प्रेस प्रकाशनियां
5 मई 2021 गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 वित्तीय वर्ष के रूप में 2020-21 - महामारी का वर्ष – खत्म होने के कगार पर था, पीअर्स के सापेक्ष, भारतीय अर्थव्यवस्था लाभप्रद रूप से तैयार की गई थी। भारत एक मजबूत बहाली की तलहटी में था, जिसने सकारात्मक संवृद्धि हासिल की, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह थी कि संक्रमण वक्र समतल हो गया । तब से कुछ हफ्तों में, स्थिति काफी बदल गई है। आज, भारत संक्रमण और मृत्यु दर की भयानक वृद्धि से लड़ रहा है। नया म्युटेंट स्ट्रैन उभरा हैं, जिससे स्वास
5 मई 2021 गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 वित्तीय वर्ष के रूप में 2020-21 - महामारी का वर्ष – खत्म होने के कगार पर था, पीअर्स के सापेक्ष, भारतीय अर्थव्यवस्था लाभप्रद रूप से तैयार की गई थी। भारत एक मजबूत बहाली की तलहटी में था, जिसने सकारात्मक संवृद्धि हासिल की, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह थी कि संक्रमण वक्र समतल हो गया । तब से कुछ हफ्तों में, स्थिति काफी बदल गई है। आज, भारत संक्रमण और मृत्यु दर की भयानक वृद्धि से लड़ रहा है। नया म्युटेंट स्ट्रैन उभरा हैं, जिससे स्वास
8 फरवरी 2021 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2019-20 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज "वर्ष 2019-20 के लिए रिज़र्व बैंक की ओम्बड्समैन योजनाओं" की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना (बीओएस) को पहली बार रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत 1995 में अधिसूचित किया गया था। इसे रिज़र्व बैंक द्वारा 22 बैंकिंग ओम्बड्समैन (ओबीओ) कार्यालयों के माध्यम से प्रशासित किया जाता है, जिसमें सभी राज्य और संघ शासित प्रदे
8 फरवरी 2021 भारतीय रिज़र्व बैंक ने ओम्बड्समैन योजनाओं की वार्षिक रिपोर्ट, 2019-20 जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज "वर्ष 2019-20 के लिए रिज़र्व बैंक की ओम्बड्समैन योजनाओं" की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। बैंकिंग ओम्बड्समैन योजना (बीओएस) को पहली बार रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत 1995 में अधिसूचित किया गया था। इसे रिज़र्व बैंक द्वारा 22 बैंकिंग ओम्बड्समैन (ओबीओ) कार्यालयों के माध्यम से प्रशासित किया जाता है, जिसमें सभी राज्य और संघ शासित प्रदे
27 जनवरी 2021 रिज़र्व बैंक ने बैंकों में शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए रूपरेखा जारी किया रिज़र्व बैंक ने 4 दिसंबर 2020 के मौद्रिक नीति वक्तव्य के एक भाग के रूप में जारी 'विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य' में घोषणा की थी कि बैंकों की शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावकारिता को मजबूत करने और सुधारने के लिए जनवरी 2021 के दौरान एक व्यापक रूपरेखा तैयार की जाएगी। तदनुसार, आज एक रूपरेखा जारी की गई जिसमें i) बैंकों द्वारा की जाने वाली शिकायतों पर बढ़े हुए प्रकटन i
27 जनवरी 2021 रिज़र्व बैंक ने बैंकों में शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए रूपरेखा जारी किया रिज़र्व बैंक ने 4 दिसंबर 2020 के मौद्रिक नीति वक्तव्य के एक भाग के रूप में जारी 'विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य' में घोषणा की थी कि बैंकों की शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावकारिता को मजबूत करने और सुधारने के लिए जनवरी 2021 के दौरान एक व्यापक रूपरेखा तैयार की जाएगी। तदनुसार, आज एक रूपरेखा जारी की गई जिसमें i) बैंकों द्वारा की जाने वाली शिकायतों पर बढ़े हुए प्रकटन i
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 27, 2026