प्रेस प्रकाशनियां
The Reserve Bank had issued the Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Branch Authorisation) Directions, 2025 (hereafter referred as the ‘Master Directions’), on November 28, 2025, which inter alia prescribes regulations on opening and closure of branches of Non-Banking Financial Companies (NBFCs). As announced in the Governor’s Statement on February 06, 2026, the Reserve Bank has today published the Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Branch Authorisation) Amendment Directions, 2026. Consequently, relevant paragraphs of the Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies - Acceptance of Public Deposits) Directions, 2025 and the Reserve Bank of India (Housing Finance Companies) Directions, 2025, shall be amended suitably.
The Reserve Bank had issued the Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Branch Authorisation) Directions, 2025 (hereafter referred as the ‘Master Directions’), on November 28, 2025, which inter alia prescribes regulations on opening and closure of branches of Non-Banking Financial Companies (NBFCs). As announced in the Governor’s Statement on February 06, 2026, the Reserve Bank has today published the Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Branch Authorisation) Amendment Directions, 2026. Consequently, relevant paragraphs of the Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies - Acceptance of Public Deposits) Directions, 2025 and the Reserve Bank of India (Housing Finance Companies) Directions, 2025, shall be amended suitably.
जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)
जनवरी 2026 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,392 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 19,850 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 477 कुल (क+ख-ग) 22,765 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 19,932 19,916 16 (99.9%) (0.1%)
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 8 जून 2023 के विकासात्मक और विनियामकीय नीति पर अपने वक्तव्य के एक भाग के रूप में, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित एक्सपोज़र के संबंध में समाधान योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु मौजूदा विवेकपूर्ण मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की थी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू विनियामकीय निर्देशों में सामंजस्य स्थापित करना शामिल था। मौजूदा विनियामकीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा के आधार पर, जिसमें दायरा, कवरेज और विवेकपूर्ण आवश्यकताएं शामिल हैं, सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित मसौदा निदेश जारी किए जा रहे हैं।
कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
कृपया एफएमआरडी मास्टर निदेश सं. 1/2016-17- मास्टर निदेश - जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन तथा विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लागू पूंजी पर्याप्तता निदेश, 2025 संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड का संदर्भ लें, जो अन्य बातों के साथ-साथ नेट ओपन पोजिशन की गणना और विदेशी मुद्रा जोखिम पर पूंजी प्रभार की गणना के लिए कार्यप्रणाली निर्दिष्ट करते हैं। (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026 (2) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) दूसरा संशोधन निदेश, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज ‘एनबीएफसी/एआरसी की स्वाधिकृत निधि/ टियर 1 पूंजी की गणना और ‘'ऋण/ निवेश संकेंद्रण’’ मानदंडों पर उक्त गणना के लागू होने संबंधी स्पष्टीकरण’ पर संशोधन निदेशों के मसौदे जारी किए हैं, जिसके माध्यम से निम्नलिखित मास्टर निदेशों में संशोधन किए गए हैं:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज ‘एनबीएफसी/एआरसी की स्वाधिकृत निधि/ टियर 1 पूंजी की गणना और ‘'ऋण/ निवेश संकेंद्रण’’ मानदंडों पर उक्त गणना के लागू होने संबंधी स्पष्टीकरण’ पर संशोधन निदेशों के मसौदे जारी किए हैं, जिसके माध्यम से निम्नलिखित मास्टर निदेशों में संशोधन किए गए हैं:
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इन एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इन एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए हैं : क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख प्रमाणपत्र निरस्त करने की तारीख 1. सत्य प्रकाश कैपिटल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड प्लॉट नं. 23, शीतलपुरी, उखारी रोड, जबलपुर, मध्य प्रदेश, 482002 बी -03.00072 29 जनवरी 2014 9 दिसंबर 2025 2. ए जी सिक्युरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड बी-1 / 5, पाचिम विहार, दिल्ली 110063 14.01112 11 सितंबर 1998 19 दिसंबर 2025 3. एएलबी लीसिंग एंड फाईनेन्स लिमिटेड एम-79, पहली मंजिल, एम- ब्लॉक बाज़ार, ग्रेटर कैलाश-II, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली, 110048 बी -14.02015 11 जनवरी 2005 19 दिसंबर 2025 4. एटीएम क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ई - 365, निर्माण विहार, दिल्ली, 110092 14.00773 11 जनवरी 2005 19 दिसंबर 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए हैं : क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख प्रमाणपत्र निरस्त करने की तारीख 1. सत्य प्रकाश कैपिटल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड प्लॉट नं. 23, शीतलपुरी, उखारी रोड, जबलपुर, मध्य प्रदेश, 482002 बी -03.00072 29 जनवरी 2014 9 दिसंबर 2025 2. ए जी सिक्युरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड बी-1 / 5, पाचिम विहार, दिल्ली 110063 14.01112 11 सितंबर 1998 19 दिसंबर 2025 3. एएलबी लीसिंग एंड फाईनेन्स लिमिटेड एम-79, पहली मंजिल, एम- ब्लॉक बाज़ार, ग्रेटर कैलाश-II, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली, 110048 बी -14.02015 11 जनवरी 2005 19 दिसंबर 2025 4. एटीएम क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ई - 365, निर्माण विहार, दिल्ली, 110092 14.00773 11 जनवरी 2005 19 दिसंबर 2025
निम्नलिखित 16 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों(एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित 16 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों(एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
विनियमित संस्थाओं के साथ रिज़र्व बैंक की निरंतर बातचीत के एक भाग के रूप में, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक, ने आज मुंबई में चुनिंदा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी), जिसमें सरकारी एनबीएफ़सी, आवास वित्त कंपनियाँ (एचएफ़सी) और सूक्ष्म वित्त संस्थान शामिल थे, के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (एमडी
विनियमित संस्थाओं के साथ रिज़र्व बैंक की निरंतर बातचीत के एक भाग के रूप में, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक, ने आज मुंबई में चुनिंदा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी), जिसमें सरकारी एनबीएफ़सी, आवास वित्त कंपनियाँ (एचएफ़सी) और सूक्ष्म वित्त संस्थान शामिल थे, के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (एमडी
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 अक्तूबर 2025 को संबंधित पार्टियों को उधार देने संबंधी आठ निदेशों के मसौदे जारी किए थे, अर्थात : (i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025 (iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – संबंधित पार्टियों को उधार देना) निदेश, 2025
क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)
क) दिसंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की संख्या क माह की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,217 ख माह के दौरान प्राप्त आवेदन 24,544 ग अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजे गए 388 कुल (क+ख-ग) 27,373 घ माह के दौरान प्रसंस्कृत किए गए आवेदन – समय- सीमा के भीतर – समय- सीमा के बाद 23,981 23,938 43 (99.8%) (0.2%) ङ माह के अंत में लंबित आवेदन - समय- सीमा के भीतर - समय- सीमा के बाद 3,392 3,374 18* (99.5%) (0.5%)
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अक्तूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी - स्केल आधारित विनियमन) संशोधन निदेश, 2025 का मसौदा हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था। संशोधन निदेशों का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में चल रहे अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक जोखिम के साथ जोखिम भार को संरेखित करना था, ताकि इससे बेहतर जोखिम मूल्यांकन और पूंजी आबंटन को बढ़ावा मिल सके।
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
वर्तमान दिशानिर्देशों में साख संस्थानों(सीआई) द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) को पाक्षिक या कम अंतराल पर ऋण संबंधी जानकारी प्रस्तुत करना निर्धारित किया गया है। ऋण हामीदारी प्रक्रियाओं में साख सूचना रिपोर्ट (सीआइआर) पर सीआई की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि सीआईसी द्वारा प्रदान किए गए सीआईआर में हाल की जानकारी प्रदर्शित हो। समीक्षा के बाद, यह प्रस्ताव दिया गया था कि वर्तमान अनुदेशों तथा सीआई द्वारा सीआईसी
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
नवंबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है –
ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग
ज़र्व बैंक ने वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्यात पर होने वाली व्यापार रुकावटों के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं। ए. सामान/सॉफ्टवेयर/सेवाओं के निर्यात से प्राप्त होने वाली राशि की वसूली और प्रत्यावर्तन तथा निर्यात के बदले अग्रिम भुगतान संबंधी फेमा विनियम i) भारत से निर्यात किए ग
निम्नलिखित 2 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
निम्नलिखित 2 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
अक्तूबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है
अक्तूबर 2025 माह के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत कार्य-निष्पादन का विश्लेषण किया गया है, और उसका सारांश नीचे दिया गया है
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित निदेशों के मसौदे जारी किए हैं: 1. भारतीय रिज़र्व बैंक (पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए निम्नलिखित निदेशों के मसौदे जारी किए हैं: 1. भारतीय रिज़र्व बैंक (पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी बाजार एक्सपोज़र) निदेश, 2025 का मसौदा
दिनांक 29 जुलाई 2025 के उपर्युक्त निदेशों के पैरा 7(बी) के अनुसार, यह निर्धारित किया गया है कि रिज़र्व बैंक, भारत सरकार के परामर्श से, एक अधिसूचना द्वारा, कतिपय वैकल्पिक निवेश निधियों (एआईएफ) को उपरोक्त निदेशों (पैराग्राफ 5 - "सामान्य आवश्यकता" को छोड़कर) और इसी संबंध में जारी 19 दिसंबर 2023 और 27 मार्च 2024 के पिछले परिपत्रों के दायरे से छूट दे सकता है।
दिनांक 29 जुलाई 2025 के उपर्युक्त निदेशों के पैरा 7(बी) के अनुसार, यह निर्धारित किया गया है कि रिज़र्व बैंक, भारत सरकार के परामर्श से, एक अधिसूचना द्वारा, कतिपय वैकल्पिक निवेश निधियों (एआईएफ) को उपरोक्त निदेशों (पैराग्राफ 5 - "सामान्य आवश्यकता" को छोड़कर) और इसी संबंध में जारी 19 दिसंबर 2023 और 27 मार्च 2024 के पिछले परिपत्रों के दायरे से छूट दे सकता है।
रिज़र्व बैंक का अपने विनियामक ढांचे को अनुकूलतम बनाने के लिए निरंतर प्रयास रहा है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विनियामक बोझ और अनुपालन लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही मौजूदा अनुदेशों की वैधता का समय पर पुनर्मूल्यांकन भी किया गया है।
रिज़र्व बैंक का अपने विनियामक ढांचे को अनुकूलतम बनाने के लिए निरंतर प्रयास रहा है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ विनियामक बोझ और अनुपालन लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही मौजूदा अनुदेशों की वैधता का समय पर पुनर्मूल्यांकन भी किया गया है।
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज निम्नलिखित निदेशों का मसौदा जारी किया: क. भारतीय रिज़र्व बैंक (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक - ऋण संबंधी जोखिम के लिए पूंजी प्रभार - मानकीकृत दृष्टिकोण) निदेश, 2025 का मसौदा प्रस्तावित निदेश, बैंकिंग पर्यवेक्षण बासेल समिति (बीसीबीएस) द्वारा कार्यान्वित वैश्विक सुधारों के प्रमुख तत्वों में से एक को भारतीय संदर्भ के अनुरूप लागू करने
दिनांक 1 अक्तूबर 2025 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज निम्नलिखित निदेशों का मसौदा जारी किया: क. भारतीय रिज़र्व बैंक (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक - ऋण संबंधी जोखिम के लिए पूंजी प्रभार - मानकीकृत दृष्टिकोण) निदेश, 2025 का मसौदा प्रस्तावित निदेश, बैंकिंग पर्यवेक्षण बासेल समिति (बीसीबीएस) द्वारा कार्यान्वित वैश्विक सुधारों के प्रमुख तत्वों में से एक को भारतीय संदर्भ के अनुरूप लागू करने
दिनांक 8 दिसंबर 2023 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्यमें की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा संबंधित पक्षों को उधार देने संबंधी निम्नलिखित विनियामक ढांचा के मसौदे जारी किए हैं, जिन पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं:
दिनांक 8 दिसंबर 2023 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्यमें की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा संबंधित पक्षों को उधार देने संबंधी निम्नलिखित विनियामक ढांचा के मसौदे जारी किए हैं, जिन पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं:
रिज़र्व बैंक ने 19 जून 2024 को ‘एनबीएफसी के लिए स्व-विनियामक संगठनों (एसआरओ) की मान्यता हेतु आवेदन आमंत्रित करना' संबंधी एक प्रेस प्रकाशनी जारी की थी, जिसमें एनबीएफसी क्षेत्र के लिए एसआरओ को मान्यता प्रदान करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। 2. हमें एनबीएफसी के लिए एसआरओ के
रिज़र्व बैंक ने 19 जून 2024 को ‘एनबीएफसी के लिए स्व-विनियामक संगठनों (एसआरओ) की मान्यता हेतु आवेदन आमंत्रित करना' संबंधी एक प्रेस प्रकाशनी जारी की थी, जिसमें एनबीएफसी क्षेत्र के लिए एसआरओ को मान्यता प्रदान करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। 2. हमें एनबीएफसी के लिए एसआरओ के
सितंबर 2025 के महीने के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत निष्पादन का विश्लेषण किया गया है और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की सं. ए महीने की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,124 बी माह के दौरान प्राप्त आवेदन 23,548 सी अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजा गया 346 डी कुल (ए+बी-सी) 26,326
सितंबर 2025 के महीने के दौरान नागरिक चार्टर के अंतर्गत निष्पादन का विश्लेषण किया गया है और उसका सारांश नीचे दिया गया है – विवरण आवेदनों की सं. ए महीने की शुरुआत में लंबित आवेदन 3,124 बी माह के दौरान प्राप्त आवेदन 23,548 सी अतिरिक्त जानकारी के लिए आवेदकों को वापस भेजा गया 346 डी कुल (ए+बी-सी) 26,326
रिज़र्व बैंक ने निरसन हेतु एनबीएफसी (एचएफसी सहित) द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) के स्वैच्छिक अभ्यर्पण पर दिनांक 1 दिसंबर 2022 को एक प्रेस प्रकाशनी जारी की थी, जिसमें आवेदन फॉर्म और सांकेतिक जांच सूची संलग्न थी। रिज़र्व बैंक ने 28 मई 2024 को प्रवाह पोर्टल का लोकार्पण किया है, ताकि किसी भी व्यक्ति या संस्था के लिए विभिन्न विनियामकीय अनुमोदन और निकासी के लिए सहजता
रिज़र्व बैंक ने निरसन हेतु एनबीएफसी (एचएफसी सहित) द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) के स्वैच्छिक अभ्यर्पण पर दिनांक 1 दिसंबर 2022 को एक प्रेस प्रकाशनी जारी की थी, जिसमें आवेदन फॉर्म और सांकेतिक जांच सूची संलग्न थी। रिज़र्व बैंक ने 28 मई 2024 को प्रवाह पोर्टल का लोकार्पण किया है, ताकि किसी भी व्यक्ति या संस्था के लिए विभिन्न विनियामकीय अनुमोदन और निकासी के लिए सहजता
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इन एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इन एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख
निम्नलिखित नौ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों(एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना
निम्नलिखित नौ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों(एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण
- 31 अगस्त 2025 की स्थिति
नागरिक चार्टर और विनियामक अनुमोदन के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं की व्यापक समीक्षा की गई और
नागरिक चार्टर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्रसंस्करण
- 31 अगस्त 2025 की स्थिति
नागरिक चार्टर और विनियामक अनुमोदन के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं की व्यापक समीक्षा की गई और
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इन एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इन एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है।
निम्नलिखित दस गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित दस गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 परिधि ट्रेडिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड दूसरी मंजिल, अप्सरा सिनेमा बिल्डिंग, डॉ डी.बी. मार्ग, ग्रांट रोड, मुंबई, महाराष्ट्र - 400007 13.00973 12 अगस्त 1998 25 जून 2025 2 प्रोग्रेसिव सिक्योरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर ए-10, नारदाना इंडस्ट्रियल एरिया, नारदाना, महाराष्ट्र - 425404 13.00849 26 मई 1998 25 जून 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 परिधि ट्रेडिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड दूसरी मंजिल, अप्सरा सिनेमा बिल्डिंग, डॉ डी.बी. मार्ग, ग्रांट रोड, मुंबई, महाराष्ट्र - 400007 13.00973 12 अगस्त 1998 25 जून 2025 2 प्रोग्रेसिव सिक्योरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर ए-10, नारदाना इंडस्ट्रियल एरिया, नारदाना, महाराष्ट्र - 425404 13.00849 26 मई 1998 25 जून 2025
निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं और देश के नागरिकों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं को दो अलग-अलग शीर्षकों, अर्थात विनियामक अनुमोदन के लिए समय- सीमा और नागरिक चार्टर के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं और देश के नागरिकों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं को दो अलग-अलग शीर्षकों, अर्थात विनियामक अनुमोदन के लिए समय- सीमा और नागरिक चार्टर के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 3 मई 2024 को हितधारकों की टिप्पणियों के लिए 'अग्रिमों से संबंधित आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण के लिए विवेकपूर्ण ढांचा - कार्यान्वयन के अधीन परियोजनाएं' संबंधी दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया था। दिशानिर्देशों के मसौदे में अंतर्निहित जोखिमों पर ध्यान देते हुए विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा परियोजना ऋणों के वित्तपोषण के लिए एक सक्षम ढांचे का प्रस्ताव दिया गया था।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 3 मई 2024 को हितधारकों की टिप्पणियों के लिए 'अग्रिमों से संबंधित आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण के लिए विवेकपूर्ण ढांचा - कार्यान्वयन के अधीन परियोजनाएं' संबंधी दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया था। दिशानिर्देशों के मसौदे में अंतर्निहित जोखिमों पर ध्यान देते हुए विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा परियोजना ऋणों के वित्तपोषण के लिए एक सक्षम ढांचे का प्रस्ताव दिया गया था।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 वोफिन लीजिंग एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड 7 गणेश चंद्र एवेन्यू, पीएस: बोउबाजार, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700013 बी-05.06747 13 मार्च 2008 16 मई 2025 2 आउट्राम प्रॉपर्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड 23ए, एनएस रोड, 10वीं मंजिल, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700001 05.03224 9 सितंबर 1999 16 मई 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 वोफिन लीजिंग एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड 7 गणेश चंद्र एवेन्यू, पीएस: बोउबाजार, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700013 बी-05.06747 13 मार्च 2008 16 मई 2025 2 आउट्राम प्रॉपर्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड 23ए, एनएस रोड, 10वीं मंजिल, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700001 05.03224 9 सितंबर 1999 16 मई 2025
निम्नलिखित चार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई
निम्नलिखित चार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है: एनबीएफ़सी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख सेवा प्रदाता का नाम (मोबाइल ऐप)
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है: एनबीएफ़सी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख सेवा प्रदाता का नाम (मोबाइल ऐप)
रिज़र्व बैंक ने 19 दिसंबर 2023 को वैकल्पिक निवेश निधियों (एआईएफ) में विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा निवेश से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसका उद्देश्य इस मार्ग द्वारा संभावित सदाबहारीकरण से संबंधित कतिपय चिंताओं को दूर करना था। इसके बाद, 27 मार्च 2024 के परिपत्र के माध्यम से कतिपय स्पष्टीकरण जारी किए गए।
रिज़र्व बैंक ने 19 दिसंबर 2023 को वैकल्पिक निवेश निधियों (एआईएफ) में विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा निवेश से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसका उद्देश्य इस मार्ग द्वारा संभावित सदाबहारीकरण से संबंधित कतिपय चिंताओं को दूर करना था। इसके बाद, 27 मार्च 2024 के परिपत्र के माध्यम से कतिपय स्पष्टीकरण जारी किए गए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 आर.एल. इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड 61/211, कैनाल रोड, कानपुर, उत्तर प्रदेश – 208001 12.00010 21 फरवरी 1998 8 अप्रैल 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 आर.एल. इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड 61/211, कैनाल रोड, कानपुर, उत्तर प्रदेश – 208001 12.00010 21 फरवरी 1998 8 अप्रैल 2025
निम्नलिखित चार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना
निम्नलिखित चार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना
भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा डिजिटल ऋण देने पर विभिन्न निदेश और परिपत्र जारी किए हैं। विभिन्न विनियामक अनुदेशों को समेकित करने और उन्हें सुव्यवस्थित करने के प्रयासों के भाग के रूप में, इस विषय पर समेकित निदेश तैयार किए गए हैं और आज भारतीय रिज़र्व बैंक (डिजिटल ऋण) निदेश, 2025 के रूप में जारी किए गए हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा डिजिटल ऋण देने पर विभिन्न निदेश और परिपत्र जारी किए हैं। विभिन्न विनियामक अनुदेशों को समेकित करने और उन्हें सुव्यवस्थित करने के प्रयासों के भाग के रूप में, इस विषय पर समेकित निदेश तैयार किए गए हैं और आज भारतीय रिज़र्व बैंक (डिजिटल ऋण) निदेश, 2025 के रूप में जारी किए गए हैं।
विनियामक अनुमोदन प्रक्रियाओं में शामिल सभी आंतरिक कार्यप्रणालियों का डिजिटलीकरण, दक्ष, पारदर्शी व समयबद्ध रूप से करने के लिए रिज़र्व बैंक निरंतर प्रयासरत है । इसी उद्देश्य से, रिज़र्व बैंक ने 28 मई, 2024 को प्रवाह (विनियामक आवेदन, मान्यता, और प्राधिकृति के लिए प्लेटफ़ॉर्म) पोर्टल लॉन्च किया था, ताकि विनियामक प्राधिकरण, लाइसेंस व अनुमोदन के लिए ऑनलाइन आवेदनों को सरल बनाया जा सके एवं पारदर्शी तरीके से सेवाओं का निर्बाध, सुरक्षित तथा शीघ्र प्रतिपादन किया जा सके।
विनियामक अनुमोदन प्रक्रियाओं में शामिल सभी आंतरिक कार्यप्रणालियों का डिजिटलीकरण, दक्ष, पारदर्शी व समयबद्ध रूप से करने के लिए रिज़र्व बैंक निरंतर प्रयासरत है । इसी उद्देश्य से, रिज़र्व बैंक ने 28 मई, 2024 को प्रवाह (विनियामक आवेदन, मान्यता, और प्राधिकृति के लिए प्लेटफ़ॉर्म) पोर्टल लॉन्च किया था, ताकि विनियामक प्राधिकरण, लाइसेंस व अनुमोदन के लिए ऑनलाइन आवेदनों को सरल बनाया जा सके एवं पारदर्शी तरीके से सेवाओं का निर्बाध, सुरक्षित तथा शीघ्र प्रतिपादन किया जा सके।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 थामिरापरानी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड फ्लैट नंबर डी-2, सृष्टि क्रेस्केंडो, डी/नंबर 24, देसिका रोड, चेन्नई, तमिलनाडु - 600004 B-07.00674 10 जनवरी 2002 24 मार्च 2025 2 अरामस्क इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड डी1, सृष्टि क्रेस्केंडो, 24, देसिका रोड, चेन्नई, तमिलनाडु - 600004 B-07.00182 12 जून 2001 24 मार्च 2025
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख निरस्तीकरण आदेश की तारीख 1 थामिरापरानी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड फ्लैट नंबर डी-2, सृष्टि क्रेस्केंडो, डी/नंबर 24, देसिका रोड, चेन्नई, तमिलनाडु - 600004 B-07.00674 10 जनवरी 2002 24 मार्च 2025 2 अरामस्क इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड डी1, सृष्टि क्रेस्केंडो, 24, देसिका रोड, चेन्नई, तमिलनाडु - 600004 B-07.00182 12 जून 2001 24 मार्च 2025
निम्नलिखित 11 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना: क्र.सं कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता सीओआर सं. सीओआर जारी करने की तारीख सीओआर निरस्त करने की तारीख
निम्नलिखित 11 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र को निरस्त करना: क्र.सं कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता सीओआर सं. सीओआर जारी करने की तारीख सीओआर निरस्त करने की तारीख
आज विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर जारी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित विषयों पर निदेशों के मसौदों को जारी किया है: भारतीय रिज़र्व बैंक (दबावग्रस्त आस्तियों का प्रतिभूतिकरण) निदेश, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (सह-उधार व्यवस्था) निदेश, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (स्वर्ण संपार्श्विक के बदले उधार) निदेश, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-निधि आधारित ऋण सुविधाएं) निदेश, 2025
आज विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर जारी वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित विषयों पर निदेशों के मसौदों को जारी किया है: भारतीय रिज़र्व बैंक (दबावग्रस्त आस्तियों का प्रतिभूतिकरण) निदेश, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (सह-उधार व्यवस्था) निदेश, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (स्वर्ण संपार्श्विक के बदले उधार) निदेश, 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-निधि आधारित ऋण सुविधाएं) निदेश, 2025
रिज़र्व बैंक ने बड़े आकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए एक सम्मेलन 28 मार्च 2025 को चेन्नई में आयोजित किया। इस सम्मेलन में बोर्ड की लेखा परीक्षा समिति (एसीबी) के अध्यक्ष, एमडी और सीईओ तथा एनबीएफसी के सांविधिक लेखा परीक्षकों ने भाग लिया। यह सम्मेलन उन पर्यवेक्षी बैठकों की शृंखला का हिस्सा था, जो रिज़र्व बैंक अपनी विनियमित संस्थाओं के प्रमुख हितधारकों के साथ करता रहा है।
रिज़र्व बैंक ने बड़े आकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए एक सम्मेलन 28 मार्च 2025 को चेन्नई में आयोजित किया। इस सम्मेलन में बोर्ड की लेखा परीक्षा समिति (एसीबी) के अध्यक्ष, एमडी और सीईओ तथा एनबीएफसी के सांविधिक लेखा परीक्षकों ने भाग लिया। यह सम्मेलन उन पर्यवेक्षी बैठकों की शृंखला का हिस्सा था, जो रिज़र्व बैंक अपनी विनियमित संस्थाओं के प्रमुख हितधारकों के साथ करता रहा है।
वित्तीय क्षेत्र मूल्यांकन कार्यक्रम (एफएसएपी), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) का एक संयुक्त कार्यक्रम है, जो किसी देश के वित्तीय क्षेत्र का व्यापक और गहन विश्लेषण करता है। सितंबर 2010 से यह अभ्यास प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण वित्तीय क्षेत्रों वाले अधिकार- क्षेत्रों के लिए अनिवार्य हो गया है। वर्तमान में, यह भारत सहित 32 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक पाँच वर्ष में और अन्य 15 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक दस वर्ष में अनिवार्य है। भारत के लिए पिछला एफएसएपी 2017 में आयोजित किया गया था और वित्तीय प्रणाली स्थिरता मूल्यांकन (एफएसएसए) रिपोर्ट 21 दिसंबर 2017 को आईएमएफ द्वारा प्रकाशित की गई थी।
वित्तीय क्षेत्र मूल्यांकन कार्यक्रम (एफएसएपी), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) का एक संयुक्त कार्यक्रम है, जो किसी देश के वित्तीय क्षेत्र का व्यापक और गहन विश्लेषण करता है। सितंबर 2010 से यह अभ्यास प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण वित्तीय क्षेत्रों वाले अधिकार- क्षेत्रों के लिए अनिवार्य हो गया है। वर्तमान में, यह भारत सहित 32 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक पाँच वर्ष में और अन्य 15 अधिकार- क्षेत्रों के लिए प्रत्येक दस वर्ष में अनिवार्य है। भारत के लिए पिछला एफएसएपी 2017 में आयोजित किया गया था और वित्तीय प्रणाली स्थिरता मूल्यांकन (एफएसएसए) रिपोर्ट 21 दिसंबर 2017 को आईएमएफ द्वारा प्रकाशित की गई थी।
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (अधिनियम) की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 मार्च 2025 के अपने आदेश द्वारा मेसर्स यूनिटारा फाइनेंस लिमिटेड, सीआईएन सं. U65921MP1994PLC008248, जिसका पंजीकृत कार्यालय 70, ट्रांसपोर्ट नगर इंदौर, मध्य प्रदेश- 452001 है, को अधिनियम की धारा 45-आई(ए) में यथापरिभाषित गैर-बैंकिंग वि
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (अधिनियम) की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 मार्च 2025 के अपने आदेश द्वारा मेसर्स यूनिटारा फाइनेंस लिमिटेड, सीआईएन सं. U65921MP1994PLC008248, जिसका पंजीकृत कार्यालय 70, ट्रांसपोर्ट नगर इंदौर, मध्य प्रदेश- 452001 है, को अधिनियम की धारा 45-आई(ए) में यथापरिभाषित गैर-बैंकिंग वि
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
निम्नलिखित 3 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित 3 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2016 में लेखा समेकक (एए) फ्रेमवर्क जारी किया था। एए फ्रेमवर्क, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-लेखा समेकक (एनबीएफसी-एए) के माध्यम से निर्दिष्ट वित्तीय सूचनाओं के सुरक्षित और निर्बाध आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है, जो वित्तीय सूचना प्रदाताओं (एफआईपी) और वित्तीय सूचना उपयोगकर्ताओं (एफआई-यूएस) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं। ये एफआईपी और एफआई-यू,
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2016 में लेखा समेकक (एए) फ्रेमवर्क जारी किया था। एए फ्रेमवर्क, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-लेखा समेकक (एनबीएफसी-एए) के माध्यम से निर्दिष्ट वित्तीय सूचनाओं के सुरक्षित और निर्बाध आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है, जो वित्तीय सूचना प्रदाताओं (एफआईपी) और वित्तीय सूचना उपयोगकर्ताओं (एफआई-यूएस) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं। ये एफआईपी और एफआई-यू,
स्मरणीय है कि भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई (5) (ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने 30 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (एवीआईओएम) के प्रशासक श्री राम कुमार को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया था। समिति के सदस्य हैं:
स्मरणीय है कि भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई (5) (ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने 30 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (एवीआईओएम) के प्रशासक श्री राम कुमार को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया था। समिति के सदस्य हैं:
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
अपीलीय प्राधिकरण/ न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर विचार करने के बाद निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र को पुनःस्थापित कर दिया गया है। इस एनबीएफसी को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के लागू प्रावधानों और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं सहित रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/ निदेशों के अनुपालन हेतु सूचित किया जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
निम्नलिखित 20 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित 20 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें दी गई पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है । अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 27 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल को अधिक्रमित कर दिया है, और श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(5)(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए रिज़र्व बैंक ने प्रशासक को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया है। सलाहकार समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 27 जनवरी 2025 को एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल को अधिक्रमित कर दिया है, और श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(5)(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए रिज़र्व बैंक ने प्रशासक को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता करने के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया है। सलाहकार समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज (30 जनवरी 2025) माननीय राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण की नई दिल्ली पीठ में एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध सीआईआरपी शुरू करने हेतु दिवाला और शोधन अक्षमता(वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 (“एफएसपी दिवाला नियम”) के नियम 5 और 6 के साथ पठित दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (“आईबीसी”), 2016 की धारा 239 की उप-धारा (2) के खंड (यट) के साथ पठित धारा 227 के अंतर्गत एक आवेदन दायर किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज (30 जनवरी 2025) माननीय राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण की नई दिल्ली पीठ में एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध सीआईआरपी शुरू करने हेतु दिवाला और शोधन अक्षमता(वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 (“एफएसपी दिवाला नियम”) के नियम 5 और 6 के साथ पठित दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (“आईबीसी”), 2016 की धारा 239 की उप-धारा (2) के खंड (यट) के साथ पठित धारा 227 के अंतर्गत एक आवेदन दायर किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, और राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) की सिफारिश के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) के निदेशक मंडल को अभिशासन संबंधी चिंताओं और विभिन्न भुगतान देयताओं को पूरा करने में चूक के कारण अधिक्रमित कर दिया है, और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(2) के अंतर्गत श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। रिज़र्व बैंक शीघ्र ही दिवाला और शोधन अक्षमता (वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 के अंतर्गत कंपनी के विघटन की प्रक्रिया शुरू करने का विचार कर रहा है, और प्रशासक को दिवाला विघटन पेशेवर के रूप में नियुक्त करने के लिए एनसीएलटी, नई दिल्ली में भी आवेदन करेगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, और राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) की सिफारिश के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) के निदेशक मंडल को अभिशासन संबंधी चिंताओं और विभिन्न भुगतान देयताओं को पूरा करने में चूक के कारण अधिक्रमित कर दिया है, और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईई(2) के अंतर्गत श्री राम कुमार, भूतपूर्व मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक को प्रशासक नियुक्त किया है। रिज़र्व बैंक शीघ्र ही दिवाला और शोधन अक्षमता (वित्तीय सेवा प्रदाताओं की दिवाला और समापन कार्यवाहियाँ तथा न्यायनिर्णायन प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 के अंतर्गत कंपनी के विघटन की प्रक्रिया शुरू करने का विचार कर रहा है, और प्रशासक को दिवाला विघटन पेशेवर के रूप में नियुक्त करने के लिए एनसीएलटी, नई दिल्ली में भी आवेदन करेगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वर्ष 2024-25 के लिए एनबीएफसी के लिए स्केल आधारित विनियमन के अंतर्गत ऊपरी स्तर में एनबीएफसी की सूची की घोषणा की।
2. भारतीय रिज़र्व बैंक ने 22 अक्तूबर 2021 को स्केल आधारित विनियमन (एसबीआर): एनबीएफसी के लिए एक संशोधित विनियामक ढांचा जारी किया था। यह ढांचा एनबीएफसी को आधार स्तर (एनबीएफसी-बीएल), मध्य स्तर (एनबीएफसी-एमएल), ऊपरी स्तर (एनबीएफसी-यूएल) और शीर्ष स्तर (एनबीएफसी-टीएल) में वर्गीकृत करता है और यह एनबीएफ़सी की आस्ति के आकार और स्कोरिंग पद्धति के अनुसार ऊपरी स्तर में उनकी पहचान करने की पद्धति निर्धारित करता है। तदनुसार, 2024-25 के लिए एनबीएफसी-यूएल की सूची निम्नवत है:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वर्ष 2024-25 के लिए एनबीएफसी के लिए स्केल आधारित विनियमन के अंतर्गत ऊपरी स्तर में एनबीएफसी की सूची की घोषणा की।
2. भारतीय रिज़र्व बैंक ने 22 अक्तूबर 2021 को स्केल आधारित विनियमन (एसबीआर): एनबीएफसी के लिए एक संशोधित विनियामक ढांचा जारी किया था। यह ढांचा एनबीएफसी को आधार स्तर (एनबीएफसी-बीएल), मध्य स्तर (एनबीएफसी-एमएल), ऊपरी स्तर (एनबीएफसी-यूएल) और शीर्ष स्तर (एनबीएफसी-टीएल) में वर्गीकृत करता है और यह एनबीएफ़सी की आस्ति के आकार और स्कोरिंग पद्धति के अनुसार ऊपरी स्तर में उनकी पहचान करने की पद्धति निर्धारित करता है। तदनुसार, 2024-25 के लिए एनबीएफसी-यूएल की सूची निम्नवत है:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है। i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण:
निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है। i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित एनबीएफसी: क्र. सं. नाम एनबीएफसी-श्रेणी सीओआर पंजीकृत 1. आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड एमएफ़आई एन-07-00769 दिनांकित 27 सितंबर 2016 चेन्नई 2. डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड आईसीसी एन-14.03176 दिनांकित 5 जनवरी 2009 नई दिल्ली
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित एनबीएफसी: क्र. सं. नाम एनबीएफसी-श्रेणी सीओआर पंजीकृत 1. आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड एमएफ़आई एन-07-00769 दिनांकित 27 सितंबर 2016 चेन्नई 2. डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड आईसीसी एन-14.03176 दिनांकित 5 जनवरी 2009 नई दिल्ली
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण सूचना रिपोर्टिंग) निदेश, 2025 जारी किया। मास्टर निदेश, रिज़र्व बैंक की विनियमित संस्थाओं (आरई) को जारी किए गए ऋण सूचना रिपोर्टिंग और प्रसार पर मौजूदा अनुदेशों को समेकित करता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण सूचना रिपोर्टिंग) निदेश, 2025 जारी किया। मास्टर निदेश, रिज़र्व बैंक की विनियमित संस्थाओं (आरई) को जारी किए गए ऋण सूचना रिपोर्टिंग और प्रसार पर मौजूदा अनुदेशों को समेकित करता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड, कोलकाता को 21 अक्तूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति से ऋणों की संस्वीकृति और संवितरण को रोकने संबंधी निदेश जारी किए थे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड, कोलकाता को 21 अक्तूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति से ऋणों की संस्वीकृति और संवितरण को रोकने संबंधी निदेश जारी किए थे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख प्रमाणपत्र निरस्त करने की तारीख 1 मारवाह फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड बी 512, पाँचवी मंजिल, वाल फोर्ट ओज़ोन फाफड़, रायपुर, छत्तीसगढ़- 492001 बी-03.00189 31 अक्तूबर 2017 11 नवंबर 2024 2 पीवीपी कैपिटल लिमिटेड नंबर 2, 9वीं मंजिल, केआरएम सेंटर, हैरिंगटन रोड, चेटपेट, चेन्नई, तमिलनाडु - 600031 बी-07.00406 23 मई 2002 21 नवंबर 2024 3 रैन बो फाइनेंस इंडिया लिमिटेड आरएमजेड मिलेनिया बिजनेस पार्क, कैंपस 1ए, नंबर 143, डॉ. एम.जी.आर. रोड, (उत्तर वीरानम सलाई), पेरुंगुडी, शोलिंगनल्लूर, कांचीपुरम, सैदापेट, चेन्नई, तमिलनाडु - 600096 07.00157 11 मार्च 1998 21 नवंबर 2024 4 राम एलॉय कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड केबी-33, दूसरी मंज़िल, सेक्टर -14, कौशाम्बी, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश – 201010 बी-12.00281 18 दिसम्बर 2000 26 नवंबर 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख प्रमाणपत्र निरस्त करने की तारीख 1 मारवाह फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड बी 512, पाँचवी मंजिल, वाल फोर्ट ओज़ोन फाफड़, रायपुर, छत्तीसगढ़- 492001 बी-03.00189 31 अक्तूबर 2017 11 नवंबर 2024 2 पीवीपी कैपिटल लिमिटेड नंबर 2, 9वीं मंजिल, केआरएम सेंटर, हैरिंगटन रोड, चेटपेट, चेन्नई, तमिलनाडु - 600031 बी-07.00406 23 मई 2002 21 नवंबर 2024 3 रैन बो फाइनेंस इंडिया लिमिटेड आरएमजेड मिलेनिया बिजनेस पार्क, कैंपस 1ए, नंबर 143, डॉ. एम.जी.आर. रोड, (उत्तर वीरानम सलाई), पेरुंगुडी, शोलिंगनल्लूर, कांचीपुरम, सैदापेट, चेन्नई, तमिलनाडु - 600096 07.00157 11 मार्च 1998 21 नवंबर 2024 4 राम एलॉय कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड केबी-33, दूसरी मंज़िल, सेक्टर -14, कौशाम्बी, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश – 201010 बी-12.00281 18 दिसम्बर 2000 26 नवंबर 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 29 मई 2024 को, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 और वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (सरफेसी) के अंतर्गत निहित अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एडलवाइस समूह से संबंधित निम्नलिखित पर्यवेक्षित संस्थाओं पर क्रमशः कारोबारी प्रतिबंध लगाए थे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 29 मई 2024 को, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 और वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (सरफेसी) के अंतर्गत निहित अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एडलवाइस समूह से संबंधित निम्नलिखित पर्यवेक्षित संस्थाओं पर क्रमशः कारोबारी प्रतिबंध लगाए थे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, नवी फिनसर्व लिमिटेड, बेंगलुरु (और तीन अन्य एनबीएफसी) को 21 अक्तूबर 2024 के कारोबार की समाप्ति से ऋण की स्वीकृति और संवितरण बंद करने संबंधी निदेश जारी किए थे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 17 अक्तूबर 2024 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, नवी फिनसर्व लिमिटेड, बेंगलुरु (और तीन अन्य एनबीएफसी) को 21 अक्तूबर 2024 के कारोबार की समाप्ति से ऋण की स्वीकृति और संवितरण बंद करने संबंधी निदेश जारी किए थे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफ़सी) का पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है: एनबीएफ़सी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता सीओआर सं. सीओआर की तारीख सेवा प्रदाता/मोबाइल ऐप का नाम ज़ाव्रोन फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नं.125, सीताबर्डी, महाराजबाग रोड, नागपुर, महाराष्ट्र – 440012 एन-13.02268 3 अगस्त 2018 अजया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (रुपीमैक्स), बिनानेस इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, माइक्रोकार्ड इंडिया टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, ट्रुथिघ फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड, जेसीफ्लैश टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (फ्लैशकैश), ग्रैडलेन सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, कैश बुल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (कैश बुल), ओनियन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड (कैश मामा), टीवाईटीओ नेटवर्क टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (टाइटोकैश), क्रेजीरुपी और जिंकैश।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफ़सी) का पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है: एनबीएफ़सी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता सीओआर सं. सीओआर की तारीख सेवा प्रदाता/मोबाइल ऐप का नाम ज़ाव्रोन फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नं.125, सीताबर्डी, महाराजबाग रोड, नागपुर, महाराष्ट्र – 440012 एन-13.02268 3 अगस्त 2018 अजया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (रुपीमैक्स), बिनानेस इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, माइक्रोकार्ड इंडिया टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, ट्रुथिघ फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड, जेसीफ्लैश टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (फ्लैशकैश), ग्रैडलेन सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, कैश बुल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (कैश बुल), ओनियन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड (कैश मामा), टीवाईटीओ नेटवर्क टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (टाइटोकैश), क्रेजीरुपी और जिंकैश।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने का दिनांक प्रमाणपत्र निरस्त करने का दिनांक 1 उल्हास सिक्योरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड क्यू-202, कोरल, पार्श्वनाथ अटलांटिस पार्क, बालाजी अगोरा मॉल के पास, एस.पी. रिंग रोड, गांधीनगर, गुजरात - 382424 एन.01.00462 08 दिसंबर 2003 24 सितंबर 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने का दिनांक प्रमाणपत्र निरस्त करने का दिनांक 1 उल्हास सिक्योरिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड क्यू-202, कोरल, पार्श्वनाथ अटलांटिस पार्क, बालाजी अगोरा मॉल के पास, एस.पी. रिंग रोड, गांधीनगर, गुजरात - 382424 एन.01.00462 08 दिसंबर 2003 24 सितंबर 2024
निम्नलिखित छः गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है। i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण: क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालय का पता सीओआर सं. सीओआर जारी करने की तारीख सीओआर निरस्त करने की तारीख 1 बेलोना डीलकॉम प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर 79, रतन लाल नगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश - 208022 बी-12.00471 26 दिसंबर 2018 8 अक्तूबर 2024 2 सोनाटा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड II मंज़िल, सीपी -1, पीजी टावर्स, कुर्सी रोड, विकास नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश - 226026 बी-12.00445 3 दिसंबर 2013 8 अक्तूबर 2024
निम्नलिखित छः गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है। i) गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफ़आई) के कारोबार से बाहर निकलने के कारण पंजीकरण प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण: क्र. सं. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालय का पता सीओआर सं. सीओआर जारी करने की तारीख सीओआर निरस्त करने की तारीख 1 बेलोना डीलकॉम प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर 79, रतन लाल नगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश - 208022 बी-12.00471 26 दिसंबर 2018 8 अक्तूबर 2024 2 सोनाटा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड II मंज़िल, सीपी -1, पीजी टावर्स, कुर्सी रोड, विकास नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश - 226026 बी-12.00445 3 दिसंबर 2013 8 अक्तूबर 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित एनबीएफसी को 21 अक्तूबर 2024 की कारोबार समाप्ति से ऋण की स्वीकृति और संवितरण बंद करने संबंधी निदेश जारी किए हैं:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45एल(1)(बी) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित एनबीएफसी को 21 अक्तूबर 2024 की कारोबार समाप्ति से ऋण की स्वीकृति और संवितरण बंद करने संबंधी निदेश जारी किए हैं:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
निम्नलिखित सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने का दिनांक प्रमाणपत्र निरस्त करने का दिनांक 1 भरतपुर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड श्री रामजी सदन, 30-बी, न्यू सिविल लाइंस, भरतपुर सिटी, भरतपुर, राजस्थान - 321001 10.00031 06 मार्च 1998 03 जुलाई 2024
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। क्र. कंपनी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने का दिनांक प्रमाणपत्र निरस्त करने का दिनांक 1 भरतपुर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड श्री रामजी सदन, 30-बी, न्यू सिविल लाइंस, भरतपुर सिटी, भरतपुर, राजस्थान - 321001 10.00031 06 मार्च 1998 03 जुलाई 2024
निम्नलिखित 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
निम्नलिखित 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक के संज्ञान में आया है कि अनैतिक तत्व, किसी न किसी रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक के नाम का उपयोग करके जनता को धोखा देने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे धोखेबाजों द्वारा अपनाई गई विभिन्न कार्यप्रणालियों का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक के संज्ञान में आया है कि अनैतिक तत्व, किसी न किसी रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक के नाम का उपयोग करके जनता को धोखा देने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे धोखेबाजों द्वारा अपनाई गई विभिन्न कार्यप्रणालियों का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, रिज़र्व बैंक ने निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त कर दिया है:
निम्नलिखित आठ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित आठ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज विनियमित संस्थाओं अर्थात (i) वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित) और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों; (ii) सहकारी बैंकों (शहरी सहकारी बैंकों/राज्य सहकारी बैंकों/केन्द्रीय सहकारी बैंकों); तथा (iii) गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (आवास वित्त कंपनियाँ सहित) के लिए धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन पर तीन संशोधित मास्टर निदेश जारी किए।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज विनियमित संस्थाओं अर्थात (i) वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित) और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों; (ii) सहकारी बैंकों (शहरी सहकारी बैंकों/राज्य सहकारी बैंकों/केन्द्रीय सहकारी बैंकों); तथा (iii) गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (आवास वित्त कंपनियाँ सहित) के लिए धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन पर तीन संशोधित मास्टर निदेश जारी किए।
रिज़र्व बैंक ने 9 जुलाई 2024 को मुंबई में वाणिज्यिक बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के सांविधिक लेखा परीक्षकों एवं मुख्य वित्तीय अधिकारियों (सीएफओ) के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन उन पर्यवेक्षी कार्य की शृंखला का एक हिस्सा था जो रिज़र्व बैंक प्रमुख हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से कर रहा है। सम्मेलन का विषय था ‘साझा दृष्टिकोण, साझा जिम्मेदारी: बैंकिंग पर्यवेक्षण में आश्वासन को सुदृढ़ करना’। सम्मेलन में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
रिज़र्व बैंक ने 9 जुलाई 2024 को मुंबई में वाणिज्यिक बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के सांविधिक लेखा परीक्षकों एवं मुख्य वित्तीय अधिकारियों (सीएफओ) के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन उन पर्यवेक्षी कार्य की शृंखला का एक हिस्सा था जो रिज़र्व बैंक प्रमुख हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से कर रहा है। सम्मेलन का विषय था ‘साझा दृष्टिकोण, साझा जिम्मेदारी: बैंकिंग पर्यवेक्षण में आश्वासन को सुदृढ़ करना’। सम्मेलन में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त किया: एनबीएफसी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख सेवा प्रदाता/मोबाइल ऐप का नाम स्टार फिनसर्व इंडिया लिमिटेड 8-2-268/के/35, प्लॉट नं. 35, नवोदय कॉलोनी, रोड # 2 बंजारा हिल्स, हैदराबाद, तेलंगाना बी-09.00208 4 सितंबर 2015 प्रोगकैप (डेसिडेराटा इम्पैक्ट वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व और संचालन में)।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त किया: एनबीएफसी का नाम पंजीकृत कार्यालयीन पता पंजीकरण प्रमाणपत्र सं. प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख सेवा प्रदाता/मोबाइल ऐप का नाम स्टार फिनसर्व इंडिया लिमिटेड 8-2-268/के/35, प्लॉट नं. 35, नवोदय कॉलोनी, रोड # 2 बंजारा हिल्स, हैदराबाद, तेलंगाना बी-09.00208 4 सितंबर 2015 प्रोगकैप (डेसिडेराटा इम्पैक्ट वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व और संचालन में)।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित गैर- बैंकिंग कंपनी (एनबीएफ़सी) का पंजीकरण प्रमाणपत्र(सीओआर) निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित गैर- बैंकिंग कंपनी (एनबीएफ़सी) का पंजीकरण प्रमाणपत्र(सीओआर) निरस्त कर दिया है।
निम्नलिखित नौ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित नौ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 21 मार्च 2024 को ‘रिज़र्व बैंक की विनियमित संस्थाओं के लिए स्व-विनियामक संगठनों की मान्यता हेतु बहुप्रयोजनीय ढांचा’ जारी किया था, जिसमें व्यापक मापदंड, अर्थात उद्देश्य, जिम्मेदारियाँ, पात्रता मानदंड, अभिशासन मानकों, आवेदन प्रक्रिया आदि विनिर्दिष्ट किए गए थे। यह भी उल्लेख किया गया था कि जब भी कोई क्षेत्रीय एसआरओ स्थापित करना अभीष्ट हो, तब एसआरओ की संख्या, सदस्यता आदि जैसे अन्य क्षेत्र-विशिष्ट दिशानिर्देश अलग से जारी किए जाएँगे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 21 मार्च 2024 को ‘रिज़र्व बैंक की विनियमित संस्थाओं के लिए स्व-विनियामक संगठनों की मान्यता हेतु बहुप्रयोजनीय ढांचा’ जारी किया था, जिसमें व्यापक मापदंड, अर्थात उद्देश्य, जिम्मेदारियाँ, पात्रता मानदंड, अभिशासन मानकों, आवेदन प्रक्रिया आदि विनिर्दिष्ट किए गए थे। यह भी उल्लेख किया गया था कि जब भी कोई क्षेत्रीय एसआरओ स्थापित करना अभीष्ट हो, तब एसआरओ की संख्या, सदस्यता आदि जैसे अन्य क्षेत्र-विशिष्ट दिशानिर्देश अलग से जारी किए जाएँगे।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (सरफेसी) और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत निहित अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एडलवाइस समूह से संबंधित निम्नलिखित पर्यवेक्षित संस्थाओं पर क्रमशः कारोबारी प्रतिबंध लगाए हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (सरफेसी) और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत निहित अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एडलवाइस समूह से संबंधित निम्नलिखित पर्यवेक्षित संस्थाओं पर क्रमशः कारोबारी प्रतिबंध लगाए हैं।
रिज़र्व बैंक ने आज मुंबई में आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी) के निदेशकों और एमडी/सीईओ के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में सभी 27 एआरसी का प्रतिनिधित्व करने वाले 80 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। 'एआरसी में अभिशासन- प्रभावी संकल्पों की दिशा में' विषय पर यह कार्यक्रम, रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं के साथ पिछले एक वर्ष से आयोजित की जा रही पर्यवेक्षी गतिविधियों की शृंखला का एक हिस्सा है। इस शृंखला के भाग के रूप में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और शहरी सहकारी बैंकों के निदेशक मंडल और एमडी/ सीईओ के लिए सम्मेलन पूर्व में आयोजित किया गया था।
रिज़र्व बैंक ने आज मुंबई में आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी) के निदेशकों और एमडी/सीईओ के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में सभी 27 एआरसी का प्रतिनिधित्व करने वाले 80 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। 'एआरसी में अभिशासन- प्रभावी संकल्पों की दिशा में' विषय पर यह कार्यक्रम, रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं के साथ पिछले एक वर्ष से आयोजित की जा रही पर्यवेक्षी गतिविधियों की शृंखला का एक हिस्सा है। इस शृंखला के भाग के रूप में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और शहरी सहकारी बैंकों के निदेशक मंडल और एमडी/ सीईओ के लिए सम्मेलन पूर्व में आयोजित किया गया था।
रिज़र्व बैंक ने आज चुनिंदा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के आश्वासन कार्यों के प्रमुखों (अर्थात्, मुख्य अनुपालन अधिकारी, मुख्य जोखिम अधिकारी और आंतरिक लेखा परीक्षा के प्रमुख) के लिए मुंबई में एक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में 100 से अधिक एनबीएफसी का प्रतिनिधित्व कर रहे लगभग 280 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 'आघात-सहनीय वित्तीय प्रणाली - प्रभावी आश्वासन कार्यों की भूमिका' विषय पर यह कार्यक्रम, रिज़र्व बैंक द्वारा अपनी विनियमित संस्थाओं के साथ पिछले एक वर्ष से आयोजित की जा रही पर्यवेक्षी गतिविधियों की शृंखला का एक हिस्सा है। इस शृंखला के भाग के रूप में, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के आश्वासन कार्यों के प्रमुखों के लिए सम्मेलन पहले जनवरी 2024 में आयोजित किया गया था।
रिज़र्व बैंक ने आज चुनिंदा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के आश्वासन कार्यों के प्रमुखों (अर्थात्, मुख्य अनुपालन अधिकारी, मुख्य जोखिम अधिकारी और आंतरिक लेखा परीक्षा के प्रमुख) के लिए मुंबई में एक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में 100 से अधिक एनबीएफसी का प्रतिनिधित्व कर रहे लगभग 280 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 'आघात-सहनीय वित्तीय प्रणाली - प्रभावी आश्वासन कार्यों की भूमिका' विषय पर यह कार्यक्रम, रिज़र्व बैंक द्वारा अपनी विनियमित संस्थाओं के साथ पिछले एक वर्ष से आयोजित की जा रही पर्यवेक्षी गतिविधियों की शृंखला का एक हिस्सा है। इस शृंखला के भाग के रूप में, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के आश्वासन कार्यों के प्रमुखों के लिए सम्मेलन पहले जनवरी 2024 में आयोजित किया गया था।
निम्नलिखित 15 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
निम्नलिखित 15 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया हैI
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त किया:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) निरस्त किया:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनी) निदेश, 2024 जारी किया है। इन निदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इस मास्टर निदेश में, एआरसी संबंधी मास्टर निदेश और मास्टर निदेश - प्रायोजकों के लिए उचित और उपयुक्त मानदंड - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 द्वारा एआरसी को जारी मौजूदा विनियामक दिशानिर्देशों को समेकित किया गया है। (योगेश दयाल) मुख्य महाप्रबंधक प्रेस प्रकाशनी: 2024-2025/169
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज मास्टर निदेश- भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनी) निदेश, 2024 जारी किया है। इन निदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इस मास्टर निदेश में, एआरसी संबंधी मास्टर निदेश और मास्टर निदेश - प्रायोजकों के लिए उचित और उपयुक्त मानदंड - आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 द्वारा एआरसी को जारी मौजूदा विनियामक दिशानिर्देशों को समेकित किया गया है। (योगेश दयाल) मुख्य महाप्रबंधक प्रेस प्रकाशनी: 2024-2025/169
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
निम्नलिखित पाँच गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
निम्नलिखित पाँच गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उन्हें जारी किए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र का अभ्यर्पण किया है। अत: भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त किया है।
पृष्ठ अंतिम बार अपडेट किया गया: फ़रवरी 06, 2026