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जुलाई 02, 2012
माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2012-13/13मास्टर परिपत्र सं. 13/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '

आरबीआई/2012-13/13मास्टर परिपत्र सं. 13/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया / महोदय, माल और सेवाओं के आयात के संबंध में मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल और सेवाओं के आयात '

जुलाई 02, 2012
भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2012-13/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 20/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। निहित परिपत्र

आरबीआई/2012-13/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा. 20/ 2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। निहित परिपत्र

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआई/2012-13/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - न

आरबीआई/2012-13/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण - निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - न

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाए

आरबीआई/2012-13/08मास्टर परिपत्र सं.08/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा

आरबीआई/2012-13/08मास्टर परिपत्र सं.08/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2012-13/ 03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं

आरबीआई/2012-13/ 03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र "अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन" विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /अधिसूचनाओं

जुलाई 02, 2012
Withdrawn
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआई/2012-13/1मास्टर परिपत्र सं.1/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ

आरबीआई/2012-13/1मास्टर परिपत्र सं.1/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की अनुमति है। धन अ

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता

आरबीआई/2012-13/02मास्टर परिपत्र सं.02/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती ह

आरबीआई/2012-13/02मास्टर परिपत्र सं.02/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया (एनआरओ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति, समय-समय पर यथासंशोधित, 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित की जाती ह

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग

आरबीआई/2012-13/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के

आरबीआई/2012-13/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र "फेमा, 1999 के

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV) पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश

भारिबैं/2012-13/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेशी मुद्र

भारिबैं/2012-13/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं/कंपनियों (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना सं.120/आरबी-2004 (19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E) अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेशी मुद्र

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआई /2012-13/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी स

आरबीआई /2012-13/07मास्टर परिपत्र सं.07/ 2012-13 02 जुलाई  2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/संपर्क/परियोजना कार्यालयों की स्थापना, समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6 (6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "विदेशी स

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआई /2012-13/04 मास्टर परिपत्र सं. 04/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठ

आरबीआई /2012-13/04 मास्टर परिपत्र सं. 04/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के साथ पठ

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2012-13/10मास्टर परिपत्र सं.10/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड

आरबीआई/2012-13/10मास्टर परिपत्र सं.10/2012-13 02 जुलाई 2012 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("सनसेट खंड

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआई/2012-13/12मास्टर परिपत्र सं.12/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 के खंड

आरबीआई/2012-13/12मास्टर परिपत्र सं.12/2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 के खंड

जुलाई 02, 2012
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात

आरबीआई/2012-13/ 14मास्टर परिपत्र सं.14/ 2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह मास्टर परिपत्र "भारत

आरबीआई/2012-13/ 14मास्टर परिपत्र सं.14/ 2012-13 02 जुलाई 2012 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात की अनुमति है । 2. यह मास्टर परिपत्र "भारत

जनवरी 31, 2012
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities
RBI/2011-12/376 Master Circular No.13 /2011-12 (Updated as on February 9, 2012) July 01, 2011 To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities This Master Circular consolidates the existing instructions on the subject of “Memorandum of Instructions governing money changing activities” at one place. The list of underlying circulars/ notifications is set out in Appendix. 2. This
RBI/2011-12/376 Master Circular No.13 /2011-12 (Updated as on February 9, 2012) July 01, 2011 To, All Authorised Persons in Foreign Exchange Madam / Sir, Master Circular on Memorandum of Instructions governing money changing activities This Master Circular consolidates the existing instructions on the subject of “Memorandum of Instructions governing money changing activities” at one place. The list of underlying circulars/ notifications is set out in Appendix. 2. This
जनवरी 20, 2012
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits
RBI/2011-12/356 Master Circular No.09 /2011-12 (Updated as on January 20, 2012) July 01, 2011 To, All Category – I Authorised Dealer Banks Madam / Sir, Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/ 2000-RB viz. Foreign Exchange Management (
RBI/2011-12/356 Master Circular No.09 /2011-12 (Updated as on January 20, 2012) July 01, 2011 To, All Category – I Authorised Dealer Banks Madam / Sir, Master Circular on External Commercial Borrowings and Trade Credits External Commercial Borrowings and Trade Credits availed of by residents are governed by clause (d) of sub-section 3 of section 6 of the Foreign Exchange Management Act, 1999 read with Notification No. FEMA 3/ 2000-RB viz. Foreign Exchange Management (
सितंबर 26, 2011
बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- संरचना क्षेत्र के लिए सुनियोजित दायित्व
भारिबैंक/2011-12/203 ए.पी.(डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं.28 26 सितंबर 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- संरचना क्षेत्र के लिए सुनियोजित दायित्व प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (प्रा.व्या.श्रेणी ।) बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी)- नीतिगत सुनियोजित दायित्व से संबंधित 2 मार्च 2010 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.40 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, खासकर संरचना क्षेत्र के विकास मे
भारिबैंक/2011-12/203 ए.पी.(डीआईआर सिरीज) परिपत्र सं.28 26 सितंबर 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-। बैंक महोदया/महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) नीति- संरचना क्षेत्र के लिए सुनियोजित दायित्व प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (प्रा.व्या.श्रेणी ।) बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी)- नीतिगत सुनियोजित दायित्व से संबंधित 2 मार्च 2010 के ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.40 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 2. मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, खासकर संरचना क्षेत्र के विकास मे
जुलाई 01, 2011
माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2011-12/07 मास्टर परिपत्र सं. 07/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल औ

आरबीआई/2011-12/07 मास्टर परिपत्र सं. 07/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में ' माल औ

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता

आरबीआइ/2011-12/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2011-12 01 जुलाई , 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

आरबीआइ/2011-12/06 मास्टर परिपत्र सं.06/2011-12 01 जुलाई , 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआइ / 2011-12/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/ 2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 क

आरबीआइ / 2011-12/09 मास्टर परिपत्र सं. 09/ 2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा 3 क

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई / 2011-12/13मास्टर परिपत्र सं.13/2011-12  01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("स

आरबीआई / 2011-12/13मास्टर परिपत्र सं.13/2011-12  01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय, मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में "मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों के  ज्ञापन" विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र/अधिसूचनाएं परिशिष्ट में दी गई हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष की अवधि के लिए ("स

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग

आरबीआई/2011-12/08 मास्टर परिपत्र सं. 08/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र " फेमा, 1

आरबीआई/2011-12/08 मास्टर परिपत्र सं. 08/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों की कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों की कंपांउडिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन की कंपांउडिंग के लिए आवेदन कर सकता है। 2. यह मास्टर परिपत्र " फेमा, 1

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों)द्वारा भारत में अचल संपत्तिका अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआइ /2011-12/4मास्टर परिपत्र सं.04/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के

आरबीआइ /2011-12/4मास्टर परिपत्र सं.04/2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी के

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआइ/2011-12/1मास्टर परिपत्र सं.01/2011-12 01 जुलाई, 2011 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - नि

आरबीआइ/2011-12/1मास्टर परिपत्र सं.01/2011-12 01 जुलाई, 2011 विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में "भारत से विविध विप्रेषण - नि

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआइ/2011-12/ 5 मास्टर परिपत्र सं.05/ 2011-12  01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों / अधिसूचनाओं क

आरबीआइ/2011-12/ 5 मास्टर परिपत्र सं.05/ 2011-12  01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों / अधिसूचनाओं क

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआइ/2011-12/02 मास्टर परिपत्र सं.02/2011-12  01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधि

आरबीआइ/2011-12/02 मास्टर परिपत्र सं.02/2011-12  01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधि

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात

आरबीआइ/2011-12/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति है । 2.&n

आरबीआइ/2011-12/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सभी श्रेणी - I प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (ए) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति है । 2.&n

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआइ /2011-12/ 14 मास्टर परिपत्र सं.14 /2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

आरबीआइ /2011-12/ 14 मास्टर परिपत्र सं.14 /2011-12 01 जुलाई 2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है। भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

जुलाई 01, 2011
भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र

आरबीआइ/2011-12/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इसके अलावा, इस म

आरबीआइ/2011-12/15 मास्टर परिपत्र सं. 15/2011-12 01 जुलाई 2011 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय, भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इसके अलावा, इस म

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआइ /2011-12/03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6)  के अनुसार विनियमित की जाती है। 2.  यह

आरबीआइ /2011-12/03 मास्टर परिपत्र सं.03/ 2011-12 01 जुलाई  2011 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6)  के अनुसार विनियमित की जाती है। 2.  यह

जुलाई 01, 2011
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS)में प्रत्यक्ष निवेश

आरबीआई/2011-12/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2011-12 01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेश

आरबीआई/2011-12/11 मास्टर परिपत्र सं. 11/2011-12 01 जुलाई 2011 विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय, मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध (किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के साथ पठित विदेश

अप्रैल 29, 2011
म्युचुअल फंडों तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से स्टॉक एक्स्चेंजों को अविकल्पी अदायगी प्रतिबद्धताओं (आइपीसी) जारी करना
भारिबैंक/2010-11/491 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 54 अप्रैल 29, 2011 सभी श्रेणी -। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय म्युचुअल फंडों तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से स्टॉक एक्स्चेंजों को अविकल्पी अदायगी प्रतिबद्धताओं (आइपीसी) जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (एडी श्रेणी -।) बैंकों का ध्यान, समय समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी के जरिये अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध( भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण
भारिबैंक/2010-11/491 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं. 54 अप्रैल 29, 2011 सभी श्रेणी -। प्राधिकृत व्यापारी बैंक महोदया/महोदय म्युचुअल फंडों तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से स्टॉक एक्स्चेंजों को अविकल्पी अदायगी प्रतिबद्धताओं (आइपीसी) जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। (एडी श्रेणी -।) बैंकों का ध्यान, समय समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 20/2000-आरबी के जरिये अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध( भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण
जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश

आरबीआई/2010-11/5 मास्टर परिपत्र सं. 05/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई , 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर , 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध ( किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के

आरबीआई/2010-11/5 मास्टर परिपत्र सं. 05/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यापारी महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - निवासियों द्वारा विदेश में स्थित संयुक्त उद्यम (JV)/ पूर्ण स्वामित्ववाली सहायक संस्थाओं  (WOS) में प्रत्यक्ष निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 7 जुलाई , 2004 की फेमा अधिसूचना 120/आरबी-2004 ( 19 नवंबर , 2004 का जीएसआर 757 (E)  अर्थात् विदेशी मुद्रा प्रबंध ( किसी भी विदेशी प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2004 के

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता

आरबीआइ/2010-11/3 मास्टर परिपत्र सं.03/2010-11 01 जुलाई , 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

आरबीआइ/2010-11/3 मास्टर परिपत्र सं.03/2010-11 01 जुलाई , 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी सामान्य रुपया ( एनआरओ ) खाता प्राधिकृत व्यापारियों/ प्राधिकृत बैंकों द्वारा भारत से बाहर निवासी व्यक्तियों से जमाराशियों की स्वीकृति समय-समय पर यथासंशोधित 03 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं.5/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप धारा (1) और (2) के प्रावधानों द्वारा नियंत्

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआइ/2010-11/2 मास्टर परिपत्र सं.02/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं  समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और  फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

आरबीआइ/2010-11/2 मास्टर परिपत्र सं.02/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक और प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ विदेशी नागरिकों के लिए विप्रेषण सुविधाएं  समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई 2000 की फेमा अधिसूचना सं. 13/2000-आरबी और  फेमा अधिसूचना सं.21/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं

आरबीआइ/2010-11/1 मास्टर परिपत्र सं.01/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में  "भारत से वि

आरबीआइ/2010-11/1 मास्टर परिपत्र सं.01/2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, विदेशी मुद्रा में कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी व्यक्ति महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - भारत से विविध प्रेषण -निवासियों के लिए सुविधाएं निवासियों के लिए भारत से विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई, 2000 के भारत सरकार की अधिसूचना सं. जी.एस.आर.381(E) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में  "भारत से वि

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण

आरबीआइ /2010-11/15 मास्टर परिपत्र सं.15/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी क

आरबीआइ /2010-11/15 मास्टर परिपत्र सं.15/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों/ गैर- भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों(राष्ट्रिकों) द्वारा भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण तथा अंतरण 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. फेमा 21/2000-आरबी क

जुलाई 01, 2010
भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र

आरबीआइ/2010-11/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इ

आरबीआइ/2010-11/13 मास्टर परिपत्र सं. 13/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी- I बैंक महोदया /महोदय भारत में विदेशी निवेश संबंधी मास्टर परिपत्र भारत में विदेशी निवेश समय-समय पर यथा संशोधित 3 मई  2000 की अधिसूचना सं. फेमा.20/2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 6 की उप-धारा (3) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। विनियामक ढांचे और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों को इस मास्टर परिपत्र में समेकित किया गया है। इ

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआइ/2010-11/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - ।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्त्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /

आरबीआइ/2010-11/ 10 मास्टर परिपत्र सं.10/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - ।  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्ट्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन यह मास्टर परिपत्र अनिवासी विनिमय गृहों के रुपया/ विदेशी मुद्रा वास्त्रो खाता खोलने और उसे बनाए रखने के लिए अनुदेशों का ज्ञापन विषय पर मौजू्दा अनुदेशों को समेकित करता है। इस मास्टर परिपत्र में निहित परिपत्रों /

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस)

आरबीआइ /2010-11/ 9 मास्टर परिपत्र सं.09 /2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है । भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

आरबीआइ /2010-11/ 9 मास्टर परिपत्र सं.09 /2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यक्ति, जो धन अंतरण सेवा योजना(एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंट हैं महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) धन अंतरण सेवा योजना विदेश से भारत में लाभार्थियों को व्यक्तिगत विप्रेषणों के अंतरण का एक शीघ्र और आसान तरीका है । भारत में केवल आवक व्यक्तिगत विप्रेषण जैसे परिवार के भरण-पोषण के लिए विप्रेषण तथा भारत का दौरा करनेवाले विदेशी पर्यटकों के पक्ष में विप्रेषण की

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों  का  कंपांउंडिंग

आरबीआइ/2010-11/7 मास्टर परिपत्र सं.07/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों  का  कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों का कंपांउडिंग भारत के नागरिकों को उपलब्ध एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन का कंपांउडिंग के

आरबीआइ/2010-11/7 मास्टर परिपत्र सं.07/2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक तथा प्राधिकृत बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – फेमा, 1999  के तहत उल्लंघनों  का  कंपांउंडिंग विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत उल्लंघनों का कंपांउडिंग भारत के नागरिकों को उपलब्ध एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसके जरिये आवेदक फेमा, 1999 की धारा 13 (1) के तहत फेमा, 1999 के किसी प्रावधान के स्वीकृत उल्लंघन का कंपांउडिंग के

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना

आरबीआइ /2010-11/ 11 मास्टर परिपत्र सं.11/ 2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "व

आरबीआइ /2010-11/ 11 मास्टर परिपत्र सं.11/ 2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I  बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र – विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में संपर्क/ शाखा/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना करना भारत में शाखा/ संपर्क/ परियोजना कार्यालयों की स्थापना समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 22/2000-आरबी के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999  की धारा 6(6) के अनुसार विनियमित की जाती है। 2. यह मास्टर परिपत्र "व

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन

आरबीआई/2010-11/12 मास्टर परिपत्र सं.12/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में " मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन "  विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान में समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र / अधिसूचनाएं  परिशिष्ट में दिये गये हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष के

आरबीआई/2010-11/12 मास्टर परिपत्र सं.12/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा के सभी प्राधिकृत व्यक्ति महोदया/महोदय मास्टर परिपत्र - मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन इस मास्टर परिपत्र में " मुद्रा परिवर्तन कार्यकलाप को नियंत्रित करने वाले अनुदेशों का ज्ञापन "  विषय पर वर्तमान अनुदेशों को एक ही स्थान में समेकित किया गया है। इसमें निहित परिपत्र / अधिसूचनाएं  परिशिष्ट में दिये गये हैं। 2. इस मास्टर परिपत्र को एक वर्ष के

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआइ/2010-11/- मास्टर परिपत्र सं. 08/ 2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 की धारा 6 की उप धार

आरबीआइ/2010-11/- मास्टर परिपत्र सं. 08/ 2010-11 01 जुलाई, 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 की धारा 6 की उप धार

जुलाई 01, 2010
 माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र

आरबीआई/2010-11/4 मास्टर परिपत्र सं. 04/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय  माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में '

आरबीआई/2010-11/4 मास्टर परिपत्र सं. 04/2010-11 01 जुलाई 2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक महोदया /महोदय  माल और सेवाओं  के आयात के संबंध में  मास्टर परिपत्र भारत में माल और सेवाओं के आयात की अनुमति समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई 2000 की अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 381(E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 5 के अनुसार दी जा रही है। 2. इस मास्टर परिपत्र में '

जुलाई 01, 2010
मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात

आरबीआइ/2010-11/ 6 मास्टर परिपत्र सं.06/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (क) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति ह

आरबीआइ/2010-11/ 6 मास्टर परिपत्र सं.06/ 2010-11 01 जुलाई  2010 सेवा में, सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -I बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - माल और सेवाओं का निर्यात समय-समय पर यथा संशोधित , 3 मई  2000 की अधिसूचना सं.जीएसआर 381 (E) अर्थात विदेशी मुद्रा प्रबंध (चालू खाता) नियमावली, 2000 के साथ पठित और विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खंड (क) और उप-धारा (3) के अनुसार भारत से माल और सेवाओं के निर्यात  की अनुमति ह

मार्च 02, 2010
बाह्य वाणिज्यिक उधार नीति
आरबीआइ/2009-10/335 एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.40 02 मार्च , 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार नीति प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार से सबंधित 26 सितंबर,2000 की अधिसूचना सं.फेमा. 29/2000 आरबी ,अर्थात् भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति को गारंटी देने पर भुगतान,30 मार्च 2001 के एपी (डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.28 और 1अगस्त 2005 के एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.5 की ओर आकर्ष
आरबीआइ/2009-10/335 एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.40 02 मार्च , 2010 सेवा में विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय, बाह्य वाणिज्यिक उधार नीति प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों का ध्यान बाह्य वाणिज्यिक उधार से सबंधित 26 सितंबर,2000 की अधिसूचना सं.फेमा. 29/2000 आरबी ,अर्थात् भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति को गारंटी देने पर भुगतान,30 मार्च 2001 के एपी (डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.28 और 1अगस्त 2005 के एपी(डीआईआर सिरीज़)परिपत्र सं.5 की ओर आकर्ष
फ़रवरी 24, 2010
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Union Budget - 2008-09 - Agricultural Debt Waiver and Debt Relief Scheme, 2008
RBI/2009-10/326 UBD.BPD.PCB.Cir.No. 46/13.05.006/2009-10 February 24, 2010 The Chief Executive Officer, All Primary (Urban) Co-operative Banks Dear Sir, Union Budget – 2008-09 – Agricultural Debt Waiver and Debt Relief Scheme, 2008 Please refer to paragraph 5 of our circular UBD.PCB.Cir.No.50/13.05.000/2007-08 dated June 2, 2008 on the captioned subject. 2. In this connection, we advise having been informed that the Comptroller and Auditor General of India (CAG) has s
RBI/2009-10/326 UBD.BPD.PCB.Cir.No. 46/13.05.006/2009-10 February 24, 2010 The Chief Executive Officer, All Primary (Urban) Co-operative Banks Dear Sir, Union Budget – 2008-09 – Agricultural Debt Waiver and Debt Relief Scheme, 2008 Please refer to paragraph 5 of our circular UBD.PCB.Cir.No.50/13.05.000/2007-08 dated June 2, 2008 on the captioned subject. 2. In this connection, we advise having been informed that the Comptroller and Auditor General of India (CAG) has s
अक्‍तूबर 05, 2009
सेवा आयातकों की ओर से बैंक गारंटी जारी करना
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई-400001 भारिबैंक/2009-10/176 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.11 5 अक्तूबर 2009 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदय/महोदया सेवा आयातकों की ओर से बैंक गारंटी जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (प्रा.व्या.श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान,समय समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 8/2000-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2000 के विनियम 4 की ओर आकर्षित किया जाता हैं ।
भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा विभाग केद्रीय कार्यालय मुंबई-400001 भारिबैंक/2009-10/176 ए.पी.(डीआइआर सिरीज) परिपत्र सं.11 5 अक्तूबर 2009 सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी - । बैंक महोदय/महोदया सेवा आयातकों की ओर से बैंक गारंटी जारी करना प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (प्रा.व्या.श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान,समय समय पर यथा संशोधित, 3 मई 2000 की अधिसूचना सं.फेमा 8/2000-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2000 के विनियम 4 की ओर आकर्षित किया जाता हैं ।
जुलाई 01, 2009
मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार

आरबीआइ/2009-10/27 मास्टर परिपत्र सं. 07/2009-10 01 जुलाई, 2009 सेवा में, विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999

आरबीआइ/2009-10/27 मास्टर परिपत्र सं. 07/2009-10 01 जुलाई, 2009 सेवा में, विदेशी मुद्रा का कारोबार करने के लिए प्राधिकृत सभी बैंक महोदया /महोदय मास्टर परिपत्र - बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार निवासियों द्वारा लिए गए बाह्य वाणिज्यिक उधार और व्यापारिक उधार, समय-समय पर यथासंशोधित 3 मई , 2000 की अधिसूचना सं.फेमा.3/2000-आरबी, अर्थात् 3 मई 2000 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (विदेशी मुद्रा में उधार लेना और देना) विनियमावली 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999

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