2005
फेमा 1999 के अंतर्गत हुए उल्लंघनों की कंपाउंडिंग
 आरबीआइ/2004-05/355 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.31 फरवरी 1, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, फेमा 1999 के अंतर्गत हुए उल्लंघनों की कंपाउंडिंगप्राधिवफ्त व्यापारियों का ध्यान भारत सरकार के दिनांक 3 मई 2000 के जी.एस.आर.सं.383()िं द्वारा प्रकाशित और 2 नवंबर 2002 के जी.एस.आर.सं.443()िं (प्रति संलग्न) द्वारा यथा संशोधित विदेशी मुद्रा (कंपाउंडिंग प्रोसीडिंग्स) विनियमावली, 2000 की ओर आकर्षित किया जाता है। इन नियमों के अ
 आरबीआइ/2004-05/355 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.31 फरवरी 1, 2005सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, फेमा 1999 के अंतर्गत हुए उल्लंघनों की कंपाउंडिंगप्राधिवफ्त व्यापारियों का ध्यान भारत सरकार के दिनांक 3 मई 2000 के जी.एस.आर.सं.383()िं द्वारा प्रकाशित और 2 नवंबर 2002 के जी.एस.आर.सं.443()िं (प्रति संलग्न) द्वारा यथा संशोधित विदेशी मुद्रा (कंपाउंडिंग प्रोसीडिंग्स) विनियमावली, 2000 की ओर आकर्षित किया जाता है। इन नियमों के अ
जनवरी 05, 2005
विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना अथवा देना) (संशोधन) विनियमावली, 2005
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा. 127 /आरबी-2004 दिनांक : 5 जनवरी 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना अथवा देना) (संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का अधिनियम 42) की धारा 6 की उपधारा 3 के खंड (घ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा मई 3, 200 की इसकी अधिसूचना सं.फेमा 3/2000-आरबी, समय-समय पर यथा संशोधित, में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक, विदेशी मुद्
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा. 127 /आरबी-2004 दिनांक : 5 जनवरी 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना अथवा देना) (संशोधन) विनियमावली, 2005 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का अधिनियम 42) की धारा 6 की उपधारा 3 के खंड (घ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा मई 3, 200 की इसकी अधिसूचना सं.फेमा 3/2000-आरबी, समय-समय पर यथा संशोधित, में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक, विदेशी मुद्
दिसंबर 23, 2004
भारत सरकार और भूतपूर्व यूएसएसआर के बीच अप्रैल 30,1981 और दिसंबर 23, 1985 के आस्थगित भुगतान शिष्टाचार
 आरबीआइ/2004-05/310 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.30 दिसंबर 23, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,भारत सरकार और भूतपूर्व यूएसएसआर के बीच अप्रैल 30,1981 और दिसंबर 23, 1985 के आस्थगित भुगतान शिष्टाचारप्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान जुलाई 10, 2004 के एपी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.4 की ओर आवफ्ष्ट किया जाता है जबं जून 24, 2004 से लागू विशेष करेंसी बास्केट का रुपया मूल्य 58.6989 रुपये दर्शाया था।2. प्राधिवफ्त व्यापारी
 आरबीआइ/2004-05/310 ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.30 दिसंबर 23, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय,भारत सरकार और भूतपूर्व यूएसएसआर के बीच अप्रैल 30,1981 और दिसंबर 23, 1985 के आस्थगित भुगतान शिष्टाचारप्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान जुलाई 10, 2004 के एपी (डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.4 की ओर आवफ्ष्ट किया जाता है जबं जून 24, 2004 से लागू विशेष करेंसी बास्केट का रुपया मूल्य 58.6989 रुपये दर्शाया था।2. प्राधिवफ्त व्यापारी
दिसंबर 02, 2004
वियतनाम सरकार को 27 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता
 आरबीआइ/2004-05/289ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.29 दिसंबर 02, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंक महोदया/महोदय, वियतनाम सरकार को 27 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता भाारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने अगस्त 12, 2004 को वियतनाम समाजवादी गणतंत्र सरकार के साथ कुल 27 मिलियन अमरीकी डॉलर (सत्ताईस मिलियन अमरीकी डॉलर मात्र) तक की ऋण सबयता उपलब्ध कराने के लिए करार किया है। ऋण करार नवंबर 1, 2004 को लागू हो गया है। यह
 आरबीआइ/2004-05/289ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.29 दिसंबर 02, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंक महोदया/महोदय, वियतनाम सरकार को 27 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता भाारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने अगस्त 12, 2004 को वियतनाम समाजवादी गणतंत्र सरकार के साथ कुल 27 मिलियन अमरीकी डॉलर (सत्ताईस मिलियन अमरीकी डॉलर मात्र) तक की ऋण सबयता उपलब्ध कराने के लिए करार किया है। ऋण करार नवंबर 1, 2004 को लागू हो गया है। यह
नवंबर 27, 2004
विदेशी मुद्रा प्रबंध - (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (पांचवां संशोधन) विनियमावली, 2004
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा.125/2004-आरबी दिनांक :27 नवंबर, 2004 विदेशी मुद्रा प्रबंध - (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (पांचवां संशोधन) विनियमावली, 2004 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 47 की धारा 6 और उपधारा (3) के खंड (ख) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा दिनांक 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केंद्रीय कार्यालय मुंबई 400 001. अधिसूचना सं.फेमा.125/2004-आरबी दिनांक :27 नवंबर, 2004 विदेशी मुद्रा प्रबंध - (भारत से बाहर निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (पांचवां संशोधन) विनियमावली, 2004 विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 (1999 का 42) की धारा 47 की धारा 6 और उपधारा (3) के खंड (ख) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग तथा दिनांक 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी में आंशिक संशोधन करते हुए भारतीय रिज़र
नवंबर 19, 2004
इन्डो-म्यांमार व्यापार - एशियाई समाशोधन यूनियन तंत्र से छूट
 आरबीआइ/2004-05/280ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.28 नवंबर 19, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, इन्डो-म्यांमार व्यापार - एशियाई समाशोधन यूनियन तंत्र से छूट प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान एशियाई समाशोधन यूनियन के माध्यम से लेनदेन हेतु प्रक्रिया के ज्ञापन की मद 7(ख) और (ङ) के साथ पठित मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. पेमा.14/2000-आरबी के विनियम 3 और 5 की ओर आकर्षित किया जाता है जिसके अनुसार आस्थगित भुगतान की शर्त पर क्
 आरबीआइ/2004-05/280ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.28 नवंबर 19, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, इन्डो-म्यांमार व्यापार - एशियाई समाशोधन यूनियन तंत्र से छूट प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान एशियाई समाशोधन यूनियन के माध्यम से लेनदेन हेतु प्रक्रिया के ज्ञापन की मद 7(ख) और (ङ) के साथ पठित मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. पेमा.14/2000-आरबी के विनियम 3 और 5 की ओर आकर्षित किया जाता है जिसके अनुसार आस्थगित भुगतान की शर्त पर क्
नवंबर 11, 2004
(i)यूनिबैंको-युनियौ डि बैंकोस ब्रेसिलैरोस, दक्षिण अप्रिका को 10 मिलियन अमरीकी डॉलर तथा (ii)म्यांमा पॉरेन ट्रेड बैंक, म्यांमार को 56.358 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता
 आरबीआइ/2004-05/275ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.27 नवंबर 11, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, (i)यूनिबैंको-युनियौ डि बैंकोस ब्रेसिलैरोस, दक्षिण अप्रिका को 10 मिलियन अमरीकी डॉलर तथा (ii)म्यांमा पॉरेन ट्रेड बैंक, म्यांमार को 56.358 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता भाारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने यूनिबैंको-युनियौ डि बैंकोस ब्रेसिलैरोस, दक्षिण अप्रिका (यूनिबैंको) तथा म्यांमा पॉरेन ट्रेड बैंक
 आरबीआइ/2004-05/275ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.27 नवंबर 11, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करने कि लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, (i)यूनिबैंको-युनियौ डि बैंकोस ब्रेसिलैरोस, दक्षिण अप्रिका को 10 मिलियन अमरीकी डॉलर तथा (ii)म्यांमा पॉरेन ट्रेड बैंक, म्यांमार को 56.358 मिलियन अमरीकी डॉलर की एक्ज़िम बैंक की ऋण सबयता भाारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने यूनिबैंको-युनियौ डि बैंकोस ब्रेसिलैरोस, दक्षिण अप्रिका (यूनिबैंको) तथा म्यांमा पॉरेन ट्रेड बैंक
नवंबर 01, 2004
भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण - गारंटी जारी करने के लिए शक्ति प्रदान करना
 आरबीआइ/2004-05/263ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.24 नवंबर 1, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करनेवाले सभी प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकमहोदया/महोदय, भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण - गारंटी जारी करने के लिए शक्ति प्रदान करना प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान अप्रैल 17, 2004 के ए.पी.(डीआइआर सिरीजॅ) परिपत्र सं.87 की ओर आकर्षित किया जाता है जिसमें प्राधिवफ्त व्यापारियों को एक्ज़िम नीति के अंतर्गत अनुमत सभी वस्तुओं के आयात के लिए प्रति आयात लेनदेन 20 मिलियन अमरीकी
 आरबीआइ/2004-05/263ए पी(डीआइआर सिरीजॅ)परिपत्र सं.24 नवंबर 1, 2004सेवा मेंविदेशी मुद्रा का कारोबार करनेवाले सभी प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकमहोदया/महोदय, भारत में आयात के लिए व्यापार ऋण - गारंटी जारी करने के लिए शक्ति प्रदान करना प्राधिवफ्त व्यापारी बैंकों का ध्यान अप्रैल 17, 2004 के ए.पी.(डीआइआर सिरीजॅ) परिपत्र सं.87 की ओर आकर्षित किया जाता है जिसमें प्राधिवफ्त व्यापारियों को एक्ज़िम नीति के अंतर्गत अनुमत सभी वस्तुओं के आयात के लिए प्रति आयात लेनदेन 20 मिलियन अमरीकी
नवंबर 01, 2004
माल और सेवाओं को निर्यात - निर्यात उन्मुख इकाइयों (ईओयू) के लिए वसूली की अवधि
 आरबीआई/2004-05/264एपी (डीआइआर सिरीजॅ) परिप)ा सं.25 नवंबर 1, 2004विदेश्ीं मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, माल और सेवाओं को निर्यात - निर्यात उन्मुख इकाइयों (ईओयू) के लिए वसूली की अवधिप्राधिवफ्त व्यापारी (एडी) बैंकों का ध्यान मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फ्ेमा. 23/2000 - आर.बी. के विनियम 9 के उप-विनियम (1) के परंतुक की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसके अनुसार निर्यात आय की वसूली और भारत में उसके प्रत्यावर्तन की अवधि को छ: माह से और आगे बढ
 आरबीआई/2004-05/264एपी (डीआइआर सिरीजॅ) परिप)ा सं.25 नवंबर 1, 2004विदेश्ीं मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिवफ्त सभी बैंकमहोदया/महोदय, माल और सेवाओं को निर्यात - निर्यात उन्मुख इकाइयों (ईओयू) के लिए वसूली की अवधिप्राधिवफ्त व्यापारी (एडी) बैंकों का ध्यान मई 3, 2000 की अधिसूचना सं. फ्ेमा. 23/2000 - आर.बी. के विनियम 9 के उप-विनियम (1) के परंतुक की ओर आकर्षित किया जाता है, जिसके अनुसार निर्यात आय की वसूली और भारत में उसके प्रत्यावर्तन की अवधि को छ: माह से और आगे बढ

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: दिसंबर 23, 2025

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