प्रेस प्रकाशनियां
The Reserve Bank of India had, on October 24, 2025, issued two draft Directions on Capital Market Exposure (CME), viz.,: (i) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Capital Market Exposure) Directions, 2025 and (ii) Reserve Bank of India (Small Finance Banks – Capital Market Exposure) Directions, 2025 seeking feedback from stakeholders. The draft Directions were aimed primarily to (i) provide an enabling framework for banks to finance acquisitions by Indian corporates; (ii) enhance the limit for lending by banks against shares, units of REITs, InvITs while removing the regulatory ceiling altogether on lending against listed debt securities; and (iii) put in place a more principle-based framework for lending to capital market intermediaries (CMIs).
The Reserve Bank of India had, on October 24, 2025, issued two draft Directions on Capital Market Exposure (CME), viz.,: (i) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Capital Market Exposure) Directions, 2025 and (ii) Reserve Bank of India (Small Finance Banks – Capital Market Exposure) Directions, 2025 seeking feedback from stakeholders. The draft Directions were aimed primarily to (i) provide an enabling framework for banks to finance acquisitions by Indian corporates; (ii) enhance the limit for lending by banks against shares, units of REITs, InvITs while removing the regulatory ceiling altogether on lending against listed debt securities; and (iii) put in place a more principle-based framework for lending to capital market intermediaries (CMIs).
In pursuance of the announcement made in the Statement on Developmental and Regulatory Policies dated February 6, 2026, the Reserve Bank of India has today issued the following draft Amendment Directions for public comments: i) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Second Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments ii) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Concentration Risk Management) Second Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments iii) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Financial Statements: Presentation and Disclosures) Fourth Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments iv) Reserve Bank of India (Small Finance Banks – Credit Facilities) Second Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments v) Reserve Bank of India (All India Financial Institutions – Credit Facilities) Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments
In pursuance of the announcement made in the Statement on Developmental and Regulatory Policies dated February 6, 2026, the Reserve Bank of India has today issued the following draft Amendment Directions for public comments: i) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Second Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments ii) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Concentration Risk Management) Second Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments iii) Reserve Bank of India (Commercial Banks – Financial Statements: Presentation and Disclosures) Fourth Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments iv) Reserve Bank of India (Small Finance Banks – Credit Facilities) Second Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments v) Reserve Bank of India (All India Financial Institutions – Credit Facilities) Amendment Directions, 2026 - Draft for Comments
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 274580.76 334644.10 336474.48 279763.56 342345.34 344450.58** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 144172.70 80440.83 81053.24 144288.99 80507.15 81307.96 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 29455.08 32892.14 42057.26 29792.86 33441.63 42661.78 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22126572.35 24499511.99 24881954.39 22591678.12 25018283.44 25398629.58 i) मांग 2510913.20 2990484.97 3141414.87 2558292.31 3043991.32 3194032.51 ii) मीयादी 19615659.14 21509027.02 21740539.52 20033385.82 21974292.12 22204597.07 ख) ऋण @ 953979.59 921541.85 908900.05 958300.19 926513.54 913623.16 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 990920.82 1059479.61 1116118.51 1003945.31 1075638.00 1131224.61 III भारतीय रिज़र्व बैंक से लिये गये ऋण (ख) 354098.00 32336.00 136073.00 354098.00 32336.00 136073.00 मीयादी बिलों और/या वचनपत्रों पर लिये गये ऋण
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 24- जनवरी -2025# 15- जनवरी -2026 31- जनवरी -2026 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 274580.76 334644.10 336474.48 279763.56 342345.34 344450.58** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 144172.70 80440.83 81053.24 144288.99 80507.15 81307.96 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 29455.08 32892.14 42057.26 29792.86 33441.63 42661.78 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22126572.35 24499511.99 24881954.39 22591678.12 25018283.44 25398629.58 i) मांग 2510913.20 2990484.97 3141414.87 2558292.31 3043991.32 3194032.51 ii) मीयादी 19615659.14 21509027.02 21740539.52 20033385.82 21974292.12 22204597.07 ख) ऋण @ 953979.59 921541.85 908900.05 958300.19 926513.54 913623.16 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 990920.82 1059479.61 1116118.51 1003945.31 1075638.00 1131224.61 III भारतीय रिज़र्व बैंक से लिये गये ऋण (ख) 354098.00 32336.00 136073.00 354098.00 32336.00 136073.00 मीयादी बिलों और/या वचनपत्रों पर लिये गये ऋण
वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई
वर्तमान में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) और आवास वित्त कंपनियों को वसूली एजेंट की नियुक्ति संबंधी मामलों पर विस्तृत अनुदेश जारी किए गए हैं। समीक्षा करने पर, यह निर्णय लिया गया है कि ऋण की वसूली और वसूली एजेंटों की नियुक्ति संबंधी मामलों पर सभी विनियमित संस्थाओं को व्यापक अनुदेश जारी किए जाएं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ वसूली की प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं से उचित व्यवहार, ऋणदाता के कर्मचारियों और वसूली एजेंटों का आचरण, समुचित सावधानी, प्रशिक्षण, वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता आदि जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। 2. तदनुसार, 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई
Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.
Currently, instructions on customer appropriateness and suitability and other related matters in the context of insurance agency business have been issued to Scheduled Commercial Banks (excluding Regional Rural Banks) and Housing Finance Companies. Upon a review, it has been decided to issue comprehensive instructions on advertising, marketing and sales of financial products and services (including third-party products and services) to all banks and NBFCs, which shall include various aspects related thereto, such as activities of Direct Sales Agents (DSAs) / Direct Marketing Agents (DMAs), dark patterns, prevention of mis-selling, etc.
जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)
जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 10-जनवरी-2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 10- जनवरी -2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 271703.78 340111.14 334594.98 276454.35 347493.56 342296.21** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 143463.79 84009.60 80440.83 143532.02 84135.04 80507.15 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 28059.87 32819.70 33028.55 28374.42 33298.98 33578.04 अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22151174.72 24857492.98 24499894.23 22618068.06 25374431.04 25018665.67 i) मांग 2478179.94 3274722.02 2990791.67 2526145.68 3327804.47 3044298.01
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 10-जनवरी-2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 10- जनवरी -2025# 31-दिसंबर-2025 15- जनवरी -2026 बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 271703.78 340111.14 334594.98 276454.35 347493.56 342296.21** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 143463.79 84009.60 80440.83 143532.02 84135.04 80507.15 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 28059.87 32819.70 33028.55 28374.42 33298.98 33578.04 अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22151174.72 24857492.98 24499894.23 22618068.06 25374431.04 25018665.67 i) मांग 2478179.94 3274722.02 2990791.67 2526145.68 3327804.47 3044298.01
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।
कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी बैंकों द्वारा पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्थाओं की स्थापना) दिशानिर्देश, 2025 के अंतर्गत, सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने, भारतीय रिज़र्व बैंक (विदेशी बैंकों द्वारा पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्थाओं की स्थापना) दिशानिर्देश, 2025 के अंतर्गत, सुमिटोमो मित्सुई बैंकिंग कार्पोरेशन (एसएमबीसी), जापान को भारत में पूर्णतः स्वाधिकृत सहायक संस्था (डब्ल्यूओएस) स्थापित करने के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी देने का निर्णय लिया है।
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291575.28 308549.36 337365.07 296174.25 315719.18 344747.49** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 138334.17 83821.58 84013.30 138393.41 83903.92 84138.74 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 26605.84 34245.87 32844.28 26928.62 34761.43 33323.55
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 27-दिसंबर-2024# 15-दिसंबर-2025 31-दिसंबर-2025 I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291575.28 308549.36 337365.07 296174.25 315719.18 344747.49** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 138334.17 83821.58 84013.30 138393.41 83903.92 84138.74 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 26605.84 34245.87 32844.28 26928.62 34761.43 33323.55
भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया
भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षक महाविद्यालय का तीसरा वार्षिक वैश्विक सम्मेलन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को 'विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग के साथ सामंजस्य स्थापित करना' विषय पर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने किया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटलीकरण से वित्तीय सेवाओं की दक्षता, पहुंच और नवाचार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, साथ ही इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया
रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के
रिज़र्व बैंक ने भारत में शाखा के माध्यम से कार्यरत विदेशी बैंकों द्वारा लाभांश की घोषणा और लाभ के विप्रेषण संबंधी विवेकपूर्ण मानदंडों पर मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा की। तदनुसार, 2 जनवरी 2024 को जन सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित करने के लिए संशोधित ढांचे का मसौदा जारी किया गया था। तथापि, हितधारकों की प्रतिक्रिया और परामर्शों के आधार पर, जन सामान्य की प्रतिक्रियाओं के
The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.
The Reserve Bank of India (RBI) has released Supervisory Data Quality Index (sDQI) for SCBs for September 2025. It measures data quality in terms of the Accuracy, Timeliness, Completeness and Consistency in the submission of returns. The objective of sDQI is to assess the adherence to the principles enunciated in the Master Direction on Filing of Supervisory Returns 2024.
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025
क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)
क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।
आज, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36 (2) के अनुपालन में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति संबंधी रिपोर्ट 2024-25 जारी की। यह रिपोर्ट वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अब तक वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों सहित बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रस्तुत करती है। प्रमुख बिंदु • भारतीय वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र वर्ष 2024-25 के दौरान आघात-सहनीय बना रहा, जिसे दोहरे अंकों के तुलन-पत्र विस्तार का समर्थन मिला। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमाराशियों और ऋण में दोहरे अंकों में वृद्धि हुई; हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है।
आज, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36 (2) के अनुपालन में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति एवं प्रगति संबंधी रिपोर्ट 2024-25 जारी की। यह रिपोर्ट वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अब तक वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों सहित बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को प्रस्तुत करती है। प्रमुख बिंदु • भारतीय वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र वर्ष 2024-25 के दौरान आघात-सहनीय बना रहा, जिसे दोहरे अंकों के तुलन-पत्र विस्तार का समर्थन मिला। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की जमाराशियों और ऋण में दोहरे अंकों में वृद्धि हुई; हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें कमी आई है।
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 310793.89 322855.52 308250.18 315564.52 330192.04 315428.19** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 131991.65 78658.89 81098.47 132026.65 78790.89 81166.47 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24423.19 31092.93 33036.68 24724.99 31559.27 33573.84 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22067643.54 24260054.93 24214710.80 22525491.06 24808631.87 24724681.17 i) मांग 2609721.73 3013417.05 2935319.73 2658233.40 3066260.45 2986434.34 ii) मीयादी 19457921.81 21246637.88 21279391.07 19867257.66 21742371.41 21738246.84 ख) ऋण @ 866934.53 879199.45 882495.75 871445.25 884674.14 887543.43
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* 13-दिसंबर-2024 28-नवंबर-2025* 12-दिसंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 310793.89 322855.52 308250.18 315564.52 330192.04 315428.19** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 131991.65 78658.89 81098.47 132026.65 78790.89 81166.47 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24423.19 31092.93 33036.68 24724.99 31559.27 33573.84 II अन्य के प्रति देयताएं (क) क) जमाराशियां (बैंकों से ली गयी जमाराशियों से इतर) 22067643.54 24260054.93 24214710.80 22525491.06 24808631.87 24724681.17 i) मांग 2609721.73 3013417.05 2935319.73 2658233.40 3066260.45 2986434.34 ii) मीयादी 19457921.81 21246637.88 21279391.07 19867257.66 21742371.41 21738246.84 ख) ऋण @ 866934.53 879199.45 882495.75 871445.25 884674.14 887543.43
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 273721.88 350935.17 322854.52 278500.30 357857.15 330191.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 137597.04 81533.54 79669.56 137620.00 81560.54 79747.56 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24717.72 26997.34 31145.33 25053.36 27514.50 31611.67
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* 29-नवंबर-2024 14-नवंबर-2025* 28-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 273721.88 350935.17 322854.52 278500.30 357857.15 330191.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 137597.04 81533.54 79669.56 137620.00 81560.54 79747.56 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 24717.72 26997.34 31145.33 25053.36 27514.50 31611.67
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 को लेनदेन खातों से संबंधित सात निदेशों के मसौदे, अर्थात् i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iv) भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 अक्तूबर 2025 को लेनदेन खातों से संबंधित सात निदेशों के मसौदे, अर्थात् i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025; iv) भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - लेनदेन खाते) निदेश, 2025
गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज (9 दिसंबर 2025) मुंबई में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और चुनिंदा निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ बैठक की। ये बैठकें विनियमित संस्थाओं के वरिष्ठ प्रबंधन के साथ रिज़र्व बैंक के निरंतर संवाद का हिस्सा हैं; पिछली ऐसी बैठक 27 जनवरी 2025 को आयोजित की गई थी।
गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज (9 दिसंबर 2025) मुंबई में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और चुनिंदा निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ बैठक की। ये बैठकें विनियमित संस्थाओं के वरिष्ठ प्रबंधन के साथ रिज़र्व बैंक के निरंतर संवाद का हिस्सा हैं; पिछली ऐसी बैठक 27 जनवरी 2025 को आयोजित की गई थी।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज एक लघु वित्त बैंक (एसएफबी) में रूपांतरण के लिए फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (एफपीबीएल) को 'सैद्धांतिक' मंजूरी दी है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज एक लघु वित्त बैंक (एसएफबी) में रूपांतरण के लिए फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (एफपीबीएल) को 'सैद्धांतिक' मंजूरी दी है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों और अन्य हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए 4 अक्तूबर 2024 को ‘कारोबार के स्वरूप और निवेश के लिए विवेकपूर्ण विनियमन' संबंधी परिपत्र का मसौदा जारी किया था। इस परिपत्र के मसौदे का उद्देश्य अन्य जोखिम वाले गैर-मूल कारोबारों से बैंकों के मुख्य कारोबार की रिंगफेंसिंग संबंधी विनियमों की समीक्षा करना और साथ ही समान स्तर उपलब्ध कराना था।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों और अन्य हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए 4 अक्तूबर 2024 को ‘कारोबार के स्वरूप और निवेश के लिए विवेकपूर्ण विनियमन' संबंधी परिपत्र का मसौदा जारी किया था। इस परिपत्र के मसौदे का उद्देश्य अन्य जोखिम वाले गैर-मूल कारोबारों से बैंकों के मुख्य कारोबार की रिंगफेंसिंग संबंधी विनियमों की समीक्षा करना और साथ ही समान स्तर उपलब्ध कराना था।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सहकारी बैंकों, अर्थात्, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी), राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) को कारोबार के स्थान, नाम में संशोधन और अनुसूची में नाम शामिल करने की अनुमति से संबंधित कतिपय अनुदेश/ दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपर्युक्त अनुदेशों/ दिशानिर्देशों को सुसंगत बनाने और उन्हें एक ही स्थान पर समेकित करने के उद्देश्य
भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर सहकारी बैंकों, अर्थात्, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (यूसीबी), राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) को कारोबार के स्थान, नाम में संशोधन और अनुसूची में नाम शामिल करने की अनुमति से संबंधित कतिपय अनुदेश/ दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपर्युक्त अनुदेशों/ दिशानिर्देशों को सुसंगत बनाने और उन्हें एक ही स्थान पर समेकित करने के उद्देश्य
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
सामान्य बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता की शुरुआत एक बचत बैंक खाते के रूप में की गई थी, जिसके माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे खातों के धारकों को कतिपय न्यूनतम सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है। हाल के वर्षों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार हुआ है। तथापि, बैंकिंग क्षेत्र के चल रहे डिजिटलीकरण के लिए बीएसबीडी खाते की आवश्यकता होती है जो ग्राहक की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप है। तदनुसार, वर्तमान अनुदेशों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया था
सामान्य बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता की शुरुआत एक बचत बैंक खाते के रूप में की गई थी, जिसके माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे खातों के धारकों को कतिपय न्यूनतम सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है। हाल के वर्षों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में काफी सुधार हुआ है। तथापि, बैंकिंग क्षेत्र के चल रहे डिजिटलीकरण के लिए बीएसबीडी खाते की आवश्यकता होती है जो ग्राहक की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप है। तदनुसार, वर्तमान अनुदेशों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया था
भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को 2024 की डी-एसआईबी सूची के समान ही बकेटिंग संरचना के अंतर्गत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में पहचाना गया है। इन डी-एसआईबी के लिए
भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को 2024 की डी-एसआईबी सूची के समान ही बकेटिंग संरचना के अंतर्गत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंकों (डी-एसआईबी) के रूप में पहचाना गया है। इन डी-एसआईबी के लिए
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 286037.41 324591.97 350944.60 291221.79 331728.86 3
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* 15-नवंबर-2024 31-अक्तूबर-2025* 14-नवंबर-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 286037.41 324591.97 350944.60 291221.79 331728.86 3
ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग
ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग
वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने सार्वजनिक दस्तावेज़ ‘कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकार’- 24 अक्तूबर 2025 द्वारा अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से अनुरोध किया है कि फरवरी 2020 में अपनाई गयी डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) और ईरान संबंधी वक्तव्य का संदर्भ लें, जो प्रभावी बना हुआ है। इसके अलावा, म्यांमार को उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकारों की सूची में शामिल किया गया है, जो अक्तूबर 2022 एफएटीएफ प्लेनरी में कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन है और एफएटीएफ ने अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से म्यांमार से उत्पन्न होने वाले जोखिम के समनुपातन अधिक सावधानी बरतने के उपायों को कार्यान्वित करने का आह्वान किया है। अधिक सावधानी बरतने संबंधी उपायों को कार्यान्वित करते समय, देशों को यह सुनिश्चित करने हेतु सूचित किया गया है कि मानवीय सहायता, वैध एनपीओ गतिविधि और विप्रेषण के लिए धन का प्रवाह बाधित न हो। कार्रवाई के आह्वान वाले देशों की सूची में म्यांमार की स्थिति यथावत् बनी हुई है।
वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने सार्वजनिक दस्तावेज़ ‘कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकार’- 24 अक्तूबर 2025 द्वारा अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से अनुरोध किया है कि फरवरी 2020 में अपनाई गयी डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) और ईरान संबंधी वक्तव्य का संदर्भ लें, जो प्रभावी बना हुआ है। इसके अलावा, म्यांमार को उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकारों की सूची में शामिल किया गया है, जो अक्तूबर 2022 एफएटीएफ प्लेनरी में कार्रवाई के लिए आह्वान के अधीन है और एफएटीएफ ने अपने सदस्यों और अन्य क्षेत्राधिकारों से म्यांमार से उत्पन्न होने वाले जोखिम के समनुपातन अधिक सावधानी बरतने के उपायों को कार्यान्वित करने का आह्वान किया है। अधिक सावधानी बरतने संबंधी उपायों को कार्यान्वित करते समय, देशों को यह सुनिश्चित करने हेतु सूचित किया गया है कि मानवीय सहायता, वैध एनपीओ गतिविधि और विप्रेषण के लिए धन का प्रवाह बाधित न हो। कार्रवाई के आह्वान वाले देशों की सूची में म्यांमार की स्थिति यथावत् बनी हुई है।
अक्तूबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है
अक्तूबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है
(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs,SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 294002.82 319163.07 317202.13 298612.42 327465.76 324259.03** b) Borrowings from banks 130776.35 83912.67 84168.72 130806.35 83950.17 84176.79
(Amount in ₹ crore) SCHEDULED COMMERCIAL BANKS (Including RRBs,SFBs and PBs) ALL SCHEDULED BANKS 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* 18-Oct-2024 03-Oct-2025* 17-Oct-2025* LIABILITIES TO THE BKG.SYSTEM (A) a) Demand & Time deposits from banks 294002.82 319163.07 317202.13 298612.42 327465.76 324259.03** b) Borrowings from banks 130776.35 83912.67 84168.72 130806.35 83950.17 84176.79
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 जनवरी 2025 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से लघु वित्त बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंसिंग के लिए दिशानिर्देशों के अंतर्गत वीएफएस कैपिटल लिमिटेड से आवेदन प्राप्त होने की घोषणा की थी। अब यह सूचित किया जाता है कि वीएफएस कैपिटल लिमिटेड ने अपना आवेदन वापस ले लिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 1 जनवरी 2025 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से लघु वित्त बैंकों के 'ऑन टैप' लाइसेंसिंग के लिए दिशानिर्देशों के अंतर्गत वीएफएस कैपिटल लिमिटेड से आवेदन प्राप्त होने की घोषणा की थी। अब यह सूचित किया जाता है कि वीएफएस कैपिटल लिमिटेड ने अपना आवेदन वापस ले लिया है।
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित निदेशों के मसौदे जारी किए हैं: 1. भारतीय रिज़र्व बैंक (पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित निदेशों के मसौदे जारी किए हैं: 1. भारतीय रिज़र्व बैंक (पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा
दिनांक 29 जुलाई 2025 के उपर्युक्त निदेशों के पैरा 7(बी) के अनुसार, यह निर्धारित किया गया है कि रिज़र्व बैंक, भारत सरकार के परामर्श से, एक अधिसूचना द्वारा, कतिपय वैकल्पिक निवेश निधियों (एआईएफ) को उपरोक्त निदेशों (पैराग्राफ 5 - "सामान्य आवश्यकता" को छोड़कर) और इसी संबंध में जारी 19 दिसंबर 2023 और 27 मार्च 2024 के पिछले परिपत्रों के दायरे से छूट दे सकता है।
दिनांक 29 जुलाई 2025 के उपर्युक्त निदेशों के पैरा 7(बी) के अनुसार, यह निर्धारित किया गया है कि रिज़र्व बैंक, भारत सरकार के परामर्श से, एक अधिसूचना द्वारा, कतिपय वैकल्पिक निवेश निधियों (एआईएफ) को उपरोक्त निदेशों (पैराग्राफ 5 - "सामान्य आवश्यकता" को छोड़कर) और इसी संबंध में जारी 19 दिसंबर 2023 और 27 मार्च 2024 के पिछले परिपत्रों के दायरे से छूट दे सकता है।
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 04-अक्तूबर-2024 19-सितंबर-2025* 03-अक्तूबर-2025* 04-अक्तूबर-2024 19-सितंबर-2025* 03-अक्तूबर-2025* बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 287920.78 319607.38 318430.38 292252.74 327583.51 326733.06** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 127899.61 84796.98 84733.28 127950.17 84841.98 84761.78 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 22225.29 27486.35 28435.54 22565.39 27991.42 28945.86 अन्य के प्रति देयताएं (क)
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 04-अक्तूबर-2024 19-सितंबर-2025* 03-अक्तूबर-2025* 04-अक्तूबर-2024 19-सितंबर-2025* 03-अक्तूबर-2025* बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 287920.78 319607.38 318430.38 292252.74 327583.51 326733.06** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 127899.61 84796.98 84733.28 127950.17 84841.98 84761.78 ग) अन्य मांग और मीयादी देयताएं 22225.29 27486.35 28435.54 22565.39 27991.42 28945.86 अन्य के प्रति देयताएं (क)
रिज़र्व बैंक का अपने विनियामक ढांचे को अनुकूलतम बनाने के लिए निरंतर प्रयास रहा है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विनियामक बोझ और अनुपालन लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही मौजूदा अनुदेशों की वैधता का समय पर पुनर्मूल्यांकन भी किया गया है।
रिज़र्व बैंक का अपने विनियामक ढांचे को अनुकूलतम बनाने के लिए निरंतर प्रयास रहा है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विनियामक बोझ और अनुपालन लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही मौजूदा अनुदेशों की वैधता का समय पर पुनर्मूल्यांकन भी किया गया है।
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज निम्नलिखित निदेशों का मसौदा जारी किया: क. भारतीय रिज़र्व बैंक (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक - ऋण संबंधी जोखिम के लिए पूंजी प्रभार - मानकीकृत दृष्टिकोण) निदेश, 2025 का मसौदा प्रस्तावित निदेश, बैंकिंग पर्यवेक्षण बासेल समिति (बीसीबीएस) द्वारा कार्यान्वित वैश्विक सुधारों के प्रमुख तत्वों में से एक को भारतीय संदर्भ के अनुरूप लागू करने
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज निम्नलिखित निदेशों का मसौदा जारी किया: क. भारतीय रिज़र्व बैंक (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक - ऋण संबंधी जोखिम के लिए पूंजी प्रभार - मानकीकृत दृष्टिकोण) निदेश, 2025 का मसौदा प्रस्तावित निदेश, बैंकिंग पर्यवेक्षण बासेल समिति (बीसीबीएस) द्वारा कार्यान्वित वैश्विक सुधारों के प्रमुख तत्वों में से एक को भारतीय संदर्भ के अनुरूप लागू करने
दिनांक 8 दिसंबर 2023 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्यमें की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा संबंधित पक्षों को उधार देने संबंधी निम्नलिखित विनियामक ढांचा के मसौदे जारी किए हैं, जिन पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं:
दिनांक 8 दिसंबर 2023 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्यमें की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा संबंधित पक्षों को उधार देने संबंधी निम्नलिखित विनियामक ढांचा के मसौदे जारी किए हैं, जिन पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं:
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 20-सितंबर -2024 05- सितंबर -2025* 19- सितंबर -2025* 20- सितंबर -2024 05- सितंबर -2025* 19- सितंबर -2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 305203.01 322323.47 319556.99 309831.75
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 20-सितंबर -2024 05- सितंबर -2025* 19- सितंबर -2025* 20- सितंबर -2024 05- सितंबर -2025* 19- सितंबर -2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 305203.01 322323.47 319556.99 309831.75
सितंबर 2025 के महीने के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत निष्पादन का विश्लेषण किया गया है और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की सं. ए महीने की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,124 बी माह के दौरान प्राप्त आवेदन 23,548 सी अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजा गया 346 डी कुल (ए+बी-सी) 26,326
सितंबर 2025 के महीने के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत निष्पादन का विश्लेषण किया गया है और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की सं. ए महीने की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,124 बी माह के दौरान प्राप्त आवेदन 23,548 सी अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजा गया 346 डी कुल (ए+बी-सी) 26,326
रिज़र्व बैंक अपने जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जन साधारण को अपने निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने और बैंकों से अपनी अदावी जमाराशि का दावा करने के लिए प्रोत्साहित करता आ रहा है। इस प्रयास में, बैंकों को निष्क्रिय खातों को फिर से सक्रिय करने और जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (डीईए) को
रिज़र्व बैंक अपने जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जन साधारण को अपने निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने और बैंकों से अपनी अदावी जमाराशि का दावा करने के लिए प्रोत्साहित करता आ रहा है। इस प्रयास में, बैंकों को निष्क्रिय खातों को फिर से सक्रिय करने और जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (डीईए) को
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज सात निदेश/परिपत्र जारी किए, जिनमें बैंकों और अन्य विनियमित संस्थाओं पर लागू मौजूदा निदेश /परिपत्रों में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। इनमें से तीन संशोधन तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएंगे (भाग ए), जबकि शेष चार संशोधनों पर जनता से सुझाव मांगे गए हैं (भाग बी)। इन प्रस्तावों की पूरी जानकारी निम्नानुसार है। क. 1 अक्तूबर 2025 से लागू होने वाले निदेश
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज सात निदेश/परिपत्र जारी किए, जिनमें बैंकों और अन्य विनियमित संस्थाओं पर लागू मौजूदा निदेश /परिपत्रों में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। इनमें से तीन संशोधन तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएंगे (भाग ए), जबकि शेष चार संशोधनों पर जनता से सुझाव मांगे गए हैं (भाग बी)। इन प्रस्तावों की पूरी जानकारी निम्नानुसार है। क. 1 अक्तूबर 2025 से लागू होने वाले निदेश
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 06-सितंबर -2024 22-अगस्त -2025* 05- सितंबर -2025* 06- सितंबर -2024 22- अगस्त -2025* 05- सितंबर -2025* बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 298116.19 346928.84 322142.98 302401.77 354508.87 329710.26**
(राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 06-सितंबर -2024 22-अगस्त -2025* 05- सितंबर -2025* 06- सितंबर -2024 22- अगस्त -2025* 05- सितंबर -2025* बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 298116.19 346928.84 322142.98 302401.77 354508.87 329710.26**
विनियमों के निर्माण हेतु ढांचा के अनुक्रम में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह निर्णय लिया है कि विनियमों की समीक्षा के लिए संस्थागत प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए और इसके लिए एक विनियामक समीक्षा कक्ष (आरआरसी) का गठन किया गया है।
विनियमों के निर्माण हेतु ढांचा के अनुक्रम में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह निर्णय लिया है कि विनियमों की समीक्षा के लिए संस्थागत प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए और इसके लिए एक विनियामक समीक्षा कक्ष (आरआरसी) का गठन किया गया है।
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण
- 31 अगस्त 2025 की स्थिति
नागरिक चार्टर और विनियामक अनुमोदन के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं की व्यापक समीक्षा की गई और
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण
- 31 अगस्त 2025 की स्थिति
नागरिक चार्टर और विनियामक अनुमोदन के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं की व्यापक समीक्षा की गई और
दिनांक 8 अगस्त 2025, शुक्रवार तक भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण (राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 09-अगस्त-2024 25-जुलाई-2025* 08-अगस्त-2025* 09-अगस्त-2024 25-जुलाई-2025* 08-अगस्त-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291422.53 342422.14 341955.78 295618.64 347963.84 349533.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 130962.87 105206.09 100840.03 130982.37 105216.43 100849.93
दिनांक 8 अगस्त 2025, शुक्रवार तक भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण (राशि ₹ करोड़ में) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों सहित) सभी अनुसूचित बैंक 09-अगस्त-2024 25-जुलाई-2025* 08-अगस्त-2025* 09-अगस्त-2024 25-जुलाई-2025* 08-अगस्त-2025* I बैंकिंग प्रणाली के प्रति देयताएं (क) क) बैंकों से मांग और मीयादी जमाराशियां 291422.53 342422.14 341955.78 295618.64 347963.84 349533.04** ख) बैंकों से लिये गये ऋण 130962.87 105206.09 100840.03 130982.37 105216.43 100849.93
कृपया 'बासेल III पूंजी विनियमन' पर दिनांक 1 अप्रैल 2025 के मास्टर परिपत्र DOR.CAP.REC.2/21.06.201/2025-26 के पैराग्राफ 5.15.3 में निहित प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम (सीसीआर) संबंधी अनुदेश का संदर्भ लें। रिज़र्व बैंक ने आज प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम: संभावित भावी एक्स्पोज़र की गणना के लिए अतिरिक्त कारक - संशोधित अनुदेश पर परिपत्र का मसौदा जारी किया है, जो उपरोक्त अनुदेशों को संशोधित करता है।
कृपया 'बासेल III पूंजी विनियमन' पर दिनांक 1 अप्रैल 2025 के मास्टर परिपत्र DOR.CAP.REC.2/21.06.201/2025-26 के पैराग्राफ 5.15.3 में निहित प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम (सीसीआर) संबंधी अनुदेश का संदर्भ लें। रिज़र्व बैंक ने आज प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम: संभावित भावी एक्स्पोज़र की गणना के लिए अतिरिक्त कारक - संशोधित अनुदेश पर परिपत्र का मसौदा जारी किया है, जो उपरोक्त अनुदेशों को संशोधित करता है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 13, 2026