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अगस्त 14, 2025
प्रज्ञा प्रसून एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य (रिट.याचिका.(सी) 289/2024) और अमर जैन बनाम भारत संघ एवं अन्य (रिट.याचिका.(सी) 49/2025) के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 30 अप्रैल 2025 के आदेश का अनुपालन

भारिबैं/2025-26/74 विवि.एमसीएस.आरईसी.47/01.01.028/2025-26 14 अगस्त 2025 सभी बैंक सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (आवास वित्त कंपनियों सहित) सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान सभी साख सूचना कंपनियाँ सभी भुगतान प्रणाली प्रदाता/प्रणाली भागीदार सभी विदेशी मुद्रा विनिमय हेतु प्राधिकृत व्यक्ति प्रज्ञा प्रसून एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य (रिट

भारिबैं/2025-26/74 विवि.एमसीएस.आरईसी.47/01.01.028/2025-26 14 अगस्त 2025 सभी बैंक सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (आवास वित्त कंपनियों सहित) सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान सभी साख सूचना कंपनियाँ सभी भुगतान प्रणाली प्रदाता/प्रणाली भागीदार सभी विदेशी मुद्रा विनिमय हेतु प्राधिकृत व्यक्ति प्रज्ञा प्रसून एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य (रिट

अगस्त 06, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-निधि आधारित ऋण सुविधाएँ) निदेश, 2025

RBI/2025-26/140 DOR.STR.REC.45/13.07.010/2025-26 August 06, 2025 Reserve Bank of India (Non-Fund Based Credit Facilities) Directions, 2025 Index Chapter - I 2 Preliminary 2 A. Introduction 2 B. Applicability 2 C. Definitions 3 Chapter II 4 General Conditions 4 Chapter – III 5 A. Guarantees 5 B. Co-acceptances 6 C. Requirements for Other Specific Guarantees 6 Chapter - IV 7 Partial Credit Enhancement 7 A. Salient features of the PCE facility 8 B. Balance Sheet treatment, capital requirements, exposure and asset classification norms for exposures arising on account of providing PCE 9 C. Additional conditions for providing PCE to bonds of NBFCs and HFCs 11 D. Other Aspects of PCE 11 Chapter - V 12 Exclusions and Other Aspects 12 Chapter VI 13 Disclosures 13 Annex 1 14 Operational Risk Controls for issuance of Electronic Guarantees 14 Annex 2 16 List of Circulars repealed in respect of Scheduled Commercial Banks 16 List of Circulars repealed in respect of Urban Cooperative Banks 20

RBI/2025-26/140 DOR.STR.REC.45/13.07.010/2025-26 August 06, 2025 Reserve Bank of India (Non-Fund Based Credit Facilities) Directions, 2025 Index Chapter - I 2 Preliminary 2 A. Introduction 2 B. Applicability 2 C. Definitions 3 Chapter II 4 General Conditions 4 Chapter – III 5 A. Guarantees 5 B. Co-acceptances 6 C. Requirements for Other Specific Guarantees 6 Chapter - IV 7 Partial Credit Enhancement 7 A. Salient features of the PCE facility 8 B. Balance Sheet treatment, capital requirements, exposure and asset classification norms for exposures arising on account of providing PCE 9 C. Additional conditions for providing PCE to bonds of NBFCs and HFCs 11 D. Other Aspects of PCE 11 Chapter - V 12 Exclusions and Other Aspects 12 Chapter VI 13 Disclosures 13 Annex 1 14 Operational Risk Controls for issuance of Electronic Guarantees 14 Annex 2 16 List of Circulars repealed in respect of Scheduled Commercial Banks 16 List of Circulars repealed in respect of Urban Cooperative Banks 20

अगस्त 06, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक (सह-उधार व्यवस्था) निदेश, 2025

आरबीआई/विवि/2025-26/139 विवि.एसटीआर.आरईसी.44/13.07.010/2025-26 06 अगस्त 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (सह-उधार व्यवस्था) निदेश, 2025 विषय-सूची प्रस्तावना संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ प्रयोज्यता परिभाषाएँ सामान्य दिशा-निर्देश ब्याज दर और अन्य शुल्क/ प्रभार परिचालन संबंधी व्यवस्था साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को रिपोर्ट करना चूक हानि गारंटी आस्ति वर्गीकरण मानदंड ऋण एक्सपोज़र का अंतरण प्रकटीकरण निरसन प्रावधान

आरबीआई/विवि/2025-26/139 विवि.एसटीआर.आरईसी.44/13.07.010/2025-26 06 अगस्त 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (सह-उधार व्यवस्था) निदेश, 2025 विषय-सूची प्रस्तावना संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ प्रयोज्यता परिभाषाएँ सामान्य दिशा-निर्देश ब्याज दर और अन्य शुल्क/ प्रभार परिचालन संबंधी व्यवस्था साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को रिपोर्ट करना चूक हानि गारंटी आस्ति वर्गीकरण मानदंड ऋण एक्सपोज़र का अंतरण प्रकटीकरण निरसन प्रावधान

जुलाई 29, 2025
अपडेट हो गया है: 29 Jul, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक (एआईएफ़ में निवेश) निदेश, 2025

भारिबैं/2025-26/138 विवि.एसटीआर.आरईसी.43/21.04.048/2025-26 29 जुलाई 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (एआईएफ़ में निवेश) निदेश, 2025 रिज़र्व बैंक द्वारा 19 दिसंबर 2023 को परिपत्र विवि.एसटीआर.आरईसी.58/21.04.048/2023-24 और 27 मार्च 2024 को विवि.एसटीआर.आरईसी.85/21.04.048/2023-24 ("मौजूदा परिपत्र") जारी किए गए थे, जिनमें रिज़र्व बैंक की विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा वैकल्पिक निवेश

भारिबैं/2025-26/138 विवि.एसटीआर.आरईसी.43/21.04.048/2025-26 29 जुलाई 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (एआईएफ़ में निवेश) निदेश, 2025 रिज़र्व बैंक द्वारा 19 दिसंबर 2023 को परिपत्र विवि.एसटीआर.आरईसी.58/21.04.048/2023-24 और 27 मार्च 2024 को विवि.एसटीआर.आरईसी.85/21.04.048/2023-24 ("मौजूदा परिपत्र") जारी किए गए थे, जिनमें रिज़र्व बैंक की विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा वैकल्पिक निवेश

जून 19, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक (परियोजना वित्त) निदेश, 2025

आरबीआई/विवि/2025-26/59 विवि.एसटीआर.आरईसी.34/21.04.048/2025-26 जून 19, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (परियोजना वित्त) निदेश, 2025

आरबीआई/विवि/2025-26/59 विवि.एसटीआर.आरईसी.34/21.04.048/2025-26 जून 19, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (परियोजना वित्त) निदेश, 2025

अप्रैल 01, 2025
मास्टर परिपत्र - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक वित्त

आरबीआई/2025-26/15 विवि.सीआरई.आरईसी.सं.05/21.04.172/2025-26 01 अप्रैल 2025 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक वित्त

आरबीआई/2025-26/15 विवि.सीआरई.आरईसी.सं.05/21.04.172/2025-26 01 अप्रैल 2025 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक वित्त

मार्च 21, 2025
विनियामकीय पूंजी प्रयोजन के लिए उपयोग-का-अधिकार (आरओयू) वाली आस्ति का निष्‍पादन

भारिबैं/2024-25/128 विवि.सीएपी.आरईसी.सं.68/21.01.002/2024-25 21 मार्च 2025 महोदय/महोदया, विनियामकीय पूंजी प्रयोजन के लिए उपयोग-का-अधिकार (आरओयू) वाली आस्ति का निष्‍पादन कृपया देखें: क) मास्टर निदेश के पैरा 5.1.25 और 107.2 - भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) - स्केल आधारित विनियमन निदेश, 2023 - (स्वाधिकृत निधि और सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी 1) पूंजी की परिभाषा)

भारिबैं/2024-25/128 विवि.सीएपी.आरईसी.सं.68/21.01.002/2024-25 21 मार्च 2025 महोदय/महोदया, विनियामकीय पूंजी प्रयोजन के लिए उपयोग-का-अधिकार (आरओयू) वाली आस्ति का निष्‍पादन कृपया देखें: क) मास्टर निदेश के पैरा 5.1.25 और 107.2 - भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) - स्केल आधारित विनियमन निदेश, 2023 - (स्वाधिकृत निधि और सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी 1) पूंजी की परिभाषा)

फ़रवरी 17, 2025
Withdrawn
भारतीय रिज़र्व बैंक (बेसल III पूंजी ढांचे, एक्सपोजर मानदंड, महत्वपूर्ण निवेश, वर्गीकरण, निवेश पोर्टफोलियो मानदंडों का मूल्यांकन तथा परिचालन और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए संसाधन जुटाने के मानदंडों पर विवेकपूर्ण विनियमन) निदेश 2023 – संशोधन

भारिबैं/2024-25/116 विवि.एमआरजी.आरईसी.60/00-00-017/2024-25 17 फरवरी 2025 महोदया / महोदय, भारतीय रिज़र्व बैंक (बेसल III पूंजी ढांचे, एक्सपोजर मानदंड, महत्वपूर्ण निवेश, वर्गीकरण, निवेश पोर्टफोलियो मानदंडों का मूल्यांकन तथा परिचालन और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए संसाधन जुटाने के मानदंडों पर विवेकपूर्ण विनियमन) निदेश 2023 – संशोधन कृपया 21 सितंबर 2023 को जारी भारतीय रिज़र्व बैंक (बेसल III पूंजी ढांचे, एक्सपोजर मानदंड,

भारिबैं/2024-25/116 विवि.एमआरजी.आरईसी.60/00-00-017/2024-25 17 फरवरी 2025 महोदया / महोदय, भारतीय रिज़र्व बैंक (बेसल III पूंजी ढांचे, एक्सपोजर मानदंड, महत्वपूर्ण निवेश, वर्गीकरण, निवेश पोर्टफोलियो मानदंडों का मूल्यांकन तथा परिचालन और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए संसाधन जुटाने के मानदंडों पर विवेकपूर्ण विनियमन) निदेश 2023 – संशोधन कृपया 21 सितंबर 2023 को जारी भारतीय रिज़र्व बैंक (बेसल III पूंजी ढांचे, एक्सपोजर मानदंड,

जनवरी 29, 2025
एचएफसी द्वारा एक वर्ष से अधिक की परिपक्वता अवधि वाले अपरिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के निजी नियोजन – दिशानिर्देशों की समीक्षा

आरबीआई/2024-25/107 डीओआर.एफ़आईएन.आरईसी.सं.58/03.10.136/2024-25 29 जनवरी 2025 सभी आवास वित्त कंपनियां (एचएफ़सी) महोदय/ महोदया, एचएफसी द्वारा एक वर्ष से अधिक की परिपक्वता अवधि वाले अपरिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के निजी नियोजन – दिशानिर्देशों की समीक्षा कृपया मास्टर निर्देश – गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (रिज़र्व बैंक) निर्देश, 2021 के अध्याय XI का संदर्भ लें, जिसमें एचएफसी द्वारा एनसीडी के निजी नियोजन पर दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं।

आरबीआई/2024-25/107 डीओआर.एफ़आईएन.आरईसी.सं.58/03.10.136/2024-25 29 जनवरी 2025 सभी आवास वित्त कंपनियां (एचएफ़सी) महोदय/ महोदया, एचएफसी द्वारा एक वर्ष से अधिक की परिपक्वता अवधि वाले अपरिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के निजी नियोजन – दिशानिर्देशों की समीक्षा कृपया मास्टर निर्देश – गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (रिज़र्व बैंक) निर्देश, 2021 के अध्याय XI का संदर्भ लें, जिसमें एचएफसी द्वारा एनसीडी के निजी नियोजन पर दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं।

जनवरी 20, 2025
एआरसी द्वारा उधारकर्ताओं की देय राशि के निपटान पर दिशा-निर्देश

आरबीआई/2024-25/106 विवि.एसआईजी.एफ़आईएन.आरईसी.56/26.03.001/2024-25 20 जनवरी 2025 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां (एआरसी) महोदय/महोदया, एआरसी द्वारा उधारकर्ताओं की देय राशि के निपटान पर दिशा-निर्देश कृपया दिनांक 24 अप्रैल 2024 के मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ) निदेश, 2024 के पैराग्राफ 15 को देखें जिसमें एआरसी के उधारकर्ताओं द्वारा देय राशि के निपटान पर दिशा-निर्देश हैं। समीक्षा करने पर, इन दिशा-निर्देशों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है और उक्त मास्टर निदेश का संशोधित पैराग्राफ 15 अनुबंध में दिया गया है।

आरबीआई/2024-25/106 विवि.एसआईजी.एफ़आईएन.आरईसी.56/26.03.001/2024-25 20 जनवरी 2025 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां (एआरसी) महोदय/महोदया, एआरसी द्वारा उधारकर्ताओं की देय राशि के निपटान पर दिशा-निर्देश कृपया दिनांक 24 अप्रैल 2024 के मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ) निदेश, 2024 के पैराग्राफ 15 को देखें जिसमें एआरसी के उधारकर्ताओं द्वारा देय राशि के निपटान पर दिशा-निर्देश हैं। समीक्षा करने पर, इन दिशा-निर्देशों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है और उक्त मास्टर निदेश का संशोधित पैराग्राफ 15 अनुबंध में दिया गया है।

जनवरी 06, 2025
मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (साख सूचना रिपोर्टिंग) निदेश, 2025

आरबीआई/डीओआर/2024-25/125 विवि.एफआईएन.आरईसी.सं.55/20.16.056/2024-25 06 जनवरी 2025 सभी वाणिज्यिक बैंक सहित लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा भुगतान बैंकों को छोड़कर सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्ज़िम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और नैबफिड) आवास वित्त कंपनियों सहित एनबीएफ़सी कंपनी सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनी सभी क्रेडिट सूचना कंपनी महोदय/महोदया मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (साख सूचना रिपोर्टिंग) निदेश, 2025

आरबीआई/डीओआर/2024-25/125 विवि.एफआईएन.आरईसी.सं.55/20.16.056/2024-25 06 जनवरी 2025 सभी वाणिज्यिक बैंक सहित लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा भुगतान बैंकों को छोड़कर सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्ज़िम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और नैबफिड) आवास वित्त कंपनियों सहित एनबीएफ़सी कंपनी सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनी सभी क्रेडिट सूचना कंपनी महोदय/महोदया मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (साख सूचना रिपोर्टिंग) निदेश, 2025

दिसंबर 31, 2024
सरकारी ऋण राहत योजनाएं (डीआरएस)

आरबीआई/2024-25/100 विवि.एसटीआर.आरईसी.54/21.04.048/2024-25 31 दिसंबर 2024 सभी वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक सभी राज्य सहकारी बैंक और केंद्रीय सहकारी बैंक सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं

आरबीआई/2024-25/100 विवि.एसटीआर.आरईसी.54/21.04.048/2024-25 31 दिसंबर 2024 सभी वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक सभी राज्य सहकारी बैंक और केंद्रीय सहकारी बैंक सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं

अक्‍तूबर 10, 2024
एआरसी द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को जानकारी प्रस्तुत करना

आरबीआई/2024-25/82
विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं. 46/26.03.001/2024-25 10 अक्तूबर 2024 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां (एआरसी) महोदय/ महोदया,एआरसी द्वारा साख  सूचना कंपनियों (सीआईसी) को जानकारी प्रस्तुत करना

आरबीआई/2024-25/82
विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं. 46/26.03.001/2024-25 10 अक्तूबर 2024 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां (एआरसी) महोदय/ महोदया,एआरसी द्वारा साख  सूचना कंपनियों (सीआईसी) को जानकारी प्रस्तुत करना

अगस्त 16, 2024
मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017 की समीक्षा

आरबीआई/2024-25/63
विवि.एफ़आईएन.आरईसी.35/03.10.124/2024-25

16 अगस्त 2024

सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म

महोदय/महोदया,

मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017 की समीक्षा

आरबीआई/2024-25/63
विवि.एफ़आईएन.आरईसी.35/03.10.124/2024-25

16 अगस्त 2024

सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म

महोदय/महोदया,

मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017 की समीक्षा

अगस्त 12, 2024
एचएफसी के लिए विनियामक फ्रेमवर्क की समीक्षा और एचएफसी एवं एनबीएफसी पर लागू नियमों का सामंजस्य

भा.रि.बैं./2024-25/61 विवि.एफआईएन.आरईसी.सं.34/03.10.136/2024-25 12 अगस्त 2024 सभी आवास वित्त कंपनियां (एचएफसी) सभी गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी) महोदया/महोदय, एचएफसी के लिए विनियामक फ्रेमवर्क की समीक्षा और एचएफसी एवं एनबीएफसी पर लागू नियमों का सामंजस्य कृपया परिपत्र वि.वि.गै.बैं.वि.क.(आ.वि.कं).कं.परि.सं.118/03.10.136/2020-21 दिनांक 22 अक्टूबर 2020 का संदर्भ लें। उपर्युक्त परिपत्र के पैरा 4 के अनुसार, यह सलाह दी गयी थी कि एचएफसी और एनबीएफसी के नियमों के बीच सामंजस्य अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्यूनतम व्यवधानों के साथ परिवर्तन हासिल किया जा सके।

भा.रि.बैं./2024-25/61 विवि.एफआईएन.आरईसी.सं.34/03.10.136/2024-25 12 अगस्त 2024 सभी आवास वित्त कंपनियां (एचएफसी) सभी गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी) महोदया/महोदय, एचएफसी के लिए विनियामक फ्रेमवर्क की समीक्षा और एचएफसी एवं एनबीएफसी पर लागू नियमों का सामंजस्य कृपया परिपत्र वि.वि.गै.बैं.वि.क.(आ.वि.कं).कं.परि.सं.118/03.10.136/2020-21 दिनांक 22 अक्टूबर 2020 का संदर्भ लें। उपर्युक्त परिपत्र के पैरा 4 के अनुसार, यह सलाह दी गयी थी कि एचएफसी और एनबीएफसी के नियमों के बीच सामंजस्य अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्यूनतम व्यवधानों के साथ परिवर्तन हासिल किया जा सके।

जुलाई 30, 2024
इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं के निर्वाहन पर मास्टर निदेश

आरबीआई/विवि/2024-25/122 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं. 31/20.16.003/2024-25 30 जुलाई 2024 सभी वाणिज्यिक बैंक सहित लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा भुगतान बैंकोको छोड़कर सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्ज़िम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और एनएबीएफआईडी) सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (आवास वित्त कंपनियों सहित) सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनी सभी क्रेडिट सूचना कंपनी

आरबीआई/विवि/2024-25/122 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं. 31/20.16.003/2024-25 30 जुलाई 2024 सभी वाणिज्यिक बैंक सहित लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा भुगतान बैंकोको छोड़कर सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्ज़िम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और एनएबीएफआईडी) सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (आवास वित्त कंपनियों सहित) सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनी सभी क्रेडिट सूचना कंपनी

अप्रैल 24, 2024
मास्टर परिपत्र - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक वित्त

आरबीआई/2024-25/24 विवि.सीआरई.आरईसी.सं.17/21.04.172/2024-25 24 अप्रैल 2024 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक वित्त 

आरबीआई/2024-25/24 विवि.सीआरई.आरईसी.सं.17/21.04.172/2024-25 24 अप्रैल 2024 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदया / महोदय, मास्टर परिपत्र - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक वित्त 

अप्रैल 24, 2024
अपडेट हो गया है: 23 Apr, 2025
मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ) निदेश, 2024 (23 अप्रैल 2025 को अद्यतित)

भा.रि.बैंक/विवि/2024-25/116 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.16/26.03.001/2024-25 24 अप्रैल 2024 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदय / महोदया मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ) निदेश, 2024 बैंकों और वित्तीय संस्थानों की दबावग्रस्त वित्तीय आस्तियों के समाधान में एआरसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे वित्तीय प्रणाली की समग्र सेहत में सुधार होता है। एआरसी की विवेकपूर्ण और कुशल कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्दवारा मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां) निदेश, 2024 (निदेश) जारी करता है, जो इसके बाद निर्दिष्ट है। ये निदेश वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (2002 का 54) की धारा 3, 9, 10, 12 और 12 ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। भवदीय (जे. पी. शर्मा) मुख्य महाप्रबंधक

भा.रि.बैंक/विवि/2024-25/116 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.16/26.03.001/2024-25 24 अप्रैल 2024 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदय / महोदया मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ) निदेश, 2024 बैंकों और वित्तीय संस्थानों की दबावग्रस्त वित्तीय आस्तियों के समाधान में एआरसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे वित्तीय प्रणाली की समग्र सेहत में सुधार होता है। एआरसी की विवेकपूर्ण और कुशल कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए, भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्दवारा मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां) निदेश, 2024 (निदेश) जारी करता है, जो इसके बाद निर्दिष्ट है। ये निदेश वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (2002 का 54) की धारा 3, 9, 10, 12 और 12 ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। भवदीय (जे. पी. शर्मा) मुख्य महाप्रबंधक

फ़रवरी 22, 2024
एकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के तहत वित्तीय सूचना प्रदाता के रूप में भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड को शामिल करना

भारिबै/ 2023-24/  विवि.एफ़आईएन.आरईसी. 77/ 03.10.123/ 2023-24  22 फरवरी 2024 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएँ महोदया/महोदय,

भारिबै/ 2023-24/  विवि.एफ़आईएन.आरईसी. 77/ 03.10.123/ 2023-24  22 फरवरी 2024 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएँ महोदया/महोदय,

जनवरी 15, 2024
क्रेडिट/निवेश सकेन्द्रन मानदंड - क्रेडिट जोखिम हस्तांतरण

आरबीआई/2023-24/112 विवि.सीआरई.आरईसी.70/21.01.003/2023-24 15 जनवरी 2024 हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, क्रेडिट/निवेश सकेन्द्रन मानदंड - क्रेडिट जोखिम हस्तांतरण कृपया समय-समय पर संशोधित निम्नलिखित अनुदेशों का संदर्भ ग्रहण करें: (i) दिनांक 19 अक्टूबर 2023 के पैराग्राफ 32, 91 और 110.4.2 ("एनबीएफसी पर एमडी"); और (ii) मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021 दिनांक 17 फरवरी 2021 का पैराग्राफ 20 ("एचएफसी पर एमडी")।

आरबीआई/2023-24/112 विवि.सीआरई.आरईसी.70/21.01.003/2023-24 15 जनवरी 2024 हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, क्रेडिट/निवेश सकेन्द्रन मानदंड - क्रेडिट जोखिम हस्तांतरण कृपया समय-समय पर संशोधित निम्नलिखित अनुदेशों का संदर्भ ग्रहण करें: (i) दिनांक 19 अक्टूबर 2023 के पैराग्राफ 32, 91 और 110.4.2 ("एनबीएफसी पर एमडी"); और (ii) मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021 दिनांक 17 फरवरी 2021 का पैराग्राफ 20 ("एचएफसी पर एमडी")।

दिसंबर 29, 2023
उचित उधार प्रथा - ऋण खातों में दंडात्मक शुल्क: अनुदेशों के कार्यान्वयन के लिए समय-सीमा का विस्तार

भारिबै/2023-24/102 विवि.एमसीएस.आरईसी.61/01.01.001/2023-24 29 दिसंबर 2023 सभी वाणिज्यिक बैंक (भुगतान बैंकों को छोड़कर, लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक सभी एनबीएफसी (एचएफसी सहित) और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्जिम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और एनएबीएफआईडी)

भारिबै/2023-24/102 विवि.एमसीएस.आरईसी.61/01.01.001/2023-24 29 दिसंबर 2023 सभी वाणिज्यिक बैंक (भुगतान बैंकों को छोड़कर, लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक सभी एनबीएफसी (एचएफसी सहित) और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्जिम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और एनएबीएफआईडी)

अक्‍तूबर 26, 2023
वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता के रूप में एकाउंट एग्रीगेटर व्यवस्था में शामिल होना

आरबीआई/2023-24/77 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.53/03.10.123/2023-24 26 अक्टूबर 2023 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएं महोदय/महोदया वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता के रूप में एकाउंट एग्रीगेटर व्यवस्था में शामिल होना कृपया मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - एकाउंट एग्रीगेटर (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 देखें।

आरबीआई/2023-24/77 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.53/03.10.123/2023-24 26 अक्टूबर 2023 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएं महोदय/महोदया वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता के रूप में एकाउंट एग्रीगेटर व्यवस्था में शामिल होना कृपया मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - एकाउंट एग्रीगेटर (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 देखें।

अक्‍तूबर 26, 2023
एकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के अंतर्गत वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी) की समीक्षा

आरबीआई/2023-24/76 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.52/03.10.123/2023-24 26 अक्तूबर 2023 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएँ महोदया / महोदय, एकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के अंतर्गत वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी) की समीक्षा कृपया मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – एकाउंट एग्रीगेटर (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 का अनुच्छेद 3(1)(xi) देखें, जिसमें 'वित्तीय सूचना प्रदाता' शब्द को परिभाषित किया गया है।

आरबीआई/2023-24/76 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.52/03.10.123/2023-24 26 अक्तूबर 2023 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएँ महोदया / महोदय, एकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के अंतर्गत वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी) की समीक्षा कृपया मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – एकाउंट एग्रीगेटर (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 का अनुच्छेद 3(1)(xi) देखें, जिसमें 'वित्तीय सूचना प्रदाता' शब्द को परिभाषित किया गया है।

अक्‍तूबर 19, 2023
अपडेट हो गया है: 10 Oct, 2024
Withdrawn
मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023 (10 अक्तूबर 2024 को अद्यतन किया गया)

आरबीआई/गैबैविवि/2023-24/106 विवि.एफआईएन.आरईसी.सं. 45/03.10.119/2023-24 अक्तूबर 19, 2023 (10 अक्तूबर 2024 को अद्यतन किया गया) (21 मार्च 2024 को अद्यतन किया गया) (10 नवंबर 2023 को अद्यतन किया गया) मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक, जन हित में इसे आवश्यक मानते हुए तथा इस बात से संतुष्ट होकर कि वित्तीय प्रणाली को देश के हित में विनियमित करने हेतु रिज़र्व बैंक को समर्थ बनाने और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी का कारोबार इस तरह से होने से रोकने के लिए जो निवेशकों और जमाकर्ताओं के हित में न हो या ऐसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के हित में न हो, के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 (1934 का 2) की धारा 45 जेए, 45के, 45एल और 45एम और और फ़ैक्टरिंग विनियमन अधिनियम 2011 (अधिनियम 2012 का 12) की धारा 31ए और धारा 6 के साथ पठित धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - प्रणालीगत रूप से गैर-महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 और मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली और जमाराशि स्वीकार करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016, के निरसन के पश्चात मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023 (निदेश), इसके बाद निर्दिष्ट किया गया है , जारी करता है। (जे. पी. शर्मा) मुख्य महाप्रबंधक

आरबीआई/गैबैविवि/2023-24/106 विवि.एफआईएन.आरईसी.सं. 45/03.10.119/2023-24 अक्तूबर 19, 2023 (10 अक्तूबर 2024 को अद्यतन किया गया) (21 मार्च 2024 को अद्यतन किया गया) (10 नवंबर 2023 को अद्यतन किया गया) मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक, जन हित में इसे आवश्यक मानते हुए तथा इस बात से संतुष्ट होकर कि वित्तीय प्रणाली को देश के हित में विनियमित करने हेतु रिज़र्व बैंक को समर्थ बनाने और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी का कारोबार इस तरह से होने से रोकने के लिए जो निवेशकों और जमाकर्ताओं के हित में न हो या ऐसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के हित में न हो, के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 (1934 का 2) की धारा 45 जेए, 45के, 45एल और 45एम और और फ़ैक्टरिंग विनियमन अधिनियम 2011 (अधिनियम 2012 का 12) की धारा 31ए और धारा 6 के साथ पठित धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - प्रणालीगत रूप से गैर-महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 और मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली और जमाराशि स्वीकार करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016, के निरसन के पश्चात मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-स्केल आधारित विनियमन) निदेश, 2023 (निदेश), इसके बाद निर्दिष्ट किया गया है , जारी करता है। (जे. पी. शर्मा) मुख्य महाप्रबंधक

सितंबर 21, 2023
अपडेट हो गया है: 17 Feb, 2025
Withdrawn
Master Direction-Reserve Bank of India (Prudential Regulations on Basel III Capital Framework, Exposure Norms, Significant Investments, Classification, Valuation and Operation of Investment Portfolio Norms and Resource Raising Norms for All India Financial Institutions) Directions, 2023 (Updated as on February 17, 2025)

RBI/DoR/2023-24/105 DoR.FIN.REC.40/01.02.000/2023-24 September 21, 2023 (Updated as on February 17, 2025) Master Direction - Reserve Bank of India (Prudential Regulations on Basel III Capital Framework, Exposure Norms, Significant Investments, Classification, Valuation and Operation of Investment Portfolio Norms and Resource Raising Norms for All India Financial Institutions) Directions, 2023 In exercise of the powers conferred by Section 45L of the Reserve Bank of India Act, 1934, the Reserve Bank of India (hereinafter called the Reserve Bank) being satisfied that it is necessary and expedient in the public interest and in the interest of financial sector policy so to do, hereby, issues the Directions hereinafter specified.

RBI/DoR/2023-24/105 DoR.FIN.REC.40/01.02.000/2023-24 September 21, 2023 (Updated as on February 17, 2025) Master Direction - Reserve Bank of India (Prudential Regulations on Basel III Capital Framework, Exposure Norms, Significant Investments, Classification, Valuation and Operation of Investment Portfolio Norms and Resource Raising Norms for All India Financial Institutions) Directions, 2023 In exercise of the powers conferred by Section 45L of the Reserve Bank of India Act, 1934, the Reserve Bank of India (hereinafter called the Reserve Bank) being satisfied that it is necessary and expedient in the public interest and in the interest of financial sector policy so to do, hereby, issues the Directions hereinafter specified.

सितंबर 13, 2023
जिम्मेदार उधार आचरण – वैयक्तिक ऋणों के पुनर्भुगतान/निपटान पर चल/अचल संपत्ति दस्तावेज़ मुक्त करना

आरबीआई/2011-12/62 शबैंवि.बीपीडी (पीसीबी).एमसी.सं.5 /13.05.000/2012-13 2 जुलाई 2012 मुख्य कार्यपालक अधिकारीसभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र अग्रिमों का प्रबंधन - शहरी सहकारी बैंक कृपया उपर्युक्त विषय पर 1 जुलाई, 2011 का हमारा मास्टर परिपत्र शबैवि.बीपीडी (पीसीबी) एमसी.सं. 5/13. 05. 000/2011-12 देखें (भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट www.rbi.org.in पर उपलब्ध)। संलग्न मास्टर परिपत्र में  30 जून 2012 तक जारी सभी अनुदेशों / दिशानिर्देशों को स

आरबीआई/2011-12/62 शबैंवि.बीपीडी (पीसीबी).एमसी.सं.5 /13.05.000/2012-13 2 जुलाई 2012 मुख्य कार्यपालक अधिकारीसभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक महोदया / महोदय मास्टर परिपत्र अग्रिमों का प्रबंधन - शहरी सहकारी बैंक कृपया उपर्युक्त विषय पर 1 जुलाई, 2011 का हमारा मास्टर परिपत्र शबैवि.बीपीडी (पीसीबी) एमसी.सं. 5/13. 05. 000/2011-12 देखें (भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट www.rbi.org.in पर उपलब्ध)। संलग्न मास्टर परिपत्र में  30 जून 2012 तक जारी सभी अनुदेशों / दिशानिर्देशों को स

अगस्त 18, 2023
उचित उधार प्रथा - ऋण खातों में दंडात्मक शुल्क

आरबीआई/2023-24/53
विवि.एमसीएस.आरईसी.28/01.01.001/2023-24

18 अगस्त 2023

सभी वाणिज्यिक बैंक (भुगतान बैंकों को छोड़कर, लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित)
सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
सभी एनबीएफसी (एचएफसी सहित) और
अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्जिम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और एनएबीएफआईडी)

महोदया/ महोदय,

उचित उधार प्रथा - ऋण खातों में दंडात्मक शुल्क

दंडात्मक ब्याज के प्रकटीकरण में तर्कसंगतता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं (आरई) के लिए विभिन्न दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। वर्तमान दिशानिर्देशों के अंतर्गत, ऋण देने वाली संस्थाओं के पास ब्याज की दंडात्मक दरें लगाने के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति तैयार करने की परिचालन स्वायत्तता है। यह पाया गया है कि कई आरई, ऐसी शर्तें जिन पर क्रेडिट सुविधाएं स्वीकृत की गई थीं, उधारकर्ता द्वारा उनकी चूक/गैर-अनुपालन किए जाने के मामले में, लागू ब्याज दरों के अलावा, दंडात्मक ब्याज दरों का प्रयोग कर रही हैं।

2. दंडात्मक ब्याज/शुल्क लगाने का इरादा अनिवार्य रूप से ऋण अनुशासन की भावना निर्माण करना है, न की ऐसे शुल्क ब्याज की अनुबंधित दर से अधिक राजस्व वृद्धि उपकरण के रूप में उपयोग करने के लिए है। हालाँकि, पर्यवेक्षी समीक्षाओं में दंडात्मक ब्याज/शुल्क लगाने संबंध में आरई द्वारा भिन्न प्रथाएं जिनसे ग्राहकों में शिकायतें और विवाद उत्पन्न होते हैं के उदाहरण मिले हैं।

3. ऋणों पर दंडात्मक ब्याज/शुल्क वसूलने के लिए आरई द्वारा अपनाई गई प्रथाओं की समीक्षा करने पर, अपनाए जाने हेतु निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए हैं: -

(i) उधारकर्ता द्वारा ऋण अनुबंध के महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों का अनुपालन न करने पर कोई दंड, यदि लगाया जाता है, तो उसे 'दंडात्मक शुल्क' के रूप में माना जाएगा, और इसे 'दंडात्मक ब्याज' के रूप में नहीं लगाया जाएगा, जो अग्रिमों पर लगाए गए ब्याज की दर में जोड़ा जाता है। दंडात्मक शुल्कों का कोई पूंजीकरण नहीं किया जाएगा अर्थात ऐसे शुल्कों पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लिया जाएगा। हालाँकि, इससे ऋण खाते में ब्याज चक्रवृद्धि की सामान्य प्रक्रियाएँ प्रभावित नहीं होंगी।

(ii) आरई द्वारा ब्याज दर में कोई अतिरिक्त घटक शामिल नहीं किए जाएंगे और इन दिशानिर्देशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

(iii) आरई को दंडात्मक शुल्क अथवा ऋण पर समान शुल्क, चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाए, पर बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति तैयार करनी होगी।

(iv) दंडात्मक शुल्क की मात्रा उचित होगी और किसी विशेष ऋण/उत्पाद श्रेणी के भीतर भेदभाव किए बिना ऋण अनुबंध के महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों के अनुपालन न करने के अनुरूप होगी।

(v) 'व्यक्तिगत उधारकर्ताओं को, व्यवसाय के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए' स्वीकृत किए गए ऋणों के मामले में दंडात्मक शुल्क, महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों के समान गैर-अनुपालन के लिए गैर-व्यक्तिगत उधारकर्ताओं पर लागू दंडात्मक शुल्क से अधिक नहीं होगा।

आरबीआई/2023-24/53
विवि.एमसीएस.आरईसी.28/01.01.001/2023-24

18 अगस्त 2023

सभी वाणिज्यिक बैंक (भुगतान बैंकों को छोड़कर, लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित)
सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
सभी एनबीएफसी (एचएफसी सहित) और
अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्जिम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और एनएबीएफआईडी)

महोदया/ महोदय,

उचित उधार प्रथा - ऋण खातों में दंडात्मक शुल्क

दंडात्मक ब्याज के प्रकटीकरण में तर्कसंगतता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं (आरई) के लिए विभिन्न दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। वर्तमान दिशानिर्देशों के अंतर्गत, ऋण देने वाली संस्थाओं के पास ब्याज की दंडात्मक दरें लगाने के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति तैयार करने की परिचालन स्वायत्तता है। यह पाया गया है कि कई आरई, ऐसी शर्तें जिन पर क्रेडिट सुविधाएं स्वीकृत की गई थीं, उधारकर्ता द्वारा उनकी चूक/गैर-अनुपालन किए जाने के मामले में, लागू ब्याज दरों के अलावा, दंडात्मक ब्याज दरों का प्रयोग कर रही हैं।

2. दंडात्मक ब्याज/शुल्क लगाने का इरादा अनिवार्य रूप से ऋण अनुशासन की भावना निर्माण करना है, न की ऐसे शुल्क ब्याज की अनुबंधित दर से अधिक राजस्व वृद्धि उपकरण के रूप में उपयोग करने के लिए है। हालाँकि, पर्यवेक्षी समीक्षाओं में दंडात्मक ब्याज/शुल्क लगाने संबंध में आरई द्वारा भिन्न प्रथाएं जिनसे ग्राहकों में शिकायतें और विवाद उत्पन्न होते हैं के उदाहरण मिले हैं।

3. ऋणों पर दंडात्मक ब्याज/शुल्क वसूलने के लिए आरई द्वारा अपनाई गई प्रथाओं की समीक्षा करने पर, अपनाए जाने हेतु निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए हैं: -

(i) उधारकर्ता द्वारा ऋण अनुबंध के महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों का अनुपालन न करने पर कोई दंड, यदि लगाया जाता है, तो उसे 'दंडात्मक शुल्क' के रूप में माना जाएगा, और इसे 'दंडात्मक ब्याज' के रूप में नहीं लगाया जाएगा, जो अग्रिमों पर लगाए गए ब्याज की दर में जोड़ा जाता है। दंडात्मक शुल्कों का कोई पूंजीकरण नहीं किया जाएगा अर्थात ऐसे शुल्कों पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लिया जाएगा। हालाँकि, इससे ऋण खाते में ब्याज चक्रवृद्धि की सामान्य प्रक्रियाएँ प्रभावित नहीं होंगी।

(ii) आरई द्वारा ब्याज दर में कोई अतिरिक्त घटक शामिल नहीं किए जाएंगे और इन दिशानिर्देशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

(iii) आरई को दंडात्मक शुल्क अथवा ऋण पर समान शुल्क, चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाए, पर बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति तैयार करनी होगी।

(iv) दंडात्मक शुल्क की मात्रा उचित होगी और किसी विशेष ऋण/उत्पाद श्रेणी के भीतर भेदभाव किए बिना ऋण अनुबंध के महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों के अनुपालन न करने के अनुरूप होगी।

(v) 'व्यक्तिगत उधारकर्ताओं को, व्यवसाय के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए' स्वीकृत किए गए ऋणों के मामले में दंडात्मक शुल्क, महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों के समान गैर-अनुपालन के लिए गैर-व्यक्तिगत उधारकर्ताओं पर लागू दंडात्मक शुल्क से अधिक नहीं होगा।

अगस्त 18, 2023
समान मासिक किस्तों (ईएमआई) आधारित व्यक्तिगत ऋण पर अस्थायी (फ्लोटिंग) ब्याज दर का पुनर्निर्धारण

संदर्भ.संख्या एमपीडी.बीसी.244/07.01.279/2003-04 5 नवंबर 2003 कार्तिक 14, 1925 (सं) सभी प्राथमिक डीलर महोदय प्राथमिक डीलरों की कॉल/नोटिस मनी मार्केट तक पहुंच कृपया गवर्नर के पत्र सं एमपीडी.बीसी.241/07.01.279/2003-04 दिनांक 3 नवंबर 2003 के साथ संलग्न वर्ष 2003-04 के लिए मौद्रिक और ऋण नीति की मध्यावधि समीक्षा पर उनके वक्तव्य के पैराग्राफ 62 और 63 (पैराग्राफ की प्रति संलग्न) देखें। 2. यह पुनर्स्मरण किया जाए कि अप्रैल 2002 के वार्षिक नीति वक्तव्य के बाद, जुलाई 2002 में यह

संदर्भ.संख्या एमपीडी.बीसी.244/07.01.279/2003-04 5 नवंबर 2003 कार्तिक 14, 1925 (सं) सभी प्राथमिक डीलर महोदय प्राथमिक डीलरों की कॉल/नोटिस मनी मार्केट तक पहुंच कृपया गवर्नर के पत्र सं एमपीडी.बीसी.241/07.01.279/2003-04 दिनांक 3 नवंबर 2003 के साथ संलग्न वर्ष 2003-04 के लिए मौद्रिक और ऋण नीति की मध्यावधि समीक्षा पर उनके वक्तव्य के पैराग्राफ 62 और 63 (पैराग्राफ की प्रति संलग्न) देखें। 2. यह पुनर्स्मरण किया जाए कि अप्रैल 2002 के वार्षिक नीति वक्तव्य के बाद, जुलाई 2002 में यह

जून 08, 2023
डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी (डीएलजी) पर दिशानिर्देश

आरबीआई/2023-24/41 विवि.सीआरई.आरईसी.21/21.07.001/2023-24 08 जून, 2023 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक सहित) प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंक; और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (आवास वित्त कंपनियां सहित) महोदया/महोदय डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी (डीएलजी) पर दिशानिर्देश 10 अगस्त, 2022 को जारी आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति “डिजिटल ऋण पर कार्य दल की सिफ़ारिशें – कार्यान्वयन” के अनुबंध-II की धारा सी के पैरा (3.4.3.1) का संदर्भ दिया जाता

आरबीआई/2023-24/41 विवि.सीआरई.आरईसी.21/21.07.001/2023-24 08 जून, 2023 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक सहित) प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंक; और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (आवास वित्त कंपनियां सहित) महोदया/महोदय डिजिटल उधार में डिफॉल्ट लॉस गारंटी (डीएलजी) पर दिशानिर्देश 10 अगस्त, 2022 को जारी आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति “डिजिटल ऋण पर कार्य दल की सिफ़ारिशें – कार्यान्वयन” के अनुबंध-II की धारा सी के पैरा (3.4.3.1) का संदर्भ दिया जाता

जून 08, 2023
समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा

आरबीआई/2023-24/40 विवि.एसटीआर.आरईसी.20/21.04.048/2023-24 08 जून 2023 वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक / राज्य सहकारी बैंक / केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/महोदय, समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं (आरई) को दबावग्रस्त खातों से संबंध

आरबीआई/2023-24/40 विवि.एसटीआर.आरईसी.20/21.04.048/2023-24 08 जून 2023 वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक / राज्य सहकारी बैंक / केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/महोदय, समझौता निपटान और तकनीकी रूप से बट्टे खाते डालने (राइट-ऑफ) के लिए रूपरेखा भारतीय रिज़र्व बैंक ने विनियमित संस्थाओं (आरई) को दबावग्रस्त खातों से संबंध

अप्रैल 11, 2023
हरित जमाराशियों के अंगीकरण हेतु ढांचा

आरबीआई/2023-24/14 विवि.एसएफजी.आरईसी.सं.10/30.01.021/2023-24 11 अप्रैल 2023 लघु वित्त बैंकों सहित सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, स्थानीय क्षेत्र के बैंकों और भुगतान बैंकों को छोड़कर) आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) सहित सभी जमा स्वीकार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) महोदया / महोदय, हरित जमाराशियों के अंगीकरण हेतु ढांचा जलवायु परिवर्तन को 21वीं सदी में वैश्विक समाज और अर्थव्यवस्था के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक माना

आरबीआई/2023-24/14 विवि.एसएफजी.आरईसी.सं.10/30.01.021/2023-24 11 अप्रैल 2023 लघु वित्त बैंकों सहित सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, स्थानीय क्षेत्र के बैंकों और भुगतान बैंकों को छोड़कर) आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) सहित सभी जमा स्वीकार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) महोदया / महोदय, हरित जमाराशियों के अंगीकरण हेतु ढांचा जलवायु परिवर्तन को 21वीं सदी में वैश्विक समाज और अर्थव्यवस्था के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक माना

अप्रैल 03, 2023
मास्टर परिपत्र - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ

भारिबैं/2023-24/12 विवि.एसआईजी.एफ़आईएन.आरईसी 8/26.03.001/2023-24 03 अप्रैल 2023 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदय / महोदया मास्टर परिपत्र - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश/दिशानिर्देश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतित परिपत्र/दिशानिर्देश जारी करता है। इस संबंध में आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ (रिज़र्व बैंक) दिशानिर्देश एवं निदेश, 2003 (23 अप्रैल 2003 की अधिसूचना सं. गैबैंपवि.2/मुमप्र (सीएसएम)-2003 के माध्यम से)

भारिबैं/2023-24/12 विवि.एसआईजी.एफ़आईएन.आरईसी 8/26.03.001/2023-24 03 अप्रैल 2023 सभी आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदय / महोदया मास्टर परिपत्र - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश/दिशानिर्देश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतित परिपत्र/दिशानिर्देश जारी करता है। इस संबंध में आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ (रिज़र्व बैंक) दिशानिर्देश एवं निदेश, 2003 (23 अप्रैल 2003 की अधिसूचना सं. गैबैंपवि.2/मुमप्र (सीएसएम)-2003 के माध्यम से)

दिसंबर 01, 2022
विदेशी क्षेत्राधिकारों एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (आईएफ़एससी) में भारतीय बैंकों तथा अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों (एआईएफ़आई) की सहायक कंपनियों और शाखाओं का परिचालन - वैधानिक/नियामक मानदंडों का अनुपालन

आरबीआई/2022-23/145 विवि.एमआरजी.आरईसी.87/00-00-020/2022-23 01 दिसम्बर 2022 विदेशी क्षेत्राधिकारों एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (आईएफ़एससी) में भारतीय बैंकों तथा अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों (एआईएफ़आई) की सहायक कंपनियों और शाखाओं का परिचालन - वैधानिक/नियामक मानदंडों का अनुपालन जैसा कि आपको विदित है, रिज़र्व बैंक द्वारा दिनांक 1 दिसंबर 2008 के परिपत्र संख्या डीबीओडी.सं.बीपी.बीसी.89/21.04.141/2008-09 और दिनांक 12 मई 2014 के परिपत्र संख्या डीबीओडी.सं.बीपी.बीसी.11

आरबीआई/2022-23/145 विवि.एमआरजी.आरईसी.87/00-00-020/2022-23 01 दिसम्बर 2022 विदेशी क्षेत्राधिकारों एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (आईएफ़एससी) में भारतीय बैंकों तथा अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों (एआईएफ़आई) की सहायक कंपनियों और शाखाओं का परिचालन - वैधानिक/नियामक मानदंडों का अनुपालन जैसा कि आपको विदित है, रिज़र्व बैंक द्वारा दिनांक 1 दिसंबर 2008 के परिपत्र संख्या डीबीओडी.सं.बीपी.बीसी.89/21.04.141/2008-09 और दिनांक 12 मई 2014 के परिपत्र संख्या डीबीओडी.सं.बीपी.बीसी.11

नवंबर 23, 2022
खाता एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के तहत वित्तीय सूचना प्रदाता के रूप में माल और सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) का समावेश

आरबीआई/2022-23/140 विवि.फिन.आरईसी.82/03.10.123/2022-23 23 नवंबर, 2022 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएं महोदया / महोदय, खाता एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के तहत वित्तीय सूचना प्रदाता के रूप में माल और सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) का समावेश कृपया दिनांक 02 सितंबर 2016 के मास्टर निदेश – गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – खाता एग्रीगेटर (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 देखें। 2. एमएसएमई को नकदी प्रवाह आधारित उधार की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि खाता एग्रीगेटर (एए) ढांचे

आरबीआई/2022-23/140 विवि.फिन.आरईसी.82/03.10.123/2022-23 23 नवंबर, 2022 बैंक की सभी विनियमित संस्थाएं महोदया / महोदय, खाता एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के तहत वित्तीय सूचना प्रदाता के रूप में माल और सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) का समावेश कृपया दिनांक 02 सितंबर 2016 के मास्टर निदेश – गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – खाता एग्रीगेटर (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 देखें। 2. एमएसएमई को नकदी प्रवाह आधारित उधार की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि खाता एग्रीगेटर (एए) ढांचे

अक्‍तूबर 11, 2022
एसपीडी द्वारा कार्यकलापों का विविधीकरण – अनुमत गैर-प्रमुख कार्यकलापों की समीक्षा – विवेकपूर्ण विनियम और अन्य अनुदेश

आरबीआई/2022-23/127विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं.73/03.10.117/2022-23 11 अक्तूबर, 2022 सभी स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर (एसपीडी) प्रिय महोदय / महोदया, एसपीडी द्वारा कार्यकलापों का विविधीकरण – अनुमत गैर-प्रमुख कार्यकलापों की समीक्षा – विवेकपूर्ण विनियम और अन्य अनुदेश कृपया 11 अक्टूबर 2022 का परिपत्र डीओआर.फिन.आरईसी.सं.72/03.10.117/2022-23 देखें, जिसमें एसपीडी को अपनी गैर-प्रमुख गतिविधियों के अंतर्गत, विदेशी मुद्रा गतिविधियां करने की अनुमति दी गई है। इस संबंध में, एसपीडी इस परिपत्र म

आरबीआई/2022-23/127विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं.73/03.10.117/2022-23 11 अक्तूबर, 2022 सभी स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर (एसपीडी) प्रिय महोदय / महोदया, एसपीडी द्वारा कार्यकलापों का विविधीकरण – अनुमत गैर-प्रमुख कार्यकलापों की समीक्षा – विवेकपूर्ण विनियम और अन्य अनुदेश कृपया 11 अक्टूबर 2022 का परिपत्र डीओआर.फिन.आरईसी.सं.72/03.10.117/2022-23 देखें, जिसमें एसपीडी को अपनी गैर-प्रमुख गतिविधियों के अंतर्गत, विदेशी मुद्रा गतिविधियां करने की अनुमति दी गई है। इस संबंध में, एसपीडी इस परिपत्र म

अक्‍तूबर 11, 2022
एसपीडी द्वारा कार्यकलापों का विविधीकरण – अनुमत गैर-प्रमुख कार्यकलापों की समीक्षा

आरबीआई/2022-23/126 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं.72/03.10.117/2022-23 11 अक्तूबर, 2022 सभी स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर (एसपीडी) प्रिय महोदय / महोदया, एसपीडी द्वारा कार्यकलापों का विविधीकरण – अनुमत गैर-प्रमुख कार्यकलापों की समीक्षा दिनांक 27 जुलाई 2018 के परिपत्र डीएनबीआर (पीडी) सीसी.सं.094/03.10.001/2018-19 का संदर्भ लें, जिसके अनुसार एसपीडी को उनकी गैर-प्रमुख गतिविधियों के अंतर्गत, समय-समय पर प्रदत्त अनुमति के अनुसार अपने विदेशी संविभाग निवेशक (एफ़पीआई) ग्राहकों को विदेशी मुद्रा

आरबीआई/2022-23/126 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं.72/03.10.117/2022-23 11 अक्तूबर, 2022 सभी स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर (एसपीडी) प्रिय महोदय / महोदया, एसपीडी द्वारा कार्यकलापों का विविधीकरण – अनुमत गैर-प्रमुख कार्यकलापों की समीक्षा दिनांक 27 जुलाई 2018 के परिपत्र डीएनबीआर (पीडी) सीसी.सं.094/03.10.001/2018-19 का संदर्भ लें, जिसके अनुसार एसपीडी को उनकी गैर-प्रमुख गतिविधियों के अंतर्गत, समय-समय पर प्रदत्त अनुमति के अनुसार अपने विदेशी संविभाग निवेशक (एफ़पीआई) ग्राहकों को विदेशी मुद्रा

सितंबर 02, 2022
डिजिटल उधार पर दिशानिर्देश

आरबीआई/2022-23/111 विवि.सीआरई.आरईसी.66/21.07.001/2022-23 02 सितंबर 2022 सभी वाणिज्यिक बैंक, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक; तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय डिजिटल उधार पर दिशानिर्देश 10 अगस्त 2022 की आरबीआई प्रेस विज्ञप्ति "डिजिटल उधार पर कार्य दल की सिफारिशें-कार्यान्वयन" का पैरा 7 देखें। तत्काल कार्यान्वयन के लिए कार्य दल की स्वीकृत सिफारिशों पर विस्तृत दिशा-निर्देश इस परिपत्र के अन

आरबीआई/2022-23/111 विवि.सीआरई.आरईसी.66/21.07.001/2022-23 02 सितंबर 2022 सभी वाणिज्यिक बैंक, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक; तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय डिजिटल उधार पर दिशानिर्देश 10 अगस्त 2022 की आरबीआई प्रेस विज्ञप्ति "डिजिटल उधार पर कार्य दल की सिफारिशें-कार्यान्वयन" का पैरा 7 देखें। तत्काल कार्यान्वयन के लिए कार्य दल की स्वीकृत सिफारिशों पर विस्तृत दिशा-निर्देश इस परिपत्र के अन

अगस्त 12, 2022
वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग - वसूली प्रतिनिधियोंको नियुक्त करने वाली विनियमित संस्थाओं की जिम्मेदारी

आरबीआई/2022-23/108 विवि.ओआरजी.आरईसी.65/21.04.158/2022-23 12 अगस्त 2022 महोदया/ महोदय, वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग - वसूली प्रतिनिधियोंको नियुक्त करने वाली विनियमित संस्थाओं की जिम्मेदारी भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर विनियमित संस्थाओं को सूचित किया है कि आउटसोर्स गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी उनकी ही है और इसलिए, वे वसूली प्रतिनिधियो (इसके बाद ‘प्रतिनिधि' के रूप में संदर्भित) सहित अपने सेवा प्रदाताओं के कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं। 2. यह देखा गया है कि विनियमि

आरबीआई/2022-23/108 विवि.ओआरजी.आरईसी.65/21.04.158/2022-23 12 अगस्त 2022 महोदया/ महोदय, वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग - वसूली प्रतिनिधियोंको नियुक्त करने वाली विनियमित संस्थाओं की जिम्मेदारी भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर विनियमित संस्थाओं को सूचित किया है कि आउटसोर्स गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी उनकी ही है और इसलिए, वे वसूली प्रतिनिधियो (इसके बाद ‘प्रतिनिधि' के रूप में संदर्भित) सहित अपने सेवा प्रदाताओं के कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं। 2. यह देखा गया है कि विनियमि

अगस्त 11, 2022
अर्हित वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग - विवेकपूर्ण दिशानिर्देशों में संशोधन

आरबीआई/2022-23/107 डीओआर.एमआरजी.आरईसी.64/00-00-005/2022-23 11 अगस्त 2022 महोदय / महोदया, अर्हित वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग - विवेकपूर्ण दिशानिर्देशों में संशोधन कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 मार्च 2021 का परिपत्र डीओआर.सीएपी.51/21.06.201/2020-21 और दिनांक 31 मार्च 2022 का परिपत्र डीओआर.सीएपी.आरईसी.सं.97/21.06.201/2021-22 देखें। 2. वर्तमान में, प्रतिपक्ष ऋण जोखिम के लिए पूंजी आवश्यकताओं की गणना करते समय, निम्नलिखित एक्सपोजर, जहां कहीं अनुमोदित है, को छूट

आरबीआई/2022-23/107 डीओआर.एमआरजी.आरईसी.64/00-00-005/2022-23 11 अगस्त 2022 महोदय / महोदया, अर्हित वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग - विवेकपूर्ण दिशानिर्देशों में संशोधन कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 30 मार्च 2021 का परिपत्र डीओआर.सीएपी.51/21.06.201/2020-21 और दिनांक 31 मार्च 2022 का परिपत्र डीओआर.सीएपी.आरईसी.सं.97/21.06.201/2021-22 देखें। 2. वर्तमान में, प्रतिपक्ष ऋण जोखिम के लिए पूंजी आवश्यकताओं की गणना करते समय, निम्नलिखित एक्सपोजर, जहां कहीं अनुमोदित है, को छूट

मई 02, 2022
एनबीएफसी की जमाराशियों के लिए न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग की समीक्षा

आरबीआई/2022-23/37 विव.एफआईएन.आरईसी.सं.30/03.10.001/2022-23 02 मई 2022 जमाराशि स्वीकार करने वाली सभी एनबीएफसी (जमाराशि स्वीकार करने वाली एचएफसी सहित) महोदय/महोदया, एनबीएफसी की जमाराशियों के लिए न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग की समीक्षा कृपया मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – जनता की जमाराशियों को स्वीकार करने संबंधी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 के पैरा 9 का संदर्भ लें जिसमें एनबीएफसी द्वारा जनता की जमाराशियों को स्वीकार करने के उद्देश्य से अनुमोदित क्रेडि

आरबीआई/2022-23/37 विव.एफआईएन.आरईसी.सं.30/03.10.001/2022-23 02 मई 2022 जमाराशि स्वीकार करने वाली सभी एनबीएफसी (जमाराशि स्वीकार करने वाली एचएफसी सहित) महोदय/महोदया, एनबीएफसी की जमाराशियों के लिए न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग की समीक्षा कृपया मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – जनता की जमाराशियों को स्वीकार करने संबंधी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 के पैरा 9 का संदर्भ लें जिसमें एनबीएफसी द्वारा जनता की जमाराशियों को स्वीकार करने के उद्देश्य से अनुमोदित क्रेडि

अप्रैल 21, 2022
उधारकर्ताओं के लिए विधिक इकाई पहचानकर्ता (एलईआई)

भारिबैं/2022-23/34 विवि.सीआरई.आरईसी.28/21.04.048/2022-23 21 अप्रैल 2022 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर), अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान, लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय, उधारकर्ताओं के लिए विधिक इकाई पहचानकर्ता (एलईआई) कृपया उक्त विषय पर दिनांक 02 नवंबर 2017 के बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.92/21.04.048/2017-18 का पैरा 3 देखें। 2. समीक्षा कर

भारिबैं/2022-23/34 विवि.सीआरई.आरईसी.28/21.04.048/2022-23 21 अप्रैल 2022 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर), अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान, लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक, प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक, और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय, उधारकर्ताओं के लिए विधिक इकाई पहचानकर्ता (एलईआई) कृपया उक्त विषय पर दिनांक 02 नवंबर 2017 के बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.92/21.04.048/2017-18 का पैरा 3 देखें। 2. समीक्षा कर

अप्रैल 21, 2022
अपडेट हो गया है: 3 Jul, 2024
मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022 (07 मार्च 2024 को अद्यतन किया गया)

आरबीआई/2022-23/92 विवि.एयूटी.आरईसी.सं.27/24.01.041/2022-23 21 अप्रैल 2022 मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022 बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए तथा धारा 56 और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1

आरबीआई/2022-23/92 विवि.एयूटी.आरईसी.सं.27/24.01.041/2022-23 21 अप्रैल 2022 मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022 बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए तथा धारा 56 और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1

अप्रैल 01, 2022
मास्टर परिपत्र - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ (12 अगस्त 2022 को अद्यतन किया गया)

भारिबैं/2022-23/03 विवि.एसआईजी.एफ़आईएन.आरईसी 1/26.03.001/2022-23 1 अप्रैल 2022 (12 अगस्त 2022 को अद्यतन किया गया) सभी संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदय / महोदया मास्टर परिपत्र - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश/दिशानिर्देश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतित परिपत्र/दिशानिर्देश जारी करता है। इस संबंध में आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ (रिज़र्व बैंक) दिशानिर्देश एवं निदेश, 2003 (23 अप्रैल 2003 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.2

भारिबैं/2022-23/03 विवि.एसआईजी.एफ़आईएन.आरईसी 1/26.03.001/2022-23 1 अप्रैल 2022 (12 अगस्त 2022 को अद्यतन किया गया) सभी संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदय / महोदया मास्टर परिपत्र - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश/दिशानिर्देश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतित परिपत्र/दिशानिर्देश जारी करता है। इस संबंध में आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ (रिज़र्व बैंक) दिशानिर्देश एवं निदेश, 2003 (23 अप्रैल 2003 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.2

मार्च 31, 2022
अर्हित वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग - विवेकपूर्ण दिशानिर्देशों में संशोधन

आरबीआई/2021-22/189 डीओआर.सीएपी.आरईसी.सं.97/21.06.201/2021-22 31 मार्च 2022 महोदय/महोदया अर्हित वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग - विवेकपूर्ण दिशानिर्देशों में संशोधन अर्हित वित्तीय संविदाएं द्विपक्षीय नेटिंग अधिनियम, 2020 (इसके बाद "अधिनियम" के रूप में संदर्भित), को भारत सरकार द्वारा दिनांक 1 अक्तूबर 2020 के राजपत्र अधिसूचना संख्या एस.ओ. 3463 (ई) द्वारा अधिसूचित किया गया है। अधिनियम अर्हित वित्तीय संविदाओं (क्यूएफसी) के द्विपक्षीय नेटिंग की प्रवर्तनीयता के लिए एक

आरबीआई/2021-22/189 डीओआर.सीएपी.आरईसी.सं.97/21.06.201/2021-22 31 मार्च 2022 महोदय/महोदया अर्हित वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग - विवेकपूर्ण दिशानिर्देशों में संशोधन अर्हित वित्तीय संविदाएं द्विपक्षीय नेटिंग अधिनियम, 2020 (इसके बाद "अधिनियम" के रूप में संदर्भित), को भारत सरकार द्वारा दिनांक 1 अक्तूबर 2020 के राजपत्र अधिसूचना संख्या एस.ओ. 3463 (ई) द्वारा अधिसूचित किया गया है। अधिनियम अर्हित वित्तीय संविदाओं (क्यूएफसी) के द्विपक्षीय नेटिंग की प्रवर्तनीयता के लिए एक

मार्च 14, 2022
अपडेट हो गया है: 10 Oct, 2024
मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (सूक्ष्मवित्त ऋणों के लिए विनियामकीय ढांचा) निदेश, 2022 (10 अक्टूबर 2024 को अद्यतन किया गया)

आरबीआई/विवि/2021-22/89
विवि.एफआईएन.आरईसी.95/03.10.038/2021-22

14 मार्च 2022
(10 अक्टूबर 2024 को अद्यतन किया गया)
(25 जुलाई 2022 को अद्यतन किया गया)

सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंकों सहित,
स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) भुगतान बैंकों को छोड़कर
सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक / राज्य सहकारी बैंक /
जिला केंद्रीय सहकारी बैंक
सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (सूक्ष्मवित्त संस्थानों
और आवास वित्त कंपनियों सहित)

आरबीआई/विवि/2021-22/89
विवि.एफआईएन.आरईसी.95/03.10.038/2021-22

14 मार्च 2022
(10 अक्टूबर 2024 को अद्यतन किया गया)
(25 जुलाई 2022 को अद्यतन किया गया)

सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंकों सहित,
स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) भुगतान बैंकों को छोड़कर
सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक / राज्य सहकारी बैंक /
जिला केंद्रीय सहकारी बैंक
सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (सूक्ष्मवित्त संस्थानों
और आवास वित्त कंपनियों सहित)

फ़रवरी 10, 2022
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Master Circular - Asset Reconstruction Companies
RBI/2021-22/154 DOR.SIG.FIN.REC 84/26.03.001/2021-22 Febraury 10, 2022 All Asset Reconstruction Companies Dear Sir/Madam, Master Circular - Asset Reconstruction Companies In order to have all current instructions/guidelines on the subject at one place, the Reserve Bank of India issues updated circulars/guidelines. The instructions contained in The Asset Reconstruction Companies (Reserve Bank) Guidelines and Directions, 2003 (vide Notification No.DNBS.2/CGM(CSM)-2003,
RBI/2021-22/154 DOR.SIG.FIN.REC 84/26.03.001/2021-22 Febraury 10, 2022 All Asset Reconstruction Companies Dear Sir/Madam, Master Circular - Asset Reconstruction Companies In order to have all current instructions/guidelines on the subject at one place, the Reserve Bank of India issues updated circulars/guidelines. The instructions contained in The Asset Reconstruction Companies (Reserve Bank) Guidelines and Directions, 2003 (vide Notification No.DNBS.2/CGM(CSM)-2003,
नवंबर 12, 2021
आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और अग्रिमों से संबंधित प्रावधानीकरण पर विवेकपूर्ण मानदंड - स्पष्टीकरण

भा.रि.बैंक/2021-2022/125 विवि.एसटीआर.आरईसी.68/21.04.048/2021-22 12 नवंबर, 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंकों, स्थानीय क्षेत्र बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित) भुगतान बैंकों को छोड़कर सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/जिला केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्जिम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी और सिडबी) सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/महोदय, आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और अग्रिमों से संबंधित प्राव

भा.रि.बैंक/2021-2022/125 विवि.एसटीआर.आरईसी.68/21.04.048/2021-22 12 नवंबर, 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंकों, स्थानीय क्षेत्र बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित) भुगतान बैंकों को छोड़कर सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/जिला केंद्रीय सहकारी बैंक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्जिम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी और सिडबी) सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/महोदय, आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और अग्रिमों से संबंधित प्राव

अक्‍तूबर 22, 2021
स्केल आधारित विनियमन (एसबीआर): एनबीएफसी के लिए संशोधित नियामक ढांचा

भारिबैं/2021-22/112 विवि.सीआरई.आरईसी.सं.60/03.10.001/2021-22 22 अक्तूबर 2021 सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, स्केल आधारित विनियमन (एसबीआर): एनबीएफसी के लिए संशोधित नियामक ढांचा वास्तविक आर्थिक गतिविधियों का समर्थन करने और बैंकों के साथ ऋण मध्यस्थता के पूरक चैनल के रूप में भूमिका निभाने के लिए एनबीएफसी का योगदान बड़े पैमाने पर मान्यता प्राप्त है । इन वर्षों में, इस क्षेत्र में वित्तीय क्षेत्र के भीतर आकार, जटिलता और परस्पर जुड़ाव के मामले में काफी विकास ह

भारिबैं/2021-22/112 विवि.सीआरई.आरईसी.सं.60/03.10.001/2021-22 22 अक्तूबर 2021 सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, स्केल आधारित विनियमन (एसबीआर): एनबीएफसी के लिए संशोधित नियामक ढांचा वास्तविक आर्थिक गतिविधियों का समर्थन करने और बैंकों के साथ ऋण मध्यस्थता के पूरक चैनल के रूप में भूमिका निभाने के लिए एनबीएफसी का योगदान बड़े पैमाने पर मान्यता प्राप्त है । इन वर्षों में, इस क्षेत्र में वित्तीय क्षेत्र के भीतर आकार, जटिलता और परस्पर जुड़ाव के मामले में काफी विकास ह

सितंबर 24, 2021
अपडेट हो गया है: 5 Dec, 2022
मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (मानक आस्तियों का प्रतिभूतिकरण) निदेश, 2021 (05 दिसंबर 2022 को अद्यतन)

भारिबैं/डीओआर/2021-22/85 डीओआर.एसटीआर.आरईसी.53/21.04.177/2021-22 24 सितंबर 2021 (05 दिसंबर 2022 को अद्यतन) सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंकों सहित किन्तु क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर); सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (नाब

भारिबैं/डीओआर/2021-22/85 डीओआर.एसटीआर.आरईसी.53/21.04.177/2021-22 24 सितंबर 2021 (05 दिसंबर 2022 को अद्यतन) सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंकों सहित किन्तु क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर); सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (नाब

सितंबर 24, 2021
अपडेट हो गया है: 28 Dec, 2023
मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण एक्सपोजर का हस्तांतरण) निदेश, 2021 (28 दिसंबर 2023 को अद्यतन किया गया)

आरबीआई/डीओआर/2021-22/86 डीओआर.एसटीआर.आरईसी.51/21.04.048/2021-22 24 सितंबर, 2021 (05 दिसंबर 2022 को अद्यतन किया गया) सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/

आरबीआई/डीओआर/2021-22/86 डीओआर.एसटीआर.आरईसी.51/21.04.048/2021-22 24 सितंबर, 2021 (05 दिसंबर 2022 को अद्यतन किया गया) सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/

जुलाई 29, 2021
एचएफसी की जमाओं की रेटिंग - अनुमोदित क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां और न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग

भारिबैं/2021-22/74 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं.34/03.10.136/2021-22 29 जुलाई, 2021 जमाराशि स्वीकार करने वाली सभी आवास वित्त कंपनियाँ (HFCs) महोदया/महोदय, एचएफसी की जमाओं की रेटिंग - अनुमोदित क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां और न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – आवास वित्त कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021 के पैरा 25.2 का संदर्भ ग्रहण करें, जिसमें जनता की जमाराशियों को स्वीकार करने के उद्देश्य से पांच अनुमोदित क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के नाम औ

भारिबैं/2021-22/74 विवि.एफ़आईएन.आरईसी.सं.34/03.10.136/2021-22 29 जुलाई, 2021 जमाराशि स्वीकार करने वाली सभी आवास वित्त कंपनियाँ (HFCs) महोदया/महोदय, एचएफसी की जमाओं की रेटिंग - अनुमोदित क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां और न्यूनतम निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – आवास वित्त कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021 के पैरा 25.2 का संदर्भ ग्रहण करें, जिसमें जनता की जमाराशियों को स्वीकार करने के उद्देश्य से पांच अनुमोदित क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के नाम औ

जून 04, 2021
समाधान ढांचा - 2.0: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के कोविड -19 संबंधित दबाव का निराकरण - समग्र एक्सपोज़र के लिए सीमा में संशोधन

आरबीआई/2021-22/47 विवि.एसटीआर.आरईसी.21/21.04.048/2021-22 4 जून 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय, समाधान ढांचा - 2.0: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के कोविड -19 संबंधित दबाव का निराकरण - समग्र एक्सपोज़र के लिए सीमा में

आरबीआई/2021-22/47 विवि.एसटीआर.आरईसी.21/21.04.048/2021-22 4 जून 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय, समाधान ढांचा - 2.0: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के कोविड -19 संबंधित दबाव का निराकरण - समग्र एक्सपोज़र के लिए सीमा में

जून 04, 2021
समाधान ढांचा - 2.0: व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों के कोविड -19 संबंधित दबाव का समाधान - समग्र एक्सपोज़र के लिए सीमा में संशोधन

भारिबै/2021-22/46 विवि.एसटीआर.आरईसी.20/21.04.048/2021-22 4 जून 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया / महोदय, समाधान ढांचा - 2.0: व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों के कोविड-19 संबंधित दबाव का समाधान - समग्र एक्सपोज़र के लिए सीमा में संशोधन कृपया

भारिबै/2021-22/46 विवि.एसटीआर.आरईसी.20/21.04.048/2021-22 4 जून 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया / महोदय, समाधान ढांचा - 2.0: व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों के कोविड-19 संबंधित दबाव का समाधान - समग्र एक्सपोज़र के लिए सीमा में संशोधन कृपया

मई 31, 2021
आभासी मुद्रा(वी.सी.) में लेन-देन के लिए ग्राहक समुचि‍त सावधानी

आरबीआई/2021-22/45 विवि.एएमएल.आरईसी 18/14.01.001/2021-22 31 मई 2021 सभी वाणिज्यिक और सहकारी बैंक / भुगतान बैंक / लघु वित्त बैंक / एनबीएफसी / भुगतान प्रणाली प्रदाता महोदय, आभासी मुद्रा(वी.सी.) में लेन-देन के लिए ग्राहक समुचि‍त सावधानी मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ बैंकों/विनियमित संस्थाओं ने 06 अप्रैल 2018 के आरबीआई के परिपत्र बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.104/08.13.102/2017-18 का संदर्भ देकर अपने ग्राहकों को आभासी मुद्राओं में लेनदेन के प्रति आगा

आरबीआई/2021-22/45 विवि.एएमएल.आरईसी 18/14.01.001/2021-22 31 मई 2021 सभी वाणिज्यिक और सहकारी बैंक / भुगतान बैंक / लघु वित्त बैंक / एनबीएफसी / भुगतान प्रणाली प्रदाता महोदय, आभासी मुद्रा(वी.सी.) में लेन-देन के लिए ग्राहक समुचि‍त सावधानी मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ बैंकों/विनियमित संस्थाओं ने 06 अप्रैल 2018 के आरबीआई के परिपत्र बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.104/08.13.102/2017-18 का संदर्भ देकर अपने ग्राहकों को आभासी मुद्राओं में लेनदेन के प्रति आगा

मई 24, 2021
राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) के साथ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी) का समामेलन - दिशानिर्देश

आरबीआई/2021-22/42 DOR.RUR.REC.No.17/19.51.007/2021-22 मई 24, 2021 सभी राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय / महोदया, राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) के साथ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी) का समामेलन - दिशानिर्देश भारत सरकार द्वारा दिनांक 23 दिसंबर 2020 को जारी अधिसूचना के तहत 1 अप्रैल 2021 से राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए बैंकिंग विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 (2020 का 39) अधिसूचित किया गया। अधिसूचना के जारी होने से, उपरोक्त बैंकों के समाम

आरबीआई/2021-22/42 DOR.RUR.REC.No.17/19.51.007/2021-22 मई 24, 2021 सभी राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंक महोदय / महोदया, राज्य सहकारी बैंक (एसटीसीबी) के साथ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (डीसीसीबी) का समामेलन - दिशानिर्देश भारत सरकार द्वारा दिनांक 23 दिसंबर 2020 को जारी अधिसूचना के तहत 1 अप्रैल 2021 से राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए बैंकिंग विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 (2020 का 39) अधिसूचित किया गया। अधिसूचना के जारी होने से, उपरोक्त बैंकों के समाम

मई 05, 2021
संकल्प ढांचा 2.0 – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के कोविड-19 संबन्धित दबाव का निराकरण

आरबीआई/2021-22/32 विवि.एसटीआर.आरईसी.12/21.04.048/2021-22 5 मई 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/ राज्य सहकारी बैंक/ जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवासीय वित्त कंपनियां सहित) महोदया/ महोदय संकल्प ढांचा 2.0 – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के कोविड-19 संबन्धित दबाव का निराकरण कृपया सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्य

आरबीआई/2021-22/32 विवि.एसटीआर.आरईसी.12/21.04.048/2021-22 5 मई 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/ राज्य सहकारी बैंक/ जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवासीय वित्त कंपनियां सहित) महोदया/ महोदय संकल्प ढांचा 2.0 – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के कोविड-19 संबन्धित दबाव का निराकरण कृपया सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्य

मई 05, 2021
समाधान ढांचा - 2.0: व्यक्तिगत और छोटे व्यवसायों के कोविड-19 संबंधित दबाव का समाधान

भारिबैं/2021-22/31 विवि.एसटीआर.आरईसी.11/21.04.048/2021-22 05 मई 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/ राज्य सहकारी बैंक/ जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय समाधान ढांचा - 2.0: व्यक्तिगत और छोटे व्यवसायों के कोविड-19 संबंधित दबाव का समाधान भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 06 अगस्त 2020 को "क

भारिबैं/2021-22/31 विवि.एसटीआर.आरईसी.11/21.04.048/2021-22 05 मई 2021 सभी वाणिज्यिक बैंक (लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित) सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक/ राज्य सहकारी बैंक/ जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक सभी अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएं सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (आवास वित्त कंपनियों सहित) महोदया/ महोदय समाधान ढांचा - 2.0: व्यक्तिगत और छोटे व्यवसायों के कोविड-19 संबंधित दबाव का समाधान भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 06 अगस्त 2020 को "क

फ़रवरी 17, 2021
अपडेट हो गया है: 20 Jun, 2023
मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – आवास वित्त कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2021

RBI/2020-21/73 DOR.FIN.HFC.CC.No.120/03.10.136/2020-21 February 17, 2021 (Updated as on May 05, 2025) (Updated as on October 10, 2024*) (Updated as on March 21, 2024*) (Updated as on December 15, 2023*) (Updated as on October 19, 2023*) (Updated as on August 29, 2023*) (Updated as on June 20, 2023*) (Updated as on December 27, 2022*) (Updated as on September 29, 2022*) (Updated as on August 17, 2022*) (Updated as on July 22, 2022*) (Updated as on June 14, 2022*) (Updated as on April 22, 2022*) (Updated as on April 01, 2022*) (Updated as on December 28, 2021*) (Updated as on October 05, 2021*) (Updated as on August 25, 2021*) (Updated as on July 29, 2021*) Master Direction – Non-Banking Financial Company – Housing Finance Company (Reserve Bank) Directions, 2021 The Reserve Bank of India (the Bank), having considered it necessary in the public interest, and being satisfied that, for the purpose of enabling the Bank to regulate the financial system to the advantage of the country and to prevent the affairs of any Housing Finance Company (HFCs) from being conducted in a manner detrimental to the interest of investors and depositors or in any manner prejudicial to the interest of such HFCs, and in exercise of the powers conferred under sections 45L and 45MA of the Reserve Bank of India Act, 1934 and Sections 30, 30A, 32 and 33 of the National Housing Bank Act, 1987, hereby issues to every HFC, in supersession of the regulations/ directions as given in Chapter XVII of these directions, the Non-Banking Financial Company – Housing Finance Company (Reserve Bank) Directions, 2021 hereinafter specified.

RBI/2020-21/73 DOR.FIN.HFC.CC.No.120/03.10.136/2020-21 February 17, 2021 (Updated as on May 05, 2025) (Updated as on October 10, 2024*) (Updated as on March 21, 2024*) (Updated as on December 15, 2023*) (Updated as on October 19, 2023*) (Updated as on August 29, 2023*) (Updated as on June 20, 2023*) (Updated as on December 27, 2022*) (Updated as on September 29, 2022*) (Updated as on August 17, 2022*) (Updated as on July 22, 2022*) (Updated as on June 14, 2022*) (Updated as on April 22, 2022*) (Updated as on April 01, 2022*) (Updated as on December 28, 2021*) (Updated as on October 05, 2021*) (Updated as on August 25, 2021*) (Updated as on July 29, 2021*) Master Direction – Non-Banking Financial Company – Housing Finance Company (Reserve Bank) Directions, 2021 The Reserve Bank of India (the Bank), having considered it necessary in the public interest, and being satisfied that, for the purpose of enabling the Bank to regulate the financial system to the advantage of the country and to prevent the affairs of any Housing Finance Company (HFCs) from being conducted in a manner detrimental to the interest of investors and depositors or in any manner prejudicial to the interest of such HFCs, and in exercise of the powers conferred under sections 45L and 45MA of the Reserve Bank of India Act, 1934 and Sections 30, 30A, 32 and 33 of the National Housing Bank Act, 1987, hereby issues to every HFC, in supersession of the regulations/ directions as given in Chapter XVII of these directions, the Non-Banking Financial Company – Housing Finance Company (Reserve Bank) Directions, 2021 hereinafter specified.

फ़रवरी 12, 2021
एफ़एटीएफ़ गैर-अनुपालित क्षेत्राधिकारों से एनबीएफ़सी में निवेश

भारिबैं/2020-2021/97 विवि.केंका.एलआईसी.कंपरि.सं.119/03.10.001/2020-21 12 फरवरी 2021 सेवा में सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (आवास वित्त कंपनियों सहित) और आस्ति पुनर्संरचना कंपनियों सहित महोदया/महोदय, एफ़एटीएफ़ गैर-अनुपालित क्षेत्राधिकारों से एनबीएफ़सी में निवेश वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) समय-समय पर अपने निम्नलिखित प्रकाशनों में धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण (एएमएल/सीएफटी) से निपटने के लिए कमजोर उपायों वाले क्षेत्राधिकारों की पहचान करता है: i) कार्रवाई के अधीन उ

भारिबैं/2020-2021/97 विवि.केंका.एलआईसी.कंपरि.सं.119/03.10.001/2020-21 12 फरवरी 2021 सेवा में सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (आवास वित्त कंपनियों सहित) और आस्ति पुनर्संरचना कंपनियों सहित महोदया/महोदय, एफ़एटीएफ़ गैर-अनुपालित क्षेत्राधिकारों से एनबीएफ़सी में निवेश वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) समय-समय पर अपने निम्नलिखित प्रकाशनों में धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण (एएमएल/सीएफटी) से निपटने के लिए कमजोर उपायों वाले क्षेत्राधिकारों की पहचान करता है: i) कार्रवाई के अधीन उ

अगस्त 13, 2020
मूल निवेश कंपनियों के लिए दिशा-निर्देशों की समीक्षा

भारिबैं/2020-21/24 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.117/03.10.001/2020-21 13 अगस्त 2020 सभी मूल निवेश कंपनियां(सीआईसी) महोदया/महोदय, मूल निवेश कंपनियों के लिए दिशा-निर्देशों की समीक्षा भारत सरकार के कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के पूर्व सचिव श्री तपन रे की अध्यक्षता में गठित मूल निवेश कंपनियों (सीआईसी) के लिए नियामक और पर्यवेक्षी ढांचे की समीक्षा करने वाली कार्यदल (डब्ल्यूजी) की रिपोर्ट का संदर्भ ग्रहण करें। कार्यदल (डब्ल्यूजी) की रिपोर्ट को नवंबर 2018 में सार्वजनिक रूप से

भारिबैं/2020-21/24 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.117/03.10.001/2020-21 13 अगस्त 2020 सभी मूल निवेश कंपनियां(सीआईसी) महोदया/महोदय, मूल निवेश कंपनियों के लिए दिशा-निर्देशों की समीक्षा भारत सरकार के कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के पूर्व सचिव श्री तपन रे की अध्यक्षता में गठित मूल निवेश कंपनियों (सीआईसी) के लिए नियामक और पर्यवेक्षी ढांचे की समीक्षा करने वाली कार्यदल (डब्ल्यूजी) की रिपोर्ट का संदर्भ ग्रहण करें। कार्यदल (डब्ल्यूजी) की रिपोर्ट को नवंबर 2018 में सार्वजनिक रूप से

जुलाई 24, 2020
भारतीय लेखांकन मानकों का कार्यान्वयन

भारिबैं/2020-21/15 विवि.(गैबैंविक).कंपरि.नीप्र.सं.116/22.10.106/2020-21 24 जुलाई 2020 सेवा में भारतीय लेखांकन मानकों को अपनाने वाली सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ और आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदया/महोदय, भारतीय लेखांकन मानकों का कार्यान्वयन कृपया शीर्षांकित विषय पर दिनांक 13 मार्च 2020 के हमारे परिपत्र विवि.(गैबैंविक).कंपरि.नीप्र.सं.109/22.10.106/2019-20 के अनुलग्नक के पैरा 3 का संदर्भ ग्रहण करें, जिसके अनुसार वित्तीय साधनों के उचित मूल्यांकन पर उत्पन्न होने वाल

भारिबैं/2020-21/15 विवि.(गैबैंविक).कंपरि.नीप्र.सं.116/22.10.106/2020-21 24 जुलाई 2020 सेवा में भारतीय लेखांकन मानकों को अपनाने वाली सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ और आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदया/महोदय, भारतीय लेखांकन मानकों का कार्यान्वयन कृपया शीर्षांकित विषय पर दिनांक 13 मार्च 2020 के हमारे परिपत्र विवि.(गैबैंविक).कंपरि.नीप्र.सं.109/22.10.106/2019-20 के अनुलग्नक के पैरा 3 का संदर्भ ग्रहण करें, जिसके अनुसार वित्तीय साधनों के उचित मूल्यांकन पर उत्पन्न होने वाल

जुलाई 10, 2020
एनबीएफसी के रूप में पंजीकरण से छूट - वैकल्पिक निवेश निधि (एआईएफ)

भारिबैं/2020-21/12 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.115/03.10.001/2020-21 10 जुलाई 2020 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफ़सी) महोदया/महोदय, एनबीएफसी के रूप में पंजीकरण से छूट - वैकल्पिक निवेश निधि (एआईएफ) भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों से छूट पर दिनांक 25 अगस्त, 2016 को जारी मास्टर निदेश के पैरा 5 का संदर्भ ग्रहण करें। प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 के अधिनियम 15) की धारा 12 के अंतर्गत पंजीकरण प्रमाण पत्र धारण करने और जनता से जमाराशि

भारिबैं/2020-21/12 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.115/03.10.001/2020-21 10 जुलाई 2020 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफ़सी) महोदया/महोदय, एनबीएफसी के रूप में पंजीकरण से छूट - वैकल्पिक निवेश निधि (एआईएफ) भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों से छूट पर दिनांक 25 अगस्त, 2016 को जारी मास्टर निदेश के पैरा 5 का संदर्भ ग्रहण करें। प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 के अधिनियम 15) की धारा 12 के अंतर्गत पंजीकरण प्रमाण पत्र धारण करने और जनता से जमाराशि

जुलाई 06, 2020
लेखा परीक्षित खातों को अंतिम रूप देने के लिए समय-सीमा को आगे बढ़ाना

भारिबैं/2020-21/11 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं. 114/03.10.001/2020-21 06 जुलाई 2020 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफ़सी) महोदया/महोदय, लेखा परीक्षित खातों को अंतिम रूप देने के लिए समय-सीमा को आगे बढ़ाना कृपया मास्टर निदेश- प्रणालीगत महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली कंपनी तथा जमाराशि स्वीकार करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 एवं मास्टर निदेश- गैर-प्रणालीगत महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016, के पैरा 18 (2)

भारिबैं/2020-21/11 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं. 114/03.10.001/2020-21 06 जुलाई 2020 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफ़सी) महोदया/महोदय, लेखा परीक्षित खातों को अंतिम रूप देने के लिए समय-सीमा को आगे बढ़ाना कृपया मास्टर निदेश- प्रणालीगत महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली कंपनी तथा जमाराशि स्वीकार करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 एवं मास्टर निदेश- गैर-प्रणालीगत महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016, के पैरा 18 (2)

मार्च 13, 2020
भारतीय लेखांकन मानकों का कार्यान्वयन

भारिबैं/2019-20/170 विवि.(गैबैंविक).कंपरि.नीप्र.सं.109/22.10.106/2019-20 13 मार्च 2020 भारतीय लेखांकन मानकों को अपनाने वाली सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ और आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदया/महोदय, भारतीय लेखांकन मानकों का कार्यान्वयन कंपनी अधिनियम (भारतीय लेखांकन मानक) नियम 2015 के नियम 4 के अंतर्गत शामिल गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) को अपने वित्तीय विवरण तैयार करने के लिए भारतीय लेखांकन मानकों (इंड एएस) को अपनाया है। उच्च गुणवत्ता और एकसमान कार्यान्वय

भारिबैं/2019-20/170 विवि.(गैबैंविक).कंपरि.नीप्र.सं.109/22.10.106/2019-20 13 मार्च 2020 भारतीय लेखांकन मानकों को अपनाने वाली सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ और आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ महोदया/महोदय, भारतीय लेखांकन मानकों का कार्यान्वयन कंपनी अधिनियम (भारतीय लेखांकन मानक) नियम 2015 के नियम 4 के अंतर्गत शामिल गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) को अपने वित्तीय विवरण तैयार करने के लिए भारतीय लेखांकन मानकों (इंड एएस) को अपनाया है। उच्च गुणवत्ता और एकसमान कार्यान्वय

दिसंबर 31, 2019
प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट को आगे बढ़ाना

भारिबैं/2019-20/131 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.107/03.10.001/2019-20 31 दिसंबर 2019 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ महोदया/महोदय प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट को आगे बढ़ाना कृपया “प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट” विषय पर 29 नवम्बर 2018 के परिपत्र विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं. 95/03.10.001/2018-19 तथा छूट की तिथि को 31 दिसंबर 2019 तक आगे बढ़ाने संबंधी दिनांक 29 मई 2019 के परिपत्र संख्या विवि.गैबैंविक(नीप्र)

भारिबैं/2019-20/131 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.107/03.10.001/2019-20 31 दिसंबर 2019 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ महोदया/महोदय प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट को आगे बढ़ाना कृपया “प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट” विषय पर 29 नवम्बर 2018 के परिपत्र विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं. 95/03.10.001/2018-19 तथा छूट की तिथि को 31 दिसंबर 2019 तक आगे बढ़ाने संबंधी दिनांक 29 मई 2019 के परिपत्र संख्या विवि.गैबैंविक(नीप्र)

दिसंबर 23, 2019
मास्टर निदेश की समीक्षा- गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017

भा.रि.बैं/2019-20/121 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.106/03.10.124/2019-20 23 दिसंबर 2019 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म महोदया/महोदय, मास्टर निदेश की समीक्षा- गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017 कृपया 04 अक्तूबर 2019 को जारी मास्टर निदेश- गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017 के पैराग्राफ 7 तथा 9 का संदर्भ लें। 2. समीक्षा के पश्चात यह नि

भा.रि.बैं/2019-20/121 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.106/03.10.124/2019-20 23 दिसंबर 2019 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म महोदया/महोदय, मास्टर निदेश की समीक्षा- गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017 कृपया 04 अक्तूबर 2019 को जारी मास्टर निदेश- गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी – पीयर टू पीयर लेंडिंग प्लेटफॉर्म (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2017 के पैराग्राफ 7 तथा 9 का संदर्भ लें। 2. समीक्षा के पश्चात यह नि

नवंबर 11, 2019
आवास वित्त संस्थानों को दी गई छूट को वापस लिया जाना

भारिबैं/2019-20/98 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.105/03.10.136/2019-20 11 नवंबर 2019 सभी आवास वित्त कंपनियाँ महोदया/महोदय, आवास वित्त संस्थानों को दी गई छूट को वापस लिया जाना कृपया हमारे मास्टर निदेश- आरबीआई अधिनियम, 1934 के प्रावधानों से छूट के पैरा 1 का संदर्भ ग्रहण करें। 2. राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 2 के खंड (डी) के तहत परिभाषित आवास वित्त संस्थानों को वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के अध्याय IIIB के प्रावधानों से छूट दी गई है। समीक्षा

भारिबैं/2019-20/98 विवि.गैबैंविक(नीप्र)कंपरि.सं.105/03.10.136/2019-20 11 नवंबर 2019 सभी आवास वित्त कंपनियाँ महोदया/महोदय, आवास वित्त संस्थानों को दी गई छूट को वापस लिया जाना कृपया हमारे मास्टर निदेश- आरबीआई अधिनियम, 1934 के प्रावधानों से छूट के पैरा 1 का संदर्भ ग्रहण करें। 2. राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 2 के खंड (डी) के तहत परिभाषित आवास वित्त संस्थानों को वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के अध्याय IIIB के प्रावधानों से छूट दी गई है। समीक्षा

मई 29, 2019
प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट को आगे बढ़ाना

भारिबैं/2018-19/191 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.100/03.10.001/2018-19 29 मई 2019 सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट को आगे बढ़ाना कॄपया “प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट” विषय पर 29 नवंबर 2018 को जारी परिपत्र संख्या गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.95/03.10.001/2018-19 का संदर्भ ग्रहण करें। 2. एक समीक्षा के उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि उक्त के माध्यम से प्रदत्त छूट को 31 दिसं

भारिबैं/2018-19/191 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.100/03.10.001/2018-19 29 मई 2019 सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट को आगे बढ़ाना कॄपया “प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट” विषय पर 29 नवंबर 2018 को जारी परिपत्र संख्या गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.95/03.10.001/2018-19 का संदर्भ ग्रहण करें। 2. एक समीक्षा के उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि उक्त के माध्यम से प्रदत्त छूट को 31 दिसं

फ़रवरी 22, 2019
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के प्रति एक्सपोजर के लिए जोखिम भार

भारिबै/2018-19/126 बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.25/21.06.001/2018-19 22 फरवरी 2019 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अतिरिक्त), लघु वित्त बैंक महोदय/महोदया गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के प्रति एक्सपोजर के लिए जोखिम भार कृपया बासल III पूंजी विनियमन पर दिनांक 1 जुलाई 2015 के मास्टर परिपत्र के पैरा 5.8 और पैरा 5.13.5 का संदर्भ लें। वर्तमान में आस्ति वित्तपोषण कंपनियों (एएफसी), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों - इंफ्रास्ट्रक्चर वित्तपोषण कंपनियों (एनबीएफसी-आईए

भारिबै/2018-19/126 बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.25/21.06.001/2018-19 22 फरवरी 2019 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अतिरिक्त), लघु वित्त बैंक महोदय/महोदया गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के प्रति एक्सपोजर के लिए जोखिम भार कृपया बासल III पूंजी विनियमन पर दिनांक 1 जुलाई 2015 के मास्टर परिपत्र के पैरा 5.8 और पैरा 5.13.5 का संदर्भ लें। वर्तमान में आस्ति वित्तपोषण कंपनियों (एएफसी), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों - इंफ्रास्ट्रक्चर वित्तपोषण कंपनियों (एनबीएफसी-आईए

जनवरी 01, 2019
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र – अग्रिमों की पुनर्रचना

आरबीआई/2018-19/100 बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.18/21.04.048/2018-19 1 जनवरी 2019 भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित सभी बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफ़सी) महोदया/महोदय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र – अग्रिमों की पुनर्रचना 1. कृपया दिनांक 07 फरवरी 2018 का परिपत्र बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.100/21.04.048/2017-18 तथा 06 जून 2018 का बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.108/21.04.048/2017-18 देखें। इस संबंध में, द्बावग्रस्त हो चुके एमएसएमई खातों {एमएसएमई, सूक्ष्म, लघु और म

आरबीआई/2018-19/100 बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.18/21.04.048/2018-19 1 जनवरी 2019 भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित सभी बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफ़सी) महोदया/महोदय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र – अग्रिमों की पुनर्रचना 1. कृपया दिनांक 07 फरवरी 2018 का परिपत्र बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.100/21.04.048/2017-18 तथा 06 जून 2018 का बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.108/21.04.048/2017-18 देखें। इस संबंध में, द्बावग्रस्त हो चुके एमएसएमई खातों {एमएसएमई, सूक्ष्म, लघु और म

नवंबर 29, 2018
प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट

भारिबैं/2018-19/82 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.95/03.10.001/2018-19 29 नवम्बर 2018 सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट कृपया दिनांक 01 सितंबर 2016 को जारी मास्टर निदेश - प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली तथा जमाराशि स्वीकार करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश के पैराग्राफ 102 और दिनांक 01 सितंबर 2016 को जारी मास्टर निदेश - गैर प्रणालीगत महत्वपूर्ण जमाराशि

भारिबैं/2018-19/82 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.95/03.10.001/2018-19 29 नवम्बर 2018 सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदया/महोदय, प्रतिभूतीकरण लेनदेन पर एनबीएफसी के लिए दिशा-निर्देशों में छूट कृपया दिनांक 01 सितंबर 2016 को जारी मास्टर निदेश - प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली तथा जमाराशि स्वीकार करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश के पैराग्राफ 102 और दिनांक 01 सितंबर 2016 को जारी मास्टर निदेश - गैर प्रणालीगत महत्वपूर्ण जमाराशि

नवंबर 02, 2018
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले बॉन्ड के लिए आंशिक ऋण संवर्धन

भारिबै/2018-19/70 बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.7/21.04.142/2018-19 नवंबर 02, 2018 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय/महोदया गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले बॉन्ड के लिए आंशिक ऋण संवर्धन कृपया कॉर्पोरेट बॉन्ड के लिए आंशिक ऋण संवर्धन पर दिनांक 24 सितंबर 2015 का परिपत्र बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.40/21.04.142/2015-16 और उपर्युक्त विषय पर बाद में जारी किए गए अन्य परिपत्र देखें। 2. अब यह निर्णय लिया गया है क

भारिबै/2018-19/70 बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.7/21.04.142/2018-19 नवंबर 02, 2018 सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय/महोदया गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले बॉन्ड के लिए आंशिक ऋण संवर्धन कृपया कॉर्पोरेट बॉन्ड के लिए आंशिक ऋण संवर्धन पर दिनांक 24 सितंबर 2015 का परिपत्र बैंविवि.बीपी.बीसी.सं.40/21.04.142/2015-16 और उपर्युक्त विषय पर बाद में जारी किए गए अन्य परिपत्र देखें। 2. अब यह निर्णय लिया गया है क

जुलाई 27, 2018
स्टैंडएलोन प्राथमिक डीलर्स की गतिविधियों का विविधीकरण – विदेशी मुद्रा कारोबार

भारिबैं/2018-19/27गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.094/03.10.001/2018-19 27 जुलाई 2018 सभी स्टैंडएलोन प्राथमिक डीलर्स महोदया/महोदय स्टैंडएलोन प्राथमिक डीलर्स की गतिविधियों का विविधीकरण – विदेशी मुद्रा कारोबार कृपया वर्ष 2018-19 के द्वितीय द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के एक भाग के रूप में 06 जून 2018 को जारी विकासात्मक और विनियामकीय नीति वक्तव्य के, ‘स्टैंडएलोन प्राथमिक डीलर्स (एसपीडी) की गतिविधियों को विस्तारित करने’ संबंधी पैरा 11 का संदर्भ ग्रहण करें। 2. एसपीडी द्वारा उनक

भारिबैं/2018-19/27गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.094/03.10.001/2018-19 27 जुलाई 2018 सभी स्टैंडएलोन प्राथमिक डीलर्स महोदया/महोदय स्टैंडएलोन प्राथमिक डीलर्स की गतिविधियों का विविधीकरण – विदेशी मुद्रा कारोबार कृपया वर्ष 2018-19 के द्वितीय द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के एक भाग के रूप में 06 जून 2018 को जारी विकासात्मक और विनियामकीय नीति वक्तव्य के, ‘स्टैंडएलोन प्राथमिक डीलर्स (एसपीडी) की गतिविधियों को विस्तारित करने’ संबंधी पैरा 11 का संदर्भ ग्रहण करें। 2. एसपीडी द्वारा उनक

जून 07, 2018
प्रायोजक सीआईसी-एनडीएसआई द्वारा बुनियादी संरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) की इकाइयों में निवेश

आरबीआई/2017-18/189 डीएनबीआर(पीडी)सीसी.सं.093/03.10.001/2017-18 07 जून 2018 सभी प्रणालीगत महत्वपूर्ण मूल निवेश कंपनी (सीआईसी-एनडीएसआई) महोदया/महोदय प्रायोजक सीआईसी-एनडीएसआई द्वारा बुनियादी संरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) की इकाइयों में निवेश इनविट के प्रायोजक के रूप में कार्य करने हेतु प्रणालीगत महत्वपूर्ण मूल निवेश कंपनियों (सीआईसी-एनडीएसआई) को सक्षम बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि सीआईसी-एनडीएसआई को इनविट इकाइयों को केवल धारण करने की अनुमति प्रायोजक के रूप में दी ज

आरबीआई/2017-18/189 डीएनबीआर(पीडी)सीसी.सं.093/03.10.001/2017-18 07 जून 2018 सभी प्रणालीगत महत्वपूर्ण मूल निवेश कंपनी (सीआईसी-एनडीएसआई) महोदया/महोदय प्रायोजक सीआईसी-एनडीएसआई द्वारा बुनियादी संरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) की इकाइयों में निवेश इनविट के प्रायोजक के रूप में कार्य करने हेतु प्रणालीगत महत्वपूर्ण मूल निवेश कंपनियों (सीआईसी-एनडीएसआई) को सक्षम बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि सीआईसी-एनडीएसआई को इनविट इकाइयों को केवल धारण करने की अनुमति प्रायोजक के रूप में दी ज

फ़रवरी 07, 2018
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकृत एमएसएमई उधारकर्ताओं के लिए राहत

भा.रि.बैं./2017-18/129 बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.100/21.04.048/2017-18 07 फरवरी, 2018 भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा विनियमित सभी बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) महोदया/महोदय, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकृत एमएसएमई उधारकर्ताओं के लिए राहत वर्तमान में, भारत में बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) के द्वारा सामान्य तौर पर क्रमशः 90 दिन और 120 दिन के चूक के मानदंड के आधार पर ऋण खाते को अनर्जक आस्ति (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है

भा.रि.बैं./2017-18/129 बैंविवि.सं.बीपी.बीसी.100/21.04.048/2017-18 07 फरवरी, 2018 भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा विनियमित सभी बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) महोदया/महोदय, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकृत एमएसएमई उधारकर्ताओं के लिए राहत वर्तमान में, भारत में बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) के द्वारा सामान्य तौर पर क्रमशः 90 दिन और 120 दिन के चूक के मानदंड के आधार पर ऋण खाते को अनर्जक आस्ति (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है

अगस्त 14, 2017
पात्र क्रेडिट रेटिंग एजेंसी – इंफोमेरिक्स वैल्युएशन एंड रेटिंग प्राइवेट लिमिटेड (आईवीआरपीएल)

भारिबैं/2017-18/45 डीएनबीआर(पीडी)सीसी सं. 89/03.10.001/2017-18 14 अगस्त, 2017 जमाराशि स्वीकार करने वाले सभी एनबीएफसी (अवशिष्ट गैर-बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर) महोदया/महोदय पात्र क्रेडिट रेटिंग एजेंसी – इंफोमेरिक्स वैल्युएशन एंड रेटिंग प्राइवेट लिमिटेड (आईवीआरपीएल) जनता से जमा राशि स्वीकार करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी निदेश (रिज़र्व बैंक) मास्टर निदेश डीएनबीआर.पीडी.002/03.10.119/2016-17, दिनांक 25 अगस्त 2016 के पैरा 9 के संबंध में ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिसमे

भारिबैं/2017-18/45 डीएनबीआर(पीडी)सीसी सं. 89/03.10.001/2017-18 14 अगस्त, 2017 जमाराशि स्वीकार करने वाले सभी एनबीएफसी (अवशिष्ट गैर-बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर) महोदया/महोदय पात्र क्रेडिट रेटिंग एजेंसी – इंफोमेरिक्स वैल्युएशन एंड रेटिंग प्राइवेट लिमिटेड (आईवीआरपीएल) जनता से जमा राशि स्वीकार करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी निदेश (रिज़र्व बैंक) मास्टर निदेश डीएनबीआर.पीडी.002/03.10.119/2016-17, दिनांक 25 अगस्त 2016 के पैरा 9 के संबंध में ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिसमे

अगस्त 14, 2017
हिंदी सामग्री शीघ्र ही अद्यतन की जाएगी।
Appointment of nominated counsel in the Hon’ble High Court of Delhi at New Delhi- Compliance of the Order dated 21.07.2017
RBI/2017-18/44 DNBR (PD) CC.No.088/03.10.001/2017-18 August 14, 2017 To All NBFCs notified as ‘Financial Institutions’ under sub clause (iv) of clause (m) of sub section (1) of section 2 read with section 31A of the SARFAESI Act, 2002 Madam/ Sir, Appointment of nominated counsel in the Hon’ble High Court of Delhi at New Delhi- Compliance of the Order dated 21.07.2017 In Writ Petition (C) No. 1088 of 2017 (M/s J.K Jewellers vs. Capri Global Capital Ltd), the Hon’ble Hi
RBI/2017-18/44 DNBR (PD) CC.No.088/03.10.001/2017-18 August 14, 2017 To All NBFCs notified as ‘Financial Institutions’ under sub clause (iv) of clause (m) of sub section (1) of section 2 read with section 31A of the SARFAESI Act, 2002 Madam/ Sir, Appointment of nominated counsel in the Hon’ble High Court of Delhi at New Delhi- Compliance of the Order dated 21.07.2017 In Writ Petition (C) No. 1088 of 2017 (M/s J.K Jewellers vs. Capri Global Capital Ltd), the Hon’ble Hi
अप्रैल 28, 2017
वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002- धारा 3 (1) (बी) - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी) के लिए निवल स्वाधिकृत निधि (एनओएफ) की आवश्यकता

आरबीआई/2016-17/295 डीएनबीआर.पीडी(एआरसी) सीसी.सं.03/एआरसी/26.03.001/2016-17 28 अप्रैल 2017 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यकारी अधिकारी सभी पंजीकृत आस्ति पुनर्निर्माण कंपनिया प्रिय महोदय, वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002- धारा 3 (1) (बी) - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी) के लिए निवल स्वाधिकृत निधि (एनओएफ) की आवश्यकता दिनांक 06 अप्रैल 2017 के विकासात्मक और नियामक नीतियों पर बैंक के मौद्रिक नीति वक्तव्य के

आरबीआई/2016-17/295 डीएनबीआर.पीडी(एआरसी) सीसी.सं.03/एआरसी/26.03.001/2016-17 28 अप्रैल 2017 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यकारी अधिकारी सभी पंजीकृत आस्ति पुनर्निर्माण कंपनिया प्रिय महोदय, वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002- धारा 3 (1) (बी) - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी) के लिए निवल स्वाधिकृत निधि (एनओएफ) की आवश्यकता दिनांक 06 अप्रैल 2017 के विकासात्मक और नियामक नीतियों पर बैंक के मौद्रिक नीति वक्तव्य के

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र- कोर निवेश कंपनियों (सीआईसी) के लिए विनियामक संरचना

भारिबैं/2015-16/25 गैबैंविवि(नीति प्रभा)कंपरि.सं. 48/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी कोर निवेश कंपनियां (सीआईसी) महोदय, मास्टर परिपत्र- कोर निवेश कंपनियों (सीआईसी) के लिए विनियामक संरचना जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतित परिपत्र/अधिसूचनाओं जारी करता है। इस परिपत्र में उक्त विषय पर अंतर्विष्ट अनुदेश, जो 30 जून 2015 तक अद्यतन किए गए हैं, नीचे दिए जा रहे हैं। अद्यतन की गई अधिसूचना बैंक

भारिबैं/2015-16/25 गैबैंविवि(नीति प्रभा)कंपरि.सं. 48/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी कोर निवेश कंपनियां (सीआईसी) महोदय, मास्टर परिपत्र- कोर निवेश कंपनियों (सीआईसी) के लिए विनियामक संरचना जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतित परिपत्र/अधिसूचनाओं जारी करता है। इस परिपत्र में उक्त विषय पर अंतर्विष्ट अनुदेश, जो 30 जून 2015 तक अद्यतन किए गए हैं, नीचे दिए जा रहे हैं। अद्यतन की गई अधिसूचना बैंक

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र – गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा विदेश में शाखाएं / सहायक कंपनी/ संयुक्त उद्यम/ प्रतिनिधि कार्यालय खोलना या निवेश करना

भारिबैं/2015-16/24 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.060/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदय, मास्टर परिपत्र – गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा विदेश में शाखाएं / सहायक कंपनी/ संयुक्त उद्यम/ प्रतिनिधि कार्यालय खोलना या निवेश करना जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। उक्त विषय पर 30 जून 2015 तक जारी दिशा निर्देश पुन: नीचे दिए जा र

भारिबैं/2015-16/24 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.060/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां महोदय, मास्टर परिपत्र – गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा विदेश में शाखाएं / सहायक कंपनी/ संयुक्त उद्यम/ प्रतिनिधि कार्यालय खोलना या निवेश करना जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। उक्त विषय पर 30 जून 2015 तक जारी दिशा निर्देश पुन: नीचे दिए जा र

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र - गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी जनता की जमाराशि स्वीकार करना (रिज़र्व बैंक) निदेश, 1998

भारिबैं/2015-16/21 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.042/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनियों और विविध गैर बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर) महोदय, मास्टर परिपत्र - गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी जनता की जमाराशि स्वीकार करना (रिज़र्व बैंक) निदेश, 1998 सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह

भारिबैं/2015-16/21 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.042/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनियों और विविध गैर बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर) महोदय, मास्टर परिपत्र - गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी जनता की जमाराशि स्वीकार करना (रिज़र्व बैंक) निदेश, 1998 सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह

जुलाई 01, 2015
Master Circular - Capital Adequacy Standards and Risk Management Guidelines for Standalone Primary Dealers
RBI/2015-16/106 DNBR (PD) CC. No.062/03.10.119/2015-16 July 01, 2015 To All Standalone Primary Dealers, Dear Sir / Madam, Master Circular - Capital Adequacy Standards and Risk Management Guidelines for Standalone Primary Dealers The Reserve Bank of India (RBI) has, from time to time, issued guidelines/instructions to the standalone Primary Dealers (PDs) with regard to their Capital Adequacy Standards and Risk Management. The enclosed Master Circular incorporates all t
RBI/2015-16/106 DNBR (PD) CC. No.062/03.10.119/2015-16 July 01, 2015 To All Standalone Primary Dealers, Dear Sir / Madam, Master Circular - Capital Adequacy Standards and Risk Management Guidelines for Standalone Primary Dealers The Reserve Bank of India (RBI) has, from time to time, issued guidelines/instructions to the standalone Primary Dealers (PDs) with regard to their Capital Adequacy Standards and Risk Management. The enclosed Master Circular incorporates all t
जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र-सभी विविध गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 1977

भारिबैं/2015-16/19 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.50/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी विविध गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ महोदय/महोदया, मास्टर परिपत्र-सभी विविध गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 1977 जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। इस परिपत्र में अंतर्विष्ट अनुदेश, जो 30 जून 2015 तक अद्यतन किए गए हैं, नीचे दिए जा रहे हैं। अद्यतन की गई

भारिबैं/2015-16/19 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.50/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी विविध गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ महोदय/महोदया, मास्टर परिपत्र-सभी विविध गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 1977 जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। इस परिपत्र में अंतर्विष्ट अनुदेश, जो 30 जून 2015 तक अद्यतन किए गए हैं, नीचे दिए जा रहे हैं। अद्यतन की गई

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र – इंफ्रास्ट्रक्चर ऋण निधि - गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2011

भारिबैं/2015-16/18 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.046/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) महोदय, मास्टर परिपत्र – इंफ्रास्ट्रक्चर ऋण निधि - गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2011 जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। इस परिपत्र में अंतर्विष्ट अनुदेश, जो 30 जून 2015 तक अद्यतन किए गए हैं, नीचे दिए जा रहे हैं। अद

भारिबैं/2015-16/18 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.046/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) महोदय, मास्टर परिपत्र – इंफ्रास्ट्रक्चर ऋण निधि - गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2011 जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। इस परिपत्र में अंतर्विष्ट अनुदेश, जो 30 जून 2015 तक अद्यतन किए गए हैं, नीचे दिए जा रहे हैं। अद

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र-उचित व्यवहार संहिता

भारिबैं/2015-16/16 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.054/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसीज) और अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनिया (आरएनबीसीज) महोदय, मास्टर परिपत्र-उचित व्यवहार संहिता सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्ट में सूचीबद्ध अधिसूचनाओं में अंतर्विष्ट सभी अनुदेश, जहाँ तक वे इस विषय से संबंधित हैं, मास्टर

भारिबैं/2015-16/16 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.054/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसीज) और अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनिया (आरएनबीसीज) महोदय, मास्टर परिपत्र-उचित व्यवहार संहिता सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्ट में सूचीबद्ध अधिसूचनाओं में अंतर्विष्ट सभी अनुदेश, जहाँ तक वे इस विषय से संबंधित हैं, मास्टर

जुलाई 01, 2015
Master Circular - 'Know Your Customer' (KYC) Guidelines - Anti Money Laundering Standards (AML) - 'Prevention of Money Laundering Act, 2002 - Obligations of NBFCs in terms of Rules notified thereunder’
RBI/2015-16/108 DNBR (PD) CC No. 051/03.10.119/2015-16 July 1, 2015 To All Non-Banking Financial Companies (NBFCs), Miscellaneous Non-Banking Companies (MNBCs),and Residuary Non-Banking Companies (RNBCs) Dear Sir/Madam, Master Circular – 'Know Your Customer' (KYC) Guidelines – Anti Money Laundering Standards (AML) - 'Prevention of Money Laundering Act, 2002 - Obligations of NBFCs in terms of Rules notified thereunder’ As you are aware, in order to have all current ins
RBI/2015-16/108 DNBR (PD) CC No. 051/03.10.119/2015-16 July 1, 2015 To All Non-Banking Financial Companies (NBFCs), Miscellaneous Non-Banking Companies (MNBCs),and Residuary Non-Banking Companies (RNBCs) Dear Sir/Madam, Master Circular – 'Know Your Customer' (KYC) Guidelines – Anti Money Laundering Standards (AML) - 'Prevention of Money Laundering Act, 2002 - Obligations of NBFCs in terms of Rules notified thereunder’ As you are aware, in order to have all current ins
जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र-भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों से छूट

भारिबैं/2015-16/15 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.052/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सचिव, वित्त मंत्रालय अध्यक्ष, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अध्यक्ष, भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान अध्यक्ष, भारतीय कंपनी सचिव संस्थान गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के संघ (असोसिएशन) सभी गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान महोदय, मास्टर परिपत्र-भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों से छूट जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र

भारिबैं/2015-16/15 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.052/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सचिव, वित्त मंत्रालय अध्यक्ष, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अध्यक्ष, भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान अध्यक्ष, भारतीय कंपनी सचिव संस्थान गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के संघ (असोसिएशन) सभी गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान महोदय, मास्टर परिपत्र-भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों से छूट जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र-संबद्ध कार्यकलाप (allied activities)-बीमा कारोबार में प्रवेश, क्रेडिट कार्ड जारी करना तथा कतिपय उत्पादों की मार्केटिंग एवं वितरण

भारिबैं/2015-16/14 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.059/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसीज) महोदय, मास्टर परिपत्र-संबद्ध कार्यकलाप (allied activities)-बीमा कारोबार में प्रवेश, क्रेडिट कार्ड जारी करना तथा कतिपय उत्पादों की मार्केटिंग एवं वितरण सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्ट में सूचीबद्ध अधिसूचनाओं में

भारिबैं/2015-16/14 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं.059/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसीज) महोदय, मास्टर परिपत्र-संबद्ध कार्यकलाप (allied activities)-बीमा कारोबार में प्रवेश, क्रेडिट कार्ड जारी करना तथा कतिपय उत्पादों की मार्केटिंग एवं वितरण सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्ट में सूचीबद्ध अधिसूचनाओं में

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र - "गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी लेखापरीक्षकों की रिपोर्ट (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008"

भारिबैं/2015-16/11 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं. 057/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 1. सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर) 2. अध्यक्ष, भारतीय चारटर्ड एकाउंटेट संस्थान महोदय, मास्टर परिपत्र - "गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी लेखापरीक्षकों की रिपोर्ट (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008" जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। उक्त विषय पर 30 जू

भारिबैं/2015-16/11 गैबैंविवि(नीप्र)कंपरि.सं. 057/03.10.119/2015-16 1 जुलाई 2015 1. सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (अवशिष्ट गैर बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर) 2. अध्यक्ष, भारतीय चारटर्ड एकाउंटेट संस्थान महोदय, मास्टर परिपत्र - "गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी लेखापरीक्षकों की रिपोर्ट (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008" जैसा कि आप विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। उक्त विषय पर 30 जू

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र – गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी- कारपोरेट गवर्नेंस (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2015

भारिबैं/2015-16/12 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.053/03.10.0119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसी) महोदय/महोदया, मास्टर परिपत्र – गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी- कारपोरेट गवर्नेंस (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2015 सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्ट में सूचीबद्ध अधिसूचनाओं में अंतर्विष्ट सभी अनुदेश, जहाँ तक वे इस विषय

भारिबैं/2015-16/12 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.053/03.10.0119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसी) महोदय/महोदया, मास्टर परिपत्र – गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी- कारपोरेट गवर्नेंस (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2015 सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्ट में सूचीबद्ध अधिसूचनाओं में अंतर्विष्ट सभी अनुदेश, जहाँ तक वे इस विषय

जुलाई 01, 2015
प्रतिभूतिकरण कंपनियाँ तथा पुनर्संरचना कंपनियाँ (रिज़र्व बैंक) मार्गदर्शी सिद्धांत तथा निदेश 2003 30 जून 2015 तक यथा संशोधित अधिसूचना

भारिबैं/2015-16/94 गैबैंविवि.(नीप्र) कंपरि.सं.03/एससीआरसी/26.03.001/2015-16 1 जुलाई 2015 प्रतिभूतिकरण कंपनियाँ तथा पुनर्संरचना कंपनियाँ (रिज़र्व बैंक) मार्गदर्शी सिद्धांत तथा निदेश 2003 30 जून 2015 तक यथा संशोधित अधिसूचना जैसा कि आपको विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/ अधिसूचनायें जारी करता है। 23 अप्रैल 2003 की अधिसूचना सं. गैबैंपवि. 2/सीजीएम (सीएसएम)/2003 में अंतर्विष्ट प्रतिभूतिकरण और प

भारिबैं/2015-16/94 गैबैंविवि.(नीप्र) कंपरि.सं.03/एससीआरसी/26.03.001/2015-16 1 जुलाई 2015 प्रतिभूतिकरण कंपनियाँ तथा पुनर्संरचना कंपनियाँ (रिज़र्व बैंक) मार्गदर्शी सिद्धांत तथा निदेश 2003 30 जून 2015 तक यथा संशोधित अधिसूचना जैसा कि आपको विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक अद्यतन परिपत्र/ अधिसूचनायें जारी करता है। 23 अप्रैल 2003 की अधिसूचना सं. गैबैंपवि. 2/सीजीएम (सीएसएम)/2003 में अंतर्विष्ट प्रतिभूतिकरण और प

जुलाई 01, 2015
Master Circular - Returns to be submitted by NBFCs
RBI/2015-16/87 DNBS.IT.CC.No.01/24.01.191/2015-16 July 01, 2015 To, All NBFCs (Excluding RNBCs) Dear Sirs, Master Circular - Returns to be submitted by NBFCs In order to have all current instructions in one place, the Reserve Bank of India issues updated circulars/notifications to NBFCs on various subjects. It is advised that instructions on various returns to be submitted by NBFCs as updated till June 30, 2015, have been compiled herein and enclosed for ready referen
RBI/2015-16/87 DNBS.IT.CC.No.01/24.01.191/2015-16 July 01, 2015 To, All NBFCs (Excluding RNBCs) Dear Sirs, Master Circular - Returns to be submitted by NBFCs In order to have all current instructions in one place, the Reserve Bank of India issues updated circulars/notifications to NBFCs on various subjects. It is advised that instructions on various returns to be submitted by NBFCs as updated till June 30, 2015, have been compiled herein and enclosed for ready referen
जुलाई 01, 2015
30 जून 2015 तक अद्यतित अधिसूचना प्रतिभूतिकरण कंपनियों तथा पुनर्निर्माण कंपनियों द्वारा उधारकर्ता के कारोबार के प्रबंधन में परिवर्तन या के अधिग्रहण संबंधी (रिजर्व बैंक) मार्गदर्शी सिध्दांत, 2010

भारिबैं/2015-16/93 गैबैंविवि.(नीति प्रभा.) कंपरि.04/एससीआरसी/26.03.001/2015-16 1 जुलाई 2015 30 जून 2015 तक अद्यतित अधिसूचना प्रतिभूतिकरण कंपनियों तथा पुनर्निर्माण कंपनियों द्वारा उधारकर्ता के कारोबार के प्रबंधन में परिवर्तन या के अधिग्रहण संबंधी (रिजर्व बैंक) मार्गदर्शी सिध्दांत, 2010 जैसा कि आपको विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक मास्टर परिपत्र जारी करता है। इस संबंध में 21 अप्रैल 2010 की अधिसूचना सं. ग

भारिबैं/2015-16/93 गैबैंविवि.(नीति प्रभा.) कंपरि.04/एससीआरसी/26.03.001/2015-16 1 जुलाई 2015 30 जून 2015 तक अद्यतित अधिसूचना प्रतिभूतिकरण कंपनियों तथा पुनर्निर्माण कंपनियों द्वारा उधारकर्ता के कारोबार के प्रबंधन में परिवर्तन या के अधिग्रहण संबंधी (रिजर्व बैंक) मार्गदर्शी सिध्दांत, 2010 जैसा कि आपको विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक मास्टर परिपत्र जारी करता है। इस संबंध में 21 अप्रैल 2010 की अधिसूचना सं. ग

जुलाई 01, 2015
30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना - बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) (रिज़र्व बैंक) मार्गदर्शी सिद्धांत, 2008

भारिबैं/2015-16/73 गैबैंविवि(नीति प्रभा.एमजीसी)कंपरि.सं.03/23.11.001/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी बंधक गारंटी कंपनियाँ महोदय, 30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना - बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) (रिज़र्व बैंक) मार्गदर्शी सिद्धांत, 2008 आपको ज्ञात है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। 15 फरवरी 2008 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.(एमजीसी).3/मुमप्र(पीके)-200

भारिबैं/2015-16/73 गैबैंविवि(नीति प्रभा.एमजीसी)कंपरि.सं.03/23.11.001/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी बंधक गारंटी कंपनियाँ महोदय, 30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना - बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) (रिज़र्व बैंक) मार्गदर्शी सिद्धांत, 2008 आपको ज्ञात है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। 15 फरवरी 2008 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.(एमजीसी).3/मुमप्र(पीके)-200

जुलाई 01, 2015
30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना -बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) निवेश संबंधी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008

भारिबैं/2015-16/72 गैबैंविवि(नीति प्रभा-एमजीसी)कंपरि.सं.02/23.11.001/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी बंधक गारंटी कंपनियाँ महोदय, 30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना -बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) निवेश संबंधी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008 जैसा कि आपको ज्ञात है कि  उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है । 15 फरवरी 2008 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.(एमजीसी).5/मुम

भारिबैं/2015-16/72 गैबैंविवि(नीति प्रभा-एमजीसी)कंपरि.सं.02/23.11.001/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी बंधक गारंटी कंपनियाँ महोदय, 30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना -बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) निवेश संबंधी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008 जैसा कि आपको ज्ञात है कि  उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है । 15 फरवरी 2008 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.(एमजीसी).5/मुम

जुलाई 01, 2015
30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना -बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) विवेकपूर्ण मानदण्ड (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008

भारिबैं/2015-16/71 गैबैंविवि(नीति प्रभा.एमजीसी)कंपरि.सं.01/23.11.001/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी बंधक गारंटी कंपनियाँ महोदय, 30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना -बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) विवेकपूर्ण मानदण्ड (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008 जैसा कि आपको विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। 15 फरवरी 2008 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.(एमजीसी).4/मुमप

भारिबैं/2015-16/71 गैबैंविवि(नीति प्रभा.एमजीसी)कंपरि.सं.01/23.11.001/2015-16 1 जुलाई 2015 अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी बंधक गारंटी कंपनियाँ महोदय, 30 जून 2015 तक संशोधित अधिसूचना -बंधक गारंटी कंपनी (मार्गेज गारंटी कंपनी) विवेकपूर्ण मानदण्ड (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2008 जैसा कि आपको विदित है कि उल्लिखित विषय पर सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक परिपत्र/अधिसूचनाएं जारी करता है। 15 फरवरी 2008 की अधिसूचना सं.गैबैंपवि.(एमजीसी).4/मुमप

जुलाई 01, 2015
मास्टर परिपत्र – संपूर्ण प्रणाली की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण जमाराशियाँ न स्वीकारने/ धारण करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC-ND-SI) के लिए विविध अनुदेश

भारिबैं/2015-16/28 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.055/03.10.0119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसी) महोदय/महोदया, मास्टर परिपत्र – संपूर्ण प्रणाली की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण जमाराशियाँ न स्वीकारने/ धारण करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC-ND-SI) के लिए विविध अनुदेश सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्

भारिबैं/2015-16/28 गैबैंविवि(नीति प्रभा.)कंपरि.सं.055/03.10.0119/2015-16 1 जुलाई 2015 सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (एनबीएफसी) महोदय/महोदया, मास्टर परिपत्र – संपूर्ण प्रणाली की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण जमाराशियाँ न स्वीकारने/ धारण करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC-ND-SI) के लिए विविध अनुदेश सभी मौजूदा अनुदेश एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने उल्लिखित विषय पर 30 जून 2015 तक जारी सभी अनुदेशों को समेकित किया है। यह नोट किया जाए कि परिशिष्

जून 11, 2015
Master Circular - “Systemically Important Non-Banking Financial (Non-Deposit Accepting or Holding) Companies Prudential Norms (Reserve Bank) Directions, 2015”
RBI/2014-15/629 DNBR (PD) CC No. 037/03.01.001/2014-15 June 03, 2015 To All Systemically Important Non-Deposit taking NBFCs, Dear Sirs, Master Circular – “Systemically Important Non-Banking Financial (Non-Deposit Accepting or Holding) Companies Prudential Norms (Reserve Bank) Directions, 2015” As you are aware, in order to have all current instructions on the subject at one place, the Reserve Bank of India issues updated circulars / notifications. The instructions con
RBI/2014-15/629 DNBR (PD) CC No. 037/03.01.001/2014-15 June 03, 2015 To All Systemically Important Non-Deposit taking NBFCs, Dear Sirs, Master Circular – “Systemically Important Non-Banking Financial (Non-Deposit Accepting or Holding) Companies Prudential Norms (Reserve Bank) Directions, 2015” As you are aware, in order to have all current instructions on the subject at one place, the Reserve Bank of India issues updated circulars / notifications. The instructions con

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पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: जनवरी 02, 2026

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