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अक्‍तूबर 29, 2009
आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध - विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 - बैंकों के दायित्व
आरबीआइ/2009-10/198 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.एएमएल.बीसी .सं. 34/07.40.00/2009-10 29 अक्तूबर 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध - विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 - बैंकों के दायित्व कृपया ‘अपने ग्राहक को जानिए’ (केवाइसी) मानदंड/धन शोधन निवारण (एएमएल) मानक/आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध सीएफटी पर जारी 28 फरवरी 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. केंका. आरएफ. एएमएल.बीसी.सं.51/07.40.00/2007-08 देखें। 2. उक्त परिपत्र के पैर
आरबीआइ/2009-10/198 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.एएमएल.बीसी .सं. 34/07.40.00/2009-10 29 अक्तूबर 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध - विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 - बैंकों के दायित्व कृपया ‘अपने ग्राहक को जानिए’ (केवाइसी) मानदंड/धन शोधन निवारण (एएमएल) मानक/आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध सीएफटी पर जारी 28 फरवरी 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. केंका. आरएफ. एएमएल.बीसी.सं.51/07.40.00/2007-08 देखें। 2. उक्त परिपत्र के पैर
अक्‍तूबर 22, 2009
केंद्रीय बजट -2009-10 - वर्ष 2009-10 में अल्पावधि फसल ऋणों के लिए 2 प्रतिशत ब्याज सहायता योजना (इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम) और 1 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता को जारी रखने का प्रस्ताव
आरबीआई.2009-10/186 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.33/05.04.02/2009-10 22 अक्तूबर 2009 अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक सरकारी क्षेत्र के सभी बैंक महोदय केंद्रीय बजट -2009-10 - वर्ष 2009-10 में अल्पावधि फसल ऋणों के लिए 2 प्रतिशत ब्याज सहायता योजना (इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम) और 1 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता को जारी रखने का प्रस्ताव जैसा कि आप जानते हैं, माननीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण (पैरा 27) में निम्नानुसार घोषणा की थी: ‘‘मैं किसानों के लिए प्रति किसान 3 लाख रुपए तक अल्पावधि फ
आरबीआई.2009-10/186 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.33/05.04.02/2009-10 22 अक्तूबर 2009 अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक सरकारी क्षेत्र के सभी बैंक महोदय केंद्रीय बजट -2009-10 - वर्ष 2009-10 में अल्पावधि फसल ऋणों के लिए 2 प्रतिशत ब्याज सहायता योजना (इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम) और 1 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन सहायता को जारी रखने का प्रस्ताव जैसा कि आप जानते हैं, माननीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण (पैरा 27) में निम्नानुसार घोषणा की थी: ‘‘मैं किसानों के लिए प्रति किसान 3 लाख रुपए तक अल्पावधि फ
अक्‍तूबर 20, 2009
ऋण सूचना कंपनियां (विनियमन) (कठिनाइयों को दूर करना) आदेश, 2008
आरबीआई/2009-10/185 ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं.32/03.05.33/2009-10 20 अक्तूबर 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, ऋण सूचना कंपनियां (विनियमन) (कठिनाइयों को दूर करना) आदेश, 2008 जैसा कि आप जानते हैं, ऋण सूचना कंपनियां (विनियमन) अधिनियम, 2005 दिनांक 14 दिसंबर 2006 से लागू हो गया है। अधिनियम की धारा 15 (1) के अनुसार प्रत्येक ऋण संस्था को अधिनियम के लागू होने से तीन माह की अवधि के अंदर या आवेदन करने पर रिज़र्व बैंक द्वारा बढ़ाई गई समय सीमा के अंदर कम से कम एक ऋण
आरबीआई/2009-10/185 ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं.32/03.05.33/2009-10 20 अक्तूबर 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, ऋण सूचना कंपनियां (विनियमन) (कठिनाइयों को दूर करना) आदेश, 2008 जैसा कि आप जानते हैं, ऋण सूचना कंपनियां (विनियमन) अधिनियम, 2005 दिनांक 14 दिसंबर 2006 से लागू हो गया है। अधिनियम की धारा 15 (1) के अनुसार प्रत्येक ऋण संस्था को अधिनियम के लागू होने से तीन माह की अवधि के अंदर या आवेदन करने पर रिज़र्व बैंक द्वारा बढ़ाई गई समय सीमा के अंदर कम से कम एक ऋण
अक्‍तूबर 12, 2009
बचत बैंक खाते पर दैनंदिन उत्पाद आधार पर ब्याज का भुगतान
आरबीआई/2009-10/181 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 31/07. 38.01/2009-10 12 अक्तूबर 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक प्रिय महोदय बचत बैंक खाते पर दैनंदिन उत्पाद आधार पर ब्याज का भुगतान कृपया 2 नवंबर 1987 के हमारे निदेश ग्राआऋवि.आरएफ़ डीआइआर.बीसी.53/डी.1- 87/88 का पैरा 3 (iii) देखें जिसके अनुसार बचत जमाराशियों के मामले में ब्याज की गणना प्रत्येक कैलेंडर माह की 10 तारीख से अंतिम दिन तक की अवधि के दौरान जमा खाते में न्यूनतम शेष राशि पर की जाएगी। 2. इसकी समीक्षा करने प
आरबीआई/2009-10/181 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 31/07. 38.01/2009-10 12 अक्तूबर 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक प्रिय महोदय बचत बैंक खाते पर दैनंदिन उत्पाद आधार पर ब्याज का भुगतान कृपया 2 नवंबर 1987 के हमारे निदेश ग्राआऋवि.आरएफ़ डीआइआर.बीसी.53/डी.1- 87/88 का पैरा 3 (iii) देखें जिसके अनुसार बचत जमाराशियों के मामले में ब्याज की गणना प्रत्येक कैलेंडर माह की 10 तारीख से अंतिम दिन तक की अवधि के दौरान जमा खाते में न्यूनतम शेष राशि पर की जाएगी। 2. इसकी समीक्षा करने प
अक्‍तूबर 06, 2009
प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - एमएसएमइडी अधिनियम, 2006 के तहत सेवा के अंतर्गत आनेवाले कार्यकलापों का श्रेणीकरण
आरबीआई/2009-10/178 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी. 29/03.05.33/2009-10 6 अक्तूबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - एमएसएमइडी अधिनियम, 2006 के तहत सेवा के अंतर्गत आनेवाले कार्यकलापों का श्रेणीकरण  प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार पर दिनांक 22 अगस्त 2007 के परिपत्र ग्राआऋवि.सं. आरआरबी.बीसी.20/03.05.33/2007-08 के साथ संलग्न दिशानिर्देश के भाग 1 के पैरा 2.1.1 और 2.1.2 के अनुसार, छोटे उद्यमों को ऋण में माइक्रो और छोट
आरबीआई/2009-10/178 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी. 29/03.05.33/2009-10 6 अक्तूबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - एमएसएमइडी अधिनियम, 2006 के तहत सेवा के अंतर्गत आनेवाले कार्यकलापों का श्रेणीकरण  प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार पर दिनांक 22 अगस्त 2007 के परिपत्र ग्राआऋवि.सं. आरआरबी.बीसी.20/03.05.33/2007-08 के साथ संलग्न दिशानिर्देश के भाग 1 के पैरा 2.1.1 और 2.1.2 के अनुसार, छोटे उद्यमों को ऋण में माइक्रो और छोट
सितंबर 30, 2009
अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी मानदंड / धन शोधन निवारण मानक / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध /पीएमएलए , 2002 के अंतर्गत बैंकों के दायित्व
आरबीआइ/2009-10/174 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.एएमएल.बीसी.सं. 28/07.40.00/2009-10    30 सितंबर 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक प्रिय महोदय, अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी मानदंड / धन शोधन निवारण मानक / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध / पीएमएलए , 2002 के अंतर्गत बैंकों के दायित्व कृपया उपर्युक्त विषय पर 18 फरवरी 2005 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एएमएल. बीसी.सं. 80/07.40.00/2004-05 तथा 3 मार्च 2006 का परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.एएमएल.बीसी. 65/07.02.12/2005-06 देख
आरबीआइ/2009-10/174 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.एएमएल.बीसी.सं. 28/07.40.00/2009-10    30 सितंबर 2009 सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक प्रिय महोदय, अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी मानदंड / धन शोधन निवारण मानक / आतंकवाद के वित्तपोषण का प्रतिरोध / पीएमएलए , 2002 के अंतर्गत बैंकों के दायित्व कृपया उपर्युक्त विषय पर 18 फरवरी 2005 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एएमएल. बीसी.सं. 80/07.40.00/2004-05 तथा 3 मार्च 2006 का परिपत्र ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.एएमएल.बीसी. 65/07.02.12/2005-06 देख
सितंबर 29, 2009
अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी मानदंड / धन शोधन निवारण (एएमएल) मानक / धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के दायित्व
आरबीआइ / 2009-10 /171 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 27/03.05.33(इ)/2009-10 29 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी मानदंड / धन शोधन निवारण (एएमएल) मानक / धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के दायित्व कृपया उपर्युक्त विषय पर 18 फरवरी 2005 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं. आरआरबी. बीसी. 81/03.05.33 (ई) /2004-05 तथा 9 मार्च 2006 का परिपत्र ग्राआऋवि. केंका. आरआरबी.एएमएल.बीसी. 68/03.05
आरबीआइ / 2009-10 /171 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 27/03.05.33(इ)/2009-10 29 सितंबर 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय, अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी मानदंड / धन शोधन निवारण (एएमएल) मानक / धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के दायित्व कृपया उपर्युक्त विषय पर 18 फरवरी 2005 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं. आरआरबी. बीसी. 81/03.05.33 (ई) /2004-05 तथा 9 मार्च 2006 का परिपत्र ग्राआऋवि. केंका. आरआरबी.एएमएल.बीसी. 68/03.05
सितंबर 18, 2009
प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - एमएसएमइडी अधिनियम, 2006 के तहत सेवा के अंतर्गत आनेवाले कार्यकलापों का श्रेणीकरण
आरबीआई/2009-10/164 ग्राआऋवि.केंका.प्लान.बीसी. 24/04.09.01/2009-10 18 सितंबर 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी [सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)] प्रिय महोदय, प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - एमएसएमइडी अधिनियम, 2006 के तहत सेवा के अंतर्गत आनेवाले कार्यकलापों का श्रेणीकरण प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार पर दिनांक 1 जुलाई 2009 के मास्टर परिपत्र के भाग I के पैरा 2.1.1 और 2.1.2 के अनुसार, छोटे उद्यमों को ऋण में माइक्रो औ
आरबीआई/2009-10/164 ग्राआऋवि.केंका.प्लान.बीसी. 24/04.09.01/2009-10 18 सितंबर 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी [सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर)] प्रिय महोदय, प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - एमएसएमइडी अधिनियम, 2006 के तहत सेवा के अंतर्गत आनेवाले कार्यकलापों का श्रेणीकरण प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार पर दिनांक 1 जुलाई 2009 के मास्टर परिपत्र के भाग I के पैरा 2.1.1 और 2.1.2 के अनुसार, छोटे उद्यमों को ऋण में माइक्रो औ
अगस्त 24, 2009
संपार्श्विक रहित ऋण - माइक्रो और लघु उद्यम(एमएसई)
भारिबै/2009-10/129 ग्राआऋवि.एसएमईएंडएनएफएस.बीसी.सं.16/06.02.31(पी)/2009-10 24 अगस्त 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित) महोदय, संपार्श्विक रहित ऋण - माइक्रो और लघु उद्यम(एमएसई) कृपया दिनांक 20 जनवरी 2009 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. एसएमई एंड एनएफएस. बीसी.सं. 84ए/ 06.02.31(पी)/2008-09 देखें जो एमएसएमइडी अधिनियम , 2006 के अंतर्गत परिभाषितानुसार एमएसई क्षेत्र (उत्पादक तथा सेवा उद्यम दोनों ) की
भारिबै/2009-10/129 ग्राआऋवि.एसएमईएंडएनएफएस.बीसी.सं.16/06.02.31(पी)/2009-10 24 अगस्त 2009 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित) महोदय, संपार्श्विक रहित ऋण - माइक्रो और लघु उद्यम(एमएसई) कृपया दिनांक 20 जनवरी 2009 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. एसएमई एंड एनएफएस. बीसी.सं. 84ए/ 06.02.31(पी)/2008-09 देखें जो एमएसएमइडी अधिनियम , 2006 के अंतर्गत परिभाषितानुसार एमएसई क्षेत्र (उत्पादक तथा सेवा उद्यम दोनों ) की
अगस्त 04, 2009
आंतर बैंक सहभागिता
आरबीआई /2009-10/113 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 13/03.05.33/2009-10 4 अगस्त  2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय आंतर बैंक सहभागिता हमारे दिनांक 31 दिसंबर 1988 के परिपत्र डीबीओडी सं.बीपी.बीसी.57/62-88 (प्रति संलग्न) के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के लिए एक आंतर बैंक सहभागिता प्रमाणपत्र (आइबीपीसी) योजना आरंभ की गई थी । 2. यह निर्णय लिया गया है कि अब से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों को 180 दिनों की अवधि के लिए जोखिम में हिस
आरबीआई /2009-10/113 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 13/03.05.33/2009-10 4 अगस्त  2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय आंतर बैंक सहभागिता हमारे दिनांक 31 दिसंबर 1988 के परिपत्र डीबीओडी सं.बीपी.बीसी.57/62-88 (प्रति संलग्न) के अनुसार अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के लिए एक आंतर बैंक सहभागिता प्रमाणपत्र (आइबीपीसी) योजना आरंभ की गई थी । 2. यह निर्णय लिया गया है कि अब से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों को 180 दिनों की अवधि के लिए जोखिम में हिस
जून 30, 2009
मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) का मार्च 2009 के बाद भी जारी रहना
ग्राआऋवि.केंका.एसपी.बीसी.सं.117/09.03.01/2008-09 29 जून 2009 अध्यक्ष /प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी भारतीय बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय, मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) का मार्च 2009 के बाद भी जारी रहना कृपया 15 अप्रैल 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.सं. 57/09.03.01/2007-08 देखां् जिसमें बैंकों को मार्च 2009 तक बकाया स्वच्छकारों और उनके आश्रितों के पुनर्वास को लक्ष्य बनाकर भारत सरकार द्वारा
ग्राआऋवि.केंका.एसपी.बीसी.सं.117/09.03.01/2008-09 29 जून 2009 अध्यक्ष /प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी भारतीय बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदय, मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) का मार्च 2009 के बाद भी जारी रहना कृपया 15 अप्रैल 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.सं. 57/09.03.01/2007-08 देखां् जिसमें बैंकों को मार्च 2009 तक बकाया स्वच्छकारों और उनके आश्रितों के पुनर्वास को लक्ष्य बनाकर भारत सरकार द्वारा
जून 02, 2009
निर्यात बढ़ाने के लिए एसएलबीसी की उप समिति
भारिबैं /2008-09/489ग्राआऋवि.एलबीएस.केंका.बीसी.सं.111/02.13.03/2008-09 2 जून 2009 एसएलबीसी/यूटीएलबीसी के सभी आयोजक बैंक (डाक सूची के अनुसार) प्रिय महोदय निर्यात बढ़ाने के लिए एसएलबीसी की उप समिति कृपया 17 सितंबर 2004 का आरबीआई परिपत्र डीबीओडी.आइईसीएस.सं.43/04.02.10/2004-05 (प्रति संलग्न) देखें जिसमें सभी वाणिज्य बैंकों को यह सूचित किया गया था कि वे राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के अंतर्गत एक अलग उप समिति गठित करें ताकि राज्य स्तर पर निर्यातकों की शिकायतों पर च
भारिबैं /2008-09/489ग्राआऋवि.एलबीएस.केंका.बीसी.सं.111/02.13.03/2008-09 2 जून 2009 एसएलबीसी/यूटीएलबीसी के सभी आयोजक बैंक (डाक सूची के अनुसार) प्रिय महोदय निर्यात बढ़ाने के लिए एसएलबीसी की उप समिति कृपया 17 सितंबर 2004 का आरबीआई परिपत्र डीबीओडी.आइईसीएस.सं.43/04.02.10/2004-05 (प्रति संलग्न) देखें जिसमें सभी वाणिज्य बैंकों को यह सूचित किया गया था कि वे राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के अंतर्गत एक अलग उप समिति गठित करें ताकि राज्य स्तर पर निर्यातकों की शिकायतों पर च
मई 25, 2009
माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण प्रदान करना
आरबीआई/2008-09/483ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस.बीसी.सं.106/06.02.31(पी)/2008-09   25 मई 2009 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लोकल एरिया बैंकों सहित) प्रिय महोदय माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण प्रदान करना    कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 16 दिसंबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस. बीसी.सं.76/06.02.31(पी)/2008-09 देखें। इस संबंध में हम यह स्पष्ट करते हैं कि उसमें निहित दिशानिर्देश केवल अनुसूचित वाणिज्य बैंकों से
आरबीआई/2008-09/483ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस.बीसी.सं.106/06.02.31(पी)/2008-09   25 मई 2009 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लोकल एरिया बैंकों सहित) प्रिय महोदय माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण प्रदान करना    कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 16 दिसंबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.एसएमईएण्डएनएफएस. बीसी.सं.76/06.02.31(पी)/2008-09 देखें। इस संबंध में हम यह स्पष्ट करते हैं कि उसमें निहित दिशानिर्देश केवल अनुसूचित वाणिज्य बैंकों से
मई 22, 2009
बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते
आरबीआइ/2008-09/481 ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं. 108/03.58.33/2008-09 22 मई 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय , बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते बैंकों के पास अदावी जमाराशियों की प्रतिवर्ष बढ़ती हुई राशि तथा ऐसी जमाराशियों से संबद्ध अंतर्निहित जोखिम के परिप्रेक्ष्य में ऐसा महसूस किया जा रहा है कि जिन खाताधारकों के खाते अपरिचालित रहे हैं, उनका पता-ठिकाना ढूंढने में बैंकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसके साथ ही, ग्राहकों के खातों के अ
आरबीआइ/2008-09/481 ग्राआऋवि.केका.आरआरबी.बीसी.सं. 108/03.58.33/2008-09 22 मई 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय , बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते बैंकों के पास अदावी जमाराशियों की प्रतिवर्ष बढ़ती हुई राशि तथा ऐसी जमाराशियों से संबद्ध अंतर्निहित जोखिम के परिप्रेक्ष्य में ऐसा महसूस किया जा रहा है कि जिन खाताधारकों के खाते अपरिचालित रहे हैं, उनका पता-ठिकाना ढूंढने में बैंकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसके साथ ही, ग्राहकों के खातों के अ
मई 22, 2009
अग्रणी बैंक योजना - तमिलनाडु राज्य में एक नये जिले तिरुप्पुर का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन
भारिबैं/2008-09/480ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.बीसी.सं. 107/ 02.08.01/2008-09 मई 22, 2009 अध्यक्ष सभी अग्रणी बैंक प्रिय महोदय, अग्रणी बैंक योजना - तमिलनाडु राज्य में एक नये जिले तिरुप्पुर का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन राजस्व विभाग, तमिलनाडु सरकार, के दिनांक अक्तूबर 24, 2008 के अधिसूचना सं. जी ओ (एमएस) 618 के द्वारा तिरुप्पुर नाम से एक नये जिले का गठन किया है जिसे वर्तमान जिले कोयम्बतुर और इरोड से अलग करके बनाया गया हैं और इसमें तिरुप्पुर, अवनाशी, पल्लडम, दारापु
भारिबैं/2008-09/480ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.बीसी.सं. 107/ 02.08.01/2008-09 मई 22, 2009 अध्यक्ष सभी अग्रणी बैंक प्रिय महोदय, अग्रणी बैंक योजना - तमिलनाडु राज्य में एक नये जिले तिरुप्पुर का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन राजस्व विभाग, तमिलनाडु सरकार, के दिनांक अक्तूबर 24, 2008 के अधिसूचना सं. जी ओ (एमएस) 618 के द्वारा तिरुप्पुर नाम से एक नये जिले का गठन किया है जिसे वर्तमान जिले कोयम्बतुर और इरोड से अलग करके बनाया गया हैं और इसमें तिरुप्पुर, अवनाशी, पल्लडम, दारापु
मई 15, 2009
इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों और बाहरी चेकों के संग्रहण के लिए सेवा प्रभार लगाना एवं अधिशेष क्लियरिडग निधियों के अंतरण के लिए प्रभारों का मानकीकरण
आरबीआई/2008-09/478 ग्राआऋवि.के.का.आरआरबी.बी.सी.सं. 105 / 03.05.33/2008-09 15 मई 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों और बाहरी चेकों के संग्रहण के लिए सेवा प्रभार लगाना एवं अधिशेष क्लियरिडग निधियों के अंतरण के लिए प्रभारों का मानकीकरण इसके साथ हमारे भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग,केद्रीय कार्यालय द्वारा जारी दिनांक 8 जनवरी 2008 के परिपत्र डीपीएसएस.केका. सं.1001/03.01.02/2007-08, 20 जून 2008 का परिपत्र डीपीएसएस. केका.सं.2092/03.01.02(पी)/20
आरबीआई/2008-09/478 ग्राआऋवि.के.का.आरआरबी.बी.सी.सं. 105 / 03.05.33/2008-09 15 मई 2009 सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों और बाहरी चेकों के संग्रहण के लिए सेवा प्रभार लगाना एवं अधिशेष क्लियरिडग निधियों के अंतरण के लिए प्रभारों का मानकीकरण इसके साथ हमारे भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग,केद्रीय कार्यालय द्वारा जारी दिनांक 8 जनवरी 2008 के परिपत्र डीपीएसएस.केका. सं.1001/03.01.02/2007-08, 20 जून 2008 का परिपत्र डीपीएसएस. केका.सं.2092/03.01.02(पी)/20
मई 04, 2009
माइक्रो और छोटे उद्यम क्षेत्र को ऋण प्रदान करना
आरबीआई/2008-09/467ग्राआऋवि.एसएमइएण्डएनएफएस.बीसी.सं.102/06.04.01/2008-09 4 मई 2009 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक महोदय/महोदया माइक्रो और छोटे उद्यम क्षेत्र को ऋण प्रदान करना माइक्रो और छोटे उद्यम (एमएसई) क्षेत्र द्वारा विशेषत: संभाव्य रूप से व्यवहार्य रुग्ण इकाइयों के संबंध में अनुभव की जा रही समस्याओं का पता लगाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने डॉ.के.सी.चक्रवर्ती,अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, पंज़्ााब नैशनल बैंक की अध्यक्षता में एक कार्यदल गठित किया था। 2. उक्त दल ने रिज़र्व
आरबीआई/2008-09/467ग्राआऋवि.एसएमइएण्डएनएफएस.बीसी.सं.102/06.04.01/2008-09 4 मई 2009 सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक महोदय/महोदया माइक्रो और छोटे उद्यम क्षेत्र को ऋण प्रदान करना माइक्रो और छोटे उद्यम (एमएसई) क्षेत्र द्वारा विशेषत: संभाव्य रूप से व्यवहार्य रुग्ण इकाइयों के संबंध में अनुभव की जा रही समस्याओं का पता लगाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने डॉ.के.सी.चक्रवर्ती,अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, पंज़्ााब नैशनल बैंक की अध्यक्षता में एक कार्यदल गठित किया था। 2. उक्त दल ने रिज़र्व
अप्रैल 24, 2009
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में नाम शामिल करना /में से नाम हटाना-क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
आरबीआई /2008-09/456 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी. बीसी. सं.99/ 03.05.100/2008-09 24 अप्रैल 2009   सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक   प्रिय महोदय,   भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में नाम शामिल करना /में से नाम हटाना-क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक   हम सूचित करते हैं कि दिनांक 18 मार्च 2009 के भारत के असाधारण राजपत्र (भाग III धारा 4)में प्रकाशित दिनांक 27 जनवरी 2009 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं. 7430/03.05.100/2008-09 द्वारा 8 समामेलित क्षेत्
आरबीआई /2008-09/456 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी. बीसी. सं.99/ 03.05.100/2008-09 24 अप्रैल 2009   सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक   प्रिय महोदय,   भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में नाम शामिल करना /में से नाम हटाना-क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक   हम सूचित करते हैं कि दिनांक 18 मार्च 2009 के भारत के असाधारण राजपत्र (भाग III धारा 4)में प्रकाशित दिनांक 27 जनवरी 2009 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं. 7430/03.05.100/2008-09 द्वारा 8 समामेलित क्षेत्
अप्रैल 13, 2009
इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों और बाहरी चेकों के संग्रहण के लिए सेवा प्रभार लगाना एवं अधिशेष क्लियरिडग निधियों के अंतरण के लिए प्रभारों का मानकीकरण
आरबीआई/2008-09/432 ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी.सं.95/07.06.00/2008-09 13 अप्रैल 2009 23 चैत्र शक 1931     सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक   महोदय / महोदया   इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों और बाहरी चेकों के संग्रहण के लिए सेवा प्रभार लगाना एवं अधिशेष क्लियरिडग निधियों के अंतरण के लिए प्रभारों का मानकीकरण   इसके साथ हमारे भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, केद्रीय कार्यालय द्वारा जारी दिनांक 8 जनवरी 2008 के परिपत्र डीपीएसएस.केका.सं.10
आरबीआई/2008-09/432 ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी.सं.95/07.06.00/2008-09 13 अप्रैल 2009 23 चैत्र शक 1931     सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक   महोदय / महोदया   इलेक्ट्रॉनिक भुगतान उत्पादों और बाहरी चेकों के संग्रहण के लिए सेवा प्रभार लगाना एवं अधिशेष क्लियरिडग निधियों के अंतरण के लिए प्रभारों का मानकीकरण   इसके साथ हमारे भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, केद्रीय कार्यालय द्वारा जारी दिनांक 8 जनवरी 2008 के परिपत्र डीपीएसएस.केका.सं.10
फ़रवरी 27, 2009
पश्चिम बंगाल में पोल्ट्री युनिटों के लिए बैंकों द्वारा किए जानेवाले राहत उपायों पर दिशानिर्देश
आरबीआई/2008-09/396 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं. 90/05.04.02/2008-09 27 फरवरी 2009 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक   प्रिय महोदय,   पश्चिम बंगाल में पोल्ट्री युनिटों के लिए बैंकों द्वारा किए जानेवाले राहत उपायों पर दिशानिर्देश   कृपया दिनांक 19 फरवरी 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं. 48/ 05.04.02/2007-08 देखें जिसमें पोल्ट्री उद्योग को राहत देने के लिए कतिपय राहत उपायों की घोषणा की गई थी। 2. उक्त र
आरबीआई/2008-09/396 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं. 90/05.04.02/2008-09 27 फरवरी 2009 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक   प्रिय महोदय,   पश्चिम बंगाल में पोल्ट्री युनिटों के लिए बैंकों द्वारा किए जानेवाले राहत उपायों पर दिशानिर्देश   कृपया दिनांक 19 फरवरी 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं. 48/ 05.04.02/2007-08 देखें जिसमें पोल्ट्री उद्योग को राहत देने के लिए कतिपय राहत उपायों की घोषणा की गई थी। 2. उक्त र
फ़रवरी 18, 2009
बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते
आरबीआइ/2008-09/386ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी. 89/07.38.01/2008-09 18 फरवरी 2009   सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक   महोदय ,   बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते   बैंकों के पास अदावी जमाराशियों की प्रतिवर्ष बढ़ती हुई राशि तथा ऐसी जमाराशियों से संबद्ध अंतर्निहित जोखिम के परिप्रेक्ष्य में ऐसा महसूस किया जा रहा है कि जिन खाताधारकों के खाते अपरिचालित रहे हैं, उनका पता-ठिकाना ढूंढने में बैंकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसक
आरबीआइ/2008-09/386ग्राआऋवि.केका.आरएफ.बीसी. 89/07.38.01/2008-09 18 फरवरी 2009   सभी राज्य और मध्यवर्ती सहकारी बैंक   महोदय ,   बैंकों में अदावी जमाराशियां तथा अपरिचालित /निक्रिय खाते   बैंकों के पास अदावी जमाराशियों की प्रतिवर्ष बढ़ती हुई राशि तथा ऐसी जमाराशियों से संबद्ध अंतर्निहित जोखिम के परिप्रेक्ष्य में ऐसा महसूस किया जा रहा है कि जिन खाताधारकों के खाते अपरिचालित रहे हैं, उनका पता-ठिकाना ढूंढने में बैंकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसक
फ़रवरी 06, 2009
चेक क्लियरिडग में विलंब - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष 2006 का मामला संख्या 82
आरबीआई / 2008-09 /378 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 88/07.06.00 /2008-09 6 फरवरी 2009 17 माघ, शक 1930 सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय/महोदया, चेक क्लियरिडग में विलंब - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष 2006 का मामला संख्या 82 जैसा कि आपको विदित है, अगस्त 2006 के दौरान उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें चेक क्लियरिडग में विलंब और विशेष रूप से, स्था
आरबीआई / 2008-09 /378 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 88/07.06.00 /2008-09 6 फरवरी 2009 17 माघ, शक 1930 सभी राज्य सहकारी बैंक और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक महोदय/महोदया, चेक क्लियरिडग में विलंब - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष 2006 का मामला संख्या 82 जैसा कि आपको विदित है, अगस्त 2006 के दौरान उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें चेक क्लियरिडग में विलंब और विशेष रूप से, स्था
फ़रवरी 05, 2009
चेक क्लियरिडग में विलंब - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष 2006 का मामला संख्या 82
आरबीआई / 2008-09 /377 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 87/03.05.33 /2008-09 5 फरवरी 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय/महोदया, चेक क्लियरिडग में विलंब - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष 2006 का मामला संख्या 82 जैसा कि आपको विदित है, अगस्त 2006 के दौरान उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें चेक क्लियरिडग में विलंब और विशेष रूप से, स्थानीय और अंतर -सिटी क्लियरिडग में
आरबीआई / 2008-09 /377 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 87/03.05.33 /2008-09 5 फरवरी 2009 अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय/महोदया, चेक क्लियरिडग में विलंब - राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष 2006 का मामला संख्या 82 जैसा कि आपको विदित है, अगस्त 2006 के दौरान उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें चेक क्लियरिडग में विलंब और विशेष रूप से, स्थानीय और अंतर -सिटी क्लियरिडग में
फ़रवरी 04, 2009
वित्तीय साक्षरता और ऋण सलाह केद्र (एफएलसीसी) - मॉडल योजना
भारिबैं / 2008-09/371 ग्राआऋवि.केका.एमएफएफआइ.बीसी.सं. 86/12.01.18/2008-09   4 फरवरी 2009   अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित )   महोदय / महोदया,   वित्तीय साक्षरता और ऋण सलाह केद्र (एफएलसीसी) - मॉडल योजना   रिज़र्व बैंक द्वारा कृषि ऋण की क्रियाविधियों और प्रक्रियाओं की जांच करने के लिए गठित कार्यकारी दल (अध्यक्ष : श्री सी.पी.स्वर्णकार ) ने अपनी रिपोर्ट (अप्रैल 2007) में यह
भारिबैं / 2008-09/371 ग्राआऋवि.केका.एमएफएफआइ.बीसी.सं. 86/12.01.18/2008-09   4 फरवरी 2009   अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सहित )   महोदय / महोदया,   वित्तीय साक्षरता और ऋण सलाह केद्र (एफएलसीसी) - मॉडल योजना   रिज़र्व बैंक द्वारा कृषि ऋण की क्रियाविधियों और प्रक्रियाओं की जांच करने के लिए गठित कार्यकारी दल (अध्यक्ष : श्री सी.पी.स्वर्णकार ) ने अपनी रिपोर्ट (अप्रैल 2007) में यह
जनवरी 15, 2009
अग्रणी बैंक योजना - हरियाणा राज्य में नये जिले पलवल का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन
भारिबैं/2008-09/351 ग्राआऋवि. केंका. एलबीएस.बी सी सं.84/02.08.01/2008-09 जनवरी 15, 2009   अध्यक्ष, सभी अग्रणी बैंक,   प्रिय महोदय,   अग्रणी बैंक योजना - हरियाणा राज्य में नये जिले पलवल का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन   राजस्व तथा आपदा प्रबंधन विभाग, हरियाणा सरकार, के दिनांक 13 अगस्त 2008 के अधिसूचना सं. का.आ.69/पं.अ.17/1887/धा.5/2008 के द्वारा पलवल नाम केध नये जिले का गठन किया है जिसे वर्तमान फरीदाबाद और मेवात जिले से अलग करके बनाया गया
भारिबैं/2008-09/351 ग्राआऋवि. केंका. एलबीएस.बी सी सं.84/02.08.01/2008-09 जनवरी 15, 2009   अध्यक्ष, सभी अग्रणी बैंक,   प्रिय महोदय,   अग्रणी बैंक योजना - हरियाणा राज्य में नये जिले पलवल का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन   राजस्व तथा आपदा प्रबंधन विभाग, हरियाणा सरकार, के दिनांक 13 अगस्त 2008 के अधिसूचना सं. का.आ.69/पं.अ.17/1887/धा.5/2008 के द्वारा पलवल नाम केध नये जिले का गठन किया है जिसे वर्तमान फरीदाबाद और मेवात जिले से अलग करके बनाया गया
जनवरी 06, 2009
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह संघ शासित राज्य मे नये जिलों का गठन - अग्रणी बैंक दायित्व सौंपना
भारिबैं / 2008-09 /347भारिबैं/2008-09/347 ग्राआऋवि.केका.एलबीएस.बीसी.सं. 83 /02.08.01/2008-09 06 जनवरी 2009अध्यक्षसभी अग्रणी बैंकमहोदय,अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह संघ शासित राज्य मे नये जिलों का गठन - अग्रणी बैंक दायित्व सौंपना राजस्व विभाग, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, प्रशासन ने दिनांक 17 अगस्त 2006 की अपनी राजपत्र संख्या 153 एवं अधिसूचना सं.147/2006/एफ.सं.3-195/2002-एलएसजी,(रेव्यू) द्वारा दिनांक अगस्त 18, 2006 से वर्तमान जिला अंडमान को विस्थापित कर दक्षिण अंडमान
भारिबैं / 2008-09 /347भारिबैं/2008-09/347 ग्राआऋवि.केका.एलबीएस.बीसी.सं. 83 /02.08.01/2008-09 06 जनवरी 2009अध्यक्षसभी अग्रणी बैंकमहोदय,अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह संघ शासित राज्य मे नये जिलों का गठन - अग्रणी बैंक दायित्व सौंपना राजस्व विभाग, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, प्रशासन ने दिनांक 17 अगस्त 2006 की अपनी राजपत्र संख्या 153 एवं अधिसूचना सं.147/2006/एफ.सं.3-195/2002-एलएसजी,(रेव्यू) द्वारा दिनांक अगस्त 18, 2006 से वर्तमान जिला अंडमान को विस्थापित कर दक्षिण अंडमान
दिसंबर 30, 2008
एसएलबीसी बैठकों में एमएसएमइ क्षेत्र से संबंधित मामलों को शामिल करना
आरबीआइ / 2008-09/334 ग्राआऋवि.एलबीएस.केका.बीसी.सं. 79 /02-01.01/2008-0930 दिसंबर 2008 अध्यक्ष / कार्यपालक निदेशक सभी एसएलबीसी संयोजक बैंक (डाक सूची के अनुसार ) महोदय / महोदया,एसएलबीसी बैठकों में एमएसएमइ क्षेत्र से संबंधित मामलों को शामिल करनाजैसाकि आपको ज्ञात है, अपेक्षित क्षेत्रों को पर्याप्त मात्रा में और समय पर ऋण प्रदान करना सुनिश्चित करने हेतु, राज्य और केद्र सरकार की बैंकों और एजेंसियों के बीच समन्वय हेतु राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) एक विवेचनात्मक केद्
आरबीआइ / 2008-09/334 ग्राआऋवि.एलबीएस.केका.बीसी.सं. 79 /02-01.01/2008-0930 दिसंबर 2008 अध्यक्ष / कार्यपालक निदेशक सभी एसएलबीसी संयोजक बैंक (डाक सूची के अनुसार ) महोदय / महोदया,एसएलबीसी बैठकों में एमएसएमइ क्षेत्र से संबंधित मामलों को शामिल करनाजैसाकि आपको ज्ञात है, अपेक्षित क्षेत्रों को पर्याप्त मात्रा में और समय पर ऋण प्रदान करना सुनिश्चित करने हेतु, राज्य और केद्र सरकार की बैंकों और एजेंसियों के बीच समन्वय हेतु राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) एक विवेचनात्मक केद्
दिसंबर 17, 2008
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में नाम शामिल करना / हटाना -
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
आरबीआई/2008-09/327 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं.बीसी. 77/03.05.100/2008-09 17 दिसंबर 2008सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय,भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में नाम शामिल करना / हटाना - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकहम सूचित करते हैं कि दिनांक 15 नवंबर 2008 के भारत के राजपत्र (भाग III धारा 4) में प्रकाशित दिनांक 22 सितंबर 2008 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं. 3231/03.05.100/2008-09 द्वारा 25 समामेलित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के नामों का भारतीय रिज़र्व ब
आरबीआई/2008-09/327 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं.बीसी. 77/03.05.100/2008-09 17 दिसंबर 2008सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रिय महोदय,भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में नाम शामिल करना / हटाना - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकहम सूचित करते हैं कि दिनांक 15 नवंबर 2008 के भारत के राजपत्र (भाग III धारा 4) में प्रकाशित दिनांक 22 सितंबर 2008 की अधिसूचना ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.सं. 3231/03.05.100/2008-09 द्वारा 25 समामेलित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के नामों का भारतीय रिज़र्व ब
दिसंबर 16, 2008
माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण देना
आरबीआई / 2008-09/ 324आरबीआई / 2008-09/ 324 ग्राआऋवि.एसएमइ ऍण्ड एनएफएस.बीसी.सं. 76/06.02.31(पी)/2008-09 16 दिसंबर 2008सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्थानीय क्षेत्र के बैंक (एलएबी)प्रिय महोदय,माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण देनावैश्विक गतिविधियों और घरेलू ऋण बाजारों के असर के आघातों के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक ने रोजगारोन्मुख माइक्रो और छोटे उद्यम (एमएसई) क्षेत्र को ऋण बढ़ाने के कई उपाय किए हैं।2. इस क्षेत्र को सहायता प्रदान करने के लिए रिज़र्व बैंक ने
आरबीआई / 2008-09/ 324आरबीआई / 2008-09/ 324 ग्राआऋवि.एसएमइ ऍण्ड एनएफएस.बीसी.सं. 76/06.02.31(पी)/2008-09 16 दिसंबर 2008सभी वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्थानीय क्षेत्र के बैंक (एलएबी)प्रिय महोदय,माइक्रो और छोटे उद्यमों को ऋण देनावैश्विक गतिविधियों और घरेलू ऋण बाजारों के असर के आघातों के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक ने रोजगारोन्मुख माइक्रो और छोटे उद्यम (एमएसई) क्षेत्र को ऋण बढ़ाने के कई उपाय किए हैं।2. इस क्षेत्र को सहायता प्रदान करने के लिए रिज़र्व बैंक ने
दिसंबर 08, 2008
प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को ऋण
आरबीआइ /2008-09/315 ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी. 74/04.09.01/2008-09   8 दिसंबर 2008   अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर ) महोदय,   प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को ऋण   दिनांक 6 दिसंबर 2008 की प्रेस प्रकाशनी सं. 2008-2009/842 में रिज़र्व बैंक की घोषणा के अनुसार यह निर्णय लिया गया है कि रिहायशी इकाइयों की खरीद / निर्माण के लिए एकल व्यक्तियो
आरबीआइ /2008-09/315 ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी. 74/04.09.01/2008-09   8 दिसंबर 2008   अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर ) महोदय,   प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र को उधार - आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को ऋण   दिनांक 6 दिसंबर 2008 की प्रेस प्रकाशनी सं. 2008-2009/842 में रिज़र्व बैंक की घोषणा के अनुसार यह निर्णय लिया गया है कि रिहायशी इकाइयों की खरीद / निर्माण के लिए एकल व्यक्तियो
दिसंबर 05, 2008
कृषि संबंधी परिचालनों के लिए अस्थायी नकदी सहायता
आरबीआई/2008-09/308आरबीआई/2008-09/308 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी.सं.73/05.04.02/2008-09 5 दिसम्बर 2008 अनुसूचित बैंकों/नाबार्ड के अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक प्रिय मोदय,कृषि संबंधी परिचालनों के लिए अस्थायी नकदी सहायता कृपया उपर्युक्त विषय पर 15 अक्तूबर 2008 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी 45/05.04.02/ 2008-09 और 3 नवम्बर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी 60/05.04.02/ 2008-09 देखें ।2. जैसा कि उसमें कहा गया है, रिज़र्व बैंक ने इस बीच कृषि संबंधी परिचा
आरबीआई/2008-09/308आरबीआई/2008-09/308 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी.सं.73/05.04.02/2008-09 5 दिसम्बर 2008 अनुसूचित बैंकों/नाबार्ड के अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक प्रिय मोदय,कृषि संबंधी परिचालनों के लिए अस्थायी नकदी सहायता कृपया उपर्युक्त विषय पर 15 अक्तूबर 2008 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी 45/05.04.02/ 2008-09 और 3 नवम्बर 2008 का परिपत्र ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी 60/05.04.02/ 2008-09 देखें ।2. जैसा कि उसमें कहा गया है, रिज़र्व बैंक ने इस बीच कृषि संबंधी परिचा
दिसंबर 03, 2008
वर्ष 2008-09 मे अल्पावधि ऋण फसलो के लिए 3 प्रतिशत की ब्याज सहायता योजना
आरबीआई/2008-09/305आरबीआई/2008-09/305 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी.सं.72/05.04.02/2008-093 दिसम्बर 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकप्रिय मोदय,वर्ष 2008-09 मे अल्पावधि ऋण फसलो के लिए 3 प्रतिशत की ब्याज सहायता योजना कृपया वर्ष 2008-09 में अल्पावधि फसल ऋणों के लिए 2 प्रतिशत ब्याज की सहायता योजना के संबंध में 14 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी 11/05.04.02/ 2008-09 देखें ।2. हमें भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग ने अब
आरबीआई/2008-09/305आरबीआई/2008-09/305 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी.सं.72/05.04.02/2008-093 दिसम्बर 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकप्रिय मोदय,वर्ष 2008-09 मे अल्पावधि ऋण फसलो के लिए 3 प्रतिशत की ब्याज सहायता योजना कृपया वर्ष 2008-09 में अल्पावधि फसल ऋणों के लिए 2 प्रतिशत ब्याज की सहायता योजना के संबंध में 14 जुलाई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी 11/05.04.02/ 2008-09 देखें ।2. हमें भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग ने अब
नवंबर 03, 2008
कृषि संबंधी परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थायी नकदी सहायता
आरबीआई / 2008-09 / 266आरबीआई/2008-09 /266 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी. 60 / 05.04.02/2008-09 3 नवंबर 2008 सभी अनुसूचित बैंकों / नाबार्ड के अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक प्रिय महोदय,कृषि संबंधी परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थायी नकदी सहायताकृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 15 अक्तूबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. पीएलएफएस. सं. बीसी. 45/05.04.02/2008-09 देखें।2. रिज़र्व बैंक ने 5 दिसंबर 2008 तक की अवधि के लिए कृषि संबंधी परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थायी नकदी सहायता की
आरबीआई / 2008-09 / 266आरबीआई/2008-09 /266 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी. 60 / 05.04.02/2008-09 3 नवंबर 2008 सभी अनुसूचित बैंकों / नाबार्ड के अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक प्रिय महोदय,कृषि संबंधी परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थायी नकदी सहायताकृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 15 अक्तूबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. पीएलएफएस. सं. बीसी. 45/05.04.02/2008-09 देखें।2. रिज़र्व बैंक ने 5 दिसंबर 2008 तक की अवधि के लिए कृषि संबंधी परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थायी नकदी सहायता की
अक्‍तूबर 22, 2008
कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई नकदी सहायता
आरबीआइ/2008-09/244 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी. 55/05.04.02/2008-09 22 अक्तूबर 2008 सभी अनुसूचित बैंकों / नाबार्ड के अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालकप्रिय महोदय,कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई नकदी सहायताकृपया उपर्युक्त विषय पर 15 अक्तूबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. पीएलएफएस. सं. बीसी.45/05.04.02/2008-09 देखें।2. उसमें बताए गए अनुसार, कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई नकदी सहायता पर ब्याज दर को इस बीच संशोधित किया गया है। तदनुसार, 20 अक्तूबर 2008 से उक्त
आरबीआइ/2008-09/244 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी. 55/05.04.02/2008-09 22 अक्तूबर 2008 सभी अनुसूचित बैंकों / नाबार्ड के अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालकप्रिय महोदय,कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई नकदी सहायताकृपया उपर्युक्त विषय पर 15 अक्तूबर 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि. पीएलएफएस. सं. बीसी.45/05.04.02/2008-09 देखें।2. उसमें बताए गए अनुसार, कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई नकदी सहायता पर ब्याज दर को इस बीच संशोधित किया गया है। तदनुसार, 20 अक्तूबर 2008 से उक्त
अक्‍तूबर 15, 2008
कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई चलनिधि सहायता
आरबीआइ / 2008-09 / 226 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी. 45/05.04.02/2008-09 15 अक्तूबर 2008 सभी अनुसूचित बैंकों / नाबार्ड के अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालकप्रिय महोदय,कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई चलनिधि सहायताबैंकों द्वारा कृषि परिचालनों के लिए पर्याप्त वित्तपोषण सुनिश्चित करने की दृष्टि से, रिज़र्व बैंक ने नाबार्ड और अनुसूचित बैंकों को उनके बकाया कृषि अग्रिमों पर 25,000/- करोड़ रुपए तक की अस्थायी नकदी सहायता प्रदान करने का निर्णय किया है। यह सीमा कृषि ऋण माफी और ऋण
आरबीआइ / 2008-09 / 226 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.सं.बीसी. 45/05.04.02/2008-09 15 अक्तूबर 2008 सभी अनुसूचित बैंकों / नाबार्ड के अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालकप्रिय महोदय,कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए अस्थाई चलनिधि सहायताबैंकों द्वारा कृषि परिचालनों के लिए पर्याप्त वित्तपोषण सुनिश्चित करने की दृष्टि से, रिज़र्व बैंक ने नाबार्ड और अनुसूचित बैंकों को उनके बकाया कृषि अग्रिमों पर 25,000/- करोड़ रुपए तक की अस्थायी नकदी सहायता प्रदान करने का निर्णय किया है। यह सीमा कृषि ऋण माफी और ऋण
अक्‍तूबर 10, 2008
प्रधान मंत्री रोजगार निर्माण योजना (पीएमइजीपी)
आरबीआइ/2008-09/211आरबीआइ/2008-09/211 आरपासीडी.पीएलएनएफएस.बीसी.सं.41/09.04.01/2008-09 10 अक्तूबर 2008अध्यक्ष /प्रबंध निदेशक सभी भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)प्रिय महोदयप्रधान मंत्री रोजगार निर्माण योजना (पीएमइजीपी) जैसा कि आप जानते हैं, भारत सरकार ने ग्रामीण रोजगार निर्माण कार्यक्रम (आरइजीपी) का प्रधान मंत्री रोजगार योजना (पीएमआरवाइ) के साथ विलय करके प्रधान मंत्री रोजगार निर्माण योजना (पीएमइजीपी) नामक एक नई योजना आरंभ की है। 2. पीएमइजीप
आरबीआइ/2008-09/211आरबीआइ/2008-09/211 आरपासीडी.पीएलएनएफएस.बीसी.सं.41/09.04.01/2008-09 10 अक्तूबर 2008अध्यक्ष /प्रबंध निदेशक सभी भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)प्रिय महोदयप्रधान मंत्री रोजगार निर्माण योजना (पीएमइजीपी) जैसा कि आप जानते हैं, भारत सरकार ने ग्रामीण रोजगार निर्माण कार्यक्रम (आरइजीपी) का प्रधान मंत्री रोजगार योजना (पीएमआरवाइ) के साथ विलय करके प्रधान मंत्री रोजगार निर्माण योजना (पीएमइजीपी) नामक एक नई योजना आरंभ की है। 2. पीएमइजीप
सितंबर 19, 2008
नई ‘‘मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना’’ (एसआरएमएस) - लक्ष्यों की प्राप्ति
़्र•ख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्द्दiआरबीआइ/2008-09/182 ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.36/09.03.01/2008-09 19 सितंबर 2008अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकनई ‘‘मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना’’ (एसआरएमएस) - लक्ष्यों की प्राप्तिकृपया उपर्युक्त विषय पर 1 जुलाई 2008 का हमारा मास्टर परिपत्र ग्राआऋवि.सं. एसपी.बीसी. 10/09.03.01/2007-08 देखें। भारत सरकार का यह आशय है कि नई एसआरएमएस योजना को दृढ़संकल्प के साथ राष्ट्रीय प्राथमिक
़्र•ख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्द्दiआरबीआइ/2008-09/182 ग्राआऋवि.एसपी.बीसी.36/09.03.01/2008-09 19 सितंबर 2008अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकनई ‘‘मैला ढोने वाले स्वच्छकारों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना’’ (एसआरएमएस) - लक्ष्यों की प्राप्तिकृपया उपर्युक्त विषय पर 1 जुलाई 2008 का हमारा मास्टर परिपत्र ग्राआऋवि.सं. एसपी.बीसी. 10/09.03.01/2007-08 देखें। भारत सरकार का यह आशय है कि नई एसआरएमएस योजना को दृढ़संकल्प के साथ राष्ट्रीय प्राथमिक
सितंबर 12, 2008
प्रकटन के जारिए बैंक के कार्यों में अधिक पारदर्शिता लाना
ऱ््रेख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्ख्र्ज्ञ्i आरबीआई 2008 - 2009/164 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 27/03.05.33/2008-09 12 सितम्बर 2008अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय,प्रकटन के जारिए बैंक के कार्यों में अधिक पारदर्शिता लानाबेहतरीन प्रथाओं से सामंज़ास्य बनाए रखते हुए प्रकटन के लिए व्यापक अपेक्षाओं के साथ बैंकों की पारदर्शिता को बडाने के लिए समय-समय पर कई उपाय किए ज़ा रहे हैं। प्रकटन की आवश्यकताओं की समीक्षा की ज़ा रही है। उनमें समय-समय पर संशोधन कि
ऱ््रेख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्ख्र्ज्ञ्i आरबीआई 2008 - 2009/164 ग्राआऋवि.केंका.आरआरबी.बीसी.सं. 27/03.05.33/2008-09 12 सितम्बर 2008अध्यक्ष सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक महोदय,प्रकटन के जारिए बैंक के कार्यों में अधिक पारदर्शिता लानाबेहतरीन प्रथाओं से सामंज़ास्य बनाए रखते हुए प्रकटन के लिए व्यापक अपेक्षाओं के साथ बैंकों की पारदर्शिता को बडाने के लिए समय-समय पर कई उपाय किए ज़ा रहे हैं। प्रकटन की आवश्यकताओं की समीक्षा की ज़ा रही है। उनमें समय-समय पर संशोधन कि
सितंबर 04, 2008
केद्रीय बाट - 2008-09 - कृषि ऋण माफा और ऋण राहत योज़ना, 2008
ऱ््रेख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् दृ्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ॰ख्र्ज्ञ्iभारिबैं/2008-09/154 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं.24/05.04.02/2008-09 4 सितंबर 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य़ बैंक (स्थानीय क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)प्रिय महोदय,केद्रीय बज़ट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योज़ना, 2008कृपया 23 मई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.जीसी.सं.72/05.04.02/ 2007-08 देखें ज़िसके साथ कृषि ऋण माफा और ऋण राहत योज़ना, 2008 और हमारा बाद में ज़ारी 30 मई 2008 का परि
ऱ््रेख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् दृ्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ॰ख्र्ज्ञ्iभारिबैं/2008-09/154 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं.24/05.04.02/2008-09 4 सितंबर 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य़ बैंक (स्थानीय क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)प्रिय महोदय,केद्रीय बज़ट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योज़ना, 2008कृपया 23 मई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.जीसी.सं.72/05.04.02/ 2007-08 देखें ज़िसके साथ कृषि ऋण माफा और ऋण राहत योज़ना, 2008 और हमारा बाद में ज़ारी 30 मई 2008 का परि
अगस्त 28, 2008
फसल ऋण के लिए किसानों के लिए सरलीकृत चक्रीय ऋण उत्पाद
ऱ््रेख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् दृ्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ॰ख्र्ज्ञ्iभारिबैं/2008-09/145 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं.23/05..04.02/2008-09 28 अगस्त 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुसूचित वाणिज्य़ बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)महोदय,फसल ऋण के लिए किसानों के लिए सरलीकृत चक्रीय ऋण उत्पादकृपया वर्ष 2008-09 के वार्षिक नीति वक्तव्य का पैरा 138 और 139 (प्रति संलग्न) देखें।2. वर्ष 2007-08 के वार्षिक नीति वक्तव्य की मध्यावधि समीक्षा में कृषि कर्मदारी पर राधाकृष्ण विशेष
ऱ््रेख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् दृ्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ॰ख्र्ज्ञ्iभारिबैं/2008-09/145 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं.23/05..04.02/2008-09 28 अगस्त 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुसूचित वाणिज्य़ बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)महोदय,फसल ऋण के लिए किसानों के लिए सरलीकृत चक्रीय ऋण उत्पादकृपया वर्ष 2008-09 के वार्षिक नीति वक्तव्य का पैरा 138 और 139 (प्रति संलग्न) देखें।2. वर्ष 2007-08 के वार्षिक नीति वक्तव्य की मध्यावधि समीक्षा में कृषि कर्मदारी पर राधाकृष्ण विशेष
अगस्त 26, 2008
फसल ऋण के लिए उधार देने की क्रियाविधि का सरलीकरण
आरबीआइ /2008-09/140आरबीआइ /2008-09/140 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं.22/05..04.02/2008-09 26 अगस्त 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुसूचित वाणिज्य़ बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)महोदय,फसल ऋण के लिए उधार देने की क्रियाविधि का सरलीकरण कृपया वर्ष 2008-09 के वार्षिक नीति वक्तव्य का पैरा 138 और 139 (प्रति संलग्न) देखें।2. वर्ष 2007-08 के वार्षिक नीति वक्तव्य की मध्यावधि समीक्षा में कृषि कर्ज़दारी पर राधाकृष्ण विशेषज्ञ दल की उन सिफारिशों की ज़ांच करने क
आरबीआइ /2008-09/140आरबीआइ /2008-09/140 ग्राआऋवि.पीएलएफएस.बीसी.सं.22/05..04.02/2008-09 26 अगस्त 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुसूचित वाणिज्य़ बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित)महोदय,फसल ऋण के लिए उधार देने की क्रियाविधि का सरलीकरण कृपया वर्ष 2008-09 के वार्षिक नीति वक्तव्य का पैरा 138 और 139 (प्रति संलग्न) देखें।2. वर्ष 2007-08 के वार्षिक नीति वक्तव्य की मध्यावधि समीक्षा में कृषि कर्ज़दारी पर राधाकृष्ण विशेषज्ञ दल की उन सिफारिशों की ज़ांच करने क
अगस्त 18, 2008
मध्य प्रदेश राज्य में दो नये जिलों का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन
़ख्र्ख्र्दृ्र॰ख्र्ज्ञ्/2008-09/130भारिबैं/2008-09/130 ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.बी सी सं.20 /02.08.01/2008-09 अगस्त 18, 2008अध्यक्ष,सभी अग्रणी बैंक, प्रिय महोदय,मध्य प्रदेश राज्य में दो नये जिलों का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन राजस्व विभाग, मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल के दिनांक मई 17, 2008 और मई 15, 2008 के आदेश सं.एफ.1-40-VII-05-एस.6 और सं.एफ.1-1-2007-VII-एस.6 द्वारा अलीराजपुर(जिसमें सम्पुर्ण अलीराजपुर ,जेबट तथा भावरा तहसीलें शामिल हैं ) और सिंगरौली (जिसमें देवस
़ख्र्ख्र्दृ्र॰ख्र्ज्ञ्/2008-09/130भारिबैं/2008-09/130 ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.बी सी सं.20 /02.08.01/2008-09 अगस्त 18, 2008अध्यक्ष,सभी अग्रणी बैंक, प्रिय महोदय,मध्य प्रदेश राज्य में दो नये जिलों का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व का आबंटन राजस्व विभाग, मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल के दिनांक मई 17, 2008 और मई 15, 2008 के आदेश सं.एफ.1-40-VII-05-एस.6 और सं.एफ.1-1-2007-VII-एस.6 द्वारा अलीराजपुर(जिसमें सम्पुर्ण अलीराजपुर ,जेबट तथा भावरा तहसीलें शामिल हैं ) और सिंगरौली (जिसमें देवस
अगस्त 18, 2008
प्रकटन के जरिए बैंक के कार्यों में अधिक पारदर्शिता लाना
आरबीआई 2008 / 2009- 131 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 21 / 07.38.03/2008-09 18 अगस्त 2008 सभी राज्यों/मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के अध्यक्ष/कार्यपालक महोदय,प्रकटन के जरिए बैंक के कार्यों में अधिक पारदर्शिता लानाभारतीय रिज़र्व बैंक बेहतरीन प्रथाओं से सामंजस्य बनाए रखते हुए प्रकटन के लिए व्यापक अपेक्षाओं के साथ बैंकों की पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए समय-समय पर कई उपाय करता रहा है। प्रकटन की आवश्यकताओं की समीक्षा की जा रही है। उनमें समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। इस दिशा में,
आरबीआई 2008 / 2009- 131 ग्राआऋवि.केंका.आरएफ.बीसी.सं. 21 / 07.38.03/2008-09 18 अगस्त 2008 सभी राज्यों/मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के अध्यक्ष/कार्यपालक महोदय,प्रकटन के जरिए बैंक के कार्यों में अधिक पारदर्शिता लानाभारतीय रिज़र्व बैंक बेहतरीन प्रथाओं से सामंजस्य बनाए रखते हुए प्रकटन के लिए व्यापक अपेक्षाओं के साथ बैंकों की पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए समय-समय पर कई उपाय करता रहा है। प्रकटन की आवश्यकताओं की समीक्षा की जा रही है। उनमें समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। इस दिशा में,
अगस्त 05, 2008
विभेदक ब्याज दर योजना- आय सीमा में संशोधन- अर्ध
शहरी क्षेत्र के बारे में स्पष्टीकरण
़्र•ख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्द्दiआरबीआइ/2008-09/119 आरपीसीडी.एसपी.सं. 19/09.07.01/2008-09 05 अगस्त, 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक भारतीय अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदयविभेदक ब्याज दर योजना- आय सीमा में संशोधन- अर्ध शहरी क्षेत्र के बारे में स्पष्टीकरण कृपया 10 अप्रैल 2008 का हमारा परिपत्र आरपीसीडी.एसपी.सं.बीसी.55/09.07.01/200708 देखें जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों द्वारा कार्यान्वित की जा रही संशोधित आय सीमा सूचित की
़्र•ख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्द्दiआरबीआइ/2008-09/119 आरपीसीडी.एसपी.सं. 19/09.07.01/2008-09 05 अगस्त, 2008अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक भारतीय अनुसूचित वाणिज्य बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) महोदयविभेदक ब्याज दर योजना- आय सीमा में संशोधन- अर्ध शहरी क्षेत्र के बारे में स्पष्टीकरण कृपया 10 अप्रैल 2008 का हमारा परिपत्र आरपीसीडी.एसपी.सं.बीसी.55/09.07.01/200708 देखें जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों द्वारा कार्यान्वित की जा रही संशोधित आय सीमा सूचित की
जुलाई 14, 2008
यूनियन बजट - 2008-09 - वर्ष 2008-09 में अल्पावधि फसल
ऋण हेतु 2 प्रतिशत ब्याजा की आर्थिक सहायता (सबवेंशन) योजना जारी रखने का प्रस्ताव
़्रड्डख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्द्दiभारिबैं/2008-09/94 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 11/05.04.02/2008-09 14 जलाई 2008 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकमहोदय,यूनियन बजट - 2008-09 - वर्ष 2008-09 में अल्पावधि फसल ऋण हेतु 2 प्रतिशत ब्याजा की आर्थिक सहायता (सबवेंशन) योजना जारी रखने का प्रस्ताव जैसा कि आपको ज्ञात है , माननीय वित्त मंत्री ने 2008-09 के अपने बजट भाषण (पैरा 57) में निम्नलिखित घोषणा की थी :-" अल्पावधि फसल ऋण का संवितरण प्रतिवर्ष 7
़्रड्डख्र्ड्ढञ्ज्ख्र् ङ्क्रढख्र्द्म्ख्र्न्न् ज़्द्दiभारिबैं/2008-09/94 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 11/05.04.02/2008-09 14 जलाई 2008 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकमहोदय,यूनियन बजट - 2008-09 - वर्ष 2008-09 में अल्पावधि फसल ऋण हेतु 2 प्रतिशत ब्याजा की आर्थिक सहायता (सबवेंशन) योजना जारी रखने का प्रस्ताव जैसा कि आपको ज्ञात है , माननीय वित्त मंत्री ने 2008-09 के अपने बजट भाषण (पैरा 57) में निम्नलिखित घोषणा की थी :-" अल्पावधि फसल ऋण का संवितरण प्रतिवर्ष 7
जुलाई 14, 2008
छत्तीसगढ़ राज्य में नए जिलों का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व
भारिबैं/2008-09/95 ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.बीसी.सं. 12 /02.08.01/2008-09 जुलाई 14, 2008अध्यक्ष, सभी अग्रणी बैंक, (सूचीनुसार)प्रिय महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य में नए जिलों का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व राजस्व विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार के दिनांक अप्रैल 28, 2007 के सरकारी आदेश सं.115 द्वारा नारायणपुर (जिसमें नारायणपुर तहसील शामिल हैं) और बीजापुर (जिसमें बीजापुर और भोपालपट्टनम तहसीलें शामिल है), इन दो नये जिलां का गठन किया है जिनको क्रमश:ध वर्तमान बस्तर और दन्तेवाडा जिलों से वि
भारिबैं/2008-09/95 ग्राआऋवि.केंका.एलबीएस.बीसी.सं. 12 /02.08.01/2008-09 जुलाई 14, 2008अध्यक्ष, सभी अग्रणी बैंक, (सूचीनुसार)प्रिय महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य में नए जिलों का गठन - अग्रणी बैंक उत्तरदायित्व राजस्व विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार के दिनांक अप्रैल 28, 2007 के सरकारी आदेश सं.115 द्वारा नारायणपुर (जिसमें नारायणपुर तहसील शामिल हैं) और बीजापुर (जिसमें बीजापुर और भोपालपट्टनम तहसीलें शामिल है), इन दो नये जिलां का गठन किया है जिनको क्रमश:ध वर्तमान बस्तर और दन्तेवाडा जिलों से वि
जून 25, 2008
धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत अधिसूचित नियमों के अनुसार बैंकों का दायित्व
आरबीआइ/2007-08/381 आरपीसीडी. केका.आरएफ. एएमएल. बीसी. सं. 81/07.40.00/2007-08 25 ज़ून 2008 मुख्य कार्यपालक सभी राय़ और केद्रीय सहकारी बैंकमहोदयधन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत अधिसूचित नियमों के अनुसार बैंकों का दायित्व कृपया 03 माफी 2006 का हमारा परिपत्र आरपीसीडी.केका.आरएफं. एएमएल. बीसी. 65/07.02.12/ 2005-06 देखें। उक्त परिपत्र के पैराग्राफ 3 में यह सुनिश्चित किया गया था कि बैंकों से अपेक्षित है कि वे नियम 3 में उल्लिखित अपने ग्राहक के साथ किए गए लेनदेन से संबं
आरबीआइ/2007-08/381 आरपीसीडी. केका.आरएफ. एएमएल. बीसी. सं. 81/07.40.00/2007-08 25 ज़ून 2008 मुख्य कार्यपालक सभी राय़ और केद्रीय सहकारी बैंकमहोदयधन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत अधिसूचित नियमों के अनुसार बैंकों का दायित्व कृपया 03 माफी 2006 का हमारा परिपत्र आरपीसीडी.केका.आरएफं. एएमएल. बीसी. 65/07.02.12/ 2005-06 देखें। उक्त परिपत्र के पैराग्राफ 3 में यह सुनिश्चित किया गया था कि बैंकों से अपेक्षित है कि वे नियम 3 में उल्लिखित अपने ग्राहक के साथ किए गए लेनदेन से संबं
जून 24, 2008
यूनियन बजट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008
आरबीआइ/2007-08/378 आरपीसीडी.सं.पीएलएफएस.बीसी. 80/05.04.02/2007-08 24 जून 2008 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित)महोदय,यूनियन बजट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 19 जून 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी.78 /05.04.02/ 2007-08 देखें ।2. उपर्युक्त परिपत्र के प्रश्न सं. 33 के बारे में प्रस्तुत स्पष्टीकरण भारत सरकार द्वारा निम्नानुसार संशोधित किया गया है" यदि ऋण मुर्गी-
आरबीआइ/2007-08/378 आरपीसीडी.सं.पीएलएफएस.बीसी. 80/05.04.02/2007-08 24 जून 2008 अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित)महोदय,यूनियन बजट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008कृपया उपर्युक्त विषय पर दिनांक 19 जून 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी.78 /05.04.02/ 2007-08 देखें ।2. उपर्युक्त परिपत्र के प्रश्न सं. 33 के बारे में प्रस्तुत स्पष्टीकरण भारत सरकार द्वारा निम्नानुसार संशोधित किया गया है" यदि ऋण मुर्गी-
जून 23, 2008
भारत सरकार द्वारा जारी गैर-एसएलआर प्रतिभूतियों का मूल्यांकन

आरबीआइ/2007-08/376 आरपीसीडी.केका.आरएफ.बीसी. सं. 79/07.02.03/2007-08 23 जून 2008अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक सभी राज्य और केद्रीय सहकारी बैंकमहोदयभारत सरकार द्वारा जारी गैर-एसएलआर प्रतिभूतियों का मूल्यांकनकृपया "बैंकों के निवेश संविभाग प्रतिभूतियों में लेन-देन" पर दिनांक 23 मई 1995 का हमारा परिपत्र आरपीसीडी.सं.बीसी. 154/07.02.08/1994-95 देखें —2. ऐसा देखा गया है कि भारत सरकार ने पिछले कई वर्षों से समय-समय पर ऐसी अनेक विशेष प्रतिभूतियाँ जारी की हैं जो राज्य / केद्रीय सहकार

आरबीआइ/2007-08/376 आरपीसीडी.केका.आरएफ.बीसी. सं. 79/07.02.03/2007-08 23 जून 2008अध्यक्ष / मुख्य कार्यपालक सभी राज्य और केद्रीय सहकारी बैंकमहोदयभारत सरकार द्वारा जारी गैर-एसएलआर प्रतिभूतियों का मूल्यांकनकृपया "बैंकों के निवेश संविभाग प्रतिभूतियों में लेन-देन" पर दिनांक 23 मई 1995 का हमारा परिपत्र आरपीसीडी.सं.बीसी. 154/07.02.08/1994-95 देखें —2. ऐसा देखा गया है कि भारत सरकार ने पिछले कई वर्षों से समय-समय पर ऐसी अनेक विशेष प्रतिभूतियाँ जारी की हैं जो राज्य / केद्रीय सहकार

जून 19, 2008
यूनियन बजट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008
भारिबैं / 2007-08 / 373भारिबैं / 2007-08 / 373 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 78 /05.04.02 /2007-08 19 जून 2008 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित)महोदय,यूनियन बजट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008 कृपया दिनांक 23 मई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 72/05.04.02/2007-08 तथा उसके साथ प्रेषित कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008 देखें। आपका ध्यान दिनांक 30 मई 2008 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफए
भारिबैं / 2007-08 / 373भारिबैं / 2007-08 / 373 ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 78 /05.04.02 /2007-08 19 जून 2008 अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक (स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित)महोदय,यूनियन बजट - 2008-09 - कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008 कृपया दिनांक 23 मई 2008 का हमारा परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफएस.बीसी. 72/05.04.02/2007-08 तथा उसके साथ प्रेषित कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना, 2008 देखें। आपका ध्यान दिनांक 30 मई 2008 के हमारे परिपत्र ग्राआऋवि.सं.पीएलएफए

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